चिचोली वन परिक्षेत्र के नांदा सर्किल अंतर्गत बीट नंबर 1154 में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र में लंबे समय से रेत का अवैध उत्खनन जारी है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार वन क्षेत्र से लगातार रेत का परिवहन किया जा रहा है, और बीट स्तर पर निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। चर्चा है कि सैकड़ों ट्रॉली रेत का उत्खनन हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन के जल, जंगल और जमीन संरक्षण अभियानों के बावजूद नांदा सर्किल में कथित अवैध खनन इन प्रयासों को कमजोर कर रहा है। रेत निकालने के लिए वन क्षेत्र के रास्तों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि खनन क्षेत्र तक भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों में विभाग की चुप्पी को लेकर नाराजगी है, और वे मांग कर रहे हैं कि यदि इतने बड़े स्तर पर उत्खनन हुआ है तो विभाग द्वारा की गई कार्रवाई सार्वजनिक की जाए। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि अवैध खनन के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को उजागर करने की कोशिश करने वालों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि इस संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और खनिज विभाग से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में बीट नंबर 1154 में कथित अवैध खनन की उच्च स्तरीय जांच, खनन स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करना, वन संपदा को हुए नुकसान का आकलन करना, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई तथा वन क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाना शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध रूप से रेत का उत्खनन हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों से राजस्व क्षति की वसूली की जाए और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चिचोली वन परिक्षेत्र के नांदा सर्किल अंतर्गत बीट नंबर 1154 में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र में लंबे समय से रेत का अवैध उत्खनन जारी है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार वन क्षेत्र से लगातार रेत का परिवहन किया जा रहा है, और बीट स्तर पर निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। चर्चा है कि सैकड़ों ट्रॉली रेत का उत्खनन हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन के जल, जंगल और जमीन संरक्षण अभियानों के बावजूद नांदा सर्किल में कथित अवैध खनन इन प्रयासों को कमजोर कर रहा है। रेत निकालने के लिए वन क्षेत्र के रास्तों
का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि खनन क्षेत्र तक भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों में विभाग की चुप्पी को लेकर नाराजगी है, और वे मांग कर रहे हैं कि यदि इतने बड़े स्तर पर उत्खनन हुआ है तो विभाग द्वारा की गई कार्रवाई सार्वजनिक की जाए। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि अवैध खनन के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को उजागर करने की कोशिश करने वालों पर दबाव बनाने का प्रयास
किया जा रहा है, हालांकि इस संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और खनिज विभाग से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में बीट नंबर 1154 में कथित अवैध खनन की उच्च स्तरीय जांच, खनन स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करना, वन संपदा को हुए नुकसान का आकलन करना, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई तथा वन क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाना शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध रूप से रेत का उत्खनन हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों से राजस्व क्षति की वसूली की जाए और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- मां ताप्ती की पवित्र नगरी मुलताई को नए थाना प्रभारी के रूप में विकास पटेल की सौगात मिली है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के आदेशानुसार, निरीक्षक विकास पटेल को मुलताई थाना प्रभारी का पदभार ग्रहण कराया गया है।1
- इटारसी और नर्मदापुरम से आज चार प्रमुख खबरें सामने आईं। इटारसी में यूनियन ऑफिस से तीन पुलिया रोड का निर्माण कार्य बंद होने के कारण कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सड़क पर लेटकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, उनका आरोप है कि काम बंद होने से आम जनता धूल और गड्ढों से बेहद परेशान है। वहीं, नर्मदापुरम में NEET परीक्षा केंद्र पर कुछ बच्चे निर्धारित समय से मात्र कुछ मिनट की देरी से पहुंचे, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद परीक्षा केंद्र के गेट पर ही बच्चों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इटारसी के कपड़ा बाजार में नगर पालिका का विशेष सफाई अभियान लगातार सातवें सप्ताह भी जारी रहा। रविवार को बाजार बंद होने का फायदा उठाकर नपा की टीम ने नालियों की तली तक जमे मलबे और पॉलीथीन को पूरी तरह साफ किया। नपा अध्यक्ष पंकज चौरे ने जयस्तंभ के पास सेठी बूट हाउस वाली गली का औचक निरीक्षण कर कड़े निर्देश दिए और व्यापारियों से अपनी दुकानों के सामने डस्टबिन रखने की अपील की। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और आम जनता की एक और बड़ी मांग पूरी करते हुए स्टूडेंट्स स्टोर्स वाली सड़क का निर्माण कार्य अब युद्ध स्तर पर जारी है। नपा अध्यक्ष पंकज चौरे और पार्षद कीर्ति दुबे ने मौके पर पहुंचकर काम की गुणवत्ता का जायजा लिया। सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए जल निकासी हेतु विशेष ढाल देने और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ Re-NEET परीक्षा में शामिल होने आईं तीन छात्राएँ परीक्षा नहीं दे पाईं। जानकारी के अनुसार, इन छात्राओं को री-नीट परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक संबंधी समस्याओं और एडमिट कार्ड में हुई गलतियों के कारण परीक्षा से वंचित कर दिया गया। जिसने भी यह पल देखा, वह भावुक हो उठा क्योंकि इन छात्राओं के पीछे उनके माता-पिता की वर्षों की उम्मीदें, त्याग और सपने खड़े थे। इस घटना ने लोगों का दिल दहला दिया है। इस पूरी स्थिति पर 'सिस्टम' पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर यह जनता के लिए कब बनाया जाएगा।1
- पिपरिया-पचमढ़ी मार्ग पर देर रात एक तेंदुआ दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो रविवार और सोमवार की दरमियानी रात का है, जो सोमवार सुबह करीब 11 बजे सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में तेंदुआ सड़क किनारे घूमता नजर आ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। इस सूचना के बाद वन विभाग का अमला तुरंत सतर्क हो गया है और इलाके में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। वन अधिकारियों ने राहगीरों और पर्यटकों से रात के समय विशेष रूप से सतर्क रहने और अकेले यात्रा न करने की अपील भी की है।1
- भारतीय सेना में चयनित नव सैनिकों शुभम सराठे और साहिल का पिपरिया रेलवे स्टेशन पर संकल्प फाउंडेशन द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यह उनके सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रथम नगर आगमन था। संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारियों, सदस्यों और विद्यार्थियों ने पुष्पमालाओं और शुभकामनाओं के साथ उनका अभिनंदन कर गौरवपूर्ण सम्मान व्यक्त किया। शुभम सराठे पिपरिया के बनवारी रोड निवासी हैं और संकल्प फाउंडेशन के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। उनका भारतीय सेना में चयन वर्ष 2025 में हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सिकंदराबाद में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर पासिंग आउट परेड में शामिल होने के बाद, शुभम पहली बार अपने गृह नगर पिपरिया लौटे। उनके साथ नव सैनिक साहिल भी प्रशिक्षण के उपरांत अपने गृह ग्राम पहुंचे; साहिल पिपरिया तहसील के सिंगौड़ा गांव के निवासी हैं। उनके आगमन पर नगरवासियों और संस्था के सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष केसर सिंह चौधरी ने कहा कि शुभम की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से सेना में स्थान प्राप्त कर नगर और संस्था का नाम रोशन किया है। उन्होंने आगे कहा कि संस्था सदैव युवाओं को राष्ट्रसेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रेरित करती रहेगी। स्वागत कार्यक्रम में उपाध्यक्ष लोटन सिंह रघुवंशी, सुखदेव सिंह कालोटी, अनिल कुमार मिश्रा, तुलसीराम अहिरवार, श्यामलाल कहार, कैलाश बाथरे, रामगोपाल अहिरवार, निरंजन वैष्णव, जितेंद्र पुर्वीया, बलराम पाटर, सब इंस्पेक्टर गणेश राय, अनुराग मालपानी, शैलेंद्र पाठक सहित संकल्प फाउंडेशन के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने नव सैनिक शुभम सराठे को उज्ज्वल भविष्य और सफल सैन्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- बैतूल जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, सांईखेड़ा पुलिस ने हत्या के प्रयास (जान से मारने की कोशिश) के एक गंभीर मामले को मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। यह घटना 20 जून 2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे की है। फरियादी श्यामा पिता किसना देवरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम धाबला, थाना सांईखेड़ा ने 21 जून 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराज था। इसी बात पर उसने आनंदराव बारस्कर पर जान से मारने की नीयत से पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आहत आनंदराव बारस्कर के गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना सांईखेड़ा में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 109(1), 296(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर, घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी सांईखेड़ा भैयालाल उईके सहित प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, प्रधान आरक्षक दिलीप झरबड़े, प्रधान आरक्षक राजकुमार धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, आरक्षक विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार एवं प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद, आपसी मतभेद या पारिवारिक तनाव की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी कि छोटी-सी कहासुनी या आवेश में किया गया हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, जिसमें पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।1
- इटारसी के नाला मोहल्ला (वार्ड क्रमांक 25) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान घोर लापरवाही बरती गई है। इस लापरवाही के कारण नाली का गंदा और दूषित पानी सीधे पीने के पानी की टंकी (हौद) में मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की नालियाँ भी पूरी तरह से जाम हो चुकी हैं, जिससे गंदगी सड़कों पर बह रही है। इस गंभीर स्थिति के चलते स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और उन्हें महामारी फैलने का डर सता रहा है। यह पूरी घटना प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है।1
- पिपरिया के लोहिया वार्ड में एक युवक का शव फ्रिज के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन रोड पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, लोहिया वार्ड स्थित घर में फ्रिज के पास युवक का शव संदिग्ध हालत में पाया गया, जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि युवक की मृत्यु सामान्य नहीं लग रही है और इस मामले की गहराई से जाँच की जानी चाहिए। पुलिस ने शव को आज सुबह 10:00 बजे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, स्टेशन रोड पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर इस मामले की गहनता से जाँच में जुटी हुई है।1
- बैतूल में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण अभियान के तहत सारणी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, जहाँ फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर एक बोलेरो वाहन की धोखाधड़ी-पूर्वक बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाहन और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दिनांक 20.06.2026 को फरियादी दीपक पिता श्री राधेश्याम नागवंशी ने थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसने अपनी बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 को दिनांक 02.08.2025 को ₹500 के ई-स्टाम्प पर तैयार किरायानामा के आधार पर ₹20,000 प्रति माह पर तीन माह के लिए विक्की बारपेटे निवासी पाथाखेड़ा को किराए पर दिया था। बाद में जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने ₹100 के स्टाम्प पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और वाहन को धोखाधड़ी-पूर्वक ₹2,50,000 में निर्मल मंडल निवासी धरमपुर, थाना चोपना के नाम बेच दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सारणी में अपराध क्रमांक 202/2026 धारा 318(4), 316(2), 319(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विक्की पिता देवराव बारपेटे (30 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पाथाखेड़ा), दिवाकर पिता राजेश यादव (25 वर्ष, निवासी गणेश चौक, शोभापुर) और निर्मल मंडल पिता कनक मंडल (38 वर्ष, निवासी धरमपुर, थाना चोपना) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 और फर्जी स्टाम्प दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 336(3) एवं 338 बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को दिनांक 22.06.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया और साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी वाहन, भूमि या अन्य संपत्ति का क्रय-विक्रय करते समय दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार के अनुबंध, किरायानामा या विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करने से पूर्व उसकी सत्यता सुनिश्चित करें और लेन-देन केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचना देने की अपील भी की गई है।1