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उत्तराखंड से एक बेहद प्यारा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बंदर अपने बच्चे को मोबाइल फोन वापस करने के लिए समझाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही बंदर ने अपने बच्चे को मोबाइल लौटाने के लिए कहा, बच्चे ने तुरंत उसकी बात मान ली और मोबाइल वापस कर दिया। यह घटना लोगों का दिल जीत रही है।
Media fast news 24
उत्तराखंड से एक बेहद प्यारा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बंदर अपने बच्चे को मोबाइल फोन वापस करने के लिए समझाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही बंदर ने अपने बच्चे को मोबाइल लौटाने के लिए कहा, बच्चे ने तुरंत उसकी बात मान ली और मोबाइल वापस कर दिया। यह घटना लोगों का दिल जीत रही है।
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- मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां हाल ही में उधार के पैसों को लेकर एक दुकानदार को उसकी दुकान में घुसकर बुरी तरह पीटा गया। दबंगों ने दुकानदार के साथ मारपीट करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना दिनदहाड़े हुई, जिससे योगी सरकार में खुलेआम गुंडागर्दी का आरोप लगाया जा रहा है। पोस्ट में दावा किया गया है कि पुलिस रात में गश्त नहीं करती और दबंगों पर कार्रवाई करने में पुलिस 'नमस्तक' हो जाती है। आरोप है कि थाना भावनपुर के प्रभारी को वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है या फिर वे सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं। यहाँ तक कि यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि बलात्कारी, गो तस्कर, खनन माफिया और नशीले पदार्थों की बिक्री करने वाले तस्कर सहित सभी प्रकार के अपराधी थाने से 'मैनेज' किए जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, आरोप लगाया जा रहा है कि थाना और चौकी कार्रवाई के नाम पर केवल 'परचून की दुकान' बनकर रह गए हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर थाने को अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है या सत्ता का दबाव है, जिसके चलते अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है।1
- उत्तराखंड से एक बेहद प्यारा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बंदर अपने बच्चे को मोबाइल फोन वापस करने के लिए समझाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही बंदर ने अपने बच्चे को मोबाइल लौटाने के लिए कहा, बच्चे ने तुरंत उसकी बात मान ली और मोबाइल वापस कर दिया। यह घटना लोगों का दिल जीत रही है।1
- मेरठ में 25 जून 2026 को बेटियां फाउंडेशन द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कैंट विधायक अमित अग्रवाल रहे। फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक डा. ज्योत्सना जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों की ताजपोशी करते हुए उन्हें समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही, फाउंडेशन की वार्षिक सामरिका 'बढ़ते कदम' का भी विमोचन किया गया।1
- मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में, एक युवक को पकड़ने आए एक दरोगा पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप सीधे उस पुलिसकर्मी पर लगाया गया है जो युवक को गिरफ्तार करने के लिए मौके पर पहुंचा था।3
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में थाना ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से एक महिला के कथित अपहरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। इस वायरल वीडियो को लेकर काफी चर्चा और चिंता का माहौल देखा गया था। वायरल होने के बाद, पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच की, जिसके बाद उन्होंने मामले से संबंधित तथ्यों का खुलासा किया।1
- मेरठ में लोहियानगर योजना को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है, जहाँ उन्होंने एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है। किसानों ने कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्हें उनका मुआवजा और चेक वितरित नहीं किए गए, तो क्षेत्र में चल रहे किसी भी विकास कार्य को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा और सभी कार्य ठप कर दिए जाएँगे। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े मामलों का लंबे समय से कोई समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। आक्रोशित किसानों ने दृढ़ता से कहा है कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलता, तब तक लोहियानगर योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों का विरोध जारी रहेगा, क्योंकि परियोजना को उचित भुगतान के बिना आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मामले को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे किसानों की इन मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं। यदि समय रहते कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में लोहियानगर योजना में चल रहे विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।1
- वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिससे लगभग 1 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका है। इन भूकंपों से कई ऊंची इमारतें जमींदोज हो गई हैं। भूकंप का केंद्र राजधानी काराकास से मात्र 16 किलोमीटर दूर होने के कारण, शहर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।1