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प्रेम की सज़ा या सिस्टम की नाकामी? विकास कुमार हत्याकांड में आखिर कब जागेगी पुलिस?
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प्रेम की सज़ा या सिस्टम की नाकामी? विकास कुमार हत्याकांड में आखिर कब जागेगी पुलिस?
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- पूर्व DGP मैथली शरण गुप्त और पूर्व DGP अनिल प्रथम के बीच एक महत्वपूर्ण बातचीत दिल्ली के सिविल लाइंस में आयोजित की गई। इस बातचीत का आयोजन मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनय श्रीवास्तव ने करवाया। इस मुलाकात का उद्देश्य और विषय के बारे में स्रोत में विस्तार से नहीं बताया गया है, इसलिए इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती।1
- पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार में एक व्यक्ति को मोदी को गालियाँ देने के लिए मोटी रकम दी गई थी और उसने यह काम स्वीकार भी कर लिया। लेकिन अब, उसके अपने ही समुदाय ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह घटना यह दर्शाती है कि जब कोई बेईमानी करता है, तो किस्मत उसे यहीं और अभी सबक सिखा देती है। समुदाय का यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बेईमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- दिल्ली के हजारीबाग के वास्तु विहार फेस-3 में एक जमीन विवाद सामने आया है। इस विवाद में रैयत और एक कंपनी आमने-सामने हैं। विवाद की जड़ में जमीन का मालिकाना हक है। रैयत का दावा है कि यह जमीन उनकी है, जबकि कंपनी का कहना है कि जमीन उनके नाम पर है। फिलहाल, इस विवाद का कोई हल नहीं निकला है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर अड़े हुए हैं।1
- नई दिल्ली। नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ पार्षद श्रीमती सत्या शर्मा लगातार दूसरी बार निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। उनके निर्विरोध चुने जाने को भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी जीत पर खुशी जताते हुए इसे निगम में भाजपा की मजबूत स्थिति का प्रमाण बताया। हालिया नामांकन प्रक्रिया में उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके चलते उनका निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हुआ। निर्विरोध चुने जाने के बाद सत्या शर्मा ने सभी पार्षदों और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह सम्मान जिम्मेदारी को और बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है तथा नागरिकों को बेहतर नगर निगम सेवाएं उपलब्ध कराना उनका लक्ष्य रहेगा। उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता है कि हम दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाएंगे। सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, कूड़ा प्रबंधन में सुधार होगा तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।" सत्या शर्मा ने यह भी कहा कि निगम में विकास कार्यों को गति देने के लिए सभी पार्षदों के सहयोग से काम किया जाएगा। उन्होंने पार्कों के सौंदर्यीकरण, सड़कों और नालियों के रखरखाव, स्वच्छता अभियान को मजबूत करने तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने की बात कही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार दूसरी बार निर्विरोध चुना जाना सत्या शर्मा के अनुभव और संगठन में उनके प्रति विश्वास को दर्शाता है। भाजपा नेतृत्व ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में एमसीडी में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और राजधानी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।1
- तेलंगाना के हैदराबाद से बड़ी संख्या में पत्रकार दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे और भारत सरकार से अपनी मुख्य मांगे रखीं। पत्रकारों का यह समूह अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता है। इस समूह में शामिल पत्रकारों ने केंद्र सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगे रखीं, हालांकि स्रोत में यह नहीं बताया गया है कि ये मांगे क्या हैं। पत्रकारों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और उन्होंने अपनी बात रखने के लिए जंतर मंतर को मंच के तौर पर चुना।1
- देश के युवाओं ने एकजुट होकर आवाज़ उठाई और नतीजा यह हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी होगी। इस शनिवार को 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20' आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शामिल होकर आप E20 पर अपनी बात रख सकते हैं। आप इसमें ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। आप सभी का आमंत्रण है। जैसा कि पहले देखा गया, युवाओं की एकजुटता और आवाज़ का असर होता है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इसी का नतीजा है। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें उसी तरह एकजुट होकर आवाज़ उठानी होगी।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद भवन पहुंचे। एनडीए सांसदों ने उनका मकरद्वार पर जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत से यह संकेत मिलता है कि प्रधान का कद और प्रभाव अभी भी बरकरार है। उनका इस्तीफा और फिर संसद में स्वागत, राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।1
- गाजियाबाद के लोनी में एक लो बजट आश्रम है जो सबसे अच्छा माना जाता है। इस आश्रम में अच्छे कमरे, अच्छा भोजन और शुद्ध हवा मिलती है। यह आश्रम उन लोगों के लिए आदर्श है जो कम खर्च में अच्छी सुविधाएं चाहते हैं।1
- रांची के गांधी नगर में जमीन को लेकर जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके पास सभी कानूनी दस्तावेज़ होने के बावजूद उन्हें इंसाफ नहीं मिल रहा है। इस विवाद ने समुदाय में गहरी नाराजगी और निराशा पैदा कर दी है। पीड़ितों का कहना है कि वे दशकों से इस जमीन पर रह रहे हैं और उनके पास सभी आवश्यक कागज़ात हैं जो उनकी मालिकाना हक़ को साबित करते हैं। फिर भी, उन्हें लगता है कि सिस्टम उन्हें नज़रअंदाज़ कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और न्यायपालिका से उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। इस मसले पर स्थानीय नेता भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। कुछ नेताओं ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। इस विवाद का असर समुदाय के सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ा है। लोग आपस में बंटते जा रहे हैं और तनाव बढ़ता जा रहा है। कई परिवारों ने इस डर से अपने घर छोड़ दिए हैं कि उन्हें जबरन निकाला जा सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मसले को कैसे सुलझाता है और क्या पीड़ितों को वाकई न्याय मिल पाएगा।1