वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर शहीदों को किया नमन राजकीय महाविद्यालय, राजगढ़ में शहीद दिवस मनाया गया। यह आयोजन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 23 से 30 मार्च तक चलने वाले 'वंदे मातरम् @150 (विशेष चरण)' कार्यक्रम का हिस्सा था। इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाओं पर पुष्पमाला अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर इन महान शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। समारोह का उद्देश्य राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को सार्थक बनाना और विद्यार्थियों में देशभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना का संचार करना रहा । 'वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक' कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. के. एल. मीना ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। उनका साहस, देशप्रेम और त्याग हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डॉ. मीना ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है, जो हमें एकता और समर्पण का संदेश देता है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. जगत सिंह ने संबोधन में कहा कि 150 साल पहले 'वंदे मातरम गीत की रचना की गई थी। भारत के नागरिकों ने एक लंबी लड़ाई के बाद 1947 में देश को आजाद करवाया। ये आजादी एकाएक एक क्षण में नहीं आई, बल्कि अनेक प्रयासों के बाद 1947 में ये परिस्थिति हमें मिली। उस स्थिति में जो मुख्य घटनाएं हुई, उसी दौरान राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने के लिए ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी के द्वारा लिखी गई आनंद मठ की ये कविता 'वंदे मातरम' चेतना की वाहक है जिसने देश को एकत्रित किया। प्रो देशराज वर्मा ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन में उसके महत्व और युवाओं में राष्ट्रभावना के संवर्धन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रो. पूर्णमल मीना ने आयोजन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व व राष्ट्रबोध विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। हार्टफूलनेस के प्रशिक्षक रामकरण सैनी, प्रो. आंचल मीना एवं प्रो. चिरंजी लाल रैगर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शहीदों के त्याग और समर्पण को याद किया तथा युवाओं से राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। अंत में, सभी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर शहीदों को किया नमन राजकीय महाविद्यालय, राजगढ़ में शहीद दिवस मनाया गया। यह आयोजन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 23 से 30 मार्च तक चलने वाले 'वंदे मातरम् @150 (विशेष चरण)' कार्यक्रम का हिस्सा था। इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाओं पर पुष्पमाला अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर इन महान शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। समारोह का उद्देश्य राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को सार्थक बनाना और विद्यार्थियों में देशभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना का संचार करना रहा । 'वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय भावना
का प्रतीक' कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. के. एल. मीना ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। उनका साहस, देशप्रेम और त्याग हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डॉ. मीना ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है, जो हमें एकता और समर्पण का संदेश देता है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. जगत सिंह ने संबोधन में कहा कि 150 साल पहले 'वंदे मातरम गीत की रचना की गई थी। भारत के नागरिकों ने एक लंबी लड़ाई के बाद 1947 में देश को आजाद करवाया। ये आजादी एकाएक एक क्षण में नहीं आई, बल्कि अनेक प्रयासों के बाद 1947 में ये परिस्थिति हमें मिली। उस स्थिति में जो मुख्य घटनाएं हुई,
उसी दौरान राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने के लिए ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी के द्वारा लिखी गई आनंद मठ की ये कविता 'वंदे मातरम' चेतना की वाहक है जिसने देश को एकत्रित किया। प्रो देशराज वर्मा ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन में उसके महत्व और युवाओं में राष्ट्रभावना के संवर्धन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रो. पूर्णमल मीना ने आयोजन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व व राष्ट्रबोध विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। हार्टफूलनेस के प्रशिक्षक रामकरण सैनी, प्रो. आंचल मीना एवं प्रो. चिरंजी लाल रैगर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शहीदों के त्याग और समर्पण को याद किया तथा युवाओं से राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। अंत में, सभी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
- राजकीय महाविद्यालय, राजगढ़ में शहीद दिवस मनाया गया। यह आयोजन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 23 से 30 मार्च तक चलने वाले 'वंदे मातरम् @150 (विशेष चरण)' कार्यक्रम का हिस्सा था। इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाओं पर पुष्पमाला अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर इन महान शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। समारोह का उद्देश्य राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को सार्थक बनाना और विद्यार्थियों में देशभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना का संचार करना रहा । 'वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक' कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. के. एल. मीना ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। उनका साहस, देशप्रेम और त्याग हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डॉ. मीना ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है, जो हमें एकता और समर्पण का संदेश देता है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. जगत सिंह ने संबोधन में कहा कि 150 साल पहले 'वंदे मातरम गीत की रचना की गई थी। भारत के नागरिकों ने एक लंबी लड़ाई के बाद 1947 में देश को आजाद करवाया। ये आजादी एकाएक एक क्षण में नहीं आई, बल्कि अनेक प्रयासों के बाद 1947 में ये परिस्थिति हमें मिली। उस स्थिति में जो मुख्य घटनाएं हुई, उसी दौरान राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने के लिए ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी के द्वारा लिखी गई आनंद मठ की ये कविता 'वंदे मातरम' चेतना की वाहक है जिसने देश को एकत्रित किया। प्रो देशराज वर्मा ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन में उसके महत्व और युवाओं में राष्ट्रभावना के संवर्धन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रो. पूर्णमल मीना ने आयोजन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व व राष्ट्रबोध विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। हार्टफूलनेस के प्रशिक्षक रामकरण सैनी, प्रो. आंचल मीना एवं प्रो. चिरंजी लाल रैगर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शहीदों के त्याग और समर्पण को याद किया तथा युवाओं से राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। अंत में, सभी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।3
- राजस्थान में सुखदेव गोगामेड़ी हत्याकांड को लेकर सियासत और जनआंदोलन तेज हो गया है। शीला और सपना के बीच अब सीधी टक्कर की स्थिति बन गई है, जहां दोनों ने एक ही दिन बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसी बीच शेखावत ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी दी है। साथ ही, शीला से आत्मदाह जैसे कड़े कदम उठाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अब सबकी नजरें उस दिन पर हैं, जब यह आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है और न्याय की मांग को लेकर जोरदार शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।1
- Post by Janta Seva841
- आईएएस बनने पर पंकज यादव का गांव में भव्य सम्मान पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने साफा-माला पहनाकर किया सम्मान, परिजनों का भी जताया आभार जयबीर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट (कोटकासिम) खैरथल -तिजारा। कोटकासिम क्षेत्र के गांव बिलाहेडी के आईएएस बनने पर पंकज पुत्र राम सिंह यादव (गुरुजी बिलाहेडी गांव वाले) का गांव की ओर से भव्य मान-सम्मान किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद के सदस्य व पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव अपनी पूरी टीम के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। पूर्व विधायक ने पंकज यादव को साफा व माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि पंकज ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव और 84 क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस दौरान उन्होंने छात्र के माता-पिता एवं उनकी पत्नी का भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने भी पंकज यादव की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनका जोरदार स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रामनिवास यादव, मंडल अध्यक्ष यशपाल शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष रमेश यादव, मुनेश यादव, चंदन सिंह, धर्मचंद गुरुजी सहित समस्त गांव एवं बस्ती के लोग मौजूद रहे।4
- बाल मेला मनोरंजन1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दौरा प्रस्तावित, इसको लेकर पंचायत समिति स्थित सभागार में विधायक भागचंद टांकड़ा ने विभागवार बैठक ली, बैठक में बांदीकुई, बसवा SDM सहित तमाम विभागों के अधिकारी भी रहे मौजूद, विभिन्न विभागों से जुड़े लोकार्पण-शिलान्यास कार्यों को लेकर विधायक ने अधिकारियों से ली जानकारी, PWD, नगर पालिका, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी बैठक में रहे मौजूद, बांधों के निर्माण, सड़क, और 33 केवी सब स्टेशन सहित, अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा, वहीं सीएम के आगमन को लेकर राजेश पायलट कॉलेज में बनाया जाएगा हेलीपैड, विधायक भागचंद सैनी टांकड़ा ने महाविद्यालय पहुंच कर व्यवस्थाओं को लेकर दिये निर्देश, इस मौके पर SDM रामसिंह राजावत, रविकांत मीना, तहसीलदार राजेश सैनी, अनु शर्मा, प्राचार्य बजरंग लाल सैनी सहित अन्य अधिकारी रहे उपस्थित1
- Alwar में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें Bharat Petroleum से जुड़ी एक गाड़ी तेज गति से नियमों की अनदेखी करते हुए चलती दिखाई दे रही है। यह वीडियो सुनील सिंह तंवर द्वारा बनाया गया है। स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर खतरा बताते हुए प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।1