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कोरबा जिले के दीपका स्थित नागिन झोरकि क्षेत्र में एक दारू भट्टी (शराब दुकान) खोलने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया है।
Dwarika prasad Yadaw
कोरबा जिले के दीपका स्थित नागिन झोरकि क्षेत्र में एक दारू भट्टी (शराब दुकान) खोलने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया है।
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- कोरबा जिले के दीपका स्थित नागिन झोरकि क्षेत्र में एक दारू भट्टी (शराब दुकान) खोलने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- कोरबा के वार्ड क्रमांक 26 रविशंकर शुक्ल नगर से दादर तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों से धूल, गड्ढों और आवागमन की परेशानियों का सामना कर रही जनता को अब इस नई और बेहतर सड़क से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इस विकास कार्य के लिए नगर निगम, महापौर और वार्ड पार्षद निश्चित रूप से प्रशंसा के पात्र हैं। हालांकि, इस विकास की तस्वीर के साथ एक ऐसा सवाल भी जुड़ा है, जो स्थानीय निवासियों को परेशान कर रहा है। सड़क का निर्माण भले ही चौड़ा और शानदार ढंग से किया जा रहा हो, लेकिन इसके दोनों ओर नाली के निर्माण का कोई भी इंतजाम दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में यह गंभीर चिंता बनी हुई है कि बरसात के मौसम में बारिश का पानी आखिर कहाँ जाएगा और उसकी निकासी की व्यवस्था कैसे होगी।1
- कोरबा में कांग्रेस ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर तीखा हमला किया है। इस संबंध में अपनी बात रखते हुए जयसिंह अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, एक युवक का शव जेल के बाथरूम में फंदे पर लटका हुआ पाया गया है।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों 'भरत भूषण तिवारी' के कथित एनकाउंटर से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि घटना के समय मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों की भारी मौजूदगी के बीच का यह वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से साझा किया जा रहा है। इस वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है, जहाँ घटनास्थल पर मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों को पुलिस से गुहार लगाते हुए साफ तौर पर "गोली मत चलाइए, गोली मत चलाइए" कहते हुए सुना जा सकता है। इस आवाज के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना और एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठने शुरू हो गए हैं, जिस पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की पूरी सच्चाई को लेकर फिलहाल आधिकारिक बयानों का इंतजार किया जा रहा है।1
- बिलासपुर में 19 जून 2026 को तहफ़्फ़ुज़-ए-नामूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRAT) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में मंत्रोच्चार और अन्य धार्मिक गतिविधियों से संबंधित निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने इस मामले के संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं की गहराई से समीक्षा की, जिसके बाद संगठन ने आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी पर गंभीरता से विचार किया। यह बैठक वरिष्ठ अधिवक्ता और लीगल एडवायज़र सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आमिर रज़वी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में जिला अध्यक्ष शफीक अहमद, जिला संगठन मंत्री इमरान अली और जिला मीडिया प्रभारी शेख सरफराज अहमद सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य किसी विशेष धर्म या धार्मिक परंपरा का विरोध करना नहीं है, बल्कि TNRAT का लक्ष्य सभी विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों, उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और सभी को समान अवसर मिलने को सुनिश्चित करना है।1
- बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से भीषण पेयजल संकट गहराया हुआ है, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी मशक्कत कर रहे हैं। क्षेत्र में उपलब्ध चार से पांच बोरवेल भी पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल साबित हो रहे हैं, जिससे वार्डवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह समस्या दीपावली के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। कई मोहल्लों में सुबह से ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जहाँ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक बर्तन, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी भरने का इंतजार करते नजर आते हैं; यहाँ तक कि कई परिवारों के निजी बोरवेल और मर्सिबल पंप भी अब पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। वार्डवासियों का आरोप है कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए गए होते तो आज क्षेत्र को इस गंभीर संकट का सामना नहीं करना पड़ता। इस बीच, वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार कर रहे हैं, हालांकि बढ़ती आबादी और निरंतर बने संकट के बीच यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है, जिसे नागरिक केवल अस्थायी राहत मानते हैं। क्षेत्र में एक और गंभीर चिंता का विषय पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति है, जो कई स्थानों पर नालियों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी के मिश्रण की आशंका बनी रहती है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोगों में स्वास्थ्य को लेकर भय का माहौल है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल संकट को आपात स्थिति मानते हुए तत्काल विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने खराब पाइपलाइनों की मरम्मत, नए जल स्रोतों के विकास, बोरवेलों की क्षमता वृद्धि और नियमित व स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की अपील की है, यह कहते हुए कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला समाधान चाहिए।4
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा के लोग 1000 रुपये देते हैं, लेकिन बदले में 4000 रुपये वसूल रहे हैं।1