मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के कथित व्यवहार और एक वायरल वीडियो को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ललिता गौतम हत्याकांड और उसके बाद प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से नाराज अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के लोग अब दूसरे जिलों से भी मेरठ की ओर पहुंच रहे हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और नाराज लोगों की मांग है कि एसएसपी के व्यवहार और वायरल वीडियो से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और उनके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई की जाए। इस पूरे घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में आए इस बड़े विवाद के बावजूद सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उस दिन पुलिस अधिकारियों के तेवर इतने सख्त क्यों थे और क्या यह कार्रवाई केवल स्थानीय स्तर पर लिया गया कोई फैसला थी, हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मेरठ में स्थिति बेहद गर्म बनी हुई है और माहौल को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। अब सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस पूरे विवाद पर कोई बड़ा फैसला लेगी या फिर यह मामला यूं ही आगे और तूल पकड़ता रहेगा।
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के कथित व्यवहार और एक वायरल वीडियो को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ललिता गौतम हत्याकांड और उसके बाद प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से नाराज अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के लोग अब दूसरे जिलों से भी मेरठ की ओर पहुंच रहे हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और नाराज लोगों की मांग है कि एसएसपी के व्यवहार और वायरल वीडियो से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और उनके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई की जाए। इस पूरे घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में आए इस बड़े विवाद के बावजूद सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उस दिन पुलिस अधिकारियों के तेवर इतने सख्त क्यों थे और क्या यह कार्रवाई केवल स्थानीय स्तर पर लिया गया कोई फैसला थी, हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मेरठ में स्थिति बेहद गर्म बनी हुई है और माहौल को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। अब सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस पूरे विवाद पर कोई बड़ा फैसला लेगी या फिर यह मामला यूं ही आगे और तूल पकड़ता रहेगा।
- मेरठ के डीएम वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, सीडीओ नुपुर गोयल और एसपी देहात अभिजीत कुमार आज बागपत के पौराणिक पुरा महादेव मंदिर पहुंचे। वहां इन सभी आला अधिकारियों ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में सीवर, गंदे नाले और बारिश का सारा पानी रास्तों में भरा हुआ है, जिससे स्थिति बेहद खराब हो गई है। रास्तों पर चारों तरफ भीषण गंदगी फैली हुई है और अब सीवर, गंदे नाले तथा बारिश का यह गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुसने लगा है। इस नारकीय हालात की वजह से स्थानीय लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। घरों के शौचालय भी साफ नहीं हो पा रहे हैं और उनमें सारी गंदगी भरी हुई है क्योंकि पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। शौचालय जाम होने और हर तरफ गंदगी पसरी होने के कारण क्षेत्र में बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और लोग लगातार बीमार हो रहे हैं।4
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में शनिवार सुबह 8:00 बजे ललिता हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की।1
- मेरठ के थाना क्षेत्र भावनपुर में बढ़ते अपराधों के बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां 6 नकाबपोश बदमाशों ने एक फार्म हाउस पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने वहां सो रहे एक बुजुर्ग की कनपटी पर तमंचा तान दिया और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। लुटेरे फार्म हाउस से करीब 30 हजार रुपये की नकदी, कॉपर का तार और अन्य जरूरी सामान लूटकर मौके से फरार हो गए। खोंजापुर निवासी पीड़ित वीरेंद्र ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वह किसी काम से देहरादून गया हुआ था और उसके बुजुर्ग पिता फार्म हाउस पर अकेले सो रहे थे, तभी बदमाशों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित का गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस पूरे मामले को दबाने के चक्कर में लगी हुई थी और उल्टा उन्हीं पर दबाव बना रही थी। फिलहाल, इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा जांच-पड़ताल की जा रही है और जल्द ही इस घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में सीवर, गंदे नाले और बारिश का सारा पानी रास्तों में भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। इस दूषित और गंदे पानी के जमाव के कारण इलाके में बीमारियां फैल रही हैं और लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि घरों के शौचालयों की सफाई भी नहीं हो पा रही है और पानी बाहर न निकलने के कारण सारी गंदगी शौचालयों में ही भरी पड़ी है। इस गंभीर गंदगी और जलभराव की वजह से पूरे क्षेत्र में बड़ी बीमारियां फैलने का संकट खड़ा हो गया है।4
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में कांवड़ यात्रा के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रसिद्ध शिव चौक पर डीजे गाड़ी पर चढ़ने से रोकने को लेकर कुछ कांवड़िए पुलिस से उलझ गए। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर जब पुलिस ने डीजे के ऊपर चढ़कर डांस कर रहे युवकों को नीचे उतरने के लिए कहा, तो वे भड़क उठे। इसी बीच एक युवक ने सरेआम शहर कोतवाल बृजेश शर्मा को '5 मिनट में वर्दी उतरवा देने' की धमकी दे डाली। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मामला बिगड़ता देख पुलिस अधीक्षक (SP) भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए हंगामा कर रहे कांवड़ियों को शांत कराया और फिर उनके जत्थे को आगे के लिए रवाना किया।1