16 मार्च से शुरू होगा गेहूं उपार्जन, सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश • • जिले के 92 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया • जिले में श्यामपुर तहसील में सबसे ज्यादा 19 हजार 978 किसानों ने कराया पंजीयन • कलेक्टर की अध्यक्षता में उपार्जन समिति की बैठक सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य 16 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा। उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने तथा उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिये कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने बैठक आयोजित कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर गेहूं खरीदी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता, तौल कांटे, नमी मापक यंत्र, साफ-सफाई, पेयजल, छाया तथा किसानों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उपार्जन केन्द्रों पर बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था भी समय से कर ली जाए, ताकि पंजीकृत किसानों का गेहूं उपार्जन कार्य सुचारू रूप से किया जा सके। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की स्लॉट बुकिंग के आधार पर किसानों को उनके निर्धारित दिन और समय पर ही उपार्जन केन्द्र पर बुलाया जाए। इससे अनावश्यक भीड़ से बचा जा सकेगा और खरीदी कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा। उन्होंने कहा कि किसानों से गेहूं खरीदी करते समय निर्धारित मापदंडों का पालन किया जाए तथा गुणवत्ता के अनुसार ही गेहूं स्वीकार किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण तथा समय पर परिवहन की भी समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए गोदामों की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य के दौरान किसानों से संवाद बनाए रखा जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। उपार्जन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यदि कहीं किसी प्रकार की कमी या समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन शासन सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को उपार्जन कार्य के सफल संचालन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, सहकारिता, वेयर हाउस तथा विपणन संघ के अधिकारी उपस्थित थे। जिले के 92 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन जिले में गेहूं उपार्जन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों का पंजीयन लगातार बढ़ रहा है। आठ मार्च 2026 तक जिले में कुल 92 हजार 889 किसानों ने पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 88 हजार 292 थी। इस वर्ष कुल पंजीकृत रकबा 2 लाख 20 हजार 461.97 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार आष्टा तहसील में 13 हजार 676 किसानों ने 31,629 हेक्टेयर, इछावर में 7 हजार 683 किसानों ने 19,825.75 हेक्टेयर, जावर में 5 हजार 955 किसानों ने 13,582.84 हेक्टेयर तथा भैरूंदा में 15 हजार 438 किसानों ने 42,603.41 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया। वहीं बुधनी में 5 हजार 464 किसानों ने 15,848.89 हेक्टेयर, रेहटी में 8 हजार 597 किसानों ने 22,135.99 हेक्टेयर और श्यामपुर में 19 हजार 978 किसानों ने 41,592.08 हेक्टेयर क्षेत्र का पंजीयन कराया है। इसी प्रकार सीहोर तहसील में 15 हजार 973 किसानों ने 32,980.34 हेक्टेयर तथा सीहोर नगर में 125 किसानों ने 263.67 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया है। प्रशासन ने किसानों से निर्धारित समय सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
16 मार्च से शुरू होगा गेहूं उपार्जन, सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश • • जिले के 92 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया • जिले में श्यामपुर तहसील में सबसे ज्यादा 19 हजार 978 किसानों ने कराया पंजीयन • कलेक्टर की अध्यक्षता में उपार्जन समिति की बैठक सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य 16 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा। उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने तथा उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिये कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने बैठक आयोजित कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर गेहूं खरीदी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता, तौल कांटे, नमी मापक यंत्र, साफ-सफाई, पेयजल, छाया तथा किसानों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उपार्जन केन्द्रों पर बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था भी समय से कर ली जाए, ताकि पंजीकृत किसानों का गेहूं उपार्जन कार्य सुचारू रूप से किया जा सके। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की स्लॉट बुकिंग के आधार पर किसानों को उनके निर्धारित दिन और समय पर ही उपार्जन केन्द्र पर बुलाया जाए। इससे अनावश्यक भीड़ से बचा जा सकेगा और खरीदी कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा। उन्होंने कहा कि किसानों से गेहूं खरीदी करते समय निर्धारित मापदंडों का पालन किया जाए तथा गुणवत्ता के अनुसार ही गेहूं स्वीकार किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण तथा समय पर परिवहन की भी समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए गोदामों की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य के दौरान किसानों से संवाद बनाए रखा जाए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। उपार्जन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यदि कहीं किसी प्रकार की कमी या समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन शासन सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को उपार्जन कार्य के सफल संचालन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, सहकारिता, वेयर हाउस तथा विपणन संघ के अधिकारी उपस्थित थे। जिले के 92 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन जिले में गेहूं उपार्जन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों का पंजीयन लगातार बढ़ रहा है। आठ मार्च 2026 तक जिले में कुल 92 हजार 889 किसानों ने पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 88 हजार 292 थी। इस वर्ष कुल पंजीकृत रकबा 2 लाख 20 हजार 461.97 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार आष्टा तहसील में 13 हजार 676 किसानों ने 31,629 हेक्टेयर, इछावर में 7 हजार 683 किसानों ने 19,825.75 हेक्टेयर, जावर में 5 हजार 955 किसानों ने 13,582.84 हेक्टेयर तथा भैरूंदा में 15 हजार 438 किसानों ने 42,603.41 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया। वहीं बुधनी में 5 हजार 464 किसानों ने 15,848.89 हेक्टेयर, रेहटी में 8 हजार 597 किसानों ने 22,135.99 हेक्टेयर और श्यामपुर में 19 हजार 978 किसानों ने 41,592.08 हेक्टेयर क्षेत्र का पंजीयन कराया है। इसी प्रकार सीहोर तहसील में 15 हजार 973 किसानों ने 32,980.34 हेक्टेयर तथा सीहोर नगर में 125 किसानों ने 263.67 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया है। प्रशासन ने किसानों से निर्धारित समय सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
- आष्टा में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई शीतला सप्तमी आष्टा। नगर में शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं शीतला माता मंदिर पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने माता शीतला को बासोड़ा (ठंडा भोजन) का भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार शीतला माता की पूजा करने से घर-परिवार को बीमारियों से रक्षा मिलती है। मंदिरों में महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से माता की पूजा-अर्चना की। शीतला सप्तमी के अवसर पर पूरे आष्टा नगर में धार्मिक वातावरण बना रहा।1
- कन्नौद अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय के परिसर मे भारी अव्यवस्था . कन्नौद, अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय परिसर मे बेतरिब तरिके से खडे दो पहिया और चार पहिया वाहनो के कारण यातायात अवरोध की स्थिति बन जाती है पैदल चलने को भी जगह नही रहती है, मंगलवार दोपहर 3 बजे जागरूक नागरिक ने बताया कि आश्चर्य की बात है अनुविभागीय अधिकारी की सरकारी गाडी निर्धारित स्थान पर सडक से एक तरफ खडी रहती है . लेकिन यहां दिन भर आने वाले वाहनो को बीच मे खडे करने से परेशानी होती है जबकि इसी परिसर जनपद पंचायत भूमि भवन पंजीयक रोज गार गारन्टी तहसील खाद्य . लोकसेवा महिला बाल विकास सहित कई विभाग है और अब तो अपर कलेक्टर भी प्रत्येक गुरुवार को कन्नौद मे बैठते है ऐसी स्थिति मे यहां बाहर गांव से और कन्नौद से ही आने वाले रहवासियो की काफी भीड रहती है लेकिन वाहन पार्किग का कोई स्थान निर्धारित नही होने से यहां आने वाले व्यक्ति परेशान हो जाते है जबकि अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के पीछे रोजगार गारंटी के भवन के सामने काफी खाली जगह पडी है यदि वहां वाहन पार्किंग का स्थान निर्धारित करके बोर्ड लगा दिया जाये जिससे यहां वाहन खडे नही होगे1
- शाजापुर में खुले मैदान की सूखी घास में लगी आगः हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास भड़की लपटें; फायर ब्रिगेड ने आधे घंटे में पाया काबू शाजापुर (उज्जैन) 4 घंटे पहले शाजापुर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास एक खुले मैदान में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। मैदान में मौजूद सूखी घास और झाड़ियों में लगी आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया था। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। चिंगारी की आवाज के साथ भड़की लपटेंस्थानीय निवासी नरेंद्र के अनुसार दोपहर में अचानक चिंगारी उठने जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर देखने पर मैदान में जमा सूखी घास और पत्तियों में आग लगी हुई थी। देखते ही देखते लपटें फैलने लगीं, जिससे आसपास के रहवासियों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड का दस्ता मौके पर पहुंचा और पानी की बौछारें शुरू कीं। त्वरित कार्रवाई के चलते आग को मैदान से सटे रिहायशी घरों तक पहुंचने से पहले ही बुझा दिया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।आग लगने के कारणों की जांच जारी मैदान में आग किन परिस्थितियों में लगी, इसका आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक अंदेशा किसी जलती हुई वस्तु या शॉर्ट सर्किट के कारण घास में आग लगने का जताया जा रहा है।1
- अभी-अभी सुबह 11:30 के करीब थाना कालापीपल नंदिनी में दो पक्षों में विवाद हुआ ट्रैक्टर में गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ जिसमें स्थिति इतनी गंभीर हुई हिंदू मुस्लिम आमने-सामने पुलिस प्रशासन मुरादाबाद के नारे भी लगाए गए हैं लेकिन शाजापुर काला पीपल सुजालपुर सब दूर के पुलिस ने इस माहौल को कंट्रोल किया अभी माहौल शांत है देखते हैं आगे क्या होता है नई अपेंडेड के साथ फिर हम नई खबर देंगे अजब सिंह मीना पंचायती राज जिला ब्यौरा चीफ जिला शाजापुर3
- Post by Sajid Pathan1
- कालापीपल के नांदनी में वाहन हटाने के विवाद पर बवाल, दो युवकों की पिटाई के बाद ग्रामीणों ने किया चक्काजाम कालापीपल क्षेत्र के नांदनी गांव में वाहन हटाने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार करीब 20 लोगों ने मिलकर दो युवकों के साथ मारपीट कर दी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि वाहन हटाने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। मारपीट में दो युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- यह तस्वीर शहर के रेवा बाग स्थित स्वास्थ्य केंद्र की है। शाम करीब 5:30 बजे बच्चों को लगने वाली वैक्सीन का डब्बा लावारिस हालत में पड़ा मिला, जबकि केंद्र बंद होने का समय 6:30 बजे है। गौरतलब है कि इन वैक्सीन को विशेष तापमान में सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी संवेदनशील दवाओं को इस तरह असुरक्षित क्यों छोड़ा गया? यदि इस लापरवाही के कारण कल को किसी बच्चे के साथ कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?1
- वाहन हटाने के विवाद में मारपीट के बाद चक्काजामः नांदनी में 20 लोगों ने दो युवकों को पीटा; ग्रामीणों ने गुमटी तोड़ी, एक आरोपी गिरफ्तार शुजालपुर 3 घंटे पहले सड़क पर वाहन लेकर खड़े ग्रामीण। शुजालपुर के ढाबलाधीर जोड़ पर मंगलवार सुबह वाहन हटाने की बात को लेकर हुए विवाद ने उग्र रूप ले लिया। करीब 20 लोगों ने दो भाइयों के साथ मारपीट कर दी, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने नांदनी में चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 2 बजे पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जाम खोला जा सका।श्रीशंग मशीन निकालने को लेकर हुआ विवाद घायल श्रवण मेवाड़ा और महेश मेवाड़ा सुबह करीब 10 बजे थ्रेशिंग मशीन लेकर फसल निकालने ढाबलाधीर गांव जा रहे थे। ढाबला चायनी जोड़ पर रास्ते में खड़े वाहनों को हटाने के लिए कहने पर वहां मौजूद लोगों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान 20 से अधिक लोगों ने मिलकर दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। अंजुमन कमेटी ईदगाह का दरवाजा भीड़ ने गिराया। गेट और गुमटी में की तोड़फोड़ मारपीट की घटना से आक्रोशित भीड़ ने बड़बेली जोड़ पर स्थित ईदगाह अंजुमन कमेटी परिसर का लोहे का गेट गिरा दिया। प्रदर्शनकारियों ने वहां रखी एक गुमटी में भीतोड़फोड़ की। ग्रामीणों का आरोप है कि जोड़ पर अवैध गुमटियां रखकर किए गए अतिक्रमण के कारण अक्सर वाहन खड़े रहते हैं, जिससे विवाद की स्थितियां निर्मित होती हैं। शेयर मौके पर चक्काजाम करते ग्रामीण। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा, अतिरिक्त बल तैनात एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। एसडीएम राजकुमार हलदर के अनुसार, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।घायल महेश मेवाड़ा (बाएं), श्रवण मेवाड़ा (दाएं) अतिक्रमण हटाने और सुरक्षा की मांग घायल श्रवण मेवाड़ा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ढाबलाधीर जोड़ से अवैध अतिक्रमण हटाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने अभी अन्य आरोपियों के नामों का खुलासा नहीं किया है और मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है।1