मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के चकरौत गांव में ₹516 करोड़ की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि 2017 से पहले गोंडा में दंगे होते थे तथा दुर्गा पूजा में बाधा डाली जाती थी। सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब कोई भी दंगाई आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता, और यदि किसी ने उत्सवों में खलल डालने की कोशिश की, तो उसका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। योगी ने गोंडा की बदलती तस्वीर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2017 में यह देश के सबसे गंदे शहरों में शुमार था, जबकि अब इसकी गिनती स्वच्छ शहरों में होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली "गलत सरकारों" के दौरान विकास केवल एक गांव, सैफई, तक सीमित था। अब गोंडा, बहराइच, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, और भगवान बुद्ध की धरती श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। सीएम ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव प्रेरणा हैं कि विदेशी आक्रमणकारियों को कैसे खदेड़ा जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग गोंडा का नाम सुनकर दूर भागते थे, वे अब इसे गले लगाने आते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यह अयोध्या के बगल वाला गोंडा ही है। अयोध्या के संदर्भ में सीएम योगी ने कहा कि पहले राम का नाम लेने पर लाठियां बरसती थीं और राम भक्त वहां नहीं जा सकते थे, लेकिन अब "रामद्रोही" अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकते। उन्होंने भव्य राम मंदिर निर्माण को नई पीढ़ी के लिए एक आशीर्वाद बताया। योगी ने गोंडा के युवा, किसान, बहनों-बेटियों और कारीगरों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि पहले यहां का विकास तुष्टिकरण, अराजकता और भाई-भतीजेवाद की भेंट चढ़ गया था, जिससे नौजवानों के सामने पहचान का संकट आ गया था। सीएम ने अंत में कहा कि भगवान राम की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए गोंडा के लोगों से दोस्ती करनी पड़ेगी। इस कार्यक्रम में, कैसरगंज सांसद करण भूषण ने योगी को 'बिलेटेड हैप्पी बर्थ-डे' की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें 'संन्यासी', 'हिंदू हृदय सम्राट', 'बुलडोजर बाबा', 'गार्जियन', 'आदर्श' तथा 'परिवार का मुखिया' कहकर संबोधित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के चकरौत गांव में ₹516 करोड़ की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि 2017 से पहले गोंडा में दंगे होते थे तथा दुर्गा पूजा में बाधा डाली जाती थी। सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब कोई भी दंगाई आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर
सकता, और यदि किसी ने उत्सवों में खलल डालने की कोशिश की, तो उसका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। योगी ने गोंडा की बदलती तस्वीर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2017 में यह देश के सबसे गंदे शहरों में शुमार था, जबकि अब इसकी गिनती स्वच्छ शहरों में होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली "गलत सरकारों" के दौरान विकास केवल एक गांव, सैफई, तक सीमित था। अब गोंडा,
बहराइच, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, और भगवान बुद्ध की धरती श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। सीएम ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव प्रेरणा हैं कि विदेशी आक्रमणकारियों को कैसे खदेड़ा जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग गोंडा का नाम सुनकर दूर भागते थे, वे अब इसे गले लगाने आते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यह अयोध्या के बगल वाला गोंडा
ही है। अयोध्या के संदर्भ में सीएम योगी ने कहा कि पहले राम का नाम लेने पर लाठियां बरसती थीं और राम भक्त वहां नहीं जा सकते थे, लेकिन अब "रामद्रोही" अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकते। उन्होंने भव्य राम मंदिर निर्माण को नई पीढ़ी के लिए एक आशीर्वाद बताया। योगी ने गोंडा के युवा, किसान, बहनों-बेटियों और कारीगरों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि पहले यहां का विकास तुष्टिकरण, अराजकता
और भाई-भतीजेवाद की भेंट चढ़ गया था, जिससे नौजवानों के सामने पहचान का संकट आ गया था। सीएम ने अंत में कहा कि भगवान राम की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए गोंडा के लोगों से दोस्ती करनी पड़ेगी। इस कार्यक्रम में, कैसरगंज सांसद करण भूषण ने योगी को 'बिलेटेड हैप्पी बर्थ-डे' की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें 'संन्यासी', 'हिंदू हृदय सम्राट', 'बुलडोजर बाबा', 'गार्जियन', 'आदर्श' तथा 'परिवार का मुखिया' कहकर संबोधित किया।
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- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र के मालवीय नगर स्थित एक कैफे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग बैठकर शराब के साथ पार्टी करते हुए साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता, उसके समय और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।3
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के चकरौत गांव में ₹516 करोड़ की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि 2017 से पहले गोंडा में दंगे होते थे तथा दुर्गा पूजा में बाधा डाली जाती थी। सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब कोई भी दंगाई आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता, और यदि किसी ने उत्सवों में खलल डालने की कोशिश की, तो उसका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। योगी ने गोंडा की बदलती तस्वीर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2017 में यह देश के सबसे गंदे शहरों में शुमार था, जबकि अब इसकी गिनती स्वच्छ शहरों में होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली "गलत सरकारों" के दौरान विकास केवल एक गांव, सैफई, तक सीमित था। अब गोंडा, बहराइच, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, और भगवान बुद्ध की धरती श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। सीएम ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव प्रेरणा हैं कि विदेशी आक्रमणकारियों को कैसे खदेड़ा जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग गोंडा का नाम सुनकर दूर भागते थे, वे अब इसे गले लगाने आते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यह अयोध्या के बगल वाला गोंडा ही है। अयोध्या के संदर्भ में सीएम योगी ने कहा कि पहले राम का नाम लेने पर लाठियां बरसती थीं और राम भक्त वहां नहीं जा सकते थे, लेकिन अब "रामद्रोही" अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकते। उन्होंने भव्य राम मंदिर निर्माण को नई पीढ़ी के लिए एक आशीर्वाद बताया। योगी ने गोंडा के युवा, किसान, बहनों-बेटियों और कारीगरों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि पहले यहां का विकास तुष्टिकरण, अराजकता और भाई-भतीजेवाद की भेंट चढ़ गया था, जिससे नौजवानों के सामने पहचान का संकट आ गया था। सीएम ने अंत में कहा कि भगवान राम की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए गोंडा के लोगों से दोस्ती करनी पड़ेगी। इस कार्यक्रम में, कैसरगंज सांसद करण भूषण ने योगी को 'बिलेटेड हैप्पी बर्थ-डे' की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें 'संन्यासी', 'हिंदू हृदय सम्राट', 'बुलडोजर बाबा', 'गार्जियन', 'आदर्श' तथा 'परिवार का मुखिया' कहकर संबोधित किया।5
- एक पीड़िता महिला ने पवनदेव महाराज के विरुद्ध समाज से एक भावुक अपील की है।1
- अयोध्या जिले में 8 जून 2026 को आयोजित होने वाले जुलुसे गौसिया की तैयारियाँ पूरे ज़ोरों पर हैं। बीकापुर तहसील गेट के सामने स्थित मजार पर इस भव्य आयोजन के लिए लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं। सरकार नसीरुद्दीन शाह ने जुलुसे गौसिया के संबंध में अपना संदेश जारी किया है और इस अवसर पर लोगों को मुबारकबाद भी दी है।1
- जनपद अयोध्या की तहसील मिल्कीपुर अंतर्गत थाना खंडासा क्षेत्र के ग्राम कंदई कला में पैतृक सहन भूमि पर जबरन कब्जा करने के प्रयास को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित मुसीबत अली (66 वर्ष) पुत्र भगन ने गांव के ही एक व्यक्ति पर धनबल और बाहुबल के दम पर उनकी जमीन हड़पने की गंभीर कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित मुसीबत अली के अनुसार, उनकी पैतृक सहन भूमि पर वर्षों से नांद और बैठका स्थित है, जिसका उपयोग उनका परिवार लगातार करता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी मजीद पुत्र फरजन अपने सहयोगियों और परिवार के कई सदस्यों के साथ मिलकर इस भूमि पर लगातार कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। बताया गया है कि 01 जून 2026 को विपक्षी पक्ष कथित रूप से अपने समर्थकों के साथ विवादित भूमि पर पहुंचा और जबरन कब्जा करने की कोशिश करने लगा। स्थिति बिगड़ती देख मुसीबत अली ने तुरंत स्थानीय पुलिस चौकी कंदई कला पहुंचकर घटना की जानकारी चौकी प्रभारी को दी। शिकायत मिलते ही चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और कथित कब्जे की कार्रवाई को तत्काल रुकवा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी पक्ष द्वारा यथास्थिति में बदलाव या भूमि पर हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते हस्तक्षेप न करती तो यह मामला एक गंभीर संघर्ष का रूप ले सकता था। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर दबंगई के बल पर कब्जा करने की कोशिश कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। अब पीड़ित पक्ष प्रशासन से मांग कर रहा है कि विवादित भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भविष्य में किसी भी अवैध कब्जे के प्रयास पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिल सके।1
- अयोध्या के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सिवान, बिहार की एक युवती ने प्रसिद्ध कथावाचक पवन देव महाराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती के अनुसार, कथावाचक ने उसे झांसा देकर मंदिर में शादी रचाई और फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, युवती ने कथावाचक पर महंगे जेवर हड़पने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि मंदिर में शादी करने के बाद कथावाचक ने उसे कुछ समय तक अपने घर पर रखा और फिर उसका परित्याग कर दिया। इस घटना के बाद युवती ने कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामला महिला उत्पीड़न से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कथावाचक पवन देव महाराज और उनके पिता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।4
- कथावाचक पवनदेव महाराज के खिलाफ एक पीड़िता ने 'बड़ा खुलासा' किया है। यह खुलासा उनके विरुद्ध हुआ है, जिसके विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।1