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बेशर्मी की हद! जेल से फोन कर मासूम के भाई को दी जान से मारने की धमकी, क्या सो रहा है प्रशासन? अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश 🚨सफेदपोश पहरेदारों की गोद में पलते 'जेल' के 'ज़हरीले नाग'🚨 रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं: जेल के भीतर से पीड़िता के परिवार को दी जा रही जान से मारने की धमकी। जेल बनी 'अपराध की पाठशाला': रंजीत ने कानून के गाल पर जड़ा तमाचा, प्रशासन मौन। 'जेल' में मोबाइल... कर्मचारी ही जिम्मेदार? अपराधियों को वीआईपी सुविधाएं कब तक? सावधान! बस्ती मंडल की जेलों में 'अपराधी' नहीं, 'सुविधाएं' बंद हैं! बेशर्मी की हद! जेल से फोन कर मासूम के भाई को दी जान से मारने की धमकी, क्या सो रहा है प्रशासन? बस्ती।। कहने को तो जेलें सुधार गृह होती हैं, लेकिन बस्ती मंडल की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिन सलाखों के पीछे अपराधियों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए थी, वहीं से वे बेखौफ होकर नए अपराधों की इबारत लिख रहे हैं। ताज़ा मामला रंजीत (पुत्र ओमप्रकाश) का है, जो पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में जेल के अंदर बंद है, लेकिन उसका 'नेटवर्क' आज भी बाहर उतना ही सक्रिय है जितना गिरफ्तारी से पहले था। कानून का खौफ या खाकी का संरक्षण? सवाल यह उठता है कि जिस जेल के बारे में दावा किया जाता है कि वहां 'परिंदा भी पर नहीं मार सकता', वहां एक अपराधी के हाथ में स्मार्टफोन और सिम कार्ड कैसे पहुंच गया? बीती 30 मार्च को रंजीत द्वारा पीड़िता के परिवार को दी गई धमकी यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह मुमकिन नहीं है। "नहीं तो तुम्हारा एक ही भाई शिवा है, जो स्कूल पढ़ने जाता है, उसको मैं जान से खत्म कर दूंगा..." एक अपराधी की यह हिमाकत दिखाती है कि उसे न तो जज साहब के निरीक्षण का डर है और न ही डीएम साहब की चौकसी का। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और चंद सिक्कों की खातिर अपराधियों को 'वीआईपी' सुविधाएं मुहैया कराने लगें, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? सिर्फ रंजीत दोषी नहीं, व्यवस्था भी गुनहगार है यह केवल एक कॉल का मामला नहीं है, बल्कि उस डरी-सहमी बच्ची और उसके परिवार के विश्वास की हत्या है, जो न्याय की आस में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। जेल के भीतर से मोबाइल सेवा का संचालन होना सीधे तौर पर जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा करता है। क्या मोबाइल रिकॉर्ड की जांच होगी? क्या उन अधिकारियों पर गाज गिरेगी जिनकी नाक के नीचे यह धंधा फल-फूल रहा है? या फिर हर बार की तरह जांच के नाम पर लीपापोती कर दी जाएगी? जनता का आक्रोश: यह कैसी कानून व्यवस्था? एक तरफ सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, दूसरी तरफ जेल के अंदर से अपराधी गवाहों को डरा-धमका रहे हैं। यह स्थिति समाज के लिए कैंसर के समान है। अगर जेल से ही अपराध संचालित होने लगेंगे, तो पुलिस की भागदौड़ और अदालतों की मेहनत का क्या अर्थ रह जाएगा? बस्ती मंडल के उच्चाधिकारियों को अब गहरी नींद से जागना होगा। केवल अपराधी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; उन 'वर्दीधारी अपराधियों' को भी बेनकाब करना जरूरी है, जिन्होंने जेल की दीवारों को अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना दिया है। जनता जवाब मांग रही है—न्याय चाहिए या खौफ?

4 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago
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बेशर्मी की हद! जेल से फोन कर मासूम के भाई को दी जान से मारने की धमकी, क्या सो रहा है प्रशासन? अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश 🚨सफेदपोश पहरेदारों की गोद में पलते 'जेल' के 'ज़हरीले नाग'🚨 रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं: जेल के भीतर से पीड़िता के परिवार को दी जा रही जान से मारने की धमकी। जेल बनी 'अपराध की पाठशाला': रंजीत ने कानून के गाल पर जड़ा तमाचा, प्रशासन मौन। 'जेल' में मोबाइल... कर्मचारी ही जिम्मेदार? अपराधियों को वीआईपी सुविधाएं कब तक? सावधान! बस्ती मंडल की जेलों में 'अपराधी' नहीं, 'सुविधाएं' बंद हैं! बेशर्मी की हद! जेल से फोन कर मासूम के भाई को दी जान से मारने की धमकी, क्या सो रहा है प्रशासन? बस्ती।। कहने को तो जेलें सुधार गृह होती हैं, लेकिन बस्ती मंडल की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिन सलाखों के पीछे अपराधियों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए थी, वहीं से वे बेखौफ होकर नए अपराधों की इबारत लिख रहे हैं। ताज़ा मामला रंजीत (पुत्र ओमप्रकाश) का है, जो पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में जेल के अंदर बंद है, लेकिन उसका 'नेटवर्क' आज भी बाहर उतना ही सक्रिय है जितना गिरफ्तारी से पहले था। कानून का खौफ या खाकी का संरक्षण? सवाल यह उठता है कि जिस जेल के बारे में दावा किया जाता है कि वहां 'परिंदा भी पर नहीं मार सकता', वहां एक अपराधी के हाथ में स्मार्टफोन और सिम कार्ड कैसे पहुंच गया? बीती 30 मार्च को रंजीत द्वारा पीड़िता के परिवार को दी गई धमकी यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह मुमकिन नहीं है। "नहीं तो तुम्हारा एक ही भाई शिवा है, जो स्कूल पढ़ने जाता है, उसको मैं जान से खत्म कर दूंगा..." एक अपराधी की यह हिमाकत दिखाती है कि उसे न तो जज साहब के निरीक्षण का डर है और न ही डीएम साहब की चौकसी का। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और चंद सिक्कों की खातिर अपराधियों को 'वीआईपी' सुविधाएं मुहैया कराने लगें, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? सिर्फ रंजीत दोषी नहीं, व्यवस्था भी गुनहगार है यह केवल एक कॉल का मामला नहीं है, बल्कि उस डरी-सहमी बच्ची और उसके परिवार के विश्वास की हत्या है, जो न्याय की आस में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। जेल के भीतर से मोबाइल सेवा का संचालन होना सीधे तौर पर जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्ठा पर सवालिया निशान खड़ा करता है। क्या मोबाइल रिकॉर्ड की जांच होगी? क्या उन अधिकारियों पर गाज गिरेगी जिनकी नाक के नीचे यह धंधा फल-फूल रहा है? या फिर हर बार की तरह जांच के नाम पर लीपापोती कर दी जाएगी? जनता का आक्रोश: यह कैसी कानून व्यवस्था? एक तरफ सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, दूसरी तरफ जेल के अंदर से अपराधी गवाहों को डरा-धमका रहे हैं। यह स्थिति समाज के लिए कैंसर के समान है। अगर जेल से ही अपराध संचालित होने लगेंगे, तो पुलिस की भागदौड़ और अदालतों की मेहनत का क्या अर्थ रह जाएगा? बस्ती मंडल के उच्चाधिकारियों को अब गहरी नींद से जागना होगा। केवल अपराधी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; उन 'वर्दीधारी अपराधियों' को भी बेनकाब करना जरूरी है, जिन्होंने जेल की दीवारों को अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना दिया है। जनता जवाब मांग रही है—न्याय चाहिए या खौफ?

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  • मेरे विद्यालय के सामनें एक गरीब🙎‍♂️बालक जो हमारा प्यारा🤝मित्र है,वह अपने दिल की बात करते हुए होली में अपनें लिए पठानी सूट पहननें की मांग की जिसको मै मना नहीं कर सका और उसकी मांग की पूर्ति की।👍 🛕भगवान भोलेनाथ जी🙏एवं आप लोगों का 🫳आर्शिवाद बालक मित्र पर बना रहे और मै उसके दिल की हर मुराद पूरा करता रहूं।👏
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    मेरे विद्यालय के सामनें एक गरीब🙎‍♂️बालक जो हमारा प्यारा🤝मित्र है,वह अपने दिल की बात करते हुए होली में अपनें लिए पठानी सूट पहननें की मांग की जिसको मै मना नहीं कर सका और उसकी मांग की पूर्ति की।👍
🛕भगवान भोलेनाथ जी🙏एवं आप लोगों का 🫳आर्शिवाद बालक मित्र पर बना रहे और मै उसके दिल की हर मुराद पूरा करता रहूं।👏
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • बस्ती से माननीय सांसद श्री राम प्रसाद चौधरी जी ने बेरोज़गारी के मुद्दे को लेकर सदन मे अपनी बात को लोकसभा सदन मे रखा ।
    1
    बस्ती से माननीय सांसद श्री राम प्रसाद चौधरी जी ने बेरोज़गारी के मुद्दे को लेकर सदन मे अपनी बात को लोकसभा सदन मे रखा ।
    user_Kuldeep Maurya "Jivan"
    Kuldeep Maurya "Jivan"
    Insurance Agent Basti, Uttar Pradesh•
    20 hrs ago
  • ​बस्ती/लखनऊ | अजीत मिश्रा (खोजी) ​उत्तर प्रदेश में सुशासन का दम भरने वाली सरकार की नाक के नीचे जो हुआ, उसने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और जनसेवा के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बनाई गई '1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन' आज खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। विडंबना देखिए, जो बेटियां दूसरों की शिकायतें दर्ज कर उन्हें न्याय दिलाती थीं, आज जब उन्होंने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो उन्हें न्याय की जगह खाकी की 'बदसलूकी' मिली। ​सड़कों पर घसीटी गईं 'शक्ति' स्वरूपा बेटियां ​राजधानी की सड़कों से आई तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों को यूपी पुलिस ने जिस तरह से खदेड़ा और उनके साथ धक्का-मुक्की की, वह शर्मनाक है। क्या 15 हजार रुपये वेतन और 50 मिनट के ब्रेक की मांग करना इतना बड़ा अपराध है कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाए? मिशन शक्ति के विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च करने वाली सरकार को अपनी इन बेटियों का दर्द क्यों नहीं दिख रहा? ​1076: भरोसे का कत्ल और 'जाली' रिपोर्ट का खेल ​सूत्रों की मानें तो 1076 हेल्पलाइन अब केवल खानापूर्ति का केंद्र बनकर रह गई है। एक तरफ जनता का इस हेल्पलाइन से भरोसा पहले ही उठ चुका है क्योंकि शिकायतों पर जमीनी कार्रवाई के बजाय 'जाली रिपोर्ट' लगाकर फाइलें बंद कर दी जाती हैं। अब इस विभाग के कर्मचारियों का भी सिस्टम से मोहभंग हो गया है। जब विभाग के भीतर ही शोषण का बोलबाला हो, तो वे जनता को क्या राहत दिलाएंगे? ​महंगाई के दौर में 15 हजार के लिए 'जंग' ​आज के दौर में जहां महंगाई आसमान छू रही है, वहां 15 हजार रुपये की मामूली तनख्वाह के लिए इन लड़कियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। 10-10 घंटे की शिफ्ट और नाममात्र का ब्रेक—यह आधुनिक बंधुआ मजदूरी नहीं तो और क्या है? प्रशासन की यह तानाशाही बता रही है कि अपराध और भ्रष्टाचार का घड़ा अब भर चुका है और यह कभी भी फूट सकता है। ​ सवाल: ​क्या मुख्यमंत्री तक इन बेटियों की आवाज पहुंचने से पहले ही पुलिस के दम पर दबा दी जाएगी? ​'जाली रिपोर्ट' के खेल में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? ​क्या यही है उत्तर प्रदेश का 'महिला सशक्तिकरण'? ​प्रशासन को समझना होगा कि लाठी के दम पर आवाजें दबाई जा सकती हैं, लेकिन असंतोष की आग को नहीं बुझाया जा सकता।
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    ​बस्ती/लखनऊ | अजीत मिश्रा (खोजी)
​उत्तर प्रदेश में सुशासन का दम भरने वाली सरकार की नाक के नीचे जो हुआ, उसने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और जनसेवा के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बनाई गई '1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन' आज खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। विडंबना देखिए, जो बेटियां दूसरों की शिकायतें दर्ज कर उन्हें न्याय दिलाती थीं, आज जब उन्होंने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो उन्हें न्याय की जगह खाकी की 'बदसलूकी' मिली।
​सड़कों पर घसीटी गईं 'शक्ति' स्वरूपा बेटियां
​राजधानी की सड़कों से आई तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों को यूपी पुलिस ने जिस तरह से खदेड़ा और उनके साथ धक्का-मुक्की की, वह शर्मनाक है। क्या 15 हजार रुपये वेतन और 50 मिनट के ब्रेक की मांग करना इतना बड़ा अपराध है कि उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाए? मिशन शक्ति के विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च करने वाली सरकार को अपनी इन बेटियों का दर्द क्यों नहीं दिख रहा?
​1076: भरोसे का कत्ल और 'जाली' रिपोर्ट का खेल
​सूत्रों की मानें तो 1076 हेल्पलाइन अब केवल खानापूर्ति का केंद्र बनकर रह गई है। एक तरफ जनता का इस हेल्पलाइन से भरोसा पहले ही उठ चुका है क्योंकि शिकायतों पर जमीनी कार्रवाई के बजाय 'जाली रिपोर्ट' लगाकर फाइलें बंद कर दी जाती हैं। अब इस विभाग के कर्मचारियों का भी सिस्टम से मोहभंग हो गया है। जब विभाग के भीतर ही शोषण का बोलबाला हो, तो वे जनता को क्या राहत दिलाएंगे?
​महंगाई के दौर में 15 हजार के लिए 'जंग'
​आज के दौर में जहां महंगाई आसमान छू रही है, वहां 15 हजार रुपये की मामूली तनख्वाह के लिए इन लड़कियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। 10-10 घंटे की शिफ्ट और नाममात्र का ब्रेक—यह आधुनिक बंधुआ मजदूरी नहीं तो और क्या है? प्रशासन की यह तानाशाही बता रही है कि अपराध और भ्रष्टाचार का घड़ा अब भर चुका है और यह कभी भी फूट सकता है।
​ सवाल:
​क्या मुख्यमंत्री तक इन बेटियों की आवाज पहुंचने से पहले ही पुलिस के दम पर दबा दी जाएगी?
​'जाली रिपोर्ट' के खेल में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
​क्या यही है उत्तर प्रदेश का 'महिला सशक्तिकरण'?
​प्रशासन को समझना होगा कि लाठी के दम पर आवाजें दबाई जा सकती हैं, लेकिन असंतोष की आग को नहीं बुझाया जा सकता।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Pramod Kumar Goswami. .02/04/2026
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    Pramod Kumar Goswami.                  .02/04/2026
    user_Pramod Kumar Goswami
    Pramod Kumar Goswami
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • खलीलाबाद, संत कबीर नगर।। जनपद खलीलाबाद के विकास खंड क्षेत्र में शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत गांव चौपाल का आयोजन बड़े ही उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने उपस्थित होकर ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया तथा सभी अधिकारियों को विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी खलीलाबाद, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अंकुर राज तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने गांव चौपाल में पहुंचकर जनता की समस्याओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों में अनिल सिंह, अमर राज गुप्ता, बिपिन चंद्र, सतीश मौर्य, अमन श्रीवास्तव, पुनीता विश्वकर्मा, निधि मिश्रा, कमलेश त्रिपाठी, विजय निषाद, राधेश्याम रंजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ग्राम स्तर पर प्रधानगढ़ के ग्राम प्रधान छोटेलाल, व्यारा के ग्राम प्रधान रामसंही गुप्ता, पड़रिया के ग्राम प्रधान विपिन यादव, बलवंत यादव तथा ग्राम प्रधान परमेश्वर यादव सहित अन्य ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत सहायकों में शशि यादव, विकास निषाद, पंकज मिश्रा आदि लोग भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। गांव चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। इस आयोजन से ग्रामीणों में उत्साह एवं संतोष का वातावरण देखने को मिला।
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    खलीलाबाद, संत कबीर नगर।।
जनपद खलीलाबाद के विकास खंड क्षेत्र में शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत गांव चौपाल का आयोजन बड़े ही उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने उपस्थित होकर ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया तथा सभी अधिकारियों को विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी खलीलाबाद, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अंकुर राज तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने गांव चौपाल में पहुंचकर जनता की समस्याओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों में अनिल सिंह, अमर राज गुप्ता, बिपिन चंद्र, सतीश मौर्य, अमन श्रीवास्तव, पुनीता विश्वकर्मा, निधि मिश्रा, कमलेश त्रिपाठी, विजय निषाद, राधेश्याम रंजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
ग्राम स्तर पर प्रधानगढ़ के ग्राम प्रधान छोटेलाल, व्यारा के ग्राम प्रधान रामसंही गुप्ता, पड़रिया के ग्राम प्रधान विपिन यादव, बलवंत यादव तथा ग्राम प्रधान परमेश्वर यादव सहित अन्य ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत सहायकों में शशि यादव, विकास निषाद, पंकज मिश्रा आदि लोग भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गांव चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। इस आयोजन से ग्रामीणों में उत्साह एवं संतोष का वातावरण देखने को मिला।
    user_खबरें 24
    खबरें 24
    Court reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • संतकबीरनगर । नगर के हाइडिल कॉलोनी स्थित पुरानी पुलिस लाइन परिसर से गुरुवार को संगीतमयी श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा पुरानी पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों—गोला बाजार, मुखलिसपुर तिराहा और आजाद चौक से होती हुई समय जी माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान "जय श्रीराम" के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश में जल भरकर पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत यात्रा पुनः कथा स्थल पहुंचकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में किन्नर समाज की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिससे आयोजन में सामाजिक समरसता का संदेश भी परिलक्षित हुआ। आयोजकों के अनुसार संगीतमयी श्रीराम कथा 2 अप्रैल से प्रारंभ होकर 10 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से आयोजित की जाएगी। कथा के दौरान कथा व्यास गोरखनाथ मिश्रा भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, धर्म और भक्ति से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करेंगे। धार्मिक आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष कन्हैया वर्मा, भाजपा नेता प्रदीप सिंह सिसोदिया, भाजपा नेत्री किरण प्रजापति, श्याम सिंह, शुभम राय, राकेश पाठक, सभासद वीरेंद्र यादव, विजय ठाकुर, दीपक यादव एवं किन्नर समाज की निकिता पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    संतकबीरनगर ।
नगर के हाइडिल कॉलोनी स्थित पुरानी पुलिस लाइन परिसर से गुरुवार को संगीतमयी श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कलश यात्रा पुरानी पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों—गोला बाजार, मुखलिसपुर तिराहा और आजाद चौक से होती हुई समय जी माता मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान "जय श्रीराम" के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश में जल भरकर पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत यात्रा पुनः कथा स्थल पहुंचकर संपन्न हुई।
कलश यात्रा में किन्नर समाज की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिससे आयोजन में सामाजिक समरसता का संदेश भी परिलक्षित हुआ।
आयोजकों के अनुसार संगीतमयी श्रीराम कथा 2 अप्रैल से प्रारंभ होकर 10 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से आयोजित की जाएगी। कथा के दौरान कथा व्यास गोरखनाथ मिश्रा भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, धर्म और भक्ति से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करेंगे।
धार्मिक आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष कन्हैया वर्मा, भाजपा नेता प्रदीप सिंह सिसोदिया, भाजपा नेत्री किरण प्रजापति, श्याम सिंह, शुभम राय, राकेश पाठक, सभासद वीरेंद्र यादव, विजय ठाकुर, दीपक यादव एवं किन्नर समाज की निकिता पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Vipin Rai Journalist
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    Post by Vipin Rai Journalist
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • 🙏👍
    1
    🙏👍
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
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