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राजू काँकोरिया खण्डार
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- महोदय, निवेदन है कि हमारे क्षेत्र सब्जी मंडी, चौहानों का परिवार, नारोली डांग, तहसील सपोटरा, जिला करौली, राजस्थान (भारत) में जल विभाग की पुरानी पाइपलाइन कई स्थानों (लगभग 3-4 जगह) से लीक हो रही है, जिससे लगातार पानी बाहर निकल रहा है। जब पानी की सप्लाई बंद होती है, तब पाइपलाइन में बैक-सक्शन होने के कारण बाहर का गंदा पानी पाइप के अंदर खिंच जाता है, जिससे पीने का पानी दूषित हो रहा है और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में शिकायत हमने पहले 181 हेल्पलाइन पर भी दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही या समाधान नहीं हुआ है। अतः आपसे निवेदन है कि इस समस्या का तत्काल निरीक्षण कर पाइपलाइन की मरम्मत/बदलाव करवाया जाए ताकि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। धन्यवाद। नाम: Saddam khan मोबाइल नंबर: 8890726987 तारीख: 05/02/20261
- ककोड. नगर फ़ोर्ट रोड से निकल रही बनेठा माइनर के रात्रि मे ओवर फ्लो हो जाने से आसपास के खेतो की फसल जल मग्न हो गई. किसानो के अनुसार विभाग द्वारा नहर की सफाई नहीं करवाने से यह हालत बने है. लोगो ने आक्रोषित होकर नगर फ़ोर्ट ककोड मार्ग को लगभग 45 मिनिट तक जाम कर के रखा.4
- सवाई माधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र के कोड्याई गांव में कल शाम बकरी चराने गई एक महिला की अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। बदमाश महिला की गर्दन व पैर पर धारदार हथियार से वार कर चांदी के कड़े और जेवरात लूट ले गए। सनसनीखेज वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर जस्टाना बाइपास हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर बामनवास विधायक इंदिरा मीणा मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों के साथ पूरी रात धरना स्थल पर बैठकर विरोध जताया। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। आज भी सुबह सवेरे से लगातार धरना जारी रहा। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण करने पर बैठे रहे । इस दौरान विधायक इंदिरा मीणा ने कहा कि विधानसभा में ऐसी तीसरी बड़ी वारदात है। विधायक इंदिरा मीणा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने सदन में पॉइंट ऑफ इन्फॉर्मेशन के जरिए सरकार को अवगत कराया, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि इससे पहले जाहीरा और सित्तौड़ में भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। यह बेहद संवेदनशील मामला है। मामले की गंभीरता को देख पुलिस अधीक्षक अनिल बेनीवाल धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। जहां ग्रामीणों की आठ मांगों पर सहमति बनी,जिनमे 10 दिन में हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार करने । मृतक के परिजनों को 15 लाख की सहायता राशि देने , क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी रूप से गस्त ।एक करोड रुपए की सहायता राशि के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजना ।धरना देने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस कोई मामला दर्ज नहीं करेगी। मृतक के एक परिजनों को संविदा पर नौकरी प्रदान की जाएगी। क्षेत्र में संचालित अवैध शराब के ठेकों पर पुलिस कार्यवाही करेगी ।पुलिस जाहीरा हत्याकांड का भी जल्द खुलासा करेगी। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के पश्चात ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया और जस्टाना बाईपास से जाम भी हटा दिया।2
- Post by Ramkesh Nareda 🇮🇳1
- सवाई माधोपुर रणथम्भौर बाघ रक्षक’ कार्यक्रम से बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता* *विद्यार्थियों व ग्रामीणों को जंगल से जोड़कर समझाया जा रहा वन्यजीवों का महत्व* *सवाई माधोपुर, 4 फरवरी।* रणथम्भौर टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई पीढ़ी और ग्रामीण समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से “रणथम्भौर बाघ रक्षक” नवाचार कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक तथा उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (प्रथम) के निर्देशन में संचालित इस पहल के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। *9173 से अधिक प्रतिभागियों को कराया गया निःशुल्क पार्क भ्रमण :-* अभियान के अंतर्गत अब तक 120 विद्यालयों के 8423 विद्यार्थियों को शिक्षकों सहित तथा 750 ग्रामीण महिला-पुरुषों को रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान का निःशुल्क भ्रमण कराया गया है। प्रतिभागियों को बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी मौके पर दी जा रही है, जिससे वे पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकें। *फिल्म, प्रतियोगिताएं और संवाद से सीख रहा समाज :-* विद्यालयों में वन्यजीव आधारित फिल्म प्रदर्शन, प्रश्न-उत्तर सत्र, निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। प्लास्टिक उपयोग कम करने के लिए जूट के थैले वितरित किए जा रहे हैं तथा विद्यार्थियों और ग्रामीणों को जानकारी पुस्तिकाएं देकर वन्यजीव संरक्षण की उपयोगिता समझाई जा रही है। *सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने का प्रयास :-* उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक मानस सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और समुदाय को यह समझाना है कि बाघ और जंगल मानव जीवन के लिए क्यों आवश्यक हैं। इस पहल के माध्यम से मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की भावना विकसित कर दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय शैक्षणिक संस्थान भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं। यह कार्यक्रम प्रकृति शिक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।1
- खबर का हुआ असर,रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई की प्रक्रिया चालू, सभी अधिकारी और कर्मचारी आए हरकत में। #railway1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1