मैनपुरी में सुदिती ग्लोबल एकेडमी में ‘इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग’ विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा ने मोहा मन मैनपुरी सुदिती ग्लोबल एकेडमी, मैनपुरी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नवाचार क्षमता का भव्य प्रदर्शन “इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी” के माध्यम से किया गया। यह प्रदर्शनी न केवल विज्ञान विषय की समझ को दर्शाने वाला मंच बनी, बल्कि विद्यार्थियों में अनुसंधान, प्रयोग और समाधान आधारित सोच को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुई। कार्यक्रम के शुभारंभ में ज्ञान विज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के चलचित्र के समक्ष मुख्य अतिथि डॉ. असीम चंदेल, डीन, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन, प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने दीप प्रज्वलन किया। मुख्य अतिथि डॉ. असीम चंदेल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, अभियंता और नवप्रवर्तक हैं। इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में प्रयोगात्मक सोच, समस्या समाधान और आत्मविश्वास विकसित करती है। यहाँ प्रदर्शित मॉडल यह दर्शाते हैं कि हमारे छात्र केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजने की क्षमता रखते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आपके द्वारा बनाए गए मॉडल्स बहुत अच्छे हैं। आप अपने प्रोजेक्ट पर और काम करके पेटेंट कराएं। ये मॉडल आगे चलकर हमारे दैनिक जीवन की कई समस्याओं के समाधान भी बन सकते हैं। इसके साथ ही आप अपने प्रोजेक्ट्स के साथ भारत सरकार के स्टार्टअप इण्डिया कार्यक्रम के माध्यम में प्रतिभाग करें। आप हमारे राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी में भी अपने प्रोजेक्ट्स लेकर आ सकते हैं। हम आपके प्रोजेक्ट को शील्ड फंिडंग दिलाने में सहायता करेंगे। उन्होंने विद्यालय द्वारा विज्ञान को रोचक एवं व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों को निरंतर प्रयोग और नवाचार के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने अपने वक्तव्य में कहा, “इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी हमारे शैक्षिक दर्शन को प्रतिबिंबित करती है, जहाँ शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित न होकर कौशल, सोच और चरित्र निर्माण का माध्यम बनती है। हमारे विद्यार्थी विज्ञान को समझते ही नहीं, बल्कि उसे समाजोपयोगी समाधान में बदलने का प्रयास करते हैं।” उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक आयोजनों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करता रहेगा। विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने कहा, “सुदिती ग्लोबल एकेडमी का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि नवाचार, नैतिक मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त नागरिकों का निर्माण करना है। इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सोच रहे हैं।” प्रदर्शनी में प्रस्तुत लगभग 60 माडल थे जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। विद्यार्थियों द्वारा तैयार चंद्रयान-3 मॉडल ने भारतीय अंतरिक्ष मिशन की सफल लैंडिंग प्रक्रिया को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जबकि भूकंप डिटेक्टर एवं आपदा प्रबंधन मॉडल के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के व्यावहारिक उपायों को प्रभावी ढंग से समझाया गया। इन प्रोजेक्ट्स ने यह स्पष्ट किया कि विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समसामयिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में भी गंभीरता से सोच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। हाइड्रोपोनिक खेती मॉडल के माध्यम से कम जल और सीमित भूमि में खेती की आधुनिक तकनीक को दर्शाया गया, वहीं नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मॉडलोंकृजैसे सोलर कार, हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी, विंडमिल और वाटर व्हील ने हरित ऊर्जा का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त मानव शरीर तंत्र के कार्यशील मॉडल हृदय, फेफड़े, तंत्रिका तंत्र एवं पाचन तंत्र और ऑटोमेशन व रोबोटिक्स से जुड़े फायर फाइटर रोबोट, सेंसर कार, ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाइट एवं होम ऑटोमेशन जैसे प्रोजेक्ट्स ने आधुनिक विज्ञान की उपयोगिता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली समझाई, जिसे अभिभावकों और अतिथियों ने सराहा। प्रदर्शनी में विज्ञान विभाग से दीपक उपाध्याय, आशुतोष द्विेदी, विपिन चतुर्वेदी, योगेश यादव, दीक्षा परमार, विजय लक्ष्मी, सपना भदौरिया, अंशुमन सिंह, आयुष पाण्डेय एवं सत्यम सिंघल का प्रमुख योगदान रहा। इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधन की दूरदर्शिता का सजीव उदाहरण बनी। यह आयोजन न केवल एक शैक्षिक गतिविधि रहा, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
मैनपुरी में सुदिती ग्लोबल एकेडमी में ‘इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग’ विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा ने मोहा मन मैनपुरी सुदिती ग्लोबल एकेडमी, मैनपुरी में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नवाचार क्षमता का भव्य प्रदर्शन “इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी” के माध्यम से किया गया। यह प्रदर्शनी न केवल विज्ञान विषय की समझ को दर्शाने वाला मंच बनी, बल्कि विद्यार्थियों में अनुसंधान, प्रयोग और समाधान आधारित सोच को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुई। कार्यक्रम के शुभारंभ में ज्ञान विज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के चलचित्र के समक्ष मुख्य अतिथि डॉ. असीम चंदेल, डीन, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन, प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने दीप प्रज्वलन किया। मुख्य अतिथि डॉ. असीम चंदेल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, अभियंता और नवप्रवर्तक हैं। इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में प्रयोगात्मक सोच, समस्या समाधान और आत्मविश्वास विकसित करती है। यहाँ प्रदर्शित मॉडल यह दर्शाते हैं कि हमारे छात्र केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजने की क्षमता रखते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आपके द्वारा बनाए गए मॉडल्स बहुत अच्छे हैं। आप अपने प्रोजेक्ट पर और काम करके पेटेंट कराएं। ये मॉडल आगे चलकर हमारे दैनिक जीवन की कई समस्याओं के समाधान भी बन सकते हैं। इसके साथ ही आप अपने प्रोजेक्ट्स के साथ भारत सरकार के स्टार्टअप इण्डिया कार्यक्रम के माध्यम में प्रतिभाग करें। आप हमारे राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी में भी अपने प्रोजेक्ट्स लेकर आ सकते हैं। हम आपके प्रोजेक्ट को शील्ड फंिडंग दिलाने में सहायता करेंगे। उन्होंने विद्यालय द्वारा विज्ञान को रोचक एवं व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों को निरंतर प्रयोग और नवाचार के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने अपने वक्तव्य में कहा, “इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी हमारे शैक्षिक दर्शन को प्रतिबिंबित करती है, जहाँ शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित न होकर कौशल, सोच और चरित्र निर्माण का माध्यम बनती है। हमारे विद्यार्थी विज्ञान को समझते ही नहीं, बल्कि उसे समाजोपयोगी समाधान में बदलने का प्रयास करते हैं।” उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत की प्रशंसा
करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक आयोजनों के माध्यम से छात्रों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करता रहेगा। विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने कहा, “सुदिती ग्लोबल एकेडमी का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि नवाचार, नैतिक मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त नागरिकों का निर्माण करना है। इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सोच रहे हैं।” प्रदर्शनी में प्रस्तुत लगभग 60 माडल थे जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। विद्यार्थियों द्वारा तैयार चंद्रयान-3 मॉडल ने भारतीय अंतरिक्ष मिशन की सफल लैंडिंग प्रक्रिया को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जबकि भूकंप डिटेक्टर एवं आपदा प्रबंधन मॉडल के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के व्यावहारिक उपायों को प्रभावी ढंग से समझाया गया। इन प्रोजेक्ट्स ने यह स्पष्ट किया कि विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समसामयिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में भी गंभीरता से सोच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। हाइड्रोपोनिक खेती मॉडल के माध्यम से कम जल और सीमित भूमि में खेती की आधुनिक तकनीक को दर्शाया गया, वहीं नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मॉडलोंकृजैसे सोलर कार, हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी, विंडमिल और वाटर व्हील ने हरित ऊर्जा का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त मानव शरीर तंत्र के कार्यशील मॉडल हृदय, फेफड़े, तंत्रिका तंत्र एवं पाचन तंत्र और ऑटोमेशन व रोबोटिक्स से जुड़े फायर फाइटर रोबोट, सेंसर कार, ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाइट एवं होम ऑटोमेशन जैसे प्रोजेक्ट्स ने आधुनिक विज्ञान की उपयोगिता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली समझाई, जिसे अभिभावकों और अतिथियों ने सराहा। प्रदर्शनी में विज्ञान विभाग से दीपक उपाध्याय, आशुतोष द्विेदी, विपिन चतुर्वेदी, योगेश यादव, दीक्षा परमार, विजय लक्ष्मी, सपना भदौरिया, अंशुमन सिंह, आयुष पाण्डेय एवं सत्यम सिंघल का प्रमुख योगदान रहा। इंद्रधनुष-विज्ञान के रंग विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय प्रबंधन की दूरदर्शिता का सजीव उदाहरण बनी। यह आयोजन न केवल एक शैक्षिक गतिविधि रहा, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
- मैनपुरी परिषदीय विद्यालय के बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद जिलाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों से की बात जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचे और कहां है कि जो भी बच्चों की हालत बिगड़ी है और वह उनको सभी को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया और उनका उपचार भी शुरू कराया गया है किसी भी बच्चे की हालत नहीं ज्यादा सीरियस है जो बच्चे सीरियस थे उनका उपचार कर दिया गया है और इस दवा को लेकर भी जल्द ही जांच कराई जाएगी पूरे मामले की1
- मैनपुरी जनपद की किरतपुर कॉलोनी स्थित एक प्राइमरी स्कूल में पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चों की हालत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद आनन-फानन में जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर बच्चों को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।2
- मैनपुरी_ब्रेकिंग डॉक्टर की कथित लापरवाही ने उजाड़ दी खुशियां जच्चा-बच्चा दोनों की मौत, अस्पताल पर ताला जड़कर स्टाफ फरार मैनपुरी: मैनपुरी शहर के बिछिया रोड निवासी एक परिवार के लिए खुशियों का दिन उस समय मातम में बदल गया, जब डिलीवरी के लिए भर्ती कराई गई महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित ‘ज्योतिका आरोग्य धाम’ अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कथित घोर लापरवाही से यह सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित पति देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 8 फरवरी 2026 की शाम अपनी पत्नी अंबिका सिंह को डिलीवरी के लिए अस्पताल में डॉ. पूनम पाठक के पास भर्ती कराया था। रात करीब 1:32 बजे बेटे का जन्म हुआ, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने वास्तविक स्थिति छिपाए रखी। देवेंद्र सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने अपने बच्चे को देखा तो वह मृत अवस्था में था, जबकि पत्नी की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई थी। इस पर सवाल करने पर अस्पताल प्रबंधन ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और आनन-फानन में महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाने पर डॉक्टरों ने अंबिका सिंह को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार महिला की मृत्यु काफी समय पहले ही हो चुकी थी। अस्पताल पर ताला, स्टाफ फरार जब पीड़ित अपनी पत्नी और बच्चे के शव को लेकर वापस ज्योतिका आरोग्य धाम पहुँचा, तो अस्पताल में ताला लटका मिला। आरोप है कि डॉ. पूनम पाठक समेत पूरा स्टाफ मौके से फरार हो चुका था। पुलिस ने संभाला मोर्चा सूचना मिलने पर पीआरवी 112 पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने बंद पड़े अस्पताल से मृत नवजात के शव को कब्जे में लेकर पीड़ित परिवार को सुपुर्द किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- रिपोर्टर अमित कौशिक मैनपुरी जनपद के किशनी क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हनुमानगढ़ी (अयोध्या) के महंत राजूदास द्वारा दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व मंत्री और 'अपनी जनता पार्टी' के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी है। विवादित बोल 8 जनवरी 2026 को किशनी में आयोजित हिंदू सम्मेलन के मंच से महंत राजूदास ने सार्वजनिक रूप से स्वामी प्रसाद मौर्य को "जूते मारने" और "गोली मार देने" जैसे अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि एक धर्मगुरु द्वारा सार्वजनिक मंच से इस तरह की आपराधिक प्रवृत्ति वाली भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ऐसे बयानों से समाज में घृणा वैमनस्य और हिंसा फैलने की पूरी आशंका है, जिससे आम नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं। कठोर कार्रवाई की मांग: पीड़ित पक्ष और समर्थकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि समाज में अशांति फैलाने और वरिष्ठ नेता की मानहानि करने के आरोप में महंत राजूदास पर तत्काल कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। वाइट डॉ अवधेश शाक्य अपनी जनता पार्टी जिला अध्यक्ष वाइट सत्येंद्र सिंह शाक्य1
- Post by Devendra Kumar1
- उत्तर प्रदेश में सड़क किनारे हुए हमले में कक्षा 12 के छात्र ने शिक्षक के होंठ काट दिएपीड़ित के भाई ने अपनी शिकायत में कहा कि छात्र लगातार निजी स्कूल में काम करने वाले शिक्षक को परेशान कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में कक्षा 12 के एक छात्र ने कथित तौर पर 26 जनवरी को अपनी शिक्षिका पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनके दोनों होंठ कट गए। पीड़ित छात्र के भाई ने अपनी शिकायत में कहा कि छात्र आगरा रोड स्थित एक निजी स्कूल में कार्यरत शिक्षक को लगातार परेशान कर रहा था। अभिभावक-शिक्षक बैठक के दौरान छात्र की मां से शिकायत करने और बाद में यह आश्वासन दिए जाने के बावजूद कि यह व्यवहार बंद हो जाएगा, उत्पीड़न जारी रहा।1
- मैनपुरी जिले में एल्बेंडाजोल टेबलेट खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चों की हालत बिगड़ी जिला अस्पताल में कराया भर्ती मैनपुरी काशीराम कॉलोनी परिषदीय विद्यालय में आज सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाई गई जिसके बाद कुछ देर बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी तो उनको पास की ही हिंद पुरम पर सीएससी पर कुछ बच्चों को दिखाया गया और कुछ देर बाद सभी बच्चे पेट दर्द से चीखने लगे और तुरंत ही प्रधानाचार्य ने एंबुलेंस को बुलाकर सभी बच्चों को जिला अस्पताल के इमरजेंसी भिजवाया जहां उनका उपचार जारी है1
- Post by Maharaj Singh1
- थाना क्षेत्र के गांव देवपुरा में धर्मपाल कठेरिया की बेटी की बारात आनी थी।रास्ते पर भैस हटवाने को लेकर दोनों पक्षों में सुबह जमकर लाठी डंडे चल गए।दोनों पक्षो के घायल तीन लोग ने थाने आए।पुलिस ने घायलों का मेडिकल करवाकर दो लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया हैI। मंगलवार को गांव देवपुरा में धर्मपाल कठेरिया की बेटी राजबेटी की बारात कटखेरा से आनी थी।जिसके लिए परिवार साफ सफाई कर रहा था।सुबह 9 बजे आम रास्ते पर बंधी रामवीर शाक्य की भैंस को हटाने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया।इसी बात को लेकर दोनों पक्ष भिड़ गए दोनों तरफ से जमकर लाठी डंडे चले।हुई इस मारपीट में एक पक्ष के रंजीत व शशी तथा दूसरे पक्ष का एक युवक गंभीर घायल हो गया।चिकित्सक ने रामवीर व शशी की हालत गंभीर देखते हुए जिलाचिकित्सालय रैफर कर दिया तथा दूसरे पक्ष के युवक को इलाज के बाद घर भेज दिया। पुलिस ने मंगलवार दोपहर 1 बजे दोनों पक्षों के दो लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया है। प्रथम पक्ष का आरोप है कि नामजदों ने जानबूझकर बारात आने वाले दिन झगड़ा किया है।1