बनखेड़ी नगर परिषद में स्टेट हाईवे-22 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का धीमा निर्माण कार्य अब आम जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। बारिश शुरू होते ही निर्माण स्थल पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। समय पर वैकल्पिक सर्विस रोड का निर्माण न होने के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, रेल यात्रियों और आसपास के 50 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों, बाजार आने वाले ग्रामीणों और शासकीय कार्यालयों में काम से जाने वाले लोगों को घंटों तक संघर्ष करना पड़ता है। बारिश के कारण यह स्थिति और अधिक विकट हो गई है, जिससे लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों और नगरवासियों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग ने मानसून से पहले सर्विस रोड की व्यवस्था नहीं की, जबकि इसकी आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लोगों का कहना है कि यदि वैकल्पिक मार्ग समय पर तैयार हो जाता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। नागरिक रेलवे स्टेशन तक सुगम पहुंच और नगर के दोनों हिस्सों के बीच निर्बाध आवागमन के लिए लगातार अंडरपास निर्माण की मांग भी उठा रहे हैं। इस संबंध में नागरिकों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। लोगों की मांग है कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक एक सुरक्षित सर्विस रोड और स्थायी समाधान के रूप में अंडरपास की व्यवस्था की जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सर्विस रोड का निर्माण कराने तथा आवागमन की इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की अपील की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
बनखेड़ी नगर परिषद में स्टेट हाईवे-22 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का धीमा निर्माण कार्य अब आम जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। बारिश शुरू होते ही निर्माण स्थल पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। समय पर वैकल्पिक सर्विस रोड का निर्माण न होने के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, रेल यात्रियों और आसपास के 50 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों, बाजार आने वाले ग्रामीणों और शासकीय कार्यालयों में काम से जाने वाले लोगों को घंटों तक संघर्ष करना पड़ता है। बारिश के कारण यह स्थिति और अधिक विकट हो गई है, जिससे लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों और नगरवासियों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग ने मानसून से पहले सर्विस रोड की व्यवस्था नहीं की, जबकि इसकी आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लोगों का कहना है कि यदि वैकल्पिक मार्ग समय पर तैयार हो जाता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। नागरिक रेलवे स्टेशन तक सुगम पहुंच और नगर के दोनों हिस्सों के बीच निर्बाध आवागमन के लिए लगातार अंडरपास निर्माण की मांग भी उठा रहे हैं। इस संबंध में नागरिकों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। लोगों की मांग है कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक एक सुरक्षित सर्विस रोड और स्थायी समाधान के रूप में अंडरपास की व्यवस्था की जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सर्विस रोड का निर्माण कराने तथा आवागमन की इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की अपील की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
- नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पलिया पिपरिया में खेत पर बने एक घर में 22 वर्षीय नवविवाहिता शीतल मेहरा ने मंगलवार, 1 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। शीतल मेहरा का विवाह लगभग दो वर्ष पूर्व ग्राम लामटा निवासी सूरज मेहरा से हुआ था, और वे दोनों शादी के बाद से ही खेत पर बने घर में रह रहे थे। घटना की जानकारी मिलने पर बनखेड़ी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा तैयार किया और मर्ग क्रमांक 48/2026 धारा 193 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए शीतल के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी लंबे समय से बंद पड़ी गर्ल्स हॉस्टल को पुनः शुरू कराने के लिए एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन छात्राओं ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिपरिया के माध्यम से आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के नाम प्रेषित किया। बताया गया कि अनुविभागीय अधिकारी के बैठक में व्यस्त होने के कारण ज्ञापन उनके कार्यालय में जमा कराया गया। छात्राओं ने ज्ञापन में अपनी समस्या बताते हुए कहा कि महाविद्यालय में दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राएँ अध्ययन के लिए आती हैं। छात्रावास बंद होने के कारण उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे न केवल समय और आर्थिक संसाधनों की हानि हो रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षा संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं के अनुसार, इन समस्याओं का उनकी नियमित पढ़ाई और उच्च शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छात्रा वीणा उइके ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और बेटियों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल के पुनः संचालित होने से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी सुविधा मिलेगी। छात्राओं ने शासन और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्रहित और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय की बंद पड़ी गर्ल्स हॉस्टल को जल्द से जल्द पुनः प्रारंभ किया जाए। उनका लक्ष्य है कि छात्राओं को सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सके और उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह पाए।4
- नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील की समीपस्थ ग्राम पंचायत कामती-रंगपुर के लिए आज का दिन दोगुनी खुशी लेकर आया, जब यहां के निवासी श्री मेहरबान सिंह धुर्वे का वैवाहिक कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस शुभ अवसर पर श्री मेहरबान सिंह धुर्वे ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए अपने विवाह कार्यक्रम के चलते राम रहीम रोटी बैंक के माध्यम से जरूरतमंद, बेघर एवं बेसहारा भाई-बहनों के लिए व्यंजनों से सुसज्जित स्वादिष्ट भोजन भिजवाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। उनके इस कार्य ने 'शुभ कार्य की शुरुआत सेवा से हो तो जीवन मंगलमय होता है' के भाव को चरितार्थ कर दिया। विवाह जैसे मांगलिक अवसर पर जरूरतमंदों को याद रखना उनके संस्कारों को दर्शाता है। राम रहीम रोटी बैंक परिवार ने नवयुवक श्री मेहरबान सिंह धुर्वे को उनके वैवाहिक जीवन की अनंत शुभकामनाएं दीं और ईश्वर से उनके दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि, प्रेम एवं आपसी विश्वास से परिपूर्ण होने की प्रार्थना की। नवविवाहित जोड़े पर माँ नर्मदा एवं समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद सदैव बना रहे, ऐसी कामना भी की गई। उनके इस सेवाभाव को नवयुवकों के लिए प्रेरणादायक बताया गया है।1
- सोहागपुर विकासखंड में शिक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को कई शासकीय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस सघन जाँच के दौरान तीन स्कूल निर्धारित समय से पहले ही बंद पाए गए, वहीं एक स्कूल में एक शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। इन गंभीर लापरवाहियों पर शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सहायक संचालक राकेश कुमार उइके और बीआरसी राकेश रघुवंशी ने शोभापुर, भटगांव, सेंकाखेड़ी, महुयाखेड़ा कला और खिड़िया के स्कूलों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, शोभापुर के दोनों हायर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने और साफ-सफाई की व्यवस्था खराब होने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विभाग ने इन स्कूलों को तीन दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी शैक्षिक व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के आकस्मिक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।1
- शहर की जनता पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है, जहाँ नल में 7 से 8 दिनों में एक बार पानी आता है। इस स्थिति से परेशान होकर, नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मगो ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही पानी की व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, महापौर ने बताया है कि शहर में 100 टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पानी की व्यवस्था में जल्द ही सुधार होगा।1
- रायसेन जिले में 50 करोड़ रुपये की भारी लागत से निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब ताले में बंद पड़े हैं। इन सुविधाओं को मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में ये पूरी तरह से वीरान पड़े हैं। इस स्थिति के कारण क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए 20-30 किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह विरोधाभास दर्शाता है कि कागजों पर भले ही एक बड़ा स्वास्थ्य नेटवर्क खड़ा हो, लेकिन जमीन पर केवल लापरवाही का ताला लगा हुआ है। 50 करोड़ रुपये खर्च कर बनाए गए ये 'आरोग्य' स्थल अब सरकारी अस्पताल कम और खंडहर ज्यादा प्रतीत हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।1
- शाजापुर जिला इकाई (कालापीपल) द्वारा आयोजित जिला सम्मेलन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी अतिथियों और साथियों का सादर आभार व्यक्त किया गया है। इस अवसर पर 'मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिंदाबाद' और 'शलभ भदौरिया जिंदाबाद' के नारे भी लगाए गए।1
- बनखेड़ी नगर परिषद में स्टेट हाईवे-22 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का धीमा निर्माण कार्य अब आम जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। बारिश शुरू होते ही निर्माण स्थल पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। समय पर वैकल्पिक सर्विस रोड का निर्माण न होने के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, रेल यात्रियों और आसपास के 50 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों, बाजार आने वाले ग्रामीणों और शासकीय कार्यालयों में काम से जाने वाले लोगों को घंटों तक संघर्ष करना पड़ता है। बारिश के कारण यह स्थिति और अधिक विकट हो गई है, जिससे लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों और नगरवासियों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग ने मानसून से पहले सर्विस रोड की व्यवस्था नहीं की, जबकि इसकी आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लोगों का कहना है कि यदि वैकल्पिक मार्ग समय पर तैयार हो जाता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। नागरिक रेलवे स्टेशन तक सुगम पहुंच और नगर के दोनों हिस्सों के बीच निर्बाध आवागमन के लिए लगातार अंडरपास निर्माण की मांग भी उठा रहे हैं। इस संबंध में नागरिकों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। लोगों की मांग है कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक एक सुरक्षित सर्विस रोड और स्थायी समाधान के रूप में अंडरपास की व्यवस्था की जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सर्विस रोड का निर्माण कराने तथा आवागमन की इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की अपील की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।1