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जमीन पर सड़क बनी तो जान दे देंगे,लेकिन जमीन नहीं देंगे, ग्रामीणों का ऐलान.? #jameen #road #hindalco #lohardaga
AAM JANATA
जमीन पर सड़क बनी तो जान दे देंगे,लेकिन जमीन नहीं देंगे, ग्रामीणों का ऐलान.? #jameen #road #hindalco #lohardaga
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- महुआडांड़ स्थित संत जेवियर कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई के तत्वावधान में “टीबी मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ ग्रहण समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षय रोग (टीबी) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसमें टीबी जैसी गंभीर और संक्रामक बीमारी के प्रति समाज को सचेत रहने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राध्यापकों, एन.एस.एस. स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं को “टीबी मुक्त भारत” की शपथ दिलाई गई। शपथ के दौरान सभी ने यह संकल्प लिया कि वे टीबी के लक्षणों के प्रति सजग रहेंगे, समय पर जांच कराएंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा— टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता की कमी का भी परिणाम है। जब तक हम इसके लक्षणों, कारणों और उपचार के प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं होंगे, तब तक इसे जड़ से समाप्त करना संभव नहीं है। ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान तभी सफल होगा, जब समाज का हर व्यक्ति इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। हमारा उद्देश्य केवल शपथ लेना नहीं, बल्कि इसे अपने व्यवहार में उतारना है। एन.एस.एस. स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे समाज में परिवर्तन के वाहक होते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने गांव, परिवार एवं आसपास के क्षेत्रों में जाकर लोगों को टीबी के लक्षण—जैसे लगातार खांसी, वजन घटना, बुखार आदि—के बारे में जागरूक करें तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच और उपचार के लिए प्रेरित करें। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और सरकार द्वारा इसके लिए निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें, तो टीबी मुक्त भारत का सपना अवश्य साकार होगा। कार्यक्रम के दौरान एन.एस.एस. कॉर्डिनेटर विक्रम रजत डुंगडुंग ने भी अपने संबोधन में कहा— “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना और उन्हें निभाना भी है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, सेवा भाव और उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करते हैं। एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों को चाहिए कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।” इस कार्यक्रम में उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित अन्य शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि उन्हें समाज सेवा के प्रति प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी सिद्ध हुआ।1
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- घाघरा के हापामुनि गांव में आयोजित पांच दिवसीय प्रसिद्ध मंडा मेला का समापन पारंपरिक भोक्ता झूलन के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले के अंतिम दिन भोक्ताओं द्वारा विशेष अनुष्ठान किया गया, जिसमें वे बास से बने ऊंचे ठठरी (मचान) पर चढ़ते हैं और अपनी कमर में रस्सी बांधकर झूलते हैं। झूलते हुए भोक्ता श्रद्धालुओं के बीच पुष्प वर्षा करते हैं, जिसे लोग प्रसाद के रूप में श्रद्धा भाव से ग्रहण करते हैं। इस दृश्य को देखने के लिए आसपास ही नहीं बल्कि कई जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। मेले में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे क्षेत्र की परंपरा और संस्कृति जीवंत हो उठी। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंडा मेला वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा का प्रतीक है, जो समाज में एकता और श्रद्धा को मजबूत करता है। आयोजन समिति ने मेले को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। भोक्ता झूलन के साथ ही पांच दिवसीय मंडा मेला हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हो गया, जो श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।मौके पर मंडा मेला के संरक्षक सह अध्यक्ष प्रोफेसर अवध मनी पाठक, कृष्ण जीवन पाठक, भारत भूषण पाठक,सुधाकर मनी पाठक, गौरव पाठक, राजेश मणि पाठक,शैलेश मनी पाठक,निलेश मनी पाठक अजीत मनी पाठक, मुकेश मनी पाठक,मिथिलेश मनी पाठक, शाश्वत पाठक,पीयूष पाठक, त्रिभुवन मनी पाठक,पुरुषोत्तम मनी पाठक,प्रदीप मनी पाठक, भूवन मनी पाठक,मिंटू पाठक, अनिरुद्ध चौबे,आदित्य भगत, मुखिया विनीता उरांव,प्रधान उरांव,कनक भगत,दिलीप महली रविंद्र महली,मनीष महली,बिंदेश्वर साहू,सुरेंद्र साहू सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।2
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के चैनपुर में निर्माणाधीन पावर प्लांट स्थल पर करंट लगने से बैल की मौत के मामले में ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को पावर प्लांट स्थल पर आंदोलन शुरू कर दिया।ग्रामीणों के अनुसार पावर प्लांट निर्माण स्थल पर फैले खुले बिजली तार की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद बैल को बिना ग्रामीणों को सूचना दिए दफना दिया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पावर प्लांट स्थल पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पावर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृत बैल के मालिक को उचित मुआवजा देने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं दिया जाता और घटना की जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।वहीं मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।2
- Post by AAM JANATA1
- ट्रक के चपेट में आने से एक महिला की मौत घटना पुन्दाग थाना क्षेत्र का 2 घंटे तक सड़क रहा जाम जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हुआ समझौता बॉडी को उठाकर भेजा गया रिम्स फिलहाल यूपी नंबर ट्रैक जिसमें कबड्डी लगा हुआ है चालक फरार है मौजूद लोग चालक के गिरफ्तारी की कर रहे हैं मांग2
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