मंडीदीप के राहुल नगर में 18 सितंबर 2026 को अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर स्थानीय आदिवासी गोंड समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति के इन महानायकों को नमन करते हुए उनके बलिदान की गाथा को याद किया गया। इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रायसेन जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ छोटे लाल उइके, भोपाल जिला महासचिव मोहन लाल पन्द्रो, भोपाल कार्यवाहक अध्यक्ष, जय कुमार वरकड़े, भोपाल जिला सन्तोष पोर्ते जिला महामंत्री प्रदेश कार्यालय प्रभारी बंटी धुर्वे,जिला भोपाल , प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। राजा शंकर शाह गोंडवाना साम्राज्य के शासक थे और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में अंग्रेजों ने दोनों को तोप के मुहाने से बांधकर शहीद कर दिया था, जिसे आज भी स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी प्रतिरोध के इतिहास में खास जगह मिली है। मंडीदीप के राहुल नगर में गोंड समाज के लोगों ने इसी ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंडीदीप के राहुल नगर में 18 सितंबर 2026 को अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर स्थानीय आदिवासी गोंड समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति के इन महानायकों को नमन करते हुए उनके बलिदान की गाथा को याद किया गया। इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रायसेन जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ छोटे लाल उइके, भोपाल जिला महासचिव मोहन लाल पन्द्रो, भोपाल कार्यवाहक अध्यक्ष, जय कुमार वरकड़े, भोपाल जिला सन्तोष पोर्ते जिला महामंत्री प्रदेश कार्यालय प्रभारी बंटी धुर्वे,जिला भोपाल , प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। राजा शंकर शाह गोंडवाना साम्राज्य के शासक थे और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में अंग्रेजों ने दोनों को तोप के मुहाने से बांधकर शहीद कर दिया था, जिसे आज भी स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी प्रतिरोध के इतिहास में खास जगह मिली है। मंडीदीप के राहुल नगर में गोंड समाज के लोगों ने इसी ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंडीदीप के राहुल नगर में 18 सितंबर 2026 को अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर स्थानीय आदिवासी गोंड समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति के इन महानायकों को नमन करते हुए उनके बलिदान की गाथा को याद किया गया। इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रायसेन जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ छोटे लाल उइके, भोपाल जिला महासचिव मोहन लाल पन्द्रो, भोपाल कार्यवाहक अध्यक्ष, जय कुमार वरकड़े, भोपाल जिला सन्तोष पोर्ते जिला महामंत्री प्रदेश कार्यालय प्रभारी बंटी
धुर्वे,जिला भोपाल , प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। राजा शंकर शाह गोंडवाना साम्राज्य के शासक थे और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में अंग्रेजों ने दोनों को तोप के मुहाने से बांधकर शहीद कर दिया था, जिसे आज भी स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी प्रतिरोध के इतिहास में खास जगह मिली है। मंडीदीप के राहुल नगर में गोंड समाज के लोगों ने इसी ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंडीदीप
के राहुल नगर में 18 सितंबर 2026 को अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर स्थानीय आदिवासी गोंड समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति के इन महानायकों को नमन करते हुए उनके बलिदान की गाथा को याद किया गया। इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रायसेन जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ छोटे लाल उइके, भोपाल जिला महासचिव मोहन लाल पन्द्रो, भोपाल कार्यवाहक अध्यक्ष, जय कुमार वरकड़े, भोपाल जिला सन्तोष पोर्ते जिला महामंत्री प्रदेश कार्यालय प्रभारी बंटी धुर्वे,जिला
भोपाल , प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। राजा शंकर शाह गोंडवाना साम्राज्य के शासक थे और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में अंग्रेजों ने दोनों को तोप के मुहाने से बांधकर शहीद कर दिया था, जिसे आज भी स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी प्रतिरोध के इतिहास में खास जगह मिली है। मंडीदीप के राहुल नगर में गोंड समाज के लोगों ने इसी ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मंडीदीप के राहुल नगर में 18 सितंबर 2026 को अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर स्थानीय आदिवासी गोंड समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति के इन महानायकों को नमन करते हुए उनके बलिदान की गाथा को याद किया गया। इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रायसेन जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ छोटे लाल उइके, भोपाल जिला महासचिव मोहन लाल पन्द्रो, भोपाल कार्यवाहक अध्यक्ष, जय कुमार वरकड़े, भोपाल जिला सन्तोष पोर्ते जिला महामंत्री प्रदेश कार्यालय प्रभारी बंटी धुर्वे,जिला भोपाल , प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। राजा शंकर शाह गोंडवाना साम्राज्य के शासक थे और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में अंग्रेजों ने दोनों को तोप के मुहाने से बांधकर शहीद कर दिया था, जिसे आज भी स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी प्रतिरोध के इतिहास में खास जगह मिली है। मंडीदीप के राहुल नगर में गोंड समाज के लोगों ने इसी ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंडीदीप के राहुल नगर में 18 सितंबर 2026 को अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर स्थानीय आदिवासी गोंड समाज द्वारा एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति के इन महानायकों को नमन करते हुए उनके बलिदान की गाथा को याद किया गया। इस अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रायसेन जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ छोटे लाल उइके, भोपाल जिला महासचिव मोहन लाल पन्द्रो, भोपाल कार्यवाहक अध्यक्ष, जय कुमार वरकड़े, भोपाल जिला सन्तोष पोर्ते जिला महामंत्री प्रदेश कार्यालय प्रभारी बंटी धुर्वे,जिला भोपाल , प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महेश्वरी पूरी टीम के साथ शामिल हुए। राजा शंकर शाह गोंडवाना साम्राज्य के शासक थे और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में अंग्रेजों ने दोनों को तोप के मुहाने से बांधकर शहीद कर दिया था, जिसे आज भी स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी प्रतिरोध के इतिहास में खास जगह मिली है। मंडीदीप के राहुल नगर में गोंड समाज के लोगों ने इसी ऐतिहासिक बलिदान दिवस पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।4
- शमशाबाद-बिछिया में गणेश उत्सव की धूम, शिव भक्ति स्वरूप सजी भव्य गणेश प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र शमशाबाद-बिछिया में गणेश उत्सव की धूम, शिव भक्ति स्वरूप सजी भव्य गणेश प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र1
- *सेवा संकल्प अभियान के तहत पीएम श्री कन्या हाई स्कूल में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित* *सेवा संकल्प अभियान के तहत पीएम श्री कन्या हाई स्कूल में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित* रिपोर्टर ओमप्रकाश राठौर बोड़ा पत्रकार बोड़ा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सपनों का भारत–विकसित भारत’ विषय को लेकर पीएम श्री कन्या हाई स्कूल बोड़ा में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, जागरूकता और विकसित भारत की संकल्पना के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय परिवार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम प्रभारी भाजपा मंडल महामंत्री अंकिता राठौर ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों एवं ‘सपनों का भारत–विकसित भारत’ की संकल्पना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति एवं जागरूकता जैसे विषयों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान, स्वस्थ भारत, कचरे से संसाधन, योग एवं ध्यान, प्लास्टिक मुक्ति जागरूकता, नशा मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता, फिट इंडिया एवं खेल तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए। चित्रकला प्रतियोगिता में स्वच्छ भारत विषय पर रेखा जाटव ने प्रथम, नशा मुक्ति विषय पर छोटी ने द्वितीय तथा प्लास्टिक मुक्ति विषय पर मुस्कान मालवीय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में रोशनी मालवीय ने प्रथम, राधा रूहेला ने द्वितीय एवं अर्चना यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में अंकिता राठौर, ओमप्रकाश राठौर, प्राचार्य पीताम्बर कुमार गुदेनिया, रमेशचंद्र यादव, कलीम खान, ओमप्रकाश वर्मा, प्रतियोगिता प्रभारी कौशल्या मेवाड़े, शिवानी शर्मा, स्वर्ण गुदेनिया, पार्वती परिहार एवं रीना यादव सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने चित्रों एवं विचारों के माध्यम से स्वच्छ, स्वस्थ, जागरूक एवं विकसित भारत की परिकल्पना को प्रस्तुत किया।1
- 🚨 भोपाल ब्रेकिंग | मेधावी छात्रों को बड़ी सौगात 🛵 7,400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूटी वितरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों से किया संवाद 🎓 CM बोले—मेहनत और योग्यता के दम पर बच्चे आगे बढ़ें, यही सरकार का उद्देश्य है। 👉 स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने में होगी सुविधा 👉 सरकार के मुताबिक शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन 👉 किताब, ड्रेस और साइकिल जैसी सुविधाओं का भी किया उल्लेख 👉 CM ने कहा—युवा खेती को आधुनिक बनाकर एग्रीकल्चर स्टार्टअप की ओर बढ़ रहे हैं 👉 स्कूल शिक्षा बजट 2002-03 के करीब ₹2,600 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹38 हजार करोड़ होने का दावा 👉 CM के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 16% से घटकर शून्य हुई CM मोहन यादव ने कहा—देश और प्रदेश का भविष्य विद्यार्थियों के हाथों में है। 📍 भोपाल | मुख्यमंत्री स्कूटी योजना #Bhopal #MadhyaPradesh #MohanYadav #BreakingNews #MPNews #ScootyYojana #Students #Education #SABNewsTak1
- इस Video को देखने से पहले तक मैं यही सोच रहा था, राहुल गांधी की "गूंज" इस बार तो पूरी तरह विद्यार्थियों और युवाओं पर केन्द्रित/Focused होगी। लेकिन, जैसे ही मैंने ये Video देखा, १ बार फिर ये सिद्ध हो गया:राहुल गांधी १ Part-time Politician हैं।राहुल गांधी ज़रा भी धीर-गम्भीर राजनेता नहीं हैं।राहुल गांधी को भौण्डे, चूतीये, बेहूदा, वाहियात, गालीबाज़ ही पसन्द हैं।राहुल गांधी केवल और केवल नेता प्रतिपक्ष जैसे अति महत्वपूर्ण पद के मज़े लूट रहे हैं।औरराहुल गांधी को विद्यार्थियों और युवाओं की बेहद गम्भीर समस्याओं से कोई सरोकार नहीं, उनकी "गूंज" राहुल गांधी को बिल्कुल सुनाई नहीं देती, उन्हें केवल अपना उल्लू सीधा करना है, Timepass करना है। इस Video को देखने से पहले तक मैं यही सोच रहा था, राहुल गांधी की "गूंज" इस बार तो पूरी तरह विद्यार्थियों और युवाओं पर केन्द्रित/Focused होगी। लेकिन, जैसे ही मैंने ये Video देखा, १ बार फिर ये सिद्ध हो गया:राहुल गांधी १ Part-time Politician हैं।राहुल गांधी ज़रा भी धीर-गम्भीर राजनेता नहीं हैं।राहुल गांधी को भौण्डे, चूतीये, बेहूदा, वाहियात, गालीबाज़ ही पसन्द हैं।राहुल गांधी केवल और केवल नेता प्रतिपक्ष जैसे अति महत्वपूर्ण पद के मज़े लूट रहे हैं।औरराहुल गांधी को विद्यार्थियों और युवाओं की बेहद गम्भीर समस्याओं से कोई सरोकार नहीं, उनकी "गूंज" राहुल गांधी को बिल्कुल सुनाई नहीं देती, उन्हें केवल अपना उल्लू सीधा करना है, Timepass करना है।1
- नरेंद्र मोदी जी की foreign policy , 😄 , फैज़ान खान फैंस क्लब उत्तर विधानसभा भोपाल मप्र1
- शमशाबाद में गूंजी ‘छात्रों की गूंज’, एलईडी पर राहुल गांधी का लाइव कार्यक्रम शमशाबाद में गूंजी ‘छात्रों की गूंज’, एलईडी पर राहुल गांधी का लाइव कार्यक्रम1
- 12 नवंबर 2025 की शाम, ग्रेटर नोएडा की लुकसर जेल से सुरेंद्र कोली बाहर निकला। निठारी कांड में 19 बच्चों के दुष्कर्म-हत्या के आरोप में 18 साल से जेल काटने के बाद कोली को सुप्रीम कोर्ट ने दुर्लभ फैसले में बरी कर दिया था। आखिर जेल से बाहर 10 महीनों में ऐसा क्या हुआ कि सुरेंद्र कोली ने जीनव समाप्त कर ली, क्या था निठारी कांड, जिसमें 3 बार कोली को फांसी की सजा सुनाई गई थी और तब वो कैसे बचा था; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... 12 नवंबर 2025 की शाम, ग्रेटर नोएडा की लुकसर जेल से सुरेंद्र कोली बाहर निकला। निठारी कांड में 19 बच्चों के दुष्कर्म-हत्या के आरोप में 18 साल से जेल काटने के बाद कोली को सुप्रीम कोर्ट ने दुर्लभ फैसले में बरी कर दिया था। आखिर जेल से बाहर 10 महीनों में ऐसा क्या हुआ कि सुरेंद्र कोली ने जीनव समाप्त कर ली, क्या था निठारी कांड, जिसमें 3 बार कोली को फांसी की सजा सुनाई गई थी और तब वो कैसे बचा था; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में...1