मध्य प्रदेश के आलोट तहसील के ग्राम लूनी रिछा के पास गुरुवार को इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कोच के नीचे से अचानक लपटें और धुआँ उठने लगा, जिसके बाद ट्रेन को लूनी रिछा स्टेशन के पास तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया गया। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति भी बन गई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों और ट्रेन स्टाफ ने तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। लगभग 20 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर उसे आगे रवाना किया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया और फिलहाल किसी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के कारण अप लाइन का रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। पीछे से आ रही अवध एक्सप्रेस को भी रोकना पड़ा, और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने कोच की जाँच कर आवश्यक सुधार कार्य किया। आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही घटना की वजह माना जा रहा है। इस समय रहते हुई सतर्कता ने एक बड़े हादसे को तो टाल दिया, लेकिन रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
मध्य प्रदेश के आलोट तहसील के ग्राम लूनी रिछा के पास गुरुवार को इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कोच के नीचे से अचानक लपटें और धुआँ उठने लगा, जिसके बाद ट्रेन को लूनी रिछा स्टेशन के पास तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया गया। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति भी बन गई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों और ट्रेन स्टाफ ने तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। लगभग 20 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर उसे आगे रवाना किया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया और फिलहाल किसी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के कारण अप लाइन का रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। पीछे से आ रही अवध एक्सप्रेस को भी रोकना पड़ा, और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने कोच की जाँच कर आवश्यक सुधार कार्य किया। आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही घटना की वजह माना जा रहा है। इस समय रहते हुई सतर्कता ने एक बड़े हादसे को तो टाल दिया, लेकिन रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
- प्रतापगढ़ में 20 जून को बोहरा समुदाय ने इमाम हुसैन की याद में सेवा कार्य किया। इस पहल के तहत, समुदाय के सदस्यों ने लोगों के बीच केरी पानी का वितरण किया। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए डिस्पोजल भी उठाकर निपटाए।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। मंडल अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह राणावत ने वर्ष 2026 तक के लिए 29 पदाधिकारियों की सूची जारी की, जिसमें संगठन को मजबूती देने का संकल्प जताया गया है। यह घोषणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद सी.पी. जोशी, जिला अध्यक्ष रतनलाल गाडरी और विधायक अर्जुनलाल जीनगर के मार्गदर्शन में की गई। नई कार्यकारिणी में सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देते हुए जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई है।2
- राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर कस्बे में एक योग जागृति रैली का आयोजन किया गया। यह रैली आयुष्मान आरोग्य मंदिर वैर से शुरू हुई, जिसे उपखंड अधिकारी गंगाधर मीणा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रैली आयुष्मान कार्यालय से निकलकर बाजारों से होकर गुजरी। इस आयोजन में सभी विभागों के कर्मचारियों और विद्यालय के स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया, और उन्हीं के द्वारा इस रैली का आयोजन भी किया गया। इसी क्रम में, आगामी कल 21 जून को वैर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह मुख्य कार्यक्रम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वैर के प्रांगण में संपन्न होगा।1
- स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश का सर्वोच्च सम्मान 'व्हाइट डबल क्रॉस' प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के साथ, प्रधानमंत्री मोदी को अब तक दुनिया के विभिन्न देशों से मिले वैश्विक सम्मानों की कुल संख्या 33 हो गई है।1
- यह एक कहानी है जो बुढ़ापे के सहारे के विषय पर आधारित है।1
- रामपुरा क्षेत्र में एक लापता युवती का मामला शनिवार को काफी गरमा गया। गांधी सागर-रावतभाटा मार्ग पर एक कंकाल मिलने की सूचना के बाद युवती के परिजन और ग्रामीण भड़क उठे, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोगों ने रामपुरा थाने के सामने चक्का जाम कर दिया और स्टेट हाईवे-31 पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने और उसके मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचीं एसडीओपी निकिता सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराया। उनके आश्वासन के बाद ही जाम समाप्त हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जब सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, तभी यह बताया गया था कि उनसे अधिक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं बना है। अब आरोप है कि 'आजाद भारत के भगत सिंह' कहे जाने वाले भरत तिवारी का एनकाउंटर करवा दिया गया है। रिपोर्ट में भरत तिवारी के बारे में बताया गया है कि उनका दोष केवल यह था कि वे अपने क्षेत्र के बाढ़-ग्रसित लोगों के लिए सरकार के सामने आवाज उठाते थे, क्योंकि बाढ़ से गरीबों की फसलें और घर नष्ट हो जाते थे। इसी कारण वे नेताओं से प्रश्न पूछते थे। रिपोर्ट में आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया है कि उस देशभक्त युवा को सरेंडर करने के बाद भी कथित तौर पर एनकाउंटर करके मार दिया गया। इस घटना को देश में श्रीप्रकाश शुक्ला और विकास दुबे जैसे व्यक्तियों के जन्म का कारण बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है, ब्राह्मणों का चुन-चुनकर एनकाउंटर किया जा रहा है। अंत में, चेतावनी दी गई है कि यह समय-समय की बात है और समय का चक्र घूमेगा, तब इन सबका हिसाब होगा।1
- मध्य प्रदेश के आलोट तहसील के ग्राम लूनी रिछा के पास गुरुवार को इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कोच के नीचे से अचानक लपटें और धुआँ उठने लगा, जिसके बाद ट्रेन को लूनी रिछा स्टेशन के पास तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया गया। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन से नीचे उतर गए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति भी बन गई। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों और ट्रेन स्टाफ ने तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। लगभग 20 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर उसे आगे रवाना किया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया और फिलहाल किसी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के कारण अप लाइन का रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। पीछे से आ रही अवध एक्सप्रेस को भी रोकना पड़ा, और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने कोच की जाँच कर आवश्यक सुधार कार्य किया। आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही घटना की वजह माना जा रहा है। इस समय रहते हुई सतर्कता ने एक बड़े हादसे को तो टाल दिया, लेकिन रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं।1