आजमगढ़ पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामदगी अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मई 2026 में खोए हुए 448 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹94 लाख बताई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत, सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन की तलाश की गई। रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने रिजर्व पुलिस लाइन में इन बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया। पुलिस के अनुसार, फरवरी 2024 से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 4650 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹11 करोड़ 22 लाख है। वहीं, वर्ष 2026 में अब तक 1407 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने आजमगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त किया और इस अभियान की सराहना की है। आजमगढ़ पुलिस की यह उपलब्धि, जिसमें 28 माह में कुल ₹11.22 करोड़ मूल्य के 4650 खोए मोबाइल फोन उनके स्वामियों को लौटाए गए हैं, अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आजमगढ़ पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामदगी अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मई 2026 में खोए हुए 448 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹94 लाख बताई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत, सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन की तलाश की गई।
रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने रिजर्व पुलिस लाइन में इन बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया। पुलिस के अनुसार, फरवरी 2024 से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 4650 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹11 करोड़ 22 लाख है। वहीं, वर्ष 2026 में अब तक 1407 मोबाइल फोन बरामद कर
उनके मालिकों को लौटाए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने आजमगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त किया और इस अभियान की सराहना की है। आजमगढ़ पुलिस की यह उपलब्धि, जिसमें 28 माह में कुल ₹11.22 करोड़ मूल्य के 4650 खोए मोबाइल फोन उनके स्वामियों को लौटाए गए हैं, अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- आजमगढ़ के मोहम्मदपुर विकासखंड स्थित रानीपुर रजमों की अस्थायी गौशाला में गो-धन संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूहों को ₹1.07 करोड़ का एक डेमो चेक वितरित किया गया, जिसका उद्देश्य उनकी आय बढ़ाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सम्मानित किया और उन्हें वर्मी कम्पोस्ट किट भी प्रदान की। अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 27.13 लाख पौधरोपण का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वयं सहायता समूहों द्वारा 27.13 लाख किलो वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जाएगा। इस योजना के तहत गौशालाओं से गोबर 50 पैसे प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा और तैयार वर्मी कम्पोस्ट ग्राम पंचायतों को ₹10 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों को करीब ₹2.71 करोड़ और गौशालाओं को लगभग ₹32.30 लाख की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण और गो-पूजन जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।3
- मऊ जिले के रानीपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत दौलसेपुर में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत अत्यंत शर्मनाक है, जहाँ स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी करोड़ों की योजनाएँ दम तोड़ रही हैं। लाखों की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय पिछले पाँच वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके गेट पर ताला लगा है और अंदर बकरियाँ बंधी मिलीं। दीवार पर स्पष्ट रूप से "सामुदायिक शौचालय, ग्राम पंचायत दौलसेपुर, विकास खंड रानीपुर, जनपद मऊ" लिखा होने के बावजूद, ग्रामीण, विशेषकर महिलाएँ, खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इसी तरह, कचरा प्रबंधन के लिए स्थापित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का भी निजी इस्तेमाल हो रहा है, जहाँ केंद्र के अंदर बकरियाँ बंधी हैं और उपले व लकड़ी भरकर रखी गई है, जबकि कूड़ा अलग करने वाली मशीनें जंग खा रही हैं। इसके अतिरिक्त, गाँव में स्वीकृत कूड़ा घर का निर्माण अधूरा है और अमृत सरोवर की सिर्फ खुदाई कर उसे छोड़ दिया गया है; बीते पाँच वर्षों में एक भी योजना पूरी नहीं हो पाई है। 27 मई 2026 को जीपीएस कैमरे से ली गई तस्वीरों में शौचालय और आरआरसी सेंटर की बदहाली तथा बाहर फैली गंदगी और गोबर के उपलों का ढेर कैद है। ग्रामीणों में इन स्थितियों को लेकर गहरा आक्रोश है, उनका आरोप है कि हर काम का बजट पास होने और भुगतान होने के बावजूद कोई सुविधा नहीं मिली है, और सरकारी धन का यह दुरुपयोग जिम्मेदारों की मिलीभगत से हुआ है। ग्रामीणों ने तत्काल शौचालय और आरआरसी सेंटर को चालू करने की मांग की है।1
- स्थानीय निवासियों ने अपने क्षेत्र में सड़क के अभाव को लेकर शिकायत की है। उनके अनुसार, जहाँ वे रहते हैं, वहाँ न तो कोई पक्की सड़क मौजूद है और न ही अभी तक कोई कच्ची सड़क बनाई गई है।4
- खेतासराय नगर में विद्युत आपूर्ति के लिए बांस-बल्ली का सहारा लिया जा रहा है। इस अनिश्चित और अस्थायी व्यवस्था के कारण क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। इस समस्या को लेकर, एक नामित सभासद की अगुवाई में पीड़ित लोग अपनी आवाज़ उठाने के लिए एकजुट हुए हैं।1
- देवरिया जिले की भटनी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में वांछित अभियुक्त निखिल कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए शिवबनकटा चौराहा से डुमरी जाने वाले मार्ग से 18 वर्षीय निखिल कुमार को पकड़ा, जो विजयीपुर, गोपालगंज (बिहार) का निवासी है। पुलिस के अनुसार, निखिल कुमार के खिलाफ थाना भटनी में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज था। मामले की विवेचना के दौरान, पीड़िता को 27 मई 2026 को सकुशल बरामद कर लिया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार और हेड कांस्टेबल अरविन्द यादव शामिल थे।1
- जौनपुर के पुरेव गांव में पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय गंगा पंडित जी के निवास स्थान पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस ज्ञान कथा का वाचन व्यास धर्म ध्वज रामानुजाचार्य महाराज चित्रकूट के मुख से हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन में कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय के निवास स्थान पर पहुंच रहे हैं। कथा श्रवण कर सभी श्रद्धालु अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।1
- आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के नेता और विधान परिषद सदस्य शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने गरीब, असहाय मरीजों और जरूरतमंद बेटियों की शादी के लिए ₹4.04 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह सहायता 29 मई से 4 जून 2026 के बीच चेक के माध्यम से विभिन्न लाभार्थियों को वितरित की गई। गुड्डू जमाली ने इस अवसर पर कहा कि उनके लिए राजनीति सत्ता या पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का एक सशक्त जरिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीबों, मरीजों, विधवाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना उनका नैतिक दायित्व है। उनका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है, और यही उनके सार्वजनिक जीवन का मूल लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि जनता का विश्वास और उनकी दुआएं ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी हैं। गुड्डू जमाली ने संकल्प लिया कि जनसेवा का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- देवरिया के बरहज विधानसभा क्षेत्र स्थित परसिया व विशुनपुर देवार में सरयू नदी के कटान और नाव संचालन की मांग को लेकर परसिया देवार में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर नदी का कटान रोकने की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई और सरयू नदी पर स्थायी रूप से चार नावों का संचालन शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्र के लोग अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। रावत ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में सरयू नदी के तेज कटान के कारण किसानों की हजारों एकड़ भूमि नदी में समा चुकी है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे इस कटान से किसान अब भूमिहीन होने की कगार पर पहुँच गए हैं। इस पंचायत में राजेश यादव, यशवंत कुमार, मंटू यादव, राहुल प्रसाद, सुमन निषाद, राजू निषाद, सलीम अंसारी, विकास यादव, आदित्य कुमार, वीरेंद्र यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- जौनपुर जिले के पुरेव पटेल नगर गांव में स्थित पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय, जिन्हें गंगा पंडित जी के नाम से भी जाना जाता है, के निवास स्थान पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पुनीत अवसर पर चित्रकूट से पधारे व्यास धर्म ध्वज रामानुजाचार्य महाराज अपने मुख से ज्ञान कथा का वाचन कर रहे हैं। कथा श्रवण करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय के निवास स्थान पर पहुंच रहे हैं, और कथा सुनकर सभी भक्त अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।1