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हनुमान और अहिरावण की एक ज़बरदस्त कहानी अब सामने आ गई है। यह एक भक्त की कथा है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे हनुमान ने अहिरावण को पराजित किया।
@kesu_ji77250
हनुमान और अहिरावण की एक ज़बरदस्त कहानी अब सामने आ गई है। यह एक भक्त की कथा है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे हनुमान ने अहिरावण को पराजित किया।
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- हनुमान और अहिरावण की एक ज़बरदस्त कहानी अब सामने आ गई है। यह एक भक्त की कथा है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे हनुमान ने अहिरावण को पराजित किया।1
- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और नेवता पार्टी के तत्वावधान में 25 जून 2026, गुरुवार को छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति सिरजन दिवस के अवसर पर एक भव्य महाआरती और प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रायपुर के धरसींवा स्थित सांकरा (सिलतरा) के महतारी अंगना बाजार चौक में दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के सर्व समाज के लोगों ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी जी की महाआरती की गई और प्रसादी वितरित की गई। साथ ही, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्वाभिमान एवं परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़िया समाज को एकजुट करना, अपनी मातृभूमि और संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सभी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। आयोजकों ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर छत्तीसगढ़ महतारी की महाआरती में शामिल होने और अपनी संस्कृति एवं अस्मिता के संरक्षण के इस अभियान को सशक्त बनाने की अपील की थी।3
- जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में सड़क हादसों को रोकने के लिए एक 'महा-अभियान' चलाया जा रहा है। इस मानवीय पहल के तहत, चांपा पुलिस और भीम रेजिमेंट के युवाओं ने मिलकर गौ माताओं के गले में रेडियम पट्टा बांधा है। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य सड़क पर घूम रही गौ माताओं को रात के समय दूर से दृश्यमान बनाना है, ताकि वे सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होने से बच सकें। चांपा पुलिस और भीम रेजिमेंट के युवाओं द्वारा पेश की गई मानवता की इस मिसाल की हर तरफ तारीफ हो रही है।1
- अवैध अर्जुन की लकड़ी का एक बड़ा जखीरा सामने आया है। इसको लेकर यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर अवैध अर्जुन का यह जखीरा कहाँ से पहुँचा। इसके साथ ही, वन विभाग और किसी सा-मिल संचालक के बीच कोई 'खास डील' होने की भी आशंका जताई जा रही है।1
- स्वतंत्र कलाकार मनोज सोनवानी ने अपना नवीनतम कमर्शियल हिप-हॉप ट्रैक "ओरिजिनल हम हैं" आधिकारिक तौर पर रिलीज़ कर दिया है। ऊर्जावान बीट्स, आकर्षक धुन और एक बेबाक अंदाज़ वाला यह गाना आज की ट्रेंड-आधारित दुनिया में मौलिकता और आत्मविश्वास का जश्न मनाता है। ट्रैक का सशक्त हुक — "बाकी सब कॉपी... ओरिजिनल हम हैं!" — प्रामाणिक बने रहने और अपनी पहचान बनाने का एक मज़बूत संदेश देता है। अपनी कमर्शियल ध्वनि और युवा वाइब के साथ, यह गाना उन श्रोताओं के लिए है जो फॉलोअर्स के बजाय ट्रेंडसेटर बनना पसंद करते हैं। "ओरिजिनल हम हैं" अब दुनिया भर के प्रमुख संगीत स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इस गाने के बोल, संगीत और इसका निर्माण मनोज सोनवानी ने स्वयं किया है। अभी सुनें और उस ट्रैक की ऊर्जा का अनुभव करें जो गर्व से घोषणा करता है — "ओरिजिनल हम हैं!"1
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सारंगढ़ ब्लॉक के हाईस्कूल छिंद का औचक निरीक्षण किया और महतारी सदन के निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। इस दौरान स्कूल की सभी कक्षाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने स्मार्ट क्लास और लैब में कंप्यूटरों पर धूल जमी देखकर प्रभारी शिक्षक को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि, "अभी 16 से 25 जून हो गया और तुम्हारा कम्प्यूटर का धूल नहीं उड़ा, चालू नहीं हुआ, 4 स्कूल का प्रभार है तो सबका यही हाल होगा। सभी स्कूल में कार्य अच्छे से करो नहीं तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।" उन्होंने लैब के शिक्षक को भी डांटा और कंप्यूटर क्लास शुरू न होने पर प्राचार्य के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने सरपंच को स्कूल की पढ़ाई और शिक्षकों की उपस्थिति की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूली बच्चों को गीला और सूखा कचरा अपने-अपने घरों में अलग-अलग रखने तथा इस आदत को सभी पारिवारिक सदस्यों में शामिल करने के लिए कार्य करने को कहा। इसी क्रम में, विद्यार्थी पुष्पा साहू और शौर्य डहरिया ने सूखा और गीला कचरा प्रबंधन से संबंधित जानकारी भी दी। बच्चों को एक हॉल में बैठाकर अपने संबोधन में कलेक्टर ने उन्हें अच्छे से पढ़ाई करने और जितना संभव हो उतने घंटे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने करियर की तैयारी के संबंध में कहा कि पढ़ाई 18 घंटे की नहीं, बल्कि इस बात की गंभीरता को प्रदर्शित करती है कि क्या रोजाना पढ़े गए विषय की जानकारी हुई या नहीं। उन्होंने स्कूली बच्चों को नियमित रूप से अखबार पढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने कहा कि 11वीं और 12वीं की उम्र (लगभग 18 साल) सीखने की सही उम्र है। उन्होंने उन बच्चों को सलाह दी जो पढ़ाई के बजाय कौशल विकास और आईटीआई से मैकेनिक, मिस्त्री, टेक्निकल कर्मचारी जैसे रोजगारमूलक कोर्स करना चाहते हैं, कि वे इन्हीं पाठ्यक्रमों को चुनें ताकि उन्हें रोजगार मिल सके।1
- खरोरा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार, 26 जून को आचार्यों के सतत व्यावसायिक एवं व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से आचार्य व्यक्तित्व विकास वर्ग क्रमांक-01 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य अश्विनी पाटकर, मूलशंकर मनहरे एवं प्रधानाचार्य संजय वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रथम कालखंड में तोरण लाल कुर्रे और टिकेश्वर बर्मन ने वार्षिक गीत का अभ्यास कराया, जबकि श्रीमती संतोषी यादव और कुमारी चंचल चक्रधारी ने प्रार्थना एवं वंदना का अभ्यास संपन्न कराया। द्वितीय कालखंड में 'बोर्ड परीक्षा के परिणाम कैसे सुधारे?' विषय पर संजय वर्मा और श्रीमती कंचन वर्मा ने मार्गदर्शन दिया, जिसमें पाठ्यक्रम की प्रभावी योजना, ब्लूप्रिंट के अनुरूप अध्ययन, मध्यम एवं मंद श्रेणी के विद्यार्थियों की नियमित प्रगति तथा 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। इसके बाद, तृतीय कालखंड में विद्यालय के प्राचार्य अश्विनी पाटकर ने '21वीं सदी के कौशल एवं क्रिटिकल थिंकिंग (नई शिक्षा नीति)' विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अनुरूप आनंदमय, गतिविधि-आधारित, खोज-उन्मुख, छात्र-केंद्रित, समावेशी, तकनीक-सम्मिलित एवं चर्चा-आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया, जिससे विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की बात कही गई। अंतिम कालखंड में यशवनी निषाद, तोरण लाल कुर्रे एवं टिकेश्वर बर्मन ने शारीरिक अभ्यास का प्रशिक्षण कराया। इस कार्यक्रम की जानकारी वर्ग प्रमुख श्रीमती सीमा पंसारी एवं वर्ग सहायक अश्विनी निषाद ने दी। उन्होंने बताया कि आचार्य व्यक्तित्व विकास वर्ग का मुख्य उद्देश्य आचार्यों के सतत व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक विकास को गति प्रदान करना है। इस प्रशिक्षण वर्ग में विद्यालय के सभी आचार्यों एवं दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।3
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में एक दुल्हन ने शराबी दूल्हे की बारात लौटाकर एक साहसिक निर्णय लिया। दुल्हन के इस हिम्मत भरे कदम के लिए पुलिस ने उसे सम्मानित किया है।1