टीकमगढ़ जिला न्यायालय ने नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 17 के भाजपा पार्षद राजीव जैन के खिलाफ एक चेक में कथित छेड़छाड़ कर झूठी शिकायत दर्ज कराने के मामले में प्रकरण दर्ज कर ट्रायल शुरू करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मंगलवार को जारी इस आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शिकायतकर्ता विनय चंद्र सुनवाहा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मयंक शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में राजीव जैन ने कोतवाली टीकमगढ़ में पपौरा जैन ट्रस्ट के तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय कोमल चंद्र सुनवाहा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक चेक के माध्यम से अनियमित भुगतान किया गया है। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके, जिसके आधार पर मामले में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद स्वर्गीय कोमल चंद्र सुनवाहा के पुत्र विनय चंद्र सुनवाहा ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि राजीव जैन, अनिल बड़कुल और एक अन्य व्यक्ति ने चेक की तारीख में बदलाव कर उनके पिता को बदनाम करने और झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया था। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रथम दृष्टया यह माना कि चेक की तारीख में परिवर्तन कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर न्यायालय ने राजीव जैन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4) एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज कर ट्रायल प्रारंभ करने के आदेश दिए हैं। यह पूरा विवाद टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल पपौरा ट्रस्ट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनय सुनवाहा का कहना है कि उनके पिता लंबे समय तक ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे थे और चुनावी प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें बदनाम करने की नीयत से झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी। न्यायालय द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी और ट्रायल के दौरान दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय होगा।
टीकमगढ़ जिला न्यायालय ने नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 17 के भाजपा पार्षद राजीव जैन के खिलाफ एक चेक में कथित छेड़छाड़ कर झूठी शिकायत दर्ज कराने के मामले में प्रकरण दर्ज कर ट्रायल शुरू करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मंगलवार को जारी इस आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शिकायतकर्ता विनय चंद्र सुनवाहा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मयंक शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में राजीव जैन ने कोतवाली टीकमगढ़ में पपौरा जैन ट्रस्ट के तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय कोमल चंद्र सुनवाहा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक चेक के माध्यम से अनियमित भुगतान किया गया है। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके, जिसके आधार पर मामले में खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद स्वर्गीय कोमल चंद्र सुनवाहा के पुत्र विनय चंद्र सुनवाहा ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि राजीव जैन, अनिल बड़कुल और एक अन्य व्यक्ति ने चेक की तारीख में बदलाव कर उनके पिता को बदनाम करने और झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया था। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रथम दृष्टया यह माना कि चेक की तारीख में परिवर्तन कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर न्यायालय ने राजीव जैन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4) एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज कर ट्रायल प्रारंभ करने के आदेश दिए हैं। यह पूरा विवाद टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल पपौरा ट्रस्ट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनय सुनवाहा का कहना है कि उनके पिता लंबे समय तक ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे थे और चुनावी प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें बदनाम करने की नीयत से झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी। न्यायालय द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी और ट्रायल के दौरान दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय होगा।
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी 40 वर्षीय पत्नी के लापता होने और एक अन्य युवक फरीद खान के साथ चले जाने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित बबलू कुशवाहा का आरोप है कि उनकी पत्नी किरण कुशवाहा को उनके ही मोहल्ले में फर्नीचर पॉलिश का काम करने वाले फरीद खान ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। यह शिकायत आज 24 जून को दोपहर करीब 4 बजे दर्ज की गई। बबलू कुशवाहा के अनुसार, फरीद खान करीब एक साल से उनकी पत्नी को अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रहा था। जब बबलू को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने पत्नी से पूछताछ की, तो वह घर छोड़कर चली गई। पीड़ित पति ने बताया कि उनके तीन बड़े बच्चे शादीशुदा हैं और उनके नाती-पोते भी हैं, इसके बावजूद उनकी पत्नी ने यह कदम उठाया। यह पहली बार नहीं है; करीब तीन महीने पहले भी वह घर से लापता हुई थी, लेकिन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वापस लौट आई थी। हालांकि, अब चार-पांच दिन पहले वह फिर से फरीद खान के साथ चली गई है, और पीड़ित का दावा है कि फरीद भी अपने घर से गायब है। पीड़ित बबलू कुशवाहा ने एसपी ऑफिस में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती हैं, तो वह उन्हें स्पष्ट रूप से बता दें ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाक लिया जा सके। बबलू का कहना है कि उनकी पत्नी के इस तरह बार-बार घर छोड़कर चले जाने से पूरे परिवार की बदनामी हो रही है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1
- छतरपुर के नन्ही मड़िया गांव के ग्रामीण आजादी के अमृत काल में भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण, गांव को अपने अस्तित्व के 78 साल बाद भी महज 2 किलोमीटर लंबी सड़क का इंतजार है। इस अभाव के चलते, हर बारिश में नन्ही मड़िया टापू में तब्दील हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है। गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन महज दो किलोमीटर सड़क नहीं बना सका है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है। यह सड़क उनके लिए नसीब का सवाल बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सरपंच-सचिव से निराश ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर जनसुनवाई में 'सड़क दो, सुविधा दो' के नारों के साथ न्याय की गुहार लगाई। बच्चों ने भी सड़क निर्माण की मांग में अपनी आवाज उठाई। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की बड़ी मांग की है, ताकि उनकी दशकों पुरानी परेशानी खत्म हो सके।1
- छतरपुर की चौबे कॉलोनी में एक प्लॉट को लेकर विवाद सामने आया है। मंटोले अहिरवार ने महेश पटेल और उनके साथियों पर उनके प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनके प्लॉट में सीमेंट के कॉलम गाड़ दिए हैं। इस मामले में मंटोले अहिरवार ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।1
- छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत गुरसारी के बर्दाहा कलां गाँव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ पिछले चार दिनों से 11 हजार केवी विद्युत लाइन का तार टूटा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार बिजली विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा। इसी लापरवाही का नतीजा है कि टूटी हुई हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक गाय की दर्दनाक मौत हो गई, जो अभी भी विद्युत तार में लिपटी हुई पड़ी है। इस हादसे में दो गिलहरियों की भी करंट लगने से मौत हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बिजली विभाग समय रहते तार को ठीक कर देता तो यह हादसा टाला जा सकता था। उनका कहना है कि टूटा हुआ तार अभी भी घटनास्थल पर पड़ा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा तत्काल विद्युत लाइन की मरम्मत की मांग कर रहे हैं। इस पूरी स्थिति पर बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि चार दिनों से लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद बिजली विभाग ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया? क्या विभाग किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र अंतर्गत थाना खरगापुर के ग्राम सरकनपुर (हीरापुर) में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का शव कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह लड़की सोमवार से लापता थी, जिसका शव मंगलवार को गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। प्रेमलाल रैकवार की पुत्री रामवती सोमवार को बकरियां चराने के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रात भर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह परिजनों को एक कुएं में लड़की की चप्पलें तैरती हुई दिखाई दीं, जिसके बाद संदेह होने पर आसपास तलाश की गई और कुएं में लड़की का शव दिखाई दिया। ग्राम सरपंच पूरन राजपूत ने तत्काल खरगापुर थाना पुलिस को इस घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया और पोस्टमार्टम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल लड़की की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, और पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।1
- टीकमगढ़ में जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान के स्थानांतरण आदेश जारी हुए तीन दिन बीत जाने के बाद भी, विभागीय प्रभार अब तक नवागत अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। इस स्थिति ने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रशासनिक व्यवस्था में सामान्यतः स्थानांतरण आदेश के तुरंत बाद प्रभार सौंपने की परंपरा रही है, ऐसे में इस मामले में हुई देरी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी हनुमत सिंह चौहान ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण दिया, बावजूद इसके यह प्रश्न बरकरार है कि आखिर स्थानांतरण के तीन दिन बाद भी नए अधिकारी को विभागीय जिम्मेदारी क्यों नहीं सौंपी गई। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं तथा प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया कब पूरी होती है, साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इस कुर्सी का इतना मोह किस बात का है।1
- पलेरा के वार्ड नंबर 4 में चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ स्थानीय लोगों ने अग्रवाल कंस्ट्रक्शन पर घटिया निर्माण करने का आरोप लगाया है। वार्ड वासियों के अनुसार, निर्माण में गुणवत्ता मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह कथित खराब निर्माण कार्य पार्षद की मौजूदगी में भी बिना रोक-टोक जारी रहा, जिससे परियोजना की पारदर्शिता पर संदेह पैदा हो गया है। आरोप यह भी है कि आकाश अग्रवाल और उनके साथियों ने एक आम नागरिक से अभद्र भाषा में बात की, जबकि मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों पर भी लोगों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगा है। वार्ड वासियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे जनता के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस पूरे मामले में CMO पलेरा और संबंधित इंजीनियर की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। जनता ने कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि क्या अब विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करना एक आम बात हो गई है, जो जनहित के लिए चिंता का विषय है।1
- छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा निवासी बबलू प्रजापति (45) ने आरोप लगाया है कि जब वह अपनी बेटी को लेने दामाद के घर हिम्मतपुरा पहुंचे, तो उनके दामाद और परिवार के चार अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना आज 24 जून को सुबह करीब 11:00 बजे हुई। बबलू प्रजापति के अनुसार, उन्होंने दामाद से बेटी को भेजने के लिए कहा था, जिस पर दामाद ने गाली-गलौज करते हुए उनसे 5 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर, दामाद और अन्य परिवारजनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी और लाठी-डंडों से हमला करके बबलू प्रजापति के होंठ को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद, घायल बबलू अपने बेटे के साथ पड़रिया चौकी पहुंचे, जहाँ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के उपरांत, उन्हें इलाज के लिए छतरपुर के जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ वे भर्ती हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- खरगापुर में आगामी त्योहारों और मोहर्रम के मद्देनजर स्थानीय थाने में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और नगर के प्रबुद्ध जनों ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना के साथ त्योहार मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग करने या शांति भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी हिदायत दी गई कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न की जाए। पुलिस की साइबर सेल ऐसी अफवाहें फैलाने वालों पर पैनी नजर रखेगी, और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने खरगापुर के गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल होने का भी जिक्र करते हुए आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। इस बैठक में मुख्य रूप से थाना प्रभारी, तहसीलदार और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) मौजूद रहे, जिनके साथ नगर के पत्रकार बंधुओं और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। प्रशासन ने शहर की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि त्योहारों के दौरान बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं सुचारु और चाक-चौबंद रखी जाएंगी।1