प्रयागराज। नैनी में नल से आ रहा सीवर जैसा गंदा पानी, लोगों में आक्रोश प्रयागराज। नैनी क्षेत्र के चक रघुनाथ वार्ड नंबर 20 के कई मोहल्लों में इन दिनों नलों से सीवर जैसा गंदा पानी आने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को हनुमान नगर में भी नलों से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत सामने आई। वहीं स्थानीय निवासी सुरेश विश्वकर्मा ने फोन के माध्यम से जलकर के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हनुमान नगर में काफी दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है जिससे लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। वहीं रक्षाबंधन के दिन जमुना नगर की महिलाओं ने भी नलों से आ रहे गंदे पानी को बोतलों में भरकर अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की थी। हालांकि छुट्टी होने की जानकारी मिलने के बाद महिलाएं अधिकारियों से मुलाकात नहीं कर सकीं। इसके बावजूद स्थानीय निवासी लक्ष्मी केसरी ने जलकर के अधिकारियों से फोन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय लोगों ने जलकर विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या का स्थायी समाधान कराने और पेयजल की आपूर्ति दुरुस्त कराने की मांग की है।
प्रयागराज। नैनी में नल से आ रहा सीवर जैसा गंदा पानी, लोगों में आक्रोश प्रयागराज। नैनी क्षेत्र के चक रघुनाथ वार्ड नंबर 20 के कई मोहल्लों में इन दिनों नलों से सीवर जैसा गंदा पानी आने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को हनुमान नगर में भी नलों से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायत सामने आई। वहीं स्थानीय निवासी सुरेश विश्वकर्मा ने फोन के माध्यम से जलकर के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हनुमान नगर में काफी दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है जिससे लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया
है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। वहीं रक्षाबंधन के दिन जमुना नगर की महिलाओं ने भी नलों से आ रहे गंदे पानी को बोतलों में भरकर अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की थी। हालांकि छुट्टी होने की जानकारी मिलने के बाद महिलाएं अधिकारियों से मुलाकात नहीं कर सकीं। इसके बावजूद स्थानीय निवासी लक्ष्मी केसरी ने जलकर के अधिकारियों से फोन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय लोगों ने जलकर विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या का स्थायी समाधान कराने और पेयजल की आपूर्ति दुरुस्त कराने की मांग की है।
- डूडा कालोनी शंकरगढ़ की बुनियादी समस्याओ को लेकर डूडा निवासियों का धरना प्रदर्शन1
- प्रयागराज। बारिश होते ही जमुनानगर के लोगों की बढ़ जाती है चिंता, 20 साल से जलभराव की समस्या बरकरार प्रयागराज। नैनी बारिश शुरू होते ही नैनी क्षेत्र के चक रघुनाथ वार्ड नंबर 20 जमुनानगर मोहल्ले के लोगों की चिंता बढ़ जाती है। यहां हल्की बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है। हालत यह है कि बारिश के दौरान मोहल्लेवासी भगवान से प्रार्थना करते हैं कि अब बारिश थम जाए, वरना घरों और गलियों में पानी भरने के बाद मोटर लगाकर पानी निकालना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमुनानगर मोहल्ले में जलभराव की समस्या पिछले करीब 20 वर्षों से बनी हुई है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत और गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है। जलभराव से परेशान लोगों ने अब अपनी आवाज अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मोहल्ले की स्थिति के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की नजर समस्या पर पड़े और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था हो सके। जमुनानगर मोहल्ले के देवानंद गुप्ता और हनुमान नगर के कपड़ा व्यापारी रत्नेश मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर संबंधित अधिकारियों से समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में पानी निकालने की कवायद करने के बजाय जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिल सके।1
- प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लेटे बड़े हनुमान मंदिर परिसर में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे हनुमान जी का विग्रह जलमग्न हो गया है। त्रिवेणी बांध के नीचे की सड़कें और आसपास के पार्क भी पानी में डूब चुके हैं। छोटा बघाड़ा, सलोरी और अन्य कछारी बस्तियों के निचले हिस्सों में पानी का दायरा बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों और छात्रों को सतर्क किया जाने लगा है। मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के कैचमेंट एरिया में बारिश के साथ-साथ केन, बेतवा, टोंस और बेलन जैसी सहायक नदियों का पानी भी बढ़ने से मुख्य नदियों के प्रवाह पर असर पड़ रहा है। हालांकि नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और जल पुलिस की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया1
- प्रयागराज-मोहम्मद मोमीन की मौत पर उठे सवाल परिजनों ने मारपीट के बाद पानी में फेंके जाने की जताई आशंका प्रयागराज। नैनी थाना क्षेत्र के जाहिराबाद निवासी मोहम्मद मोमीन पुत्र मुर्तुज़ा की मौत को लेकर परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस की ओर से मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है, वहीं परिवार ने आशंका जताई है कि मोमीन के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसे पानी में फेंका गया। परिजनों का कहना है कि शव से संबंधित तस्वीरों में गर्दन, कान और सिर के आसपास चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं निशानों को लेकर परिवार घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहा है। परिजनों का सवाल है कि यदि मौत केवल डूबने से हुई है तो शरीर पर दिखाई दे रहे चोट के निशान किन परिस्थितियों में आए, इसकी भी जांच होनी चाहिए। परिवार ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाना नहीं, बल्कि मोहम्मद मोमीन की मौत की वास्तविक वजह सामने लाना है। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल एवं फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ घटनास्थल की जांच, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल फोन समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जांच में हत्या की आशंका के पहलू को भी शामिल किया जाए। यदि जांच में मारपीट कर पानी में फेंके जाने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजनों ने कहा कि उन्होंने अपना बेटा और भाई खोया है। उनकी मांग किसी से बदला लेने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए घटना की वास्तविक सच्चाई सामने लाने और न्याय दिलाने की है।1
- गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, बदरा–सोनौटी मार्ग का संपर्क टूटा सड़कें जलमग्न, नावों के सहारे हो रहा आवागमन; झूंसी के तटीय इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा प्रयागराज झूंसी, गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से झूंसी क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। बदरा–सोनौटी गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग पानी में डूब जाने से गांव का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। सड़कें जलमग्न होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक आवागमन और जरूरी सामान लाने-ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पानी सड़क के ऊपर बह रहा है, जिससे पैदल और वाहन दोनों का आवागमन बंद हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में कई नावें तैनात की हैं। नावों के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा दी जा रही है तथा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलमग्न क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए झूंसी समेत आसपास के तटीय इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।1
- प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, झूंसी-गारापुर मार्ग जलमग्न! प्रयागराज: लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण प्रयागराज के झूंसी-गारापुर संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है। पूरा मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य शहर से संपर्क कट गया है। सड़क पर कई फीट पानी तैरने के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी है, जिसके चलते लोग जान जोखिम में डालकर पैदल या वैकल्पिक रास्तों से निकलने को मजबूर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। पुलिस और आपदा राहत दल की टीमें प्रभावित इलाके का जायजा ले रही हैं। पानी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से इस मार्ग का प्रयोग न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है। राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।1
- प्रयागराज के चौक क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मद अली पार्क के पास बिजली के तार की पेटी से तार चोरी करने आए दो नशेड़ी युवकों की करेंट लगने से मौत1
- बारा में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेहाल, भीषण बारिश में भी दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर प्रयागराजतहसील बारा के ग्राम सभा अमिलिया और नौढ़ीया तरहार में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हो गए हैं। भीषण बारिश के बीच भी किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं,लेकिन रात में आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर उनकी खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां 95 प्रतिशत लोग किसानी पर आश्रित हैं किसानों ने महंगाई के दौर में कर्ज लेकर रोपाई की, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी लेकिन आवारा पशु सब बर्बाद कर दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में एक भी पशु बाड़ा / गौशाला नहीं है और सरकार द्वारा इस पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे किसानों की लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है।किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो वे भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है।ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस ग्राम सभा में जल्द से जल्द गौशाला और पशु बाड़े की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिलाई जाए।1
- #कौशाम्बी : मनौरी में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत, प्रशासन ने जारी की घायलों की सूची... पूरी खबर पढ़ने के लिए चैनल को फेसबुक यूट्यूब इंस्टाग्राम पर फॉलो करें...1