Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार की सरकार ने 1 रुपये साल में दी ज़मीन अडानी को#news#bhagalpur#questionsnews#pkcrimestory#adani#bjp#millionviews#latestnews#hindinews#bjp#news#nitishkumar#compnay#modi#viralreels#viralvideo#viralsong#bhojpuri
Questions News
बिहार की सरकार ने 1 रुपये साल में दी ज़मीन अडानी को#news#bhagalpur#questionsnews#pkcrimestory#adani#bjp#millionviews#latestnews#hindinews#bjp#news#nitishkumar#compnay#modi#viralreels#viralvideo#viralsong#bhojpuri
More news from Prayagraj and nearby areas
- बेलवरिया होली गीत1
- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1
- प्रयागराज: नैनी थाना क्षेत्र के मुक्ता बिहार,पाठक मार्केट एडीए कॉलोनी में चोरों ने एक-एक कर कई कार की बैट्री उडाई। चोरों की करतूत सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद,एक चोर बैटरी चोरी करता रहा दूसरा चोर पीछे-पीछे ई-रिक्शा चलाता रहा।1
- बिहार की सरकार ने 1 रुपये साल में दी ज़मीन अडानी को#news#bhagalpur#questionsnews#pkcrimestory#adani#bjp#millionviews#latestnews#hindinews#bjp#news#nitishkumar#compnay#modi#viralreels#viralvideo#viralsong#bhojpuri1
- प्रयागराज जिले के मेजा तहसील अंतर्गत अरई गाँव इन दिनों एक बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ एक पुराने नीम के पेड़ से अचानक निकल रहे 'रहस्यमयी श्वेत पदार्थ' ने ग्रामीणों के बीच कौतूहल और आस्था का माहौल पैदा कर दिया है। घटना का विवरण ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में स्थित एक नीम के पेड़ के तने से दूध जैसा सफेद तरल पदार्थ (स्वेत पदार्थ) स्वतः ही बाहर निकल रहा है। जैसे ही यह खबर फैली, आसपास के इलाकों से लोगों का हुजूम इसे देखने के लिए उमड़ पड़ा। स्थानीय लोग इसे किसी दैवीय चमत्कार या भगवान का आशीर्वाद मानकर पेड़ की पूजा-अर्चना करने लगे हैं। लोगों ने पेड़ के पास अगरबत्ती और फूल चढ़ाकर इसे 'दूधिया नीम' का नाम दे दिया है। क्या कहता है विज्ञान? हालांकि जनमानस में इसे चमत्कार माना जा रहा है, लेकिन वनस्पति विज्ञान (Botany) के नजरिए से इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं: * बैक्टेरियल वेटवुड (Bacterial Wetwood): यह एक सामान्य स्थिति है जिसे 'स्लाइम फ्लक्स' भी कहा जाता है। जब पेड़ के तने के अंदर बैक्टीरिया पनपते हैं, तो वे आंतरिक दबाव पैदा करते हैं, जिससे सफेद या मटमैला तरल बाहर निकलने लगता है। * पौधे का दबाव: कभी-कभी जमीन में अत्यधिक नमी या पोषक तत्वों के असंतुलन के कारण पेड़ के जाइलम (Xylem) ऊतकों से रस का रिसाव होने लगता है। * कीटों का प्रभाव: तने के अंदर मौजूद कुछ कीट भी इस तरह के रिसाव का कारण बन सकते हैं। सामाजिक प्रभाव अरई गाँव में इस घटना ने विज्ञान और आस्था के बीच एक बहस छेड़ दी है। जहाँ बुजुर्ग और श्रद्धालु इसे प्रकृति का संकेत मान रहे हैं, वहीं जागरूक युवा और विशेषज्ञ इसे एक प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में देख रहे हैं। प्रशासन और कृषि वैज्ञानिकों का अक्सर ऐसे मामलों में यह सुझाव होता है कि इस तरह के पदार्थ का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया की अधिकता होती है। निष्कर्ष: मेजा के अरई गाँव की यह घटना हमारी लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता को दर्शाती है। चमत्कार हो या विज्ञान, इस नीम के पेड़ ने निश्चित रूप से गाँव को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।2
- Post by Journalist Satish Chandra1
- prayagraj junction ki news ke pass1
- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1