गुमला में रांची-गुमला नेशनल हाईवे पर रेडवा में स्थित एक प्राचीन देवी मंडप को शुक्रवार मध्य रात्रि रांची से गुमला की ओर जा रहे एक हाईवा ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि देवी मंडप पूरी तरह टूटकर जमीन में गिर गया, जिसकी दीवारें और छत मलबे में तब्दील हो गईं। इस घटना में हाईवा ट्रक का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने हाईवा में मौजूद ड्राइवर और खलासी को तुरंत बाहर निकाला और उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, संभवतः रात के समय ड्राइवर को नींद आ गई होगी, जिसके कारण उसने सीधे सड़क पर स्थित देवी मंडप को टक्कर मार दी। इस घटना से देवी मंडप के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के बाद, ग्रामीणों में इस बात की चिंता बढ़ गई है कि इस वर्ष होने वाली पूजा कहां संपन्न होगी। बताया गया कि सड़क निर्माण के दौरान ही सड़क के बगल में एक नए देवी मंडप का निर्माण किया गया था, लेकिन उसमें प्राण प्रतिष्ठा न होने के कारण पुराना देवी मंडप अभी भी सड़क पर ही स्थित था। ग्रामीणों को डर था कि देवी मंडप को उसके स्थान से हटाने से गांव के साथ कुछ अमंगल हो सकता है, इसी वजह से इसे अभी तक नवनिर्मित देवी मंडप में प्राण प्रतिष्ठित कर स्थानांतरित नहीं किया गया था। इसी पुराने स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं, और बीती रात की दुर्घटना में यह पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। अब ग्रामीणों के सामने यह एक बड़ा प्रश्न है कि क्या देवी मंडप को नए स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित किया जाएगा, या फिर उसी पुराने स्थान पर सड़क के बीचों-बीच इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा।
गुमला में रांची-गुमला नेशनल हाईवे पर रेडवा में स्थित एक प्राचीन देवी मंडप को शुक्रवार मध्य रात्रि रांची से गुमला की ओर जा रहे एक हाईवा ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि देवी मंडप पूरी तरह टूटकर जमीन में गिर गया, जिसकी दीवारें और छत मलबे में तब्दील हो गईं। इस घटना में हाईवा ट्रक का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने हाईवा में मौजूद ड्राइवर और खलासी को तुरंत बाहर निकाला और उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, संभवतः रात के समय ड्राइवर को नींद आ गई होगी, जिसके कारण उसने सीधे सड़क पर स्थित देवी मंडप को टक्कर मार दी। इस घटना से देवी मंडप के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के बाद, ग्रामीणों में इस बात की चिंता बढ़ गई है कि इस वर्ष होने वाली पूजा कहां संपन्न होगी। बताया गया कि सड़क निर्माण के दौरान ही सड़क के बगल में एक नए देवी मंडप का निर्माण किया गया था, लेकिन उसमें प्राण प्रतिष्ठा न होने के कारण पुराना देवी मंडप अभी भी सड़क पर ही स्थित था। ग्रामीणों को डर था कि देवी मंडप को उसके स्थान से हटाने से गांव के साथ कुछ अमंगल हो सकता है, इसी वजह से इसे अभी तक नवनिर्मित देवी मंडप में प्राण प्रतिष्ठित कर स्थानांतरित नहीं किया गया था। इसी पुराने स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं, और बीती रात की दुर्घटना में यह पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। अब ग्रामीणों के सामने यह एक बड़ा प्रश्न है कि क्या देवी मंडप को नए स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित किया जाएगा, या फिर उसी पुराने स्थान पर सड़क के बीचों-बीच इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा।
- चैनपुर के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में हुई हत्या की दो अलग-अलग घटनाओं से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इन वारदातों में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी, जबकि दूसरे मामले में एक बेटे के धक्के से उसके पिता की जान चली गई। पहले मामले में, पति ने शराब के नशे में धुत होकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। वहीं, दूसरी घटना बकरी बेचने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई, जहाँ बेटे के मामूली धक्के से ही पिता की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों ही मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- गुमला जिले के पालकोट अंचल परिसर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के निर्देश पर शनिवार को अंचल दिवस का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता राजीव नीरज की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में डीसीएलआर बसिया, पालकोट के प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रखंड और अंचल क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से आए ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें भूमि मापी, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन रसीद निर्गमन, सीमांकन, जमाबंदी सुधार, भूमि विवाद और अन्य राजस्व संबंधी समस्याएं प्रमुख थीं। अपर समाहर्ता ने प्रत्येक मामले की गंभीरता से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अपर समाहर्ता राजीव नीरज ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन का लक्ष्य आम जनता को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक सुलभ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली प्रदान करना है, और अंचल दिवस इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो लोगों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी समस्याओं का समाधान करने का अवसर देता है। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व और जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न करने और सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भूमि एवं राजस्व संबंधी मामले सीधे लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें संवेदनशीलता के साथ कार्य करना और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र निष्पादन करना आवश्यक है ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अंचल दिवस के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी और उन्हें सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने तथा उनके प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी समस्या की स्थिति में संबंधित कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने और त्वरित सुनवाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।2
- गुमला में रांची-गुमला नेशनल हाईवे पर रेडवा में स्थित एक प्राचीन देवी मंडप को शुक्रवार मध्य रात्रि रांची से गुमला की ओर जा रहे एक हाईवा ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि देवी मंडप पूरी तरह टूटकर जमीन में गिर गया, जिसकी दीवारें और छत मलबे में तब्दील हो गईं। इस घटना में हाईवा ट्रक का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, ग्रामीणों ने हाईवा में मौजूद ड्राइवर और खलासी को तुरंत बाहर निकाला और उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, संभवतः रात के समय ड्राइवर को नींद आ गई होगी, जिसके कारण उसने सीधे सड़क पर स्थित देवी मंडप को टक्कर मार दी। इस घटना से देवी मंडप के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के बाद, ग्रामीणों में इस बात की चिंता बढ़ गई है कि इस वर्ष होने वाली पूजा कहां संपन्न होगी। बताया गया कि सड़क निर्माण के दौरान ही सड़क के बगल में एक नए देवी मंडप का निर्माण किया गया था, लेकिन उसमें प्राण प्रतिष्ठा न होने के कारण पुराना देवी मंडप अभी भी सड़क पर ही स्थित था। ग्रामीणों को डर था कि देवी मंडप को उसके स्थान से हटाने से गांव के साथ कुछ अमंगल हो सकता है, इसी वजह से इसे अभी तक नवनिर्मित देवी मंडप में प्राण प्रतिष्ठित कर स्थानांतरित नहीं किया गया था। इसी पुराने स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं, और बीती रात की दुर्घटना में यह पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। अब ग्रामीणों के सामने यह एक बड़ा प्रश्न है कि क्या देवी मंडप को नए स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित किया जाएगा, या फिर उसी पुराने स्थान पर सड़क के बीचों-बीच इसका पुनर्निर्माण किया जाएगा।1
- झारखंड प्रदेश में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच चल रही बहस के संदर्भ में 'ऑल इंडिया' की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया गया है। यह टिप्पणी राज्य में व्याप्त धार्मिक चर्चाओं को संबोधित करती है।1
- जशपुर जिले के बगीचा स्थित बंबा मजपरा में देर रात हाथियों ने एक घर को निशाना बनाया। रात करीब 10 बजे हुई इस घटना में दो हाथियों ने मिलकर घर पर हमला किया, जिससे घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हाथी के हमले में किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।1
- गुमला के डुमरी प्रखंड क्षेत्र में बासा नदी और डूमर डाड़ नदी से दिन-रात लगातार अवैध बालू का उठाव किया जा रहा है, जिसकी शिकायतें सामने आई हैं। शनिवार शाम चार बजे मिली जानकारी के अनुसार, बालू माफिया नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए बालू खनन और उठाव पर लगाई गई रोक के बावजूद बेखौफ होकर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के माध्यम से बालू का परिवहन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बासा नदी और डूमर डाड़ नदी घाटों से देर रात से लेकर दिन तक लगातार बालू निकाली जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि से नदियों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, साथ ही नदी तटों के कटाव का खतरा भी बढ़ गया है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इन गंभीर मुद्दों के बावजूद, संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से इस पूरे मामले की गहन जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और इस अवैध बालू कारोबार को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है।1
- गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत छतरपुर के पास हुई एक सड़क दुर्घटना में बिंदोरा कुलाही निवासी राजू राम तुरी गंभीर रूप से घायल हो गए। राजू राम तुरी अपने पिता जीतन तुरी के बेटे हैं। घटना के तत्काल बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके उपरांत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बताया गया कि राजू राम तुरी अपनी टीवीएस जुपिटर स्कूटी से हरा टीनटांगर राशन लेने जा रहे थे। इसी दौरान छतरपुर के समीप उनकी स्कूटी अचानक अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए। सूचना मिलते ही चैनपुर थाना के सब-इंस्पेक्टर विजय उरांव और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर संतोष धर्मपाल लुगुन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चैनपुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक प्रभात कुमार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, गुमला रेफर कर दिया है। घायल युवक का इलाज फिलहाल जारी है।1