हरदोई के कछौना में एयरटेल उपभोक्ताओं को गंभीर नेटवर्क समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ कंपनी का नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़ गया है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में लाखों उपभोक्ताओं की दुनिया अचानक थम सी गई है, जिससे वे अपने मोबाइल फोन पर लगातार 'नो सर्विस' का सामना कर रहे हैं और 'डब्बा' बन गए हैं। नेटवर्क गायब होने के कारण उपभोक्ता कभी छत पर दौड़ते तो कभी पेड़ पर चढ़ने की जुगत लगाते दिख रहे हैं, ताकि किसी तरह सिग्नल मिल सके। कॉल न लगने के कारण कॉल ड्रॉप की “नो टेंशन” जैसी स्थिति बन गई है। वॉट्सऐप पर सिंगल टिक डबल होने का नाम नहीं ले रहा है, और यूट्यूब व रील्स जैसे मनोरंजन तो दूर की बात हो गई है। दुकानों पर डिजिटल भुगतान के लिए स्कैनर के सामने खड़े लोगों को नेटवर्क न मिलने से भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है, क्योंकि उनके पास नकदी नहीं है। उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है, और उनका कहना है कि वे कंपनी को रिचार्ज का पूरा पैसा देते हैं, लेकिन बदले में एयरटेल उन्हें सिर्फ 'इमरजेंसी कॉल्स ओनली' का संदेश दे रहा है। अब देखना यह है कि कछौना के इन उपभोक्ताओं को एयरटेल के इस “डब्बा गोल” नेटवर्क से कब तक मुक्ति मिल पाती है।
हरदोई के कछौना में एयरटेल उपभोक्ताओं को गंभीर नेटवर्क समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ कंपनी का नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़ गया है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में लाखों उपभोक्ताओं की दुनिया अचानक थम सी गई है, जिससे वे अपने मोबाइल फोन पर लगातार 'नो सर्विस' का सामना कर रहे हैं और 'डब्बा' बन गए हैं। नेटवर्क गायब होने के कारण उपभोक्ता कभी छत पर दौड़ते तो कभी पेड़ पर चढ़ने की जुगत लगाते दिख रहे हैं, ताकि किसी तरह सिग्नल मिल सके। कॉल न लगने के कारण कॉल ड्रॉप की “नो टेंशन” जैसी स्थिति बन गई है। वॉट्सऐप पर सिंगल टिक डबल होने का नाम नहीं ले रहा है, और यूट्यूब व रील्स जैसे मनोरंजन तो दूर की बात हो गई है। दुकानों पर डिजिटल भुगतान के लिए स्कैनर के सामने खड़े लोगों को नेटवर्क न मिलने से भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है, क्योंकि उनके पास नकदी नहीं है। उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है, और उनका कहना है कि वे कंपनी को रिचार्ज का पूरा पैसा देते हैं, लेकिन बदले में एयरटेल उन्हें सिर्फ 'इमरजेंसी कॉल्स ओनली' का संदेश दे रहा है। अब देखना यह है कि कछौना के इन उपभोक्ताओं को एयरटेल के इस “डब्बा गोल” नेटवर्क से कब तक मुक्ति मिल पाती है।
- प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंजीकरण (ई-रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में शनिवार को सीतापुर में बैनामा लेखक, स्टांप विक्रेता, मुंशी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मोर्चा खोल दिया। रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नई व्यवस्था को तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने पर बैठे बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का आरोप है कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने से उनका रोजगार पूरी तरह छिन जाएगा। उनके अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया हजारों लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा कर देगी जो वर्षों से इस कार्य से जुड़े हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सरकार को डिजिटल व्यवस्था लाने से पहले उन लोगों के भविष्य की चिंता करनी चाहिए, और इस नई प्रणाली से आम लोगों को भी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस अनिश्चितकालीन धरने के चलते सीतापुर रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे अपने दस्तावेजों संबंधी कार्यों के लिए आए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी और उन्हें इंतजार करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा तथा पूरे प्रदेश में एक व्यापक संघर्ष छेड़ा जाएगा। धरना स्थल से नेताओं और कर्मचारियों ने एक स्वर में 'रोजगार बचाओ, ई-रजिस्ट्री वापस लो' का नारा बुलंद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।2
- अभिनेता आमिर खान 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट के साथ रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे। यह शादी उनके घर पर ही एक निजी समारोह में संपन्न होगी। इस खास मौके पर केवल करीबी दोस्त और रिश्तेदार ही शामिल होंगे। खबर के अनुसार, आमिर खान ने इस आयोजन के लिए अपने काम से ब्रेक लिया है, और उन्होंने यह भी कहा है कि वे इस सेरेमनी को निजी रखना चाहते हैं।1
- हरदोई के माधौगंज मोहल्ला (गोखले नगर), पुरानी गुड़ मंडी निवासी श्री अरविंद सोनी (गुड्डू) जी और अनुराग सोनी (मन्नू) जी के निवास पर सुंदरकांड पाठ, हवन पूजन और प्रसाद वितरण (भण्डारा) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस भक्तिमय अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण मौजूद रहे, जिन्होंने प्रसाद ग्रहण कर ईश्वर का गुणगान किया और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में आशीष कुमार, सुजीत कुमार, उत्तम पाल, दुर्विजय पाल, राहुल राठौर, रोहित राठौर, अमर सिंह, शिवाकांत, आयुष, कृष्णा, अमन सोनी, वेदप्रकाश तिवारी, रामकृष्ण राठौर और आकाश सोनी सहित सैकड़ों लोगों का विशेष योगदान रहा।4
- लखनऊ की बीकेटी तहसील में किसानों के भीषण विरोध प्रदर्शन ने सड़क पर घंटों जाम लगा दिया, जिसके चलते एडीएम ज्योति गौतम को अपना रास्ता बदलकर दूसरे मार्ग से कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ा। यह आक्रोश तब भड़का जब 5 दिनों से धरने पर बैठे सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा जाहिर किया। किसान नेता कमलेश यादव किसानों की समस्याओं को लेकर समाधान दिवस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। किसानों ने तहसीलदार शरद सिंह और नायब तहसीलदार पर अभद्रता और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, धरना स्थल पर लगे उनके टेंट को उखाड़कर फेंक दिए जाने से भी किसान और भड़क उठे, जिसके बाद वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। नाराज किसानों ने तहसील से पैदल मार्च निकाला और इंदौर बाग तहसील रोड पर भारी जाम लगा दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थिति बिगड़ती देख, एसीपी विकास पांडे कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर घंटों चली वार्ता के बाद, किसानों की जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर से फोन पर सीधी बातचीत हुई। जिलाधिकारी ने किसानों को दो दिन बाद अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। किसानों ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, छुट्टा पशुओं की समस्या और सड़कों की बदहाली सहित कई सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, और उन्होंने अपनी मांगों के पूरी न होने पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये की नकदी और कीमती जेवरात उड़ा लिए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल संदना थाने से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर घर में घुसपैठ की और नकदी सहित सोने-चांदी के जेवरात और अन्य बेशकीमती सामान साफ कर दिया। सुबह जब परिवार को चोरी का पता चला तो वे सदमे में आ गए, और देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की, आसपास के लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार ने लाखों के नुकसान का दावा किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के इतना करीब होने के बावजूद चोरी की यह घटना पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस वारदात के बाद पुरानी बस्ती और आसपास के इलाकों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।1
- चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे वनडे मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान पर शुरुआती बढ़त बना ली है। प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान के 4 विकेट मात्र 36 रनों के स्कोर पर गिरा दिए। इन सभी चारों विकेटों का शिकार प्रसिद्ध कृष्णा ने ही किया। वहीं, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने स्लिप में जबरदस्त फील्डिंग करते हुए इन चार में से तीन महत्वपूर्ण कैच लपके। इस प्रदर्शन के बीच, अफगानिस्तान का स्कोर भारत के खिलाफ 50 रन के पार हो चुका है।1
- बख्शी का तालाब तहसील में पिछले पांच दिनों से जारी किसान आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर अभद्रता, उत्पीड़न और आंदोलन को जबरन कुचलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया, हालांकि भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। भाकियू श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि 15 जून से चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पहले धरनास्थल की बिजली और पानी बंद करवा दी। जब किसान पीछे नहीं हटे, तो शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में धरनास्थल से तंबू और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिसके दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यादव ने तहसील में भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री और खनन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को प्रताड़ित करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और महिला किसानों को भी जबरन हटाने का प्रयास किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। संगठन के एक सेवानिवृत्त सैनिक पदाधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। enraged किसानों ने तहसील रोड जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और बीकेटी सहायक पुलिस आयुक्त विकास पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अभद्रता के आरोपित अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे और एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक लिया। घंटों तक चली वार्ता और मान-मनौव्वल के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक, तहसील प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।2
- लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में गोलाकुवां के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें मंडौली निवासी एक युवक की जान चली गई। युवक सड़क पार कर रहा था तभी एक तेज रफ्तार डाले ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे उसके परिवार की खुशियां छिन गईं। घटना की जानकारी मिलते ही काकोरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उस तेज रफ्तार वाहन तथा उसके चालक की पहचान के प्रयास जारी हैं।1