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वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।भोर की आरती और सूर्योदय का दिव्य अनुष्ठान रामनगर की रामलीला में राम राज्याभिषेक के समय होने वाली भोर की आरती की एक बेहद विशिष्ट मान्यता है। यह केवल एक सामान्य आरती नहीं है, बल्कि इसे सूर्योदय के समय उग रहे भगवान सूर्य के विशेष अनुष्ठान के रूप में मनाया जाता है। जैसे ही सूर्य की पहली किरण धरती को छूती है, वैसे ही प्रभु राम की दिव्य आरती उतारी जाती है। मान्यता है कि इस भोर की आरती के दर्शन मात्र से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु महीनों पहले से तैयारी करते हैं। सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाबइस ऐतिहासिक महाआरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। काशी के कोने-कोने और दूर-दराज के इलाकों से निकले भक्तों के रेले से देर रात से ही रामनगर की ओर जाने वाले मार्ग पट गए थे। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सभी नंगे पैर पूजा की थाली लिए लीला स्थल की ओर बढ़ते नजर आए। बिना किसी आधुनिक लाउडस्पीकर और कृत्रिम रोशनी के, केवल मशालों और पारंपरिक तरीकों से सजी इस लीला ने हर किसी को त्रेतायुग के दर्शन करा दिए। आज होंगे दुर्लभ दक्षिणमुखी 'काले हनुमान' के दर्शन राजगद्दी के इस पावन अवसर के बाद आज रामनगर किले के भीतर मौजूद दक्षिणमुखी काले हनुमान जी के दर्शन होंगे। साल में केवल एक बार ही इनके कपाट खोले जाते हैं। मान्यता है कि दक्षिणमुखी कालेहनुमान जी की शक्ति से ही दुर्ग का अस्तित्व सुरक्षित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेतायुग में लंका जाने के लिए जब समुद्र ने रास्ता नहीं दिया था, तब श्रीराम द्वारा छोड़े गए बाण को हनुमान जी ने अपने ऊपर रोक लिया था, जिसके तेज से उनका रंग काला पड़ गया था। इस दुर्लभ दर्शन का लाभ उठाने के लिए भी भक्तों में भारी उत्साह है।

15 hrs ago
user_@karanBhaskar
@karanBhaskar
Singer मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।भोर की आरती और सूर्योदय का दिव्य अनुष्ठान रामनगर की रामलीला में राम राज्याभिषेक के समय होने वाली भोर की आरती की एक बेहद विशिष्ट मान्यता है। यह केवल एक सामान्य आरती नहीं है, बल्कि इसे सूर्योदय के समय उग रहे भगवान सूर्य के विशेष अनुष्ठान के रूप में मनाया जाता है। जैसे ही सूर्य की पहली किरण धरती को छूती है, वैसे ही प्रभु राम की दिव्य आरती उतारी जाती है। मान्यता है कि इस भोर की आरती के दर्शन मात्र से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु महीनों पहले से तैयारी करते हैं। सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाबइस ऐतिहासिक महाआरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। काशी के कोने-कोने और दूर-दराज के इलाकों से निकले भक्तों के रेले से देर रात से ही रामनगर की ओर जाने वाले मार्ग पट गए थे। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सभी नंगे पैर पूजा की थाली लिए लीला स्थल की ओर बढ़ते नजर आए। बिना किसी आधुनिक लाउडस्पीकर और कृत्रिम रोशनी के, केवल मशालों और पारंपरिक तरीकों से सजी इस लीला ने हर किसी को त्रेतायुग के दर्शन करा दिए। आज होंगे दुर्लभ दक्षिणमुखी 'काले हनुमान' के दर्शन राजगद्दी के इस पावन अवसर के बाद आज रामनगर किले के भीतर मौजूद दक्षिणमुखी काले हनुमान जी के दर्शन होंगे। साल में केवल एक बार ही इनके कपाट खोले जाते हैं। मान्यता है कि दक्षिणमुखी कालेहनुमान जी की शक्ति से ही दुर्ग का अस्तित्व सुरक्षित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेतायुग में लंका जाने के लिए जब समुद्र ने रास्ता नहीं दिया था, तब श्रीराम द्वारा छोड़े गए बाण को हनुमान जी ने अपने ऊपर रोक लिया था, जिसके तेज से उनका रंग काला पड़ गया था। इस दुर्लभ दर्शन का लाभ उठाने के लिए भी भक्तों में भारी उत्साह है।

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  • वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।भोर की आरती और सूर्योदय का दिव्य अनुष्ठान रामनगर की रामलीला में राम राज्याभिषेक के समय होने वाली भोर की आरती की एक बेहद विशिष्ट मान्यता है। यह केवल एक सामान्य आरती नहीं है, बल्कि इसे सूर्योदय के समय उग रहे भगवान सूर्य के विशेष अनुष्ठान के रूप में मनाया जाता है। जैसे ही सूर्य की पहली किरण धरती को छूती है, वैसे ही प्रभु राम की दिव्य आरती उतारी जाती है। मान्यता है कि इस भोर की आरती के दर्शन मात्र से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु महीनों पहले से तैयारी करते हैं। सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाबइस ऐतिहासिक महाआरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। काशी के कोने-कोने और दूर-दराज के इलाकों से निकले भक्तों के रेले से देर रात से ही रामनगर की ओर जाने वाले मार्ग पट गए थे। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सभी नंगे पैर पूजा की थाली लिए लीला स्थल की ओर बढ़ते नजर आए। बिना किसी आधुनिक लाउडस्पीकर और कृत्रिम रोशनी के, केवल मशालों और पारंपरिक तरीकों से सजी इस लीला ने हर किसी को त्रेतायुग के दर्शन करा दिए। आज होंगे दुर्लभ दक्षिणमुखी 'काले हनुमान' के दर्शन राजगद्दी के इस पावन अवसर के बाद आज रामनगर किले के भीतर मौजूद दक्षिणमुखी काले हनुमान जी के दर्शन होंगे। साल में केवल एक बार ही इनके कपाट खोले जाते हैं। मान्यता है कि दक्षिणमुखी कालेहनुमान जी की शक्ति से ही दुर्ग का अस्तित्व सुरक्षित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेतायुग में लंका जाने के लिए जब समुद्र ने रास्ता नहीं दिया था, तब श्रीराम द्वारा छोड़े गए बाण को हनुमान जी ने अपने ऊपर रोक लिया था, जिसके तेज से उनका रंग काला पड़ गया था। इस दुर्लभ दर्शन का लाभ उठाने के लिए भी भक्तों में भारी उत्साह है।
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    वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
वे रामनगर दुर्ग से पैदल चलकर लीला स्थल पहुंचे और एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि एक परम भक्त की तरह भूमि पर बैठकर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का पूरे विधि-विधान से तिलक किया। राजपरिवार के इस समर्पण और सादगी को देखकर वहां उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।भोर की आरती और सूर्योदय का दिव्य अनुष्ठान
रामनगर की रामलीला में राम राज्याभिषेक के समय होने वाली भोर की आरती की एक बेहद विशिष्ट मान्यता है। यह केवल एक सामान्य आरती नहीं है, बल्कि इसे सूर्योदय के समय उग रहे भगवान सूर्य के विशेष अनुष्ठान के रूप में मनाया जाता है। जैसे ही सूर्य की पहली किरण धरती को छूती है, वैसे ही प्रभु राम की दिव्य आरती उतारी जाती है।
मान्यता है कि इस भोर की आरती के दर्शन मात्र से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु महीनों पहले से तैयारी करते हैं।
सड़कों पर उमड़ा आस्था का सैलाबइस ऐतिहासिक महाआरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। काशी के कोने-कोने और दूर-दराज के इलाकों से निकले भक्तों के रेले से देर रात से ही रामनगर की ओर जाने वाले मार्ग पट गए थे। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और युवा सभी नंगे पैर पूजा की थाली लिए लीला स्थल की ओर बढ़ते नजर आए। बिना किसी आधुनिक लाउडस्पीकर और कृत्रिम रोशनी के, केवल मशालों और पारंपरिक तरीकों से सजी इस लीला ने हर किसी को त्रेतायुग के दर्शन करा दिए।
आज होंगे दुर्लभ दक्षिणमुखी 'काले हनुमान' के दर्शन
राजगद्दी के इस पावन अवसर के बाद आज रामनगर किले के भीतर मौजूद दक्षिणमुखी काले हनुमान जी के दर्शन होंगे। साल में केवल एक बार ही इनके कपाट खोले जाते हैं। मान्यता है कि दक्षिणमुखी कालेहनुमान जी की शक्ति से ही दुर्ग का अस्तित्व सुरक्षित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेतायुग में लंका जाने के लिए जब समुद्र ने रास्ता नहीं दिया था, तब श्रीराम द्वारा छोड़े गए बाण को हनुमान जी ने अपने ऊपर रोक लिया था, जिसके तेज से उनका रंग काला पड़ गया था। इस दुर्लभ दर्शन का लाभ उठाने के लिए भी भक्तों में भारी उत्साह है।
    user_@karanBhaskar
    @karanBhaskar
    Singer मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • पानी निकासी न होने से कई बीघा फसल बर्बाद चहनिया-खंडवारी में जलमग्न हुए खेत किसान परेशान चहनिया,खंडवारी में पीडीयू नगर मुख्य मार्ग पर स्थित दर्जनों किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं, यहां दोनों मुख्य मार्गों पर पानी निकासी की व्यवस्था न होने से फसल हर वर्ष बर्बाद हो जाती है,हर वर्ष किसान आस लगाकर धान की रोपाई करते हैं खंडवारी गांव सभा, चहनिया कस्बा में पीडीयू नगर मुख्य मार्ग पर राजेंद्र मिश्रा, हरिश्चंद्र मिश्रा, जगलाल चौहान, राम किशुन चौहान, मुरत चौहान, नंदलाल चौहान, अतुल रत्न मिश्रा, रामधनी मिश्रा, फजीहत यादव आदि दर्जनों किसानों की उपजाऊ जमीन है, जहां हर साल खेती होती है, पास स्थित शहीद बाबा पोखरे में बरसात का पानी भरने और पास स्थित नहर चलने से ओवरफ्लो होकर किसानों के खेतों में चला जाता है किसानों के खेत चहनिया बाया चंदौली और चहनिया बाया पीडीयू नगर मुख्य नवनिर्मित सड़क के मध्य हैं, खेतों से सड़क काफी ऊंचा बनने से पानी निकासी नहीं हो पाती, कार्यदायी संस्था द्वारा पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई, किसानों का कहना है कि पहले भी पानी भरता था किंतु जगह-जगह नाला होने और सड़क नीचे होने के कारण पानी निकल जाता था, जरूरत भर ही पानी रुकता था, दोनों मुख्य मार्ग बनने से पानी की निकासी न होने से इधर तीन-चार वर्ष से हर वर्ष फसल बर्बाद हो जाती है, यदि पानी निकासी की व्यवस्था हो जाए तो फसल लहलहा सकती है, हर वर्ष आस लगाकर ट्रैक्टर से जुताई से लेकर बीज, खाद आदि पर किया गया खर्च विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से व्यर्थ हो जाता है।
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    पानी निकासी न होने से कई बीघा फसल बर्बाद चहनिया-खंडवारी में जलमग्न हुए खेत किसान परेशान
चहनिया,खंडवारी में पीडीयू नगर मुख्य मार्ग पर स्थित दर्जनों किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं, यहां दोनों मुख्य मार्गों पर पानी निकासी की व्यवस्था न होने से फसल हर वर्ष बर्बाद हो जाती है,हर वर्ष किसान आस लगाकर धान की रोपाई करते हैं खंडवारी गांव सभा, चहनिया कस्बा में पीडीयू नगर मुख्य मार्ग पर राजेंद्र मिश्रा, हरिश्चंद्र मिश्रा, जगलाल चौहान, राम किशुन चौहान, मुरत चौहान, नंदलाल चौहान, अतुल रत्न मिश्रा, रामधनी मिश्रा, फजीहत यादव आदि दर्जनों किसानों की उपजाऊ जमीन है, जहां हर साल खेती होती है, पास स्थित शहीद बाबा पोखरे में बरसात का पानी भरने और पास स्थित नहर चलने से ओवरफ्लो होकर किसानों के खेतों में चला जाता है किसानों के खेत चहनिया बाया चंदौली और चहनिया बाया पीडीयू नगर मुख्य नवनिर्मित सड़क के मध्य हैं, खेतों से सड़क काफी ऊंचा बनने से पानी निकासी नहीं हो पाती, कार्यदायी संस्था द्वारा पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई, किसानों का कहना है कि पहले भी पानी भरता था किंतु जगह-जगह नाला होने और सड़क नीचे होने के कारण पानी निकल जाता था, जरूरत भर ही पानी रुकता था, दोनों मुख्य मार्ग बनने से पानी की निकासी न होने से इधर तीन-चार वर्ष से हर वर्ष फसल बर्बाद हो जाती है, यदि पानी निकासी की व्यवस्था हो जाए तो फसल लहलहा सकती है, हर वर्ष आस लगाकर ट्रैक्टर से जुताई से लेकर बीज, खाद आदि पर किया गया खर्च विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से व्यर्थ हो जाता है।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सुल्तानपुर जिले में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आगमन हो रहा है उसकी तैयारी को लेकर कांग्रेसी में काफी उत्साह है इस बारे में जब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें यहां की न्यायपालिका पर भरोसा है और हमारे राहुल गांधी निर्दोष साबित होंगे और जब राहुल गांधी सुल्तानपुर आते हैं कुछ ना कुछ करके जाते हैं लोकसभा में आए थे तो भाजपा इस जगह पहुंची है अबकी जो है विधानसभा में उसका प्रभाव देखने को मिलेगा सुल्तानपुर जिले में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आगमन हो रहा है उसकी तैयारी को लेकर कांग्रेसी में काफी उत्साह है इस बारे में जब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें यहां की न्यायपालिका पर भरोसा है और हमारे राहुल गांधी निर्दोष साबित होंगे और जब राहुल गांधी सुल्तानपुर आते हैं कुछ ना कुछ करके जाते हैं लोकसभा में आए थे तो भाजपा इस जगह पहुंची है अबकी जो है विधानसभा में उसका प्रभाव देखने को मिलेगा
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    सुल्तानपुर जिले में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आगमन हो रहा है उसकी तैयारी को लेकर कांग्रेसी में काफी उत्साह है इस बारे में जब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें यहां की न्यायपालिका पर भरोसा है और हमारे राहुल गांधी निर्दोष साबित होंगे और जब राहुल गांधी सुल्तानपुर आते हैं कुछ ना कुछ करके जाते हैं लोकसभा में आए थे तो भाजपा इस जगह पहुंची है अबकी जो है विधानसभा में उसका प्रभाव देखने को मिलेगा
सुल्तानपुर जिले में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आगमन हो रहा है उसकी तैयारी को लेकर कांग्रेसी में काफी उत्साह है इस बारे में जब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें यहां की न्यायपालिका पर भरोसा है और हमारे राहुल गांधी निर्दोष साबित होंगे और जब राहुल गांधी सुल्तानपुर आते हैं कुछ ना कुछ करके जाते हैं लोकसभा में आए थे तो भाजपा इस जगह पहुंची है अबकी जो है विधानसभा में उसका प्रभाव देखने को मिलेगा
    user_HAQIQAT KI JUNG NEWS
    HAQIQAT KI JUNG NEWS
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आसमान में तिरंगा, सामने PM मोदी - नमो घाट पर एयर शो का सबसे अद्भुत नजारा! _काशी में आसमान भी तिरंगामय हो गया!_ 🇮🇳 वाराणसी के नमो घाट पर PM नरेंद्र मोदी के सामने भारतीय वायुसेना ने दिखाया अद्भुत पराक्रम। जब फाइटर जेट्स ने तिरंगे के रंगों से आसमान चीर दिया, तो PM मोदी खुद कुर्सी पर बैठकर उस पल को निहारते रहे। गंगा के ऊपर ये नजारा देख हर काशीवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। जय हिंद! 🇮🇳
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    आसमान में तिरंगा, सामने PM मोदी - नमो घाट पर एयर शो का सबसे अद्भुत नजारा!
_काशी में आसमान भी तिरंगामय हो गया!_ 🇮🇳
वाराणसी के नमो घाट पर PM नरेंद्र मोदी के सामने भारतीय वायुसेना ने दिखाया अद्भुत पराक्रम।
जब फाइटर जेट्स ने तिरंगे के रंगों से आसमान चीर दिया, तो PM मोदी खुद कुर्सी पर बैठकर उस पल को निहारते रहे। गंगा के ऊपर ये नजारा देख हर काशीवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
जय हिंद! 🇮🇳
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • वाराणसी एयर शो पर सांसद वीरेंद्र सिंह जी ने बोला सेना सर्कस कर रही समाजवादी पार्टी सांसद वीरेंद्र सिंह जी का बयान चर्चा में है जिसमें उन्होंने एयर शो को लेकर बयान दिया कि सरकार सेना से सर्कस करा रहे हैं।
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    वाराणसी एयर शो पर सांसद वीरेंद्र सिंह जी ने बोला सेना सर्कस कर रही
समाजवादी पार्टी सांसद वीरेंद्र सिंह जी का बयान चर्चा में है जिसमें उन्होंने एयर शो को लेकर बयान दिया कि सरकार सेना से सर्कस करा रहे हैं।
    user_आवाज News
    आवाज News
    Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी ने आज जनपद वाराणसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी ने आज जनपद वाराणसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आगामी 25, 30 अक्टूबर एवं 01 नवम्बर को आयोजित होने वाली प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के साथ अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। परीक्षा केन्द्रों पर सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि PET-2026 के दृष्टिगत भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की जाए। परीक्षा तिथियों में सभी केन्द्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री जी ने परीक्षा सामग्री एवं गोपनीय अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा परीक्षा केन्द्रों के आसपास, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों एवं टेम्पो स्टैंड पर स्वच्छता के लिए विशेष टीमें तैनात करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने पुलिस तंत्र को सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं एवं अफवाहों पर सतर्क दृष्टि रखने तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने सर्वाधिक परीक्षार्थियों वाले जनपदों के जिलाधिकारियों से तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी व्यवस्थाओं की सतत निगरानी और पूरी जिम्मेदारी व सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि PET-2026 का आयोजन सुरक्षित, शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो।
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    मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी ने आज जनपद वाराणसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)
मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी ने आज जनपद वाराणसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आगामी 25, 30 अक्टूबर एवं 01 नवम्बर को आयोजित होने वाली प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के साथ अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। परीक्षा केन्द्रों पर सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि PET-2026 के दृष्टिगत भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की जाए। परीक्षा तिथियों में सभी केन्द्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री जी ने परीक्षा सामग्री एवं गोपनीय अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा परीक्षा केन्द्रों के आसपास, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों एवं टेम्पो स्टैंड पर स्वच्छता के लिए विशेष टीमें तैनात करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने पुलिस तंत्र को सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं एवं अफवाहों पर सतर्क दृष्टि रखने तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने सर्वाधिक परीक्षार्थियों वाले जनपदों के जिलाधिकारियों से तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी व्यवस्थाओं की सतत निगरानी और पूरी जिम्मेदारी व सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि PET-2026 का आयोजन सुरक्षित, शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो।
    user_Keshav Choudhary
    Keshav Choudhary
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पांच वर्ष की उम्र में ध्रुव ने तपस्या से प्राप्त किए भगवान, भागवत कथा में सुनाया प्रसंग लईक आफ़ताब
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    पांच वर्ष की उम्र में ध्रुव ने तपस्या से प्राप्त किए भगवान, भागवत कथा में सुनाया प्रसंग
लईक आफ़ताब
    user_Laik AFTAB
    Laik AFTAB
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी का AI पर बड़ा बयान... AI हमारे लिए मददगार हो सकता है, लेकिन AI हमारे लिए निर्णायक न हो वह हमारे विवेक पर वह निर्भर करे, हम उसके विवेक पर न चलें, अगर उसपर निर्भर होकर सबकुछ करने लगे, तो वही शक्ति हमारे लिए संकट भी बनने वाली है मुख्यमंत्री योगी का AI पर बड़ा बयान... AI हमारे लिए मददगार हो सकता है, लेकिन AI हमारे लिए निर्णायक न हो वह हमारे विवेक पर वह निर्भर करे, हम उसके विवेक पर न चलें, अगर उसपर निर्भर होकर सबकुछ करने लगे, तो वही शक्ति हमारे लिए संकट भी बनने वाली है
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    मुख्यमंत्री योगी का AI पर बड़ा बयान...

AI हमारे लिए मददगार हो सकता है, लेकिन AI हमारे लिए निर्णायक न हो

वह हमारे विवेक पर वह निर्भर करे, हम उसके विवेक पर न चलें, अगर उसपर निर्भर होकर सबकुछ करने लगे, तो वही शक्ति हमारे लिए संकट भी बनने वाली है
मुख्यमंत्री योगी का AI पर बड़ा बयान...
AI हमारे लिए मददगार हो सकता है, लेकिन AI हमारे लिए निर्णायक न हो
वह हमारे विवेक पर वह निर्भर करे, हम उसके विवेक पर न चलें, अगर उसपर निर्भर होकर सबकुछ करने लगे, तो वही शक्ति हमारे लिए संकट भी बनने वाली है
    user_@karanBhaskar
    @karanBhaskar
    Singer मुगलसराय, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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