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Seema Devi
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- टीकमगढ़ जिले में बदमाशों ने दरवाजे की कुंदी लगाकर जेवरात व नकदी रुपयों की चोरी की, पुलिस जांच में जुटी1
- क्रिकेट खेलने के दौरान विवाद मे युवक पर बल्ले से हमला इलाज के दौरान हुई युवक की मौत, दो पर मामला दर्ज टीकमगढ़ में क्रिकेट मैच के दौरान हुए विवाद में एक युवक की मौत हो गई। मतौल गांव में बलराम उर्फ बालादीन अहिरवार (23) को दो युवकों ने क्रिकेट बैट से मारा था। गंभीर रूप से घायल बलराम की इलाज के दौरान झांसी में मौत हो गई। घटना रविवार की है।1
- नौगांव में नगरपालिका की लापरवाही ने ली मजदूर की जान तोरण द्वार बना मौत का जाल, सीएमओ–उपयंत्री के खिलाफ उबाल नगरपालिका की घोर लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी ने एक मजदूर की जान ले ली। निर्माणाधीन तोरण द्वार हादसे के बाद नगर में गुस्सा फूट पड़ा। मृतक मजदूर के परिजन और सैकड़ों स्थानीय लोग सोमवार को सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और मानकों के तोरण द्वार का निर्माण कराया जा रहा था। हादसे के लिए नगरपालिका के सीएमओ और संबंधित उपयंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल FIR और आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई। आक्रोशित परिजन कोठी चौराहे से पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय की ओर बढ़े। हाथों में तख्तियां, जुबान पर आक्रोश और आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यह हादसा किसी अधिकारी के परिवार के साथ हुआ होता, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। परिजनों ने मृतक परिवार को तत्काल मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर एफआईआर, और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। मार्च के दौरान कोठी चौराहे से एसडीएम कार्यालय तक माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति किसी तरह काबू में रही। ज्ञापन सौंपते हुए परिजनों ने दो टूक कहा कि मजदूर की मौत को “हादसा” बताकर फाइल बंद करने नहीं दिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—क्या सरकारी निर्माणों में मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं?1
- Lalitpur #NH441
- # कर लो भक्तों मां शारदा भवानी की दिव्य दर्शन दिन सोमवार19/1(20261
- बंगरा बंगरी में बच्चों की बोर्ड परीक्षा सिर पर गांव की बत्ती दो हफ्ते से गुल परेशान हुए ग्रामीण तहसील टहरौली क्षेत्र के बंगरा बंगरी ग्राम में लगे हुए ट्रांसफार्मर में दो हफ्ते पहले अचानक शॉर्ट सर्किट से खराबी आ गई थी जिसके चलते पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से स्कूली बच्चों की आने वाली उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर असर पड़ रहा है बिजली नहीं आने से घरेलू कार्यों से लेकर कृषि कार्य ग्रामीणों के बाधित हो रहे हैं बिजली नहीं आने से पूरा गांव अंधेरे में रात्रि गुजारने को मजबूर है लेकिन बिजली विभाग को ना ही बच्चों के भविष्य की चिंता है और ना ही किसानों एवं ग्रामीणों को हो रही परेशानी की चिंता होती है समाजसेवी जीतू पटेल ने आज सोमवार को समय शाम 5 बजे कहा कि बिजली विभाग के द्वारा जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं कराई जाती है तो बिजली विभाग के कर्मचारियों की शिकायत जिला अधिकारी झांसी से की जाएगी और कामचोरी करने वाले कर्मचारियों पर आवश्यक कार्यवाही कराने की मांग कर जल्द ही ग्राम की आपूर्ति बहाल कराई जाएगी1
- Post by Seema Devi1
- एसपी के निर्देश पर पुलिस की मानवीय पहल, देर रात को बिजरावन तिगैला पर खड़ी नाबालिग बालिका को पुलिस ने सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया।1
- *महाराज छत्रसाल जगत सागर मेला महोत्सव का भव्य शुभारंभ*, *25 वर्षों पुरानी परंपरा को ग्रामीणों ने संजोया* छतरपुर क्षेत्र में स्थित महाराज छत्रसाल जगत सागर मेला महोत्सव का भव्य और उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। यह मेला लगभग 25 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसे ग्रामवासियों के आपसी सहयोग और सामूहिक सहभागिता से हर वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह मेला न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है, क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक भी माना जाता है। मेला महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह टीका राजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश मंत्री भारतीय जनता पार्टी अर्चना गुड्डू सिंह, महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान के अध्यक्ष भरत पाठक, विधायक प्रतिनिधि प्रवीण प्रताप सिंह रिंकू राजा, जनपद अध्यक्ष राकेश पाठक, उपस्थित रहे कार्यक्रम में सरपंच बहन कुमारी अप्पू राजा सोनी, ने सभी अतिथियों का ग्रामीणों द्वारा पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गांव के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह मेला वर्षों से आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रहा है। अपने संबोधन में विधायक कामाख्या प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसे पारंपरिक मेले हमारी संस्कृति की पहचान हैं और इन्हें संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मेला आयोजन के लिए ग्रामवासियों को बधाई देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।1