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ब्यावर में धूमधाम से मनाई गई डॉ. अम्बेडकर जयंती, प्रतिभा सम्मान समारोह में दिखी प्रतिभाओं की झलक! 14 अप्रैल 2026 को ब्यावर में 'अम्बेडकर वाल्मीकि विकास संघ' की ओर से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेहरू नगर स्थित शिव मंदिर चौराहा पर आयोजित इस समारोह में समाज की उभरती प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। ​इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। ​इस वीडियो में देखें कार्यक्रम की खास झलकियाँ और प्रतिभा सम्मान समारोह के यादगार पल। ​स्थान: शिव मंदिर चौराहा, नेहरू नगर, न्यू कॉलोनी, कॉलेज रोड, ब्यावर। आयोजक: अम्बेडकर वाल्मीकि विकास संघ, ब्यावर। ​#AmbedkarJayanti2026 #BeawarNews #PratibhaSamman #BabasahebAmbedkar #BeawarEvents #SocialAwareness #AmbedkarJayanti #RajasthanNews #SammanSamaroh

2 hrs ago
user_Vijay mehraniya
Vijay mehraniya
Media Consultant ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
2 hrs ago

ब्यावर में धूमधाम से मनाई गई डॉ. अम्बेडकर जयंती, प्रतिभा सम्मान समारोह में दिखी प्रतिभाओं की झलक! 14 अप्रैल 2026 को ब्यावर में 'अम्बेडकर वाल्मीकि विकास संघ' की ओर से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेहरू नगर स्थित शिव मंदिर चौराहा पर आयोजित इस समारोह में समाज की उभरती प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। ​इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। ​इस वीडियो में देखें कार्यक्रम की खास झलकियाँ और प्रतिभा सम्मान समारोह के यादगार पल। ​स्थान: शिव मंदिर चौराहा, नेहरू नगर, न्यू कॉलोनी, कॉलेज रोड, ब्यावर। आयोजक: अम्बेडकर वाल्मीकि विकास संघ, ब्यावर। ​#AmbedkarJayanti2026 #BeawarNews #PratibhaSamman #BabasahebAmbedkar #BeawarEvents #SocialAwareness #AmbedkarJayanti #RajasthanNews #SammanSamaroh

More news from राजस्थान and nearby areas
  • बीच रास्ते में दगा दे गई रोडवेज की वॉल्वो अजमेर-ब्यावर मार्ग पर सफर कर रहे यात्रियों को आज उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब राजस्थान रोडवेज की एक AC वॉल्वो बस बीच रास्ते में ही जवाब दे गई। ​घटना आज शाम करीब 5:00 बजे की है। बस संख्या RJ14 PD 6703 अजमेर से ब्यावर की ओर जा रही थी, तभी पिपलाज के पास तकनीकी खराबी के कारण बस अचानक रुक गई। तपती गर्मी और उमस के बीच, वॉल्वो का सफर कर रहे यात्रियों को इस खराबी के कारण काफी देर तक सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ा।सवारियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए विभाग ने तत्परता दिखाई और कुछ यात्रियों को पीछे से आ रही रोडवेज की दूसरी बस में शिफ्ट कर ब्यावर के लिए रवाना किया गया। हालांकि, वीआईपी सुविधा के नाम पर वॉल्वो का टिकट लेने वाले यात्रियों में इस अव्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी देखी गई। ​फिलहाल, बस को ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शाम के वक्त हुए इस वाकये ने रोडवेज की मेंटेनेंस व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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    बीच रास्ते में दगा दे गई रोडवेज की वॉल्वो
अजमेर-ब्यावर मार्ग पर सफर कर रहे यात्रियों को आज उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब राजस्थान रोडवेज की एक AC वॉल्वो बस बीच रास्ते में ही जवाब दे गई।
​घटना आज शाम करीब 5:00 बजे की है। बस संख्या RJ14 PD 6703 अजमेर से ब्यावर की ओर जा रही थी, तभी पिपलाज के पास तकनीकी खराबी के कारण बस अचानक रुक गई। तपती गर्मी और उमस के बीच, वॉल्वो का सफर कर रहे यात्रियों को इस खराबी के कारण काफी देर तक सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ा।सवारियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए विभाग ने तत्परता दिखाई और कुछ यात्रियों को पीछे से आ रही रोडवेज की दूसरी बस में शिफ्ट कर ब्यावर के लिए रवाना किया गया। हालांकि, वीआईपी सुविधा के नाम पर वॉल्वो का टिकट लेने वाले यात्रियों में इस अव्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी देखी गई।
​फिलहाल, बस को ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शाम के वक्त हुए इस वाकये ने रोडवेज की मेंटेनेंस व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
    user_Super News
    Super News
    Media company ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी अम्बेडकर जयंती पर रायपुर में रक्तदान शिविर, DYSP की विशेष उपस्थिति रायपुर में भारत रत्न डॉ.भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर सेवा भारती रायपुर के तत्वावधान में उपजिला चिकित्सालय रायपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस उप अधीक्षक (DYSP) बंशीलाल पाण्डर ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और मानव सेवा ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। पुलिस उप अधीक्षक ने सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए युवाओं से अधिक से अधिक रक्तदान करने का आह्वान किया। रक्तदान शिविर में चिकित्सालय स्टाफ, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं रायपुर के स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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    रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी 
अम्बेडकर जयंती पर रायपुर में रक्तदान शिविर, DYSP की विशेष उपस्थिति
रायपुर में भारत रत्न डॉ.भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर सेवा भारती रायपुर के तत्वावधान में उपजिला चिकित्सालय रायपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में पुलिस उप अधीक्षक (DYSP) बंशीलाल पाण्डर ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और मानव सेवा ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। पुलिस उप अधीक्षक ने सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए युवाओं से अधिक से अधिक रक्तदान करने का आह्वान किया।
रक्तदान शिविर में चिकित्सालय स्टाफ, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं रायपुर के स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान पुलिस दिवस के अवसर पर आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में स्कूली छात्रों को साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई राजस्थान पुलिस दिवस के मौके पर पुलिस विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें स्कूली छात्रों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि किस तरह से ऑनलाइन ठगी, फेक कॉल, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। छात्रों को चाहिए कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी निजी जानकारी और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दे कार्यक्रम में छात्रों को साइबर सुरक्षा के टिप्स भी दिए गए और बताया गया कि किसी भी तरह की ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, साइबर सेल द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। पुलिस विभाग के इस प्रयास का उद्देश्य युवाओं को जागरूक बनाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना है, ताकि वे सुरक्षित डिजिटल माहौल में अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियां कर सकें।
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    राजस्थान पुलिस दिवस के अवसर पर आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में स्कूली छात्रों को साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई
राजस्थान पुलिस दिवस के मौके पर पुलिस विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें स्कूली छात्रों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि किस तरह से ऑनलाइन ठगी, फेक कॉल, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। छात्रों को चाहिए कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी निजी जानकारी और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दे कार्यक्रम में छात्रों को साइबर सुरक्षा के टिप्स भी दिए गए और बताया गया कि किसी भी तरह की ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, साइबर सेल द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। पुलिस विभाग के इस प्रयास का उद्देश्य युवाओं को जागरूक बनाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना है, ताकि वे सुरक्षित डिजिटल माहौल में अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियां कर सकें।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    35 min ago
  • Post by Ravi Sharma Achary
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    Post by Ravi Sharma Achary
    user_Ravi Sharma Achary
    Ravi Sharma Achary
    Digital Marketing Specialist Bhinay, Ajmer•
    3 hrs ago
  • नसीराबाद में गूंजा बाबा साहेब का जयघोष, महावीर कॉलोनी में जयंती बनी मिसाल
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    नसीराबाद में गूंजा बाबा साहेब का जयघोष, महावीर कॉलोनी में जयंती बनी मिसाल
    user_Dilip sen
    Dilip sen
    नसीराबाद, अजमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Kailash Fulwari
    1
    Post by Kailash Fulwari
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • ब्यावर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 25 लाख की चोरी का आरोपी गिरफ्तार | Beawar News ​विवरण: ब्यावर पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला 'शेरा की बावड़ी' (दलवाड़ा) का है, जहाँ अज्ञात चोरों द्वारा करीब 25 लाख रुपये के जेवरात और नकदी की चोरी की गई थी। ​पुलिस अधीक्षक (ब्यावर) की देखरेख में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले को सुलझाया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित के परिवार से परिचित और फोटोग्राफी का काम करने वाला ही निकला।
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    ब्यावर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 25 लाख की चोरी का आरोपी गिरफ्तार | Beawar News
​विवरण:
ब्यावर पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला 'शेरा की बावड़ी' (दलवाड़ा) का है, जहाँ अज्ञात चोरों द्वारा करीब 25 लाख रुपये के जेवरात और नकदी की चोरी की गई थी।
​पुलिस अधीक्षक (ब्यावर) की देखरेख में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले को सुलझाया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित के परिवार से परिचित और फोटोग्राफी का काम करने वाला ही निकला।
    user_Vijay mehraniya
    Vijay mehraniya
    Media Consultant ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी अम्बेडकर जयंती पर रायपुर में रक्तदान शिविर, ब्यावर टीम का विशेष सहयोग रायपुर में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर सेवा भारती रायपुर के तत्वावधान में उपजिला चिकित्सालय रायपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ब्यावर से आई“रक्तदान” टीम का विशेष सहयोग रहा। टीम में डॉ. करण , डॉ. मेगांश , दिनेश कुमार भाटी, डूंगाराम बागड़ी (बर), हरीश गहलोत, अरविंद सिंह, सुनील गंदेल, सुनील चौधरी, नरेंद्र सिंह एवं सु मनीषा ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने रक्तदान करवाने के साथ स्वयं भी सेवा कार्य में योगदान दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब के “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के संदेश को आत्मसात करते हुए रक्तदान जैसा पुनीत कार्य ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। शिविर में स्थानीय नागरिकों एवं अस्पताल स्टाफ ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानव सेवा के इस अभियान को सफल बनाया।
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    रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी 
अम्बेडकर जयंती पर रायपुर में रक्तदान शिविर, ब्यावर टीम का विशेष सहयोग
रायपुर में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर सेवा भारती रायपुर के तत्वावधान में उपजिला चिकित्सालय रायपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में ब्यावर से आई“रक्तदान” टीम का विशेष सहयोग रहा। टीम में डॉ. करण , डॉ. मेगांश , दिनेश कुमार भाटी, डूंगाराम बागड़ी (बर), हरीश गहलोत, अरविंद सिंह, सुनील गंदेल, सुनील चौधरी, नरेंद्र सिंह एवं सु
मनीषा ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने रक्तदान करवाने के साथ स्वयं भी सेवा कार्य में योगदान दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब के “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के संदेश को आत्मसात करते हुए रक्तदान जैसा पुनीत कार्य ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
शिविर में स्थानीय नागरिकों एवं अस्पताल स्टाफ ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानव सेवा के इस अभियान को सफल बनाया।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Eloctronics and Print Media Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • आनासागर केवल एक झील नहीं अपितु हिंदू विजय का जल स्मारक है : जगदीश राणा* (इतिहास, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का संगम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अजमेर का घोष प्रदर्शन नौका नाद हुआ सम्पन्न) अजमेर शहर की पहचान बनी आनासागर झील एक बार फिर एक विशेष अवसर की साक्षी बनी 14 अप्रैल को राष्ट्रऋषि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अजयमेरू द्वारा “नौका नाद” कार्यक्रम सम्पन्न हुआ इस आयोजन में श्रद्धा, इतिहास और सामाजिक चेतना—तीनों का संतुलित समावेश देखने को मिला।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत के संघचालक जगदीश राणा ने कहा कि महाराजा अर्णोराज ने अरावली की पहाड़ियों के बीच तुर्क सेना को बुरी तरह परास्त किया। इस युद्ध में भारी रक्तपात से लहूलुहान हुई अजमेर की धरती को साफ करने और पवित्र करने के उद्देश्य से महाराजा ने चंद्रा नदी (जिसे लूणी की सहायक माना जाता है) के जल को रोककर वहां एक विशाल जलाशय बनवाया ये वही आना सागर है ये आनासागर केवल एक झील नहीं अपितु हिंदू विजय का जल स्मारक है।अजमेर भारत के प्राचीनतम नगरों में से एक है जिसकी समृद्धि का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है, कि देश की वर्तमान राजधानी नई दिल्ली भी एक समय अजमेर के परमवीर चौहान शासकों के अधीन हुआ करती थी। चंद्रमा की ज्योत्सना में नहाई हुई आनासागर की श्वेत छतरियों की झिलमिल आकृतिया इस झील के निर्माता अर्णोराज और चौहान शासकों की गौरवशाली कहानिया कहती हुई प्रतीत होती है इसी ओर संपूर्ण समाज का ध्यान आकर्षित करता है संघ का यह नौका नाद जो आनासागर की लहरों पर सम्पन्न हुआ है । इस अवसर पर महानगर संघचालक खाजूलाल चौहान ने कहा कि यह आयोजन डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने समरस, न्यायपूर्ण और संगठित समाज का स्वप्न देखा। उनके जीवन का संघर्ष केवल अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि समाज में आत्मसम्मान और समरसता स्थापित करने के लिए था। इसी संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी अपने प्रारंभ से सामाजिक समरसता को अपने कार्य का केंद्र बनाया। इतिहास में ऐसे प्रसंग मिलते हैं जब बाबा साहब संघ के कार्यक्रमों में गए और स्वयंसेवकों के बीच जाति-भेद से परे समरस व्यवहार को देखकर संतोष व्यक्त किया। एक शिक्षा वर्ग के दौरान उन्होंने जब स्वयंसेवकों से उनकी सामाजिक पहचान पूछी, तो यह स्पष्ट हुआ कि वहाँ व्यवहार में कोई भेदभाव नहीं था—यह उनके लिए एक सकारात्मक अनुभव था।महाराष्ट्र की धरती ने दो ऐसे व्यक्तित्व दिए—डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार—जिन्होंने अपने-अपने तरीके से समाज में जागरण का कार्य किया। दोनों के कार्य की पद्धति अलग रही, लेकिन लक्ष्य समान था—एक संगठित, समरस और आत्मगौरव से युक्त समाज। बाबा साहब ने स्पष्ट कहा था कि अस्पृश्यता केवल एक वर्ग के प्रयास से समाप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे समाज की मानसिकता में परिवर्तन आवश्यक है। इसी दिशा में समाज में संघ “हिन्दवः सोदरा सर्वे” के भाव को व्यवहार में उतारने का पिछले 100 सालों से निरंतर कार्य कर रहा है। संघ में घोष के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की घोष परंपरा 1927 से चली आ रही है, जो भारतीय शास्त्रीय रागों और सांस्कृतिक ध्वनियों पर आधारित है। यह केवल वाद्य यंत्रों का संयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, सामूहिकता और राष्ट्रभाव की सजीव अभिव्यक्ति है।नौका नाद कार्यक्रम में संघ के 50 स्वयंसेवक 14 अप्रैल को सायं पांच बजे आनासागर झील के किनारे पुरानी चौपाटी पर अपने वाद्य यंत्रों के साथ एकत्रित हुए सभी स्वयंसेवक झील में चल रहे बेटरी के क्रूज (जहाज) पर सवार हुए । वाद्य यंत्रों के माध्यम से 35 देशभक्ति की धुन शहरवासियों को सुनाई । इनमें शंख, बांसुरी, आनक और प्रणय के साथ नागांग (सैक्सोफोन), स्वरद (कलैरिलेट), गोमुख (यूफोनियम), तुयां (ट्रम्पेट), त्रिभुज और झल्लरी शामिल थे। क्रूज पर सवार सभी स्वयंसेवक पुरानी चौपाटी से शुरू होकर झील के चारों ओर भ्रमण किया। शहरवासी चौपाटी के किनारे खड़े होकर वाद्य यंत्रों की धुन को सुन और सराहा। बाबा साहब अंबेडकर की जयंती पर यह आयोजन यह संदेश देता है कि जब समाज अपने महापुरुषों, अपने इतिहास और अपनी प्रकृति—तीनों के प्रति सजग होता है, तभी एक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
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    आनासागर केवल एक झील नहीं अपितु हिंदू विजय का जल स्मारक है : जगदीश राणा*
(इतिहास, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का संगम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अजमेर का घोष प्रदर्शन नौका नाद हुआ सम्पन्न) अजमेर शहर की पहचान बनी आनासागर झील एक बार फिर एक विशेष अवसर की साक्षी बनी 14 अप्रैल को राष्ट्रऋषि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अजयमेरू द्वारा “नौका नाद” कार्यक्रम सम्पन्न हुआ इस आयोजन में श्रद्धा, इतिहास और सामाजिक चेतना—तीनों का संतुलित समावेश देखने को मिला।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत के संघचालक जगदीश राणा ने कहा कि महाराजा अर्णोराज ने अरावली की पहाड़ियों के बीच तुर्क सेना को बुरी तरह परास्त किया। इस युद्ध में भारी रक्तपात से लहूलुहान हुई अजमेर की धरती को साफ करने और पवित्र करने के उद्देश्य से महाराजा ने चंद्रा नदी (जिसे लूणी की सहायक माना जाता है) के जल को रोककर वहां एक विशाल जलाशय बनवाया ये वही आना सागर है ये आनासागर केवल एक झील नहीं अपितु हिंदू विजय का जल स्मारक है।अजमेर भारत के प्राचीनतम नगरों में से एक है जिसकी समृद्धि का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है, कि देश की वर्तमान राजधानी नई दिल्ली भी एक समय अजमेर के परमवीर चौहान शासकों के अधीन हुआ करती थी। चंद्रमा की ज्योत्सना में नहाई हुई आनासागर की श्वेत छतरियों की झिलमिल आकृतिया  इस झील के निर्माता अर्णोराज और चौहान शासकों की गौरवशाली कहानिया कहती हुई प्रतीत होती है इसी ओर संपूर्ण समाज का ध्यान आकर्षित करता है संघ का यह नौका नाद जो आनासागर की लहरों पर सम्पन्न हुआ है । इस अवसर पर महानगर संघचालक खाजूलाल चौहान ने कहा कि यह आयोजन डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने समरस, न्यायपूर्ण और संगठित समाज का स्वप्न देखा। उनके जीवन का संघर्ष केवल अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि समाज में आत्मसम्मान और समरसता स्थापित करने के लिए था।
इसी संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी अपने प्रारंभ से सामाजिक समरसता को अपने कार्य का केंद्र बनाया। इतिहास में ऐसे प्रसंग मिलते हैं जब बाबा साहब संघ के कार्यक्रमों में गए और स्वयंसेवकों के बीच जाति-भेद से परे समरस व्यवहार को देखकर संतोष व्यक्त किया। एक शिक्षा वर्ग के दौरान उन्होंने जब स्वयंसेवकों से उनकी सामाजिक पहचान पूछी, तो यह स्पष्ट हुआ कि वहाँ व्यवहार में कोई भेदभाव नहीं था—यह उनके लिए एक सकारात्मक अनुभव था।महाराष्ट्र की धरती ने दो ऐसे व्यक्तित्व दिए—डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार—जिन्होंने अपने-अपने तरीके से समाज में जागरण का कार्य किया। दोनों के कार्य की पद्धति अलग रही, लेकिन लक्ष्य समान था—एक संगठित, समरस और आत्मगौरव से युक्त समाज। बाबा साहब ने स्पष्ट कहा था कि अस्पृश्यता केवल एक वर्ग के प्रयास से समाप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे समाज की मानसिकता में परिवर्तन आवश्यक है। इसी दिशा में समाज में संघ “हिन्दवः सोदरा सर्वे” के भाव को व्यवहार में उतारने का पिछले 100 सालों से निरंतर कार्य कर रहा है।
संघ में घोष के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की घोष परंपरा 1927 से चली आ रही है, जो भारतीय शास्त्रीय रागों और सांस्कृतिक ध्वनियों पर आधारित है। यह केवल वाद्य यंत्रों का संयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, सामूहिकता और राष्ट्रभाव की सजीव अभिव्यक्ति है।नौका नाद कार्यक्रम में 
संघ के 50 स्वयंसेवक 14  अप्रैल को सायं पांच बजे आनासागर झील के किनारे पुरानी चौपाटी पर अपने वाद्य यंत्रों के साथ एकत्रित हुए सभी स्वयंसेवक झील में चल रहे बेटरी के क्रूज (जहाज) पर सवार हुए । वाद्य यंत्रों के माध्यम से 35 देशभक्ति की धुन शहरवासियों को सुनाई । इनमें शंख, बांसुरी, आनक और प्रणय के साथ नागांग (सैक्सोफोन), स्वरद (कलैरिलेट), गोमुख (यूफोनियम),  तुयां (ट्रम्पेट), त्रिभुज और झल्लरी शामिल थे। क्रूज पर सवार सभी स्वयंसेवक पुरानी चौपाटी से शुरू होकर झील के चारों ओर भ्रमण किया। शहरवासी चौपाटी के किनारे खड़े होकर वाद्य यंत्रों की धुन को सुन और सराहा।
बाबा साहब अंबेडकर की जयंती पर यह आयोजन यह संदेश देता है कि जब समाज अपने महापुरुषों, अपने इतिहास और अपनी प्रकृति—तीनों के प्रति सजग होता है, तभी एक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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