गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के गोदरमाना स्थित भंडरिया मोड़ पर अवैध शराब बिक्री के खिलाफ रंका पुलिस ने आज शनिवार शाम साढ़े छह बजे बड़ी कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचने पर शराब विक्रेता और शराब पीने वाले लोग अपना सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए। दरअसल, लंबे समय से भंडरिया मोड़ पर सड़क किनारे खुलेआम अवैध शराब का कारोबार संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां कई महिलाएं और पुरुष अस्थायी दुकानें लगाकर शराब बेच रहे थे। दो दिन पहले ही रंका थाना पुलिस ने गोदरमाना हाई स्कूल परिसर में नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई थी, साथ ही शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया था। इसके बावजूद, भंडरिया मोड़ पर अवैध शराब की बिक्री जारी रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस संबंध में थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने पहले ही कहा था कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार चलेगा और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में आज शाम मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी पुलिस बल के साथ भंडरिया मोड़ पहुंचे। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद शराब विक्रेता और शराब पीने वाले मौके से भाग निकले, अपना सारा सामान वहीं छोड़ गए। पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई शराब को नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं को रोककर उनसे पूछताछ की गई और उन्हें अवैध शराब कारोबार छोड़ने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने महिलाओं और अन्य स्थानीय लोगों को समझाते हुए बताया कि शराब का कारोबार समाज और परिवार दोनों के लिए हानिकारक है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। थाना प्रभारी ने लोगों से अवैध शराब का धंधा छोड़कर वैकल्पिक रोजगार अपनाने और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील की। इस कार्रवाई के दौरान शराब बेचने वाले महिला-पुरुषों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के गोदरमाना स्थित भंडरिया मोड़ पर अवैध शराब बिक्री के खिलाफ रंका पुलिस ने आज शनिवार शाम साढ़े छह बजे बड़ी कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचने पर शराब विक्रेता और शराब पीने वाले लोग अपना सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए। दरअसल, लंबे समय से भंडरिया मोड़ पर सड़क किनारे खुलेआम अवैध शराब का कारोबार संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां कई महिलाएं और पुरुष अस्थायी दुकानें लगाकर शराब बेच रहे थे। दो दिन पहले ही रंका थाना पुलिस ने गोदरमाना हाई स्कूल परिसर में नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई थी, साथ ही शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया था। इसके बावजूद, भंडरिया मोड़ पर अवैध शराब की बिक्री जारी रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस संबंध में थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने पहले ही कहा था कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार चलेगा और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में आज शाम मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी पुलिस बल के साथ भंडरिया मोड़ पहुंचे। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद शराब विक्रेता और शराब पीने वाले मौके से भाग निकले, अपना सारा सामान वहीं छोड़ गए। पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई शराब को नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं को रोककर उनसे पूछताछ की गई और उन्हें अवैध शराब कारोबार छोड़ने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने महिलाओं और अन्य स्थानीय लोगों को समझाते हुए बताया कि शराब का कारोबार समाज और परिवार दोनों के लिए हानिकारक है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। थाना प्रभारी ने लोगों से अवैध शराब का धंधा छोड़कर वैकल्पिक रोजगार अपनाने और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील की। इस कार्रवाई के दौरान शराब बेचने वाले महिला-पुरुषों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
- गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र के गोदरमाना स्थित भंडरिया मोड़ पर अवैध शराब बिक्री के खिलाफ रंका पुलिस ने आज शनिवार शाम साढ़े छह बजे बड़ी कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचने पर शराब विक्रेता और शराब पीने वाले लोग अपना सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए। दरअसल, लंबे समय से भंडरिया मोड़ पर सड़क किनारे खुलेआम अवैध शराब का कारोबार संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां कई महिलाएं और पुरुष अस्थायी दुकानें लगाकर शराब बेच रहे थे। दो दिन पहले ही रंका थाना पुलिस ने गोदरमाना हाई स्कूल परिसर में नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई थी, साथ ही शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया था। इसके बावजूद, भंडरिया मोड़ पर अवैध शराब की बिक्री जारी रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस संबंध में थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने पहले ही कहा था कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार चलेगा और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में आज शाम मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी पुलिस बल के साथ भंडरिया मोड़ पहुंचे। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद शराब विक्रेता और शराब पीने वाले मौके से भाग निकले, अपना सारा सामान वहीं छोड़ गए। पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई शराब को नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं को रोककर उनसे पूछताछ की गई और उन्हें अवैध शराब कारोबार छोड़ने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने महिलाओं और अन्य स्थानीय लोगों को समझाते हुए बताया कि शराब का कारोबार समाज और परिवार दोनों के लिए हानिकारक है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। थाना प्रभारी ने लोगों से अवैध शराब का धंधा छोड़कर वैकल्पिक रोजगार अपनाने और सम्मानजनक जीवन जीने की अपील की। इस कार्रवाई के दौरान शराब बेचने वाले महिला-पुरुषों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।1
- केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी झारखंड के पलामू और गढ़वा जिलों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। 3 जुलाई को शंखा से खजूरी के बीच 22.73 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया जाएगा, जिसकी लागत 1129.48 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, पलामू की जनता के लिए सिंगरा से घेड़ाबार तक 100 करोड़ रुपये की लागत से एक फ्लाईओवर का भी निर्माण किया जा रहा है। इन प्रमुख परियोजनाओं के अतिरिक्त, 16 अप्रैल 2026 को पलामू जिले में 23.6 किलोमीटर सड़क निर्माण को भी मंजूरी मिली है। बरहमोरिया मोड़ से दुर्गा माइंस रोड तक बनने वाली इस सड़क की लागत 103.60 करोड़ रुपये होगी, जिससे इस मार्ग पर यात्रा और भी आसान हो जाएगी। इस मंजूरी के लिए सांसद बी.डी. राम ने नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।4
- गढ़वा की राजनीतिक स्थिति पर तीखी आलोचना करते हुए एक टिप्पणी सामने आई है, जिसमें इसे 'गंदा राजनीतिक' करार दिया गया है। इस टिप्पणी में 'दोगोला कार्यक्रम' पर सवाल उठाते हुए कटाक्ष किया गया है कि क्या गढ़वा की राजनीति में अब बस 'एक नचनिया' की ही जरूरत रह गई है। यह सवाल स्थानीय राजनीति की गुणवत्ता और प्राथमिकताओं पर गहरा व्यंग्य करता है।1
- पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में, प्रखंड नाजिर राजेश कुमार पर आरोप है कि उन्हें किसी का कोई भय नहीं है। जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार कार्यालय में सुबह 11 बजे आते हैं और दोपहर 3 बजे ही चले जाते हैं।1
- पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद मुख्यालय स्थित दर्जी मुहल्ला में दर्जनभर मुस्लिम गांवों के लोगों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अंजुमन इस्लामिया कमेटी के विश्रामपुर सदर जनाब मेहदी हसन ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी इदरीश हवारी ने संभाली। इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्रामपुर प्रखंड मोहर्रम इंतेजामिया कमेटी का विधिवत गठन किया गया, जिसके बाद इदरीश अंसारी को इस नवगठित कमेटी का सदर (अध्यक्ष) नियुक्त किया गया।1
- माननीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह जी ने विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के टड़हे पंचायत के वार्ड नंबर 3 में एक महत्वपूर्ण कार्य करवाया है। उनकी पहल पर, पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा एक ट्रांसफार्मर अब फिर से चालू कर दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जल जीवन मिशन योजना से संबंधित पानी की मुख्य पाइपलाइन फट गई है। इस घटना से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।1
- खान सर (फैज़ल खान) के संस्थान और उनके गार्ड्स द्वारा हवा में कथित तौर पर गोली चलाने के वायरल वीडियो तथा पटना में कोचिंग विवाद के कारण यह पूरा मामला गरमाया हुआ है। इस विवाद की शुरुआत जून 2026 की शुरुआत में हुई, जब पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के Khan Global Studies कोचिंग संस्थान के बाहर कुछ लोगों ने कथित तौर पर पथराव और तोड़फोड़ की थी। इसके जवाब में संस्थान के गार्ड्स द्वारा हवा में गोली चलाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। पुलिस पूछताछ के दौरान गिरफ्तार गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर गोली चलाई थी, जिसके बाद खान सर पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। हालांकि, खान सर ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे एक बड़ी साजिश बताया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि संस्थान पर हुए हमले के दौरान गार्ड्स ने केवल आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इस मामले में पटना सिविल कोर्ट ने खान सर को बड़ी अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि मामले की अगली सुनवाई तक उन पर कोई सख्त या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई 25 जून को निर्धारित की गई है।1