पचपदरा रिफाइनरी में आग पर बढ़ा सियासी घमासान राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पहले ही राजनीतिक कारणों से देरी झेल चुके इस प्रोजेक्ट में अब सुरक्षा चूक चिंता का विषय है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भविष्य में सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की मांग की है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने भी सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर रिफाइनरी के भीतर क्या हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार देरी और लापरवाही के कारण प्रदेश को राजस्व और रोजगार के मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल आग पर काबू पाने और नुकसान का आकलन करने का काम जारी है, लेकिन इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
पचपदरा रिफाइनरी में आग पर बढ़ा सियासी घमासान राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पहले ही राजनीतिक कारणों से देरी झेल चुके इस प्रोजेक्ट में अब सुरक्षा चूक चिंता का विषय है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भविष्य में सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की मांग की है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने भी सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर रिफाइनरी के भीतर क्या हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार देरी और लापरवाही के कारण प्रदेश को राजस्व और रोजगार के मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल आग पर काबू पाने और नुकसान का आकलन करने का काम जारी है, लेकिन इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
- पचपदरा रिफाइनरी में आग पर बढ़ा सियासी घमासान राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पहले ही राजनीतिक कारणों से देरी झेल चुके इस प्रोजेक्ट में अब सुरक्षा चूक चिंता का विषय है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भविष्य में सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की मांग की है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने भी सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर रिफाइनरी के भीतर क्या हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार देरी और लापरवाही के कारण प्रदेश को राजस्व और रोजगार के मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल आग पर काबू पाने और नुकसान का आकलन करने का काम जारी है, लेकिन इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।1
- - 📰 सच तक पत्रिका न्यूज़ 📍 जबलपुर (म.प्र.) ⚡ ताज़ा खबरें | क्राइम | लोकल अपडेट 🎤 रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा 📲 Follow / Subscribe करें – सच्ची खबर सबसे पहले1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र में चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किसान के घर के बाहर खड़े दो ट्रैक्टरों में से चोरों ने केवल नया ट्रैक्टर ही निशाना बनाया और उसे लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, ग्राम तिमरी निवासी किसान नरेंद्र कुमार साह ने 16 अप्रैल की शाम अपने दोनों ट्रैक्टर घर के पास बने बाड़े में खड़े किए थे। रात करीब ढाई बजे पूरा परिवार कूलर की हवा में सो रहा था, तभी अज्ञात चोर बाड़े में घुसे और करीब डेढ़ साल पहले खरीदा गया नया ट्रैक्टर स्टार्ट कर ले गए, जबकि पुराना ट्रैक्टर वहीं खड़ा रहा। सबसे हैरानी की बात यह है कि चोरों ने दोनों ट्रैक्टर देखे, लेकिन बिना किसी जल्दबाजी के सीधे नए ट्रैक्टर को ही चुना और आसानी से गेट खोलकर फरार हो गए। अगली सुबह जब किसान बाड़े में पहुंचा तो नया ट्रैक्टर गायब था। इसके बाद गांव और आसपास तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। किसान और उसके साथियों ने पाटन से जबलपुर होते हुए मंडला तक करीब 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक व्यक्ति ट्रैक्टर को मंडला की ओर ले जाते हुए नजर आया। फिलहाल किसान अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर की तलाश में जुटा है। 18 अप्रैल को पाटन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। साथ ही किसान ने घोषणा की है कि जो भी ट्रैक्टर के बारे में पुख्ता जानकारी देगा, उसे 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया गया है और जल्द ही चोरों को पकड़कर ट्रैक्टर बरामद कर लिया जाएगा।1
- इंदिरा नगर इलाके में सोमवार रात करीब 1:30 बजे पुलिस ने बारात में पहुंचकर लाठीचार्ज कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का14 आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसकर महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा, जिसमें 14 लोग घायल हुए हैं। गंभीर बात यह रही कि पुलिस रात ढाई बजे दूल्हा, दुल्हन और उनके भाई को थाने ले गई, जिन्हें सुबह चार बजे काफी मिन्नतों के बाद छोड़ा गया, जिसके बाद विवाह की रस्में पूरी हो सकीं। घटना के पीछे बारात का देरी से पहुंचना बताया जा रहा है। मैहर से आई इस बारात की दूल्हे वाली गाड़ी खराब हो गई थी, जिससे बारात दो घंटे लेट हो गई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस ने बिना किसी संवाद के धक्का-मुक्की शुरू की और बाद में अतिरिक्त बल बुलाकर बर्बरतापूर्वक मारपीट की, जिसमें दुल्हन के भाई और दूल्हे के चाचा समेत कई लोगों के हाथ फ्रैक्चर हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी पुलिस लाठियां बरसाती और दूल्हा-दुल्हन को ले जाती नजर आ रही है। दूसरी ओर, पुलिस का पक्ष है कि बारात में शामिल लोग नशे की हालत में थे और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसमें 4-5 जवान घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि उन्हें विवाद की सूचना पर डायल 112 के जरिए बुलाया गया था। फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद एएसपी अभिनव विश्वकर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो उपनिरीक्षकों (SI), सिद्धार्थ राय और सौरभ सोनी को लाइन अटैच कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।1
- Post by Rajnish Dahiya1
- बड़े शांत स्वभाव से शादी को मनाया गया और पूरे परिवार में मनो खुशी सी लहर गई शादी को बड़े धूमधाम से भी बनाया गया1
- जिला रेलवे गेट के पास कटी हुई गेहूं खेत में लगी आग से हुआ नुकसान1
- पचपदरा रिफाइनरी में आग पर बढ़ा सियासी घमासान राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पहले ही राजनीतिक कारणों से देरी झेल चुके इस प्रोजेक्ट में अब सुरक्षा चूक चिंता का विषय है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भविष्य में सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने की मांग की है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने भी सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर रिफाइनरी के भीतर क्या हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार देरी और लापरवाही के कारण प्रदेश को राजस्व और रोजगार के मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल आग पर काबू पाने और नुकसान का आकलन करने का काम जारी है, लेकिन इस घटना ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।1