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सुशासन तिहर 2026: पहंदा शिविर में आवास की चाबी, राशन कार्ड और व्हीलचेयर वितरण… लेकिन शिकायतों का अंबार भी
देवकी जगदीश पुरी
सुशासन तिहर 2026: पहंदा शिविर में आवास की चाबी, राशन कार्ड और व्हीलचेयर वितरण… लेकिन शिकायतों का अंबार भी
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- केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर स्थानांतरण: एसपी आंजनेय वार्ष्णेय को बिलासपुर रेंज में दी गई गरिमामयी विदाई बिलासपुर - पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर में आंजनेय वार्ष्णेय,(भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ का केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति स्थानांतरण पर एक भव्य एवं आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, के गरिमामयी सानिध्य में संपन्न हुआ। समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक गर्ग ने वार्ष्णेय,(भा.पु.से.) के कुशल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। आईजी ने उनके कार्यकाल को उत्कृष्ट बताते हुए उनके कार्यशैली को मार्गदर्शित करते हुये आज युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।अनुकरणीय सेवा सफर और उपलब्धियां-आंजनेय वार्ष्णेय (भा.पु.से.)का कार्यकाल उपलब्धियों और अनुशासन की मिसाल रहा है-सारंगढ़-बिलाईगढ़ कार्यकाल- 23.04.2025 से 08.05.2026 तक जिला एसपी के रूप में उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अनुभव इससे पूर्व उन्होंने धमतरी और कोंडागांव जैसे चुनौतीपूर्ण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी पुलिस अधीक्षक के रूप में सराहनीय सेवाएं दी हैं।विशेषज्ञता वार्ष्णेय को साइबर अपराधों के गहरे ज्ञान और सामुदायिक पुलिसिंग (समाज सेवा) के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। आईजी गर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा आंजनेय वार्ष्णेय एक अत्यंत सफल और सत्यनिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने न केवल कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि पुलिस विभाग में अनुशासन की एक नई मिसाल पेश की है। साइबर अपराधों पर उनकी पकड़ और समाज के प्रति उनका सेवाभाव विभाग के लिए एक बड़ी संपत्ति है। वार्ष्णेय (भा.पु.से.) ने इस अवसर पर अपने प्रति दिए गए सम्मान के लिए आईजीपी श्री गर्ग का आभार व्यक्त करते हुए, अपने पुलिस विभाग के कार्यकाल का अनुभव साझा किए, इसी क्रम में राज्य से स्थानांतरण होने के बाद भी पुलिस विभाग के द्वारा कोई सहायता मांगे जाने पर हमेशा स्वयं को उपलब्ध रहना बताया।इस विदाई समारोह में रामगोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक के साथ विवेक शर्मा उप पुलिस अधीक्षक (बिलासपुर रेंज) तथा कार्यालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने वार्ष्णेय,(भा.पु.से.) को भावभीनी विदाई दी। कार्यक्रम का संचालन विवेक शर्मा उप पुलिस अधीक्षक पुमनि. कार्यालय बिलासुपर रेंज के द्वारा किया गया।4
- सर्दुकला ग्राम पंचायत में पीएम आवास के तहत भारी भ्रष्टाचार1
- कोरबा जिले के ग्राम पंचायत कुरुदी स्थित बजरंगबली मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।1
- कोरबा के पुराने बस स्टैंड से शराब दुकान हटाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। जनता सोशल मीडिया पर 'बादाम' वाली रील के जरिए उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन को उनका पुराना वादा याद दिला रही है। सार्वजनिक विरोध के बावजूद कार्रवाई न होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा गर्म है।1
- कोरबा जिले के तिलकेजा ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने उन पर मनरेगा सहित कई कार्यों में धांधली और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- आज बाबा बैद्यनाथ धाम के रावणेश्वर मंदिर से लाइव दर्शन उपलब्ध हैं। घर बैठे ही भगवान शिव के मनमोहक दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।1
- ग्राम पंचायत घोघरी में बने बाजार सेड में भ्रष्टाचार का आरोप ,,, मालखरौदा मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की गई शिकायत ,,,, DMF मंद से बना है बाजार सेट। ग्राम पंचायत घोघरी में बने बाजार सेड में भ्रष्टाचार का आरोप ,,, मालखरौदा मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की गई शिकायत ,,,, DMF मंद से बना है बाजार सेट।1
- बिजली विभाग बेखबर, गांव अंधेरे में कैद,ट्रांसफार्मर जलते रहे,अफसर सोते रहे....छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन, लेकिन गांव चिचिरदा अंधेरे में छत्तीसगढ़ सरकार जहां एक तरफ सुशासन त्योहार के नाम पर बड़े-बड़े दावे कर रही है… वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। बिलासपुर से महज कुछ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चीचिरदा के चिचिरदा आवास पारा में पिछले 4 दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। सवाल ये है कि क्या यही है सुशासन… जहां लोग बुनियादी सुविधा बिजली के लिए तरस रहे हैं? मंगलवार शाम आई आंधी-तूफान के बाद से गांव में बिजली पूरी तरह ठप है। शुक्रवार शाम तक भी हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी-कभी कुछ मिनट के लिए बिजली आती है… और फिर अचानक बंद हो जाती है।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तारों और ट्रांसफार्मर में आग लग रही है… जो सीधे तौर पर घटिया व्यवस्था और लापरवाही की ओर इशारा करता है।हैरानी की बात ये है कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली उत्पादन करने वाले राज्य में… लोगों को ही अंधेरे में रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी न तो मौके पर पहुंच रहे हैं… और न ही फोन उठाने की जहमत उठा रहे हैं। चार दिनों से गांव के लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई ठप है… गर्मी में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है… और रोजमर्रा के कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभाग घटिया क्वालिटी के तार और ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल कर रहा है… जिसके चलते बार-बार तार जलने और ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं सामने आती हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं… बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता है।सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब इतनी छोटी समस्या को भी समय पर ठीक नहीं किया जा रहा… तो बड़े दावों का क्या मतलब? ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई… तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।सरकार के सुशासन के दावे और हकीकत के बीच का ये अंतर साफ दिख रहा है।चीचिरदा गांव की ये तस्वीरें सिर्फ एक गांव की नहीं… बल्कि पूरे सिस्टम की सच्चाई बयां कर रही हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन नींद से कब जागेगा… और अंधेरे में डूबे इन गांवों को कब रोशनी मिलेगी।4