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कटनी नगर//- बहन की विदाई का वह भावुक पल हर किसी की आँखें नम कर देता है, जब छोटा भाई उसका हाथ पकड़कर रोते हुए कहता है कि अब उसे स्कूल के लिए कौन तैयार करेगा, क्योंकि बचपन से वही उसकी मां जैसी रही है। इस मासूम सवाल में सिर्फ एक भाई का दर्द नहीं, बल्कि उस गहरे रिश्ते की झलक है जो भरोसे, स्नेह और अपनापन पर टिका होता है। ऐसे समय में दूल्हे का आगे बढ़कर यह कहना कि आज से यह जिम्मेदारी उसकी है, बड़े दिल और संवेदनशील सोच का परिचय देता है। यह कहानी परिवार, सम्मान और जिम्मेदारी के मूल्यों को दर्शाती है, जो समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। ताकि किसी भी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और प्लेटफॉर्म पर स्वस्थ माहौल बना रहे। #BrotherSisterLove #EmotionalMoment #FamilyBond #IndianWedding #Inspiration #Respect #PositiveVibes
आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
कटनी नगर//- बहन की विदाई का वह भावुक पल हर किसी की आँखें नम कर देता है, जब छोटा भाई उसका हाथ पकड़कर रोते हुए कहता है कि अब उसे स्कूल के लिए कौन तैयार करेगा, क्योंकि बचपन से वही उसकी मां जैसी रही है। इस मासूम सवाल में सिर्फ एक भाई का दर्द नहीं, बल्कि उस गहरे रिश्ते की झलक है जो भरोसे, स्नेह और अपनापन पर टिका होता है। ऐसे समय में दूल्हे का आगे बढ़कर यह कहना कि आज से यह जिम्मेदारी उसकी है, बड़े दिल और संवेदनशील सोच का परिचय देता है। यह कहानी परिवार, सम्मान और जिम्मेदारी के मूल्यों को दर्शाती है, जो समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। ताकि किसी भी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और प्लेटफॉर्म पर स्वस्थ माहौल बना रहे। #BrotherSisterLove #EmotionalMoment #FamilyBond #IndianWedding #Inspiration #Respect #PositiveVibes
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- कटनी में अवैध शराब के खिलाफ उबाल: सैकड़ों ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. के. खान के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन कटनी। जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगरिया (थाना स्लीमनाबाद) में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव में लंबे समय से चल रहे कच्ची और अवैध शराब के धंधे से परेशान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. के. खान के नेतृत्व में बड़ा जनसमूह कलेक्ट्रेट पहुंचा। उनके साथ वरिष्ठ समाजसेवी प्रहलाद सिंह ठाकुर सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि गांव में खुलेआम शराब बनाई और बेची जा रही है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं ने बयां किया दर्द ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब के कारण घर-परिवार की शांति भंग हो रही है, आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में स्पष्ट लिखा गया है कि यदि शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। पुलिस पर लापरवाही के आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस को कई बार सूचना देने के बाद भी कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही। शराब माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं। ज्ञापन में संबंधित आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर जेल भेजने की मांग की गई है। सपा जिलाध्यक्ष का बयान डॉ. के. खान ने कहा कि “यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि समाज को बचाने की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो समाजवादी पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।” प्रहलाद सिंह ठाकुर ने भी कहा कि गांव का भविष्य दांव पर है और अब चुप नहीं बैठा जाएगा। प्रशासन पर टिकी निगाहें अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल गांव के लोगों में कार्रवाई की उम्मीद के साथ-साथ आक्रोश भी साफ दिखाई दे रहा है।4
- कटनी। महाशिवरात्रि पर महाकाल सरकार सेवा समिति का भव्य आयोजन, सैकड़ों भक्तों ने लिया महाप्रसाद1
- कटनी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर… भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई… 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। मामला कटनी जिले का है, जहां जबलपुर लोकायुक्त टीम ने जल संसाधन विभाग में पदस्थ प्रभारी कार्यपालन यंत्री व्ही.ए. सिद्दीकी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, विभाग के एक चौकीदार के एरियर्स भुगतान के एवज में आरोपी अधिकारी ने 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चौकीदार को लगभग 8 लाख रुपए की एरियर्स राशि मिलनी थी। बताया जा रहा है कि भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रभारी कार्यपालन यंत्री ने रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने पर जबलपुर लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और पहली किस्त के तौर पर 20 हजार रुपए लेते समय आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। साफ संदेश है कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। *कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट*1
- थे जनरलिस्ट एसोसिएशन कटनी की जिला इकाई कटनी द्वारा जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सभी सदस्यों को कार्ड वितरण का समारोह वर्ग में स्थित होटल कप में संपन्न हो गया इस मौके पर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा जिले से पधारे पन्ना टाइम्स के संपादक प्रताप सिंह तोमर एवं द जनरल लिस्ट संगठन के प्रदेश सचिव मनोज सिंह परिहार राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री डीडी यादव अन्य गांड मारने नागरिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम की रूपरेखा अनुसार कार्ड वितरण का कार्यक्रम संपन्न हो गया इस मौके पर कटनी जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक मिश्रा ने पत्रकारिता क्षेत्र में आ रही मुश्किल अरचनों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकार बंधुओ से निडर निर्भीक पत्रकारिता करने का आग्रह किया साथी उन्होंने पत्रकारिता के गुण बताते हुए पूरी तैयारी से मैदान में उतरने की बात कही1
- कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बाकल थाना क्षेत्र के ग्राम नैगवा में सोमवार की सुबह उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब एक तेंदुआ ने खेत पर मौजूद किसान पर अचानक हमला कर दिया किसान गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया1
- नमस्कार दोस्तों आप लोगों को वीडियो के माध्यम से मैं यहां कचरा की वीडियो डाल रहा हूं और सभी अधिकारी और कर्मचारियों से निवेदन कर रहा हूं एचडी का किसी दूसरी जगह विस्तार किया जाए और सुरक्षित जगह पर किया जाए जिस जगह पर किसी गरीब आदमी कुछ समस्या ना हो कचरे से गरीबों को कचरे की समस्या से कौन जो सुलझ सकता है सेवा नगर परिषद पवई के अलावा मेरी सभी अधिकारी कर्मचारियों से निवेदन है कि इसका निराकरण जल्द से जल्द किया जाए खुले में कचरा डालेंगे तो उड़कर गरीबों के घर में जाएगा1
- *प्रशासनिक लापरवाही की कीमत चुकाती आस्था देवी मंदिर प्रकरण पर गंभीर सवाल* मैहर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जैन जी द्वारा पूर्व में दिए गए वक्तव्य आज एक बार फिर कसौटी पर खरे उतरते प्रतीत होते हैं। यह प्रकरण दर्शाता है कि किस प्रकार कुछ जिलों में कलेक्टरों के निरंकुश एवं गैर-जवाबदेह व्यवहार के कारण प्रशासन स्वयं सवालों के घेरे में आ जाता है। मैहर के समाजसेवी आनंद कुमार श्रीवास्तव ने पूर्व में माँ शारदा देवी मंदिर के गर्भगृह में अस्त्र-पूजा की घटना को लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि संपूर्ण घटना का ठीकरा केवल पुजारी पर फोड़ देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि— मंदिर के गर्भगृह में कौन पुजारी नियुक्त होगा, वह कौन-सी गतिविधियाँ करेगा, तथा मंदिर व्यवस्था का संचालन कैसे होगा, इन सभी का निर्धारण कलेक्टर स्तर पर किया जाना था। यदि प्रशासन ने अपनी मूल जिम्मेदारियों का विधिवत निर्वहन किया होता, तो यह घटना कतई घटित न होती। ऐसे में केवल पुजारी को दोषी ठहराना कैसे न्यायसंगत माना जा सकता है? इससे भी अधिक गंभीर पहलू यह है कि जब मंदिर परिसर में अस्त्र-शस्त्र पूर्णतः प्रतिबंधित थे, तो उन्हें प्रवेश द्वार अथवा रोपवे परिसर में ही जब्त किया जाना चाहिए था। किंतु ऐसा नहीं किया गया। इसका सीधा अर्थ है कि प्रथमतः जवाबदेही रोपवे व्यवस्था और उसके संचालन तंत्र की बनती है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि आज दिनांक तक रोपवे संचालक को न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही स्पष्टीकरण माँगा गया। यह स्थिति संकेत देती है कि प्रशासनिक तंत्र जवाबदेही की अपेक्षा रसूख और संरक्षण की मानसिकता पर संचालित हो रहा है। समाजसेवी श्रीवास्तव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह स्थिति मैहर के कलेक्टर के लिए कोई नई बात नहीं है— जब राज्य के कानून को व्यक्तिगत आदेशों से नीचे समझा जाने लगे, और प्रशासनिक निर्णय ही “कानून” मान लिए जाएँ, तब ऐसी घटनाएँ असामान्य नहीं रह जातीं। यह प्रकरण केवल एक धार्मिक स्थल की मर्यादा का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही, कानून के समान अनुपालन और संभावित सत्ता-दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर विषय है। अब समय आ गया है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जाँच सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध स्पष्ट एवं दृश्यमान कार्यवाही की जाए—ताकि आस्था और कानून दोनों की गरिमा अक्षुण्ण रह सके1
- कटनी में करप्शन का काला खेल बेनकाब: 20 हजार की गड्डी ने गिराया कार्यपालन यंत्री का रुतबा! कटनी। सरकारी दफ्तर की बंद फाइलों में दबी एक आवाज जब लोकायुक्त तक पहुंची, तो रिश्वत का पूरा खेल बेनकाब हो गया। मध्य प्रदेश लोकायुक्त की जबलपुर टीम ने जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री व्ही.ए. सिद्दीकी को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप कर लिया। एक मामूली चौकीदार की मेहनत की कमाई पर ‘कट’ मांगने का आरोप अब भारी पड़ गया है। 📂 फाइल में फंसे 8 लाख… और शुरू हुआ सौदेबाजी का खेल मामला विभाग के एक चौकीदार के करीब ₹8 लाख के एरियर्स से जुड़ा है। यह राशि माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी की जानी थी, लेकिन फाइल आगे बढ़ाने के बदले कथित तौर पर ₹50,000 की मांग की गई। “पैसे दो, तभी भुगतान होगा” — यही कथित शर्त थी। 🕵️♂️ शिकायत से ट्रैप तक: कैसे बिछा जाल? पीड़ित कर्मचारी ने हिम्मत दिखाई और लोकायुक्त से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन हुआ। रणनीति बनी। नोटों पर विशेष केमिकल लगाया गया। जैसे ही ₹20,000 की पहली किस्त सौंपी गई, टीम ने दबिश देकर अधिकारी को धर दबोचा। हाथ धुलवाते ही घोल गुलाबी हो गया — और रिश्वतखोरी का राज खुल गया। ⚖️ अब क्या होगा? आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दफ्तर में दस्तावेजों की जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। 🔥 विभाग में हड़कंप, कर्मचारियों में खौफ इस कार्रवाई के बाद जल संसाधन विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, कई अन्य फाइलों की भी जांच हो सकती है। जनता में चर्चा है — “अगर हर शिकायत ऐसे ही अंजाम तक पहुंचे, तो सिस्टम की तस्वीर बदल सकती है।” 📢 संदेश साफ है: अब रिश्वत की ‘डील’ नहीं चलेगी… जो मांगेगा ‘रकम’, वो जाएगा ‘अंदर’।4