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Rajesh mandal
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- Post by Rajesh mandal1
- गया शहर के नगर निगम गयाजी अंतर्गत वार्ड संख्या 34 के ग्वाल बिगहा पुलिस लाइन रोड में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (NIMA) के तत्वावधान में डाबर इंडिया द्वारा एक निःशुल्क चिकित्सा, परामर्श एवं जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ वार्ड संख्या 34 की पार्षद शीला देवी एवं महिला अध्यक्ष ज्योति दांगी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर डॉ. चंद्रा तारा यादव और सुषमा कुमारी को अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ सैकड़ों लोगों ने उठाया, जिन्होंने चिकित्सा, परामर्श और जाँच सेवाओं का फायदा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. प्रेमलता, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. बादल कुमार माथुर, डॉ. कृष्ण प्रकाश, डॉ. जेड खान, दंत चिकित्सक अभिषेक मृणाल, माइक्रो डायग्नोस्टिक के गुंजन कुमार, सर्वदर्शन पांडेय, रुपेश कुमार, आशुतोष सिंह और डाबर इंडिया के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- पटना के एसएसपी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक अपराधी के घर पर छापेमारी के दौरान हुई, जहाँ एसएसपी को स्वयं तलाशी देनी पड़ी, जो भारी पड़ गया। छापेमारी के समय परिजनों ने विरोध किया और इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो गया। इस पूरी घटना के बाद पुलिस पर अपराधियों के सामने झुकने का आरोप लगा है, जिससे आम जनता के बीच उसकी छवि धूमिल हुई। इसी गंभीर मामले में पटना के एसएसपी ने दोनों थानाध्यक्षों को निलंबित करने का यह बड़ा कदम उठाया है।1
- स्वच्छ फल्गु, स्वच्छ गयाजी अभियान के बैनर तले आठवें रविवार को महादेव घाट पर एक जनजागरण अभियान चलाया गया। इस पहल का उद्देश्य जनता में जागरूकता फैलाना था।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में 23 मई 2026 को गया कॉलेज, गया में छात्र-छात्राओं ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। यह आक्रोश छात्रा नैना के साथ हुई एक घटना को लेकर था, जिसके विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और सैकड़ों छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान परिसर में "नैना न्याय दो", "छात्रा सम्मान से समझौता नहीं चलेगा" और "दोषियों पर कार्रवाई करो" जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित छात्रा को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर मामले को दबाने और लीपापोती करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। जीबीएम कॉलेज अध्यक्ष वैष्णवी कुमारी ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मसम्मान से किसी भी तरह के समझौते को अस्वीकार्य बताया, साथ ही चेतावनी दी कि यदि कॉलेज प्रशासन ने तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो छात्र शक्ति सड़क से लेकर विश्वविद्यालय तक उग्र आंदोलन करेगी। वहीं, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि छात्र हितों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन एबीवीपी अन्याय और अत्याचार के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन एबीवीपी कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अडिग रहे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। इस दौरान छात्र नेताओं और कर्मचारियों के बीच झड़प भी हुई, जिसके बाद डीएसपी मौके पर पहुंचे और छात्र नेताओं को समझाकर शांत कराया। लगातार बढ़ते छात्र आक्रोश और आंदोलन के दबाव के बाद गया कॉलेज प्रशासन को एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता करनी पड़ी। वार्ता के उपरांत कॉलेज प्रशासन द्वारा एक लिखित आश्वासन जारी किया गया, जिसमें एबीवीपी की प्रमुख मांगों को स्वीकार किया गया। इन आश्वासनों में घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराना, जांच में दोषी पाए गए किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल सख्त प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना, पीड़ित छात्रा के समुचित उपचार का संपूर्ण खर्च महाविद्यालय प्रशासन द्वारा वहन करना, महाविद्यालय परिसर एवं परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना, तथा आगामी सभी परीक्षाओं में बिहार परीक्षा अधिनियम-1981 एवं मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करना शामिल था। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले में किसी प्रकार की लापरवाही या लीपापोती नहीं की जाएगी और सभी बिंदुओं पर गंभीरता से अमल किया जाएगा। एबीवीपी गया महानगर ने स्पष्ट कहा है कि परिषद प्रशासन के हर कदम पर नजर रखेगी और यदि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई, पक्षपात या लीपापोती की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- गया जिले के गुरुआ हाई स्कूल मैदान में चल रहे ग्राम रक्षादल प्रशिक्षण का 24वां दिन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। प्रखंड अध्यक्ष कमलेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक जागरूकता से संबंधित विशेष शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि ट्रेनर मनीष कुमार के नेतृत्व में सभी प्रशिक्षु गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। ग्राम रक्षादल के सदस्यों ने क्षेत्र को शराब मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने और लोगों को शराब के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का भी संकल्प लिया। प्रशिक्षण के दौरान सहयोगी सुभाष कुमार, पप्पू कुमार, रमेश कुमार समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे। प्रखंड अध्यक्ष ने सरकार से यह मांग भी की है कि प्रशिक्षित ग्राम रक्षादल सदस्यों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा और जनजागरूकता का कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।2
- सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिस पर एक गैंगस्टर के सामने समर्पण करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सम्राट चौधरी की पुलिस एक गैंगस्टर के सामने कमजोर क्यों पड़ गई। यह मुद्दा प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।1
- कृपया पूरी खबर/टेक्स्ट भेज दीजिए। आपने सिर्फ “▪️पटना से बड़ी खबर” लिखा है — मैं उसे संक्षेप, हेडलाइन, सोशल मीडिया पोस्ट1