उत्तरकाशी. उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन का गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम से लिया जायजा. जनपद उत्तरकाशी स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंचकर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने प्रतिकूल मौसम के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी हेतु चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की। जनपद के प्रसिद्ध कालिंदी पास एवं ऑडेन कॉल क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण कुल 136 ट्रैकर्स एवं सपोर्ट स्टाफ प्रभावित हुए थे। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस तथा आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तत्परता से रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई हैं। *40 ट्रैकर्स सुरक्षित रेस्क्यू, अभियान जारी* अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑडेन पास क्षेत्र से 40 ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकाला जा चुका है। कालिंदी पास क्षेत्र में फंसे शेष ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए अभियान लगातार जारी है। इनमें से कुछ अनुभवी एक्सपीडिशन टीमों के सदस्यों ने स्वेच्छा से वहीं रुकने का निर्णय लिया है, जबकि शेष ट्रैकर्स को मौसम की अनुकूलता मिलते ही कल प्रातः सुरक्षित निकालने की योजना है। *सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायक* विधायक सुरेश चौहान ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक ट्रैकर, गाइड और पोर्टर की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार हेली रेस्क्यू, चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तथा सभी रेस्क्यू टीमों व अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाया गया है। उन्होंने मां गंगा एवं बाबा काशी विश्वनाथ जी से सभी ट्रैकर्स की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। *तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं से भी किया संवाद* आपदा प्रबंधन की समीक्षा के उपरांत विधायक ने गंगोत्री धाम दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों से आत्मीय भेंट कर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। श्रद्धालुओं ने प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,देशराज बिष्ट व कन्हैया रमोला सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तरकाशी. उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन का गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम से लिया जायजा. जनपद उत्तरकाशी स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंचकर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने प्रतिकूल मौसम के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी हेतु चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की। जनपद के प्रसिद्ध कालिंदी पास एवं ऑडेन कॉल क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण कुल 136 ट्रैकर्स एवं सपोर्ट स्टाफ प्रभावित हुए थे। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस तथा
आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तत्परता से रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई हैं। *40 ट्रैकर्स सुरक्षित रेस्क्यू, अभियान जारी* अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑडेन पास क्षेत्र से 40 ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकाला जा चुका है। कालिंदी पास क्षेत्र में फंसे शेष ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए अभियान लगातार जारी है। इनमें से कुछ अनुभवी एक्सपीडिशन टीमों के सदस्यों ने स्वेच्छा से वहीं रुकने का निर्णय लिया है, जबकि शेष ट्रैकर्स को मौसम की अनुकूलता मिलते ही कल प्रातः सुरक्षित निकालने की योजना
है। *सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायक* विधायक सुरेश चौहान ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक ट्रैकर, गाइड और पोर्टर की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार हेली रेस्क्यू, चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तथा सभी रेस्क्यू टीमों व अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाया गया है। उन्होंने मां गंगा एवं बाबा काशी विश्वनाथ जी से सभी ट्रैकर्स की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। *तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं से भी किया संवाद* आपदा प्रबंधन की समीक्षा के
उपरांत विधायक ने गंगोत्री धाम दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों से आत्मीय भेंट कर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। श्रद्धालुओं ने प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,देशराज बिष्ट व कन्हैया रमोला सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- उत्तरकाशी. उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन का गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम से लिया जायजा. जनपद उत्तरकाशी स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंचकर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने प्रतिकूल मौसम के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी हेतु चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की। जनपद के प्रसिद्ध कालिंदी पास एवं ऑडेन कॉल क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण कुल 136 ट्रैकर्स एवं सपोर्ट स्टाफ प्रभावित हुए थे। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस तथा आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तत्परता से रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई हैं। *40 ट्रैकर्स सुरक्षित रेस्क्यू, अभियान जारी* अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑडेन पास क्षेत्र से 40 ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकाला जा चुका है। कालिंदी पास क्षेत्र में फंसे शेष ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए अभियान लगातार जारी है। इनमें से कुछ अनुभवी एक्सपीडिशन टीमों के सदस्यों ने स्वेच्छा से वहीं रुकने का निर्णय लिया है, जबकि शेष ट्रैकर्स को मौसम की अनुकूलता मिलते ही कल प्रातः सुरक्षित निकालने की योजना है। *सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायक* विधायक सुरेश चौहान ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक ट्रैकर, गाइड और पोर्टर की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार हेली रेस्क्यू, चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तथा सभी रेस्क्यू टीमों व अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाया गया है। उन्होंने मां गंगा एवं बाबा काशी विश्वनाथ जी से सभी ट्रैकर्स की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। *तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं से भी किया संवाद* आपदा प्रबंधन की समीक्षा के उपरांत विधायक ने गंगोत्री धाम दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों से आत्मीय भेंट कर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। श्रद्धालुओं ने प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,देशराज बिष्ट व कन्हैया रमोला सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।4
- कालिंदी बेस एवं ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू* *सायं स्मार्ट कंट्रोल रूम से जिलाधिकारी ने अभियान और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की ली अपडेट* *कालिंदी बेस एवं ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू* *सायं स्मार्ट कंट्रोल रूम से जिलाधिकारी ने अभियान और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की ली अपडेट* सोमवार को उच्च पर्वतीय साहसिक अभियान के तहत कालिंदी बेस तथा ऑडिन कोल बेस क्षेत्र में अभियान पर गए ट्रेकर्स और सदस्यों में से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू किए गए सभी सदस्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। कालिंदी पास बेस क्षेत्र से कुल 11 सदस्यों को रेस्क्यू किया गया, जबकि ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से कुल 29 सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया है। इस प्रकार दोनों क्षेत्रों से कुल 40 सदस्यों का सफल रेस्क्यू किया गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में रेस्क्यू अभियान के दौरान संबंधित टीमों द्वारा हर्षिल एवं अन्य पड़ावों पर आवश्यक समन्वय एवं कार्रवाई की जा रही है। सायं जिलाधिकारी ने स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया और रेस्क्यू में लगी सभी टीमों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए और चारधाम यात्रा की अपडेट ली तथा यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा अन्य सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।3
- जनता दरबार मे आई 42 शिकायतते, जिलाधिकारी ने दिये त्वरित निस्तारण के निर्देश जनता दरबार मे दर्ज हुई 42 शिकायते, जिलाधिकारी ने दिये निस्तारण के निर्देश1
- दून यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में खाने को लेकर हंगामा! अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का आरोप है कि मेस के खाने में कीड़े और लोहे के स्क्रू मिले। इसके बाद छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। खाने से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। हालांकि, इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। मामला छात्राओं की सेहत और भोजन की गुणवत्ता से जुड़ा है।1
- RTI से सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी! उत्तराखंड में “राज्यमंत्री” पद को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हमारे पास RTI के माध्यम से प्राप्त सरकारी जवाब मौजूद है, जिसके अनुसार उत्तराखंड में वर्तमान में एक भी राज्यमंत्री नियुक्त नहीं है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति अपने नाम के साथ “राज्यमंत्री” लिख रहा है, तो उसके नियुक्ति आदेश और अधिकारिक पत्र की जांच होना जरूरी है। RTI से सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी! उत्तराखंड में “राज्यमंत्री” पद को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हमारे पास RTI के माध्यम से प्राप्त सरकारी जवाब मौजूद है, जिसके अनुसार उत्तराखंड में वर्तमान में एक भी राज्यमंत्री नियुक्त नहीं है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति अपने नाम के साथ “राज्यमंत्री” लिख रहा है, तो उसके नियुक्ति आदेश और अधिकारिक पत्र की जांच होना जरूरी है।1
- वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप स्थान -देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग और गणेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देशभर के करीब साढ़े 500 जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से जुड़े सुबिंदर संधू और विवेक जोशी द्वारा सामने लाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों पर आयोग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इन सवालों का ठोस जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और वोट चोरी के लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान ने देश के नागरिकों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया है। उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और मताधिकार की भावना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक-दो दिन का नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ता तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती और चुनाव व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार व अनियमितताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती। कांग्रेस नेताओं ने पदयात्रा के दौरान पुलिस और सरकार की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से लोकतंत्र की रक्षा और कथित वोट चोरी के विरोध में पदयात्रा निकाल रहे हैं, ऐसे में उन्हें रोकने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता आगे भी इसी तरह अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। Byte - सूर्यकांत दशमाना2
- यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए। बड़ा सवाल ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं। आज मैं इनकी झुग्गी में गया और सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है। SDM से फ़ोन पर मैंने यही कहा - मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया। यह SIR नहीं - यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है। ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे। पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा। #VoteChori1
- एसआईआर को लेकर बिपक्ष कर रहा गुमराह, जो हम होने नही देंगे : इशिता सजवाण एसआईआर को लेकर बिपक्ष कर रहा गुमराह : इशिता सजवाण1