ग्राफिक एरा हॉस्पिटल पर गंभीर सवाल मरीज की मौत के बाद भी इलाज जारीरखने का आरोप परिजनों में आक्रोश (उत्तराखंड बोल रहा है) देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित ग्राफिक ऐरा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। आरोप है कि एक मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज जारी रखा गया। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी। उनका आरोप है कि मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इलाज जारी दिखाकर बिल बढ़ाया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। “फिल्म जैसा सीन, लेकिन हकीकत में दर्द” स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना एक फिल्म से की हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन आंतरिक जांच की बात कर रहा है। जांच की मांग तेज परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल चिकित्सकीय नैतिकता पर सवाल है, बल्कि मरीजों के विश्वास पर भी बड़ा आघात है।
ग्राफिक एरा हॉस्पिटल पर गंभीर सवाल मरीज की मौत के बाद भी इलाज जारीरखने का आरोप परिजनों में आक्रोश (उत्तराखंड बोल रहा है) देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित ग्राफिक ऐरा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गया है। आरोप है कि एक मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज जारी रखा गया। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी। उनका आरोप है कि मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इलाज जारी दिखाकर बिल बढ़ाया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। “फिल्म जैसा सीन, लेकिन हकीकत में दर्द” स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना एक फिल्म से की हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन आंतरिक जांच की बात कर रहा है। जांच की मांग तेज परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल चिकित्सकीय नैतिकता पर सवाल है, बल्कि मरीजों के विश्वास पर भी बड़ा आघात है।
- देहरादून 5500 रुपए का चालान कर भविष्य के लिए दी गई सभी को चेतावनी ज्वालापुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार द्वारा सार्वजनिक स्थानों व होटल ढाबों में शराब पीकर हुडदंग मचाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। आज कोतवाली ज्वालापुर पुलिस द्वारा प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में अलग अलग टीमें बनाकर सार्वजनिक स्थानों/सब्जी मंडी, गंग नहर पटरी व सडक किनारे शराब पीकर हुडदंग मचाने वाले 22 व्यक्तियों को पकड़ कर उनके विरूद्द 81 पुलिस एक्ट के अन्तर्गत चालानी कार्रवाई कर रूपए 5500/- संयोजन शुल्क वसूल किया गया सभी लोगो को भविष्य के लिए भी चेतावनी दी गई है कि कोई भी सार्वजनकि स्थान पर न तो शराब पिलायेग न शराब पियेगा। पुलिस टीम द्वारा उक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- कभी भी सफाई नहीं होती है सीएम पोर्टल पर नगर निगम पर अधिक से अधिक कंप्लेंट कर चुके हैं कोई कार्रवाई नहीं करी जाती है मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से निवेदन है अनुरोध है इस पर कड़े से कड़ा संज्ञान ने की सीएम पोर्टल पर जो कंप्लेंट करी जाती हैं वह सीरियस क्यों नहीं ली जाती है उनके संज्ञान क्यों नहीं लिया जाता है1
- Post by Rishabh Nayar1
- डोईवाला के औद्योगिक क्षेत्र लाल तप्पड़ की यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ फैक्ट्री के तमाम श्रमिक अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत है। लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई कारवाई शासन प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन ने नहीं की जिससे श्रमिकों में भारी नाराजगी है।1
- yamuna nagar के फिल्म सिटी के डायरेक्टर लवली सिंह के द्वारा नया गाना बहुत ही जल्दी रिलीज होने जा रहा है1
- सहारनपुर। जिलाधिकारी सहारनपुर मनीष बंसल के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मौहम्मद इकबाल उर्फ बाल्ला की अवैध धन से अर्जित की गई अरबों रूपए मूल्य की 56 सम्पत्तियों को कुर्क किया गया है। जिलाधिकारी बंसल ने अपने आदेश में बताया की मौहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला पुत्र अब्दुल वहीद, मौहम्मद जावेद, मौहम्मद वाजिद, अलीशान, अफजाल पुत्रगण मौहम्मद इकबाल उर्फ बाल्ला निवासीगण मिर्जापुर पोल थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर व इकबाल के नौकर, सह अभियुक्त नसीम पुत्र अब्दुल गफूर एवं राव लईक पुत्र सईद अहमद निवासी ग्राम रायपुर थाना मिर्जापुर एक गिरोहबन्द व्यक्ति हैं। जिनके विरूद्ध थाना मिर्जापुर पर मु०अ०सं० 83ध्2022 धारा 2 व 3 गैंगस्टर अधिनियम पंजीकृत हुआ है। गैंग लीडर मौहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला द्वारा अपने गैंग सदस्यों मौहम्मद जावेद, मौहम्मद वाजिद, अलीशान, अफजाल पुत्रगण मौहम्मद इकबाल उर्फ बाल्ला निवासीगण मिर्जापुर पोल थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर तथा इकबाल के नौकर सहअभियुक्त नसीम पुत्र अब्दुल गफूर निवासी ग्राम मिर्जापुर पोल तथा अपने आश्रित पुत्र, पुत्री, पत्नी व विभिन्न कम्पनियों, सहयोगियों एवं रिश्तेदारो के नाम से गिरोहबन्द होकर अपराधिक क्रियाक्लाप कारित कर वन क्षेत्र से खैर आदि लकड़ी की चोरी, तस्करी, अवैध खनन इत्यादि के अपराधों में लिप्त रहने के दौरान धनबल के प्रभाव से लोगों को डरा धमकाकर धोखघडी करके सरकारी व गैर सरकारी जमीनें क्रय व कब्जा कर अवैध धन अर्जित किया गया है। जिससे उक्त अभियुक्त द्वारा अवैध रूप से सम्पत्ति (जमीन वर्तमान बाजारू कीमत 2,75,97,00,000-00 रूपये) अर्जित की गयी है। गैंग लीडर मौहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला के विरूद्ध जनपद व गैर जनपद व गैर राज्य के विभिन्न थानों में लगभग 50 मुकदमें, अभियोग हुए है। न्यायालय जिला मजिस्ट्रेट सहारनपुर द्वारा गैंग लीडर मौहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला की अवैध धन से अर्जित की गयी 56 संम्पत्तियों को उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 14 (1) के अर्गत कुर्क करते हुए तहसीलदार, बेहट (सहारनपुर) को प्रशासक नियुक्त किया गया है। उन्होंने तहसीलदार बेहट प्रशासक को कुर्क की गयी सम्पत्ति के उचित एवं प्रभावी प्रबन्ध के लिए निर्देशित किया है। वीडियो: जानकारी देते हुए जिलाधिकारी1
- यमुना नगर मे किसान यूनान वालों ने मोदी ट्रम्प ओर नायब सिंह सैनी के पुतले को लेकर रेली निकाली ओर डीसी ऑफिस के बाहर सड़क पर पुतले को फूंका आइये सुनवाते है क्या मांग है1
- देहरादून में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित राजभवन घेराव कार्यक्रम से पहले शहर में लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग को नगर निगम की टीम ने सुबह होते ही हटा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। निगम का कहना है कि बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर-बैनर हटाने की नियमित कार्रवाई की गई है। वहीं, कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया है।1