विधायक की कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 17 किलोमीटर तक गूंजते रहे हर-हर महादेव के जयकारे ढोल-नगाड़ों के बीच पैदल चले विधायक रोहित साहू, रास्तेभर फूलों की बारिश और आरती से हुआ स्वागत पंचकोशी धाम के फणिकेश्वर महादेव से कुलेश्वरनाथ तक पहुंचकर किया जलाभिषेक राजिम । श्रावण मास के दूसरे सोमवार को राजिम क्षेत्र में आस्था, भक्ति और उत्साह का अदभुत संगम देखने को मिला। विधायक रोहित साहू के नेतृत्व में निकली कांवड़ यात्रा में हजारों की संख्या में शिवभक्त, श्रद्धालु, ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि और मातृशक्तियां व भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। पंचकोशी धाम के फिंगेश्वर से प्रारंभ हुई यह कांवड़ यात्रा करीब 17 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राजिम के त्रिवेणी संगम स्थित प्रसिद्ध श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त उत्साह के साथ चलते रहे। विधायक रोहित साहू ने फिंगेश्वर स्थित फणिकेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया और स्वयं पैदल चलकर राजिम की ओर रवाना हुए। विधायक के साथ चल रहे हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, कारवां बढ़ता गया और रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। कांवड़ यात्रा के मार्ग में ग्रामीणों ने विधायक रोहित साहू का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने थाल सजाकर विधायक की आरती उतारी और फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा कर अभिनंदन किया। महिलाओं और युवाओं ने गुलाल लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। कई जगह ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कांवड़ यात्रा का स्वागत किया। रास्तेभर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखाई दिया। कांवड़ यात्रा दोपहर करीब डेढ़ बजे बोरसी गांव पहुंची। यहां कुछ देर विश्राम करने के बाद विधायक अपने काफिले के साथ किरवई के लिए रवाना हुए। किरवई पहुंचते ही यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं और युवाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद कांवड़ यात्रा आगे कोमा की ओर रवाना हुई। राजिम में ऐतिहासिक स्वागत कोमा से आगे बढ़ते हुए कांवड़ यात्रा देर शाम राजिम शहर पहुंची। शहर में प्रवेश करते ही शिवभक्तों और आम नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवाजी चौक और पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर विधायक रोहित साहू और कांवड़ यात्रियों का भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आतिशबाजी के बीच विधायक का अभिनंदन किया गया। फूल-मालाओं से स्वागत और जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। राजिम शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कांवड़ यात्रा लक्ष्मण झूला की ओर बढ़ी। यहां से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्थित श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद विधायक रोहित साहू ने पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का विधि-विधान से पूजन किया और कांवड़ के पवित्र जल से जलाभिषेक किया। इसी के साथ करीब 17 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक कांवड़ पदयात्रा का समापन हुआ। 17 किलोमीटर तक नजर आया आस्था का कारवां फिंगेश्वर से राजिम तक निकली इस कांवड़ यात्रा की खास बात यह रही कि विधायक रोहित साहू अपनी धर्म पत्नी भुनेश्वरी देवी के साथ पूरे मार्ग में पैदल ही चलते रहे। उनके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। फिंगेश्वर से निकला कांवड़ यात्रियों का यह विशाल कारवां करीब 17 किलोमीटर तक नजर आया। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों के स्वागत ने इसे और भी भव्य बना दिया। कहीं महिलाएं आरती की थाल लेकर खड़ी थीं तो कहीं ग्रामीण फूल-मालाओं के साथ स्वागत के लिए इंतजार कर रहे थे। कांवड़ यात्रा में राजिम नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष हरीश साहू, राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू सहित क्षेत्र के अनेक सरपंच, जनपद सदस्य, पंच, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इनके अलावा बड़ी संख्या में शिवभक्त और श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल रहे। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद विधायक रोहित साहू ने चर्चा करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक कर राजिम क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की मंगल कामना को लेकर यह पदयात्रा निकाली गई थी। उन्होंने कहा कि यात्रा में जिस तरह से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, शिवभक्त, ग्रामवासी और पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चले, वह उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। रास्तेभर ग्रामीणों और मातृशक्तियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत ने इस यात्रा को यादगार बना दिया। विधायक ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और शिवभक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा की यात्रा थी। भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और राजिम क्षेत्र निरंतर सुख, समृद्धि और विकास के पथ पर आगे बढ़े, यही उनकी कामना है।
विधायक की कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 17 किलोमीटर तक गूंजते रहे हर-हर महादेव के जयकारे ढोल-नगाड़ों के बीच पैदल चले विधायक रोहित साहू, रास्तेभर फूलों की बारिश और आरती से हुआ स्वागत पंचकोशी धाम के फणिकेश्वर महादेव से कुलेश्वरनाथ तक पहुंचकर किया जलाभिषेक राजिम । श्रावण मास के दूसरे सोमवार को राजिम क्षेत्र में आस्था, भक्ति और उत्साह का अदभुत संगम देखने को मिला। विधायक रोहित साहू के नेतृत्व में निकली कांवड़ यात्रा में हजारों की संख्या में शिवभक्त, श्रद्धालु, ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि और मातृशक्तियां व भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। पंचकोशी धाम के फिंगेश्वर से प्रारंभ हुई यह कांवड़ यात्रा करीब 17 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राजिम के त्रिवेणी संगम स्थित प्रसिद्ध श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त उत्साह के साथ चलते रहे। विधायक रोहित साहू ने फिंगेश्वर स्थित फणिकेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया और स्वयं पैदल चलकर राजिम की ओर रवाना हुए। विधायक के साथ चल रहे हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, कारवां बढ़ता गया और रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। कांवड़ यात्रा के मार्ग में ग्रामीणों ने विधायक रोहित साहू का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने थाल सजाकर विधायक की आरती उतारी और फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा कर अभिनंदन किया। महिलाओं और युवाओं ने गुलाल लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। कई जगह ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कांवड़ यात्रा का स्वागत किया। रास्तेभर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखाई दिया। कांवड़ यात्रा दोपहर करीब डेढ़ बजे बोरसी गांव पहुंची। यहां कुछ देर विश्राम करने के बाद विधायक अपने काफिले के साथ किरवई के लिए रवाना हुए। किरवई पहुंचते ही यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं और युवाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद कांवड़ यात्रा आगे कोमा की ओर रवाना हुई। राजिम में ऐतिहासिक स्वागत कोमा से आगे बढ़ते हुए कांवड़ यात्रा देर शाम राजिम शहर पहुंची। शहर में प्रवेश करते ही शिवभक्तों और आम नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवाजी चौक और पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर विधायक रोहित साहू और कांवड़ यात्रियों का भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आतिशबाजी के बीच विधायक का अभिनंदन
किया गया। फूल-मालाओं से स्वागत और जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। राजिम शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कांवड़ यात्रा लक्ष्मण झूला की ओर बढ़ी। यहां से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्थित श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद विधायक रोहित साहू ने पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का विधि-विधान से पूजन किया और कांवड़ के पवित्र जल से जलाभिषेक किया। इसी के साथ करीब 17 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक कांवड़ पदयात्रा का समापन हुआ। 17 किलोमीटर तक नजर आया आस्था का कारवां फिंगेश्वर से राजिम तक निकली इस कांवड़ यात्रा की खास बात यह रही कि विधायक रोहित साहू अपनी धर्म पत्नी भुनेश्वरी देवी के साथ पूरे मार्ग में पैदल ही चलते रहे। उनके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। फिंगेश्वर से निकला कांवड़ यात्रियों का यह विशाल कारवां करीब 17 किलोमीटर तक नजर आया। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों के स्वागत ने इसे और भी भव्य बना दिया। कहीं महिलाएं आरती की थाल लेकर खड़ी थीं तो कहीं ग्रामीण फूल-मालाओं के साथ स्वागत के लिए इंतजार कर रहे थे। कांवड़ यात्रा में राजिम नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष हरीश साहू, राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू सहित क्षेत्र के अनेक सरपंच, जनपद सदस्य, पंच, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इनके अलावा बड़ी संख्या में शिवभक्त और श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल रहे। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद विधायक रोहित साहू ने चर्चा करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक कर राजिम क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की मंगल कामना को लेकर यह पदयात्रा निकाली गई थी। उन्होंने कहा कि यात्रा में जिस तरह से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, शिवभक्त, ग्रामवासी और पार्टी कार्यकर्ता उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चले, वह उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। रास्तेभर ग्रामीणों और मातृशक्तियों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत ने इस यात्रा को यादगार बना दिया। विधायक ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और शिवभक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा की यात्रा थी। भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और राजिम क्षेत्र निरंतर सुख, समृद्धि और विकास के पथ पर आगे बढ़े, यही उनकी कामना है।
- छत्तीसगढ़ में अब कुंवारी लड़कियों को भी मिलेगा महतारी वंदन योजना का पैसा! इस नए बदलाव से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:उम्र की सीमा: इस योजना का लाभ केवल उन्हीं अविवाहित महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 40 वर्ष या उससे अधिक है। कम उम्र की कुंवारी लड़कियों के लिए यह नियम नहीं है। पंजीकरण प्रक्रिया: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार, इस विस्तार को लागू करने के लिए जल्द ही महतारी वंदन योजना का आधिकारिक पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, जहाँ पात्र महिलाएं अपना आवेदन कर सकेंगी। वर्तमान स्थिति: अब तक इस योजना का लाभ केवल विवाहित, विधवा, अनाथ और तलाकशुदा महिलाओं को ही मिल रहा था। वित्तीय लाभ: योजना में शामिल होने के बाद पात्र अविवाहित महिलाओं के बैंक खाते में भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रति माह ₹1000 (सालाना ₹12,000) भेजे जाएंगे।1
- स्वतंत्रता दिवस पर जनपद अध्यक्ष धरसीवां जी का खास संदेश1
- खरोरा के सतनामी कर्मचारियों ने मिनीमाता की पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *खरोरा के सतनामी कर्मचारियों ने मिनीमाता की पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि* खरोरा छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सुधारक मिनिमाता की पुण्यतिथि सतनामी कर्मचारियों की गुरु छाया सेवा समिति के तत्वाधान में वेदराम मनहरे उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के मुख्य आतिथ्य में तैलचित्र में दीप प्रज्वलित पूजा अर्चनाकर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर इस मौके पर उनके योगदान को आदरपूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वेदराम मनहरे ने मिनीमाता को स्मरण करते हुए समाज के बेटा बेटियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए मिनीमाता की जीवन संघर्ष और सेवा को अद्वितीय बताया तथा उनके विचार और आदर्श को प्रासंगिक बताया और चांद सूरज के रहते तक मिनीमाता को स्मरण करते रहने की बातें कही। मनहरे ने आगे कहा कि समाज में महिलाओं और कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करते रहने की बातें कही। शिक्षा को अपनाकर भावी पीढ़ियों को शिक्षित संस्कारित बनाने नशामुक्त समाज की बातें कही और समाज में निस्वार्थ भाव से सेवा करने एवं कर्मचारियों की हर तरह से मदद करने की भरोसा दिलाया। कार्यक्रम को समिति के अध्यक्ष श्यामसुंदर बांधे ने मिनीमाता के योगदान को जीवन में प्रेरणा लेने की बातें कही। वहीं हेमकुमारी गिलहरे ने मिनीमाता की जीवनी पर प्रकाश डाली। इस अवसर पर खरोरा परिक्षेत्र के कक्षा 10 वीं 12वीं के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मोमेंटो,प्रशस्ति पत्र भेंटकर मुख्य अतिथि के हाथों सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र बारले एवं आभार मनविश्राम गिलहरे ने किया। इस अवसर पर समाज के कर्मचारी अधिकारी, वरिष्ठगण ,मातृत्व शक्ति महिलाएं एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।4
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित 🚨 समय पूर्व केस सुलझाने, ई-साक्ष्य और सीसीटीएनएस एंट्री में बेहतर प्रदर्शन पर मिले प्रशस्ति पत्र। गरियाबंद- जिला पुलिस कार्यालय गरियाबंद में आज पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर जिले के थानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किये। पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने, डिजिटल साक्ष्य (ई-साक्ष्य) प्रबंधन और सीसीटीएनएस डेटा एंट्री में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले विवेचकों व पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। त्वरित न्याय और डिजिटल पुलिसिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता को समय पर न्याय दिलाना और पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल व पारदर्शी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन अधिकारी-कर्मचारियों ने गंभीर और सामान्य आपराधिक प्रकरणों का समय से पहले (समय पूर्व) वैधानिक निराकरण किया है, वे अन्य पुलिसकर्मियों के लिए रोल माॅडल हैं। ई-साक्ष्य और सीसीटीएनएस में गरियाबंद पुलिस अग्रणी आज के आधुनिक दौर में वैज्ञानिक अनुसंधान और डिजिटल रिकार्ड का महत्व बताते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थानों में ई-साक्ष्य को सही तरीके से संकलित करना और सीसीटीएनएस केस पोर्टल पर रियल-टाइम डेटा एंट्री करना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस कार्य में जिन पुलिस कर्मियों ने दिन-रात लगन से काम कर जिले का ग्राफ ऊंचा किया है, वे इस सम्मान के असली हकदार हैं। अधीक्षक ने सभी पुरस्कृत अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस सम्मान से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि अन्य कर्मचारियों में भी बेहतर काम करने की प्रतिस्पर्धा पैदा होगी। उन्होंने आगे भी इसी ऊर्जा और निष्पक्षता के साथ आम जनता की सेवा करने का आह्वान किया। इस सम्मान समारोह में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, समस्त थाना प्रभारी और कार्यालयीन स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- गरियाबंद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेन्द्र पटेल को दी गई ससम्मान विदाई, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नए एएसपी के रूप में संभालेंगे कमान। गरियाबंद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेन्द्र पटेल को दी गई ससम्मान विदाई, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नए एएसपी के रूप में संभालेंगे कमान। श्री धीरेन्द्र पटेल के कुशल नेतृत्व में गरियाबंद पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की है। गरियाबंद- जिला पुलिस कार्यालय गरियाबंद में आज एक गरिमामय विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेन्द्र पटेल को उनके नवीन पदस्थापना जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के लिए ससम्मान विदाई दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और समस्त थाना प्रभारी के साथ पुलिस परिवार ने उनके उत्कृष्ट कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं गई। *नक्सल मोर्चे पर रहा ऐतिहासिक कार्यकाल* - विदाई समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेन्द्र पटेल का गरियाबंद में कार्यकाल अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक रहा है। उनके कुशल रणनीतिक नेतृत्व में जिला पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल कीं। श्री पटेल के मार्गदर्शन में गरियाबंद पुलिस ने क्षेत्र के टाॅप काडर के कंट्री कमेटी मेम्बर (सीसी मेम्बर) समेत कई ईनामी नक्सलियों को मार गिराने में सफलता प्राप्त किये है। *आत्मसमर्पण और क्षेत्र में शांति बहाली को मिला बढ़ावा* - न केवल आक्रामक अभियानों बल्कि श्री पटेल की जन-हितैषी नीतियों और बेहतर पुनर्वास नीतियों के प्रचार-प्रसार के कारण बड़ी संख्या में सक्रिय नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। उनके इस समर्पण और कड़े परिश्रम के फलस्वरूप गरियाबंद जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और विकास कार्यों को गति मिल रही है। *पुलिस परिवार ने जताया आभार* - विदाई के इस भावुक क्षण में गरियाबंद पुलिस परिवार के सदस्यों ने श्री धीरेन्द्र पटेल के सरल स्वभाव, अनुशासित कार्यशैली और अधिनस्थों को हमेशा प्रेरित करने वाले नेतृत्व की सराहना की। पुलिस अधीक्षक ने उनके नए जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ में नवीन पदस्थापना पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि वे वहां भी अपनी कर्तव्यनिष्ठा से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।1
- hariyali Tihar ke sabosamvari man lagada badhai happy hareli happy haveli1