भूसा रखने को लेकर विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, युवक ने जान देने की कोशिश की – परिजनों की सतर्कता से बची जान दतिया। गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सीतापुर में बुधवार सुबह घरेलू विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। भूसा रखने की बात को लेकर दो भाइयों के बीच शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने आवेश में आकर खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर डाली। हालांकि परिवार की सतर्कता से समय रहते उसकी जान बचा ली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीतापुर निवासी संतोष बघेल के बड़े बेटे नीरज बघेल (28) और छोटे बेटे पहलाद के बीच सुबह भूसा रखने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। झगड़े के बाद गुस्से में आए नीरज ने घर की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसे हल्की चोटें आईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने घर के अंदर जाकर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इसी दौरान परिजनों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल उसे रोकते हुए फंदे से उतारा और बिना देर किए जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि नीरज शादीशुदा है और मजदूरी के साथ खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद कभी-कभी गंभीर रूप ले सकते हैं, जिन्हें समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है।
भूसा रखने को लेकर विवाद ने लिया खतरनाक मोड़, युवक ने जान देने की कोशिश की – परिजनों की सतर्कता से बची जान दतिया। गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सीतापुर में बुधवार सुबह घरेलू विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। भूसा रखने की बात को लेकर दो भाइयों के बीच शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने आवेश में आकर खुद
को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर डाली। हालांकि परिवार की सतर्कता से समय रहते उसकी जान बचा ली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीतापुर निवासी संतोष बघेल के बड़े बेटे नीरज बघेल (28) और छोटे बेटे पहलाद के बीच सुबह भूसा रखने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। झगड़े के बाद गुस्से में आए नीरज ने
घर की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसे हल्की चोटें आईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने घर के अंदर जाकर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इसी दौरान परिजनों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल उसे रोकते हुए फंदे से उतारा और बिना देर किए जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की हालत फिलहाल स्थिर है
और उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि नीरज शादीशुदा है और मजदूरी के साथ खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद कभी-कभी गंभीर रूप ले सकते हैं, जिन्हें समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है।
- Post by रियल न्यूज1
- दतिया। शहर की नगर पालिका में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने जनहित योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गरीबों के लिए बनाए जाने वाले शौचालयों के नाम पर लाखों रुपए का घालमेल किया गया, जबकि कई स्थानों पर शौचालयों का निर्माण धरातल पर हुआ ही नहीं। RTI से खुला मामला, विभाग ने नहीं दी जानकारी इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अधिवक्ता द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत नगर पालिका से शौचालय निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी गई। आरोप है कि विभाग ने जानकारी देने में टालमटोल की और स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया। इससे मामले में और अधिक संदेह गहरा गया। कागजों में बने शौचालय, जमीन पर नहीं सूत्रों के मुताबिक, नगर में कई ऐसे शौचालय हैं जिनका रिकॉर्ड में निर्माण दिखाया गया है, लेकिन वास्तविकता में उनका अस्तित्व ही नहीं है। यानी कागजों में निर्माण दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई और उसका गबन कर लिया गया। सीएमओ बोले — होगी जांच, दोषियों पर कार्रवाई नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनहित योजनाओं पर उठे सवाल यह मामला सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आखिर कितनी योजनाएं ऐसी होंगी, जिनमें इसी तरह से भ्रष्टाचार किया गया होगा? गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में इस तरह की लापरवाही और घोटाला प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन से पारदर्शिता की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सभी जनहित योजनाओं की ऑडिट कराने की भी मांग उठ रही है। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या वाकई जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।2
- Post by AD SINGH DHAKAD1
- विधायक प्रदीप अग्रवाल मंच पे गए थे आशीर्वाद लेने बाबा जी ने मार दिए मुक्के1
- *विधायक पुत्र का सायरन मामला: क्या कटेगा चालान?* शिवपुरी/करेरा, मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक सुरेश राजे की कार का 10 हजार रुपये का चालान कटने के बाद अब भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के पुत्र का सायरन मामला तूल पकड़ रहा है। विधायक पुत्र ने खुद स्वीकार किया है कि उनकी कार में सायरन बज रहा था, लेकिन सवाल यह है कि क्या उनका भी चालान कटेगा? ग्वालियर में मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान विधायक की कार का चालान काटा गया था, लेकिन अब देखना होगा कि भाजपा के विधायक पुत्र के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। क्या सरकार सभी के लिए समान नियम लागू करेगी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के पुत्र ने स्वीकार किया है कि उनकी कार में सायरन बज रहा था, लेकिन उन्होंने दावा किया है कि वे किसी आपातकालीन स्थिति में जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। *क्या होगी कार्रवाई?* अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है। क्या विधायक पुत्र का भी चालान कटेगा या फिर उन्हें छूट मिल जाएगी? यह मामला अब और भी तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे को उठा सकता है।1
- Post by Lakshya News tv1
- बबीना की सड़कों पर दो बेकाबू लावारिस घोड़े अचानक बाजार और स्टेशन रोड पर दौड़ने लगे। एक घोड़े ने SBI एटीएम का गेट तोड़ने की कोशिश की। लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल रहा वीडियो वायरल1
- दतिया। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज संयुक्त टीम ने दो ट्रैक्टर जब्त किए। कार्रवाई के दौरान जांच में एक ट्रैक्टर ओवरलोड पाया गया, जबकि दूसरा बिना रॉयल्टी के रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया। दोनों ट्रैक्टर Swaraj Tractors कंपनी के बताए जा रहे हैं। खास बात यह रही कि दोनों ही ट्रैक्टरों पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टरों को थाना डीपार में सुरक्षित रखा गया है। मामले में खनिज विभाग के साथ-साथ परिवहन विभाग को भी वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया है। इस संयुक्त कार्रवाई में एसडीएम अशोक अवस्थी, एसडीओपी अजय चांनना, खनिज अधिकारी प्रदीप भूरिया, तहसीलदार राजेंद्र सिंह, मनोज दिवाकर, खनिज निरीक्षक संजय धाकड़, थाना प्रभारी डीपार यादवेंद्र गुर्जर सहित पटवारी एवं पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1