Shuru
Apke Nagar Ki App…
जमीन पर सड़क बनी तो जान दे देंगे,लेकिन जमीन नहीं देंगे, ग्रामीणों का ऐलान.? #jameen #road #hindalco
AAM JANATA
जमीन पर सड़क बनी तो जान दे देंगे,लेकिन जमीन नहीं देंगे, ग्रामीणों का ऐलान.? #jameen #road #hindalco
More news from झारखंड and nearby areas
- Post by AAM JANATA1
- Post by Bikesh Oraon3
- Post by Jharkhand local news1
- Post by Sonesh Oraon1
- महुआडांड़ स्थित संत जेवियर कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई के तत्वावधान में “टीबी मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ ग्रहण समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षय रोग (टीबी) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसमें टीबी जैसी गंभीर और संक्रामक बीमारी के प्रति समाज को सचेत रहने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राध्यापकों, एन.एस.एस. स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं को “टीबी मुक्त भारत” की शपथ दिलाई गई। शपथ के दौरान सभी ने यह संकल्प लिया कि वे टीबी के लक्षणों के प्रति सजग रहेंगे, समय पर जांच कराएंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा— टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता की कमी का भी परिणाम है। जब तक हम इसके लक्षणों, कारणों और उपचार के प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं होंगे, तब तक इसे जड़ से समाप्त करना संभव नहीं है। ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान तभी सफल होगा, जब समाज का हर व्यक्ति इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। हमारा उद्देश्य केवल शपथ लेना नहीं, बल्कि इसे अपने व्यवहार में उतारना है। एन.एस.एस. स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे समाज में परिवर्तन के वाहक होते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने गांव, परिवार एवं आसपास के क्षेत्रों में जाकर लोगों को टीबी के लक्षण—जैसे लगातार खांसी, वजन घटना, बुखार आदि—के बारे में जागरूक करें तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच और उपचार के लिए प्रेरित करें। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है और सरकार द्वारा इसके लिए निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि हम सब मिलकर प्रयास करें, तो टीबी मुक्त भारत का सपना अवश्य साकार होगा। कार्यक्रम के दौरान एन.एस.एस. कॉर्डिनेटर विक्रम रजत डुंगडुंग ने भी अपने संबोधन में कहा— “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना और उन्हें निभाना भी है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, सेवा भाव और उत्तरदायित्व की भावना को विकसित करते हैं। एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों को चाहिए कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।” इस कार्यक्रम में उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित अन्य शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि उन्हें समाज सेवा के प्रति प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी सिद्ध हुआ।1
- Japan ka chidiyaghar Kya ek Bandar1
- सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड अंतर्गत मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 से संबंधित सभी राजनैतिक दलों / बीएलए ii एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें सभी बीएलओ को अपने अपने क्षेत्र में सभी घरों में स्टिकर को चिस्पा करने एवं नोशनल नंबर कैसे दर्शाया जाना है, से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही योग्य मतदाता किसी भी प्रकार से छूटे ना इसके बारे में बतलाया गया। सभी उपस्थित बीएलए-ii को SIR से संबंधित बीएलओ को विशेष सहयोग प्रदान करने तथा वैसे मतदाता जो बाहर से आए है जैसे शादी कर बहू आई है और उनका मैपिंग नहीं हुआ है तो उन्हें उनके माता पिता का 2003 के मतदाता सूची लेकर मैपिंग का कार्य किया जाना है l बैठक में रमेश कुमार यादव प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिसई, सोमराई कीड़ो प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सिसई, सुमित केशरी निर्वाचन शाखा सिसई सहित सभी निर्वाचन पर्यवेक्षक सहायक अभियंता ,कनीय अभियंता एवं पंचायत सचिव उपस्थित रहे ।4
- आप देख सकते हैं1