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जयपुर-आबकारी विभाग से खबर* निकाय चुनाव को लेकर आदेश  चुनाव के चलते सूखा दिवस घोषित निकाय चुनाव को लेकर आदेश चुनाव के चलते सूखा दिवस घोषित 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक  सूखा दिवस  दूसरे चरण के लिए 9 सितंबर शाम 6 बजे से 11 सितंबर शाम 6 बजे तक रहेगा ड्राई डे 14 सितंबर को मतगणना के दिन भी संबंधित क्षेत्रों में रहेगा सूखा दिवस।

1 day ago
user_Sunil kumar
Sunil kumar
Citizen Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
1 day ago

जयपुर-आबकारी विभाग से खबर* निकाय चुनाव को लेकर आदेश  चुनाव के चलते सूखा दिवस घोषित निकाय चुनाव को लेकर आदेश चुनाव के चलते सूखा दिवस घोषित 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक  सूखा दिवस  दूसरे चरण के लिए 9 सितंबर शाम 6 बजे से 11 सितंबर शाम 6 बजे तक रहेगा ड्राई डे 14 सितंबर को मतगणना के दिन भी संबंधित क्षेत्रों में रहेगा सूखा दिवस।

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  • 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट होंगे फोर-लेन, बढ़ेगी रेल नेटवर्क की क्षमता, देश के व्यस्ततम रेल मार्गों पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट्स को फोर-लेन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करीब 11 हजार किलोमीटर में फैले ये सात हाई-डेंसिटी रूट देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41 प्रतिशत संभालते हैं, जबकि इनकी हिस्सेदारी पूरे रेल नेटवर्क में करीब 16 प्रतिशत ऐसे में इन मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैक विकसित होने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। ये सात रूट होंगे फोर-लेन 1. दिल्ली–हावड़ा 2. हावड़ा–चेन्नई 3. चेन्नई–मुंबई 4. मुंबई–दिल्ली 5. दिल्ली–चेन्नई 6. मुंबई–हावड़ा 7. दिल्ली–गुवाहाटी
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    7 हाई-डेंसिटी रेल रूट होंगे फोर-लेन, बढ़ेगी रेल नेटवर्क की क्षमता,


देश के व्यस्ततम रेल मार्गों पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट्स को फोर-लेन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम


करीब 11 हजार किलोमीटर में फैले ये सात हाई-डेंसिटी रूट देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41 प्रतिशत संभालते हैं, जबकि इनकी हिस्सेदारी पूरे रेल नेटवर्क में करीब 16 प्रतिशत
ऐसे में इन मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैक विकसित होने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
ये सात रूट होंगे फोर-लेन
1. दिल्ली–हावड़ा
2. हावड़ा–चेन्नई
3. चेन्नई–मुंबई
4. मुंबई–दिल्ली
5. दिल्ली–चेन्नई
6. मुंबई–हावड़ा
7. दिल्ली–गुवाहाटी
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    Citizen Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • ईदमिलादुंबी जलसे में पुलिस प्रशाशन ओर मेला कमेटी दोनों सवालों के घेरे में जोधपुर में आज निकलने वाले ईद मिलादुनबी के जलसे में शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला आज मेंले में भारी संख्या में भीड़ देखी गई जिसके लिए जगह जगह पुलिस बल तैनात किया गया था ओर जलसे के साथ भी कई जवान देखे गए लेकिन हैरान कर देने वाली बात तो ये हे कि जब आचार सहित लगी हुई हे तो खुली तलवार हाथ में लेकर जलसा शुरू से अंत तक देखी गई इसमें पुलिस के किसी भी अधिकारी या जवान की नजर क्यों नहीं गई ओर अगर उनकी नजर गई तो इनको रोका क्यों नहीं गया । देखा गया कि आज कई लोगों के एक हाथ में तलवार तो दूसरे हाथ ने म्यान थी । कमला नेहरू नगर मदीना कॉलोनी के अखाड़े के साथ तकरीबन बीस जनों के हाथ में तलवार थी । अभी कुछ दिन पहले कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने अभय कमांड का दौरा कर जोधपुर की सुरक्षित होना बताया ओर कहा कि हर जगह अभय कमांड की नजर हे तो सवाल खड़ा करता हे तो जलसा शुरू से अंत तक तलवारे लहराते देखी गई तो इनको रोका क्यों नहीं हाथ से तलवारे क्यों नहीं ली ? परमिशन के दौरान नियम में भी लिखा हुआ होता हे कि कोई भी धार दार हथियार या जिससे किसी को नुकसान हो ऐसी वस्तुओं पर प्रतिबंध रहेगा तो मेला कमेटी ने कठोर कदम क्यों नहीं उठाए जब जलसा होने से पहले पुलिस प्रशाशन ओर जलसा कमेटी मेम्बर्स की मीटिंग होती हे जिसमें सारी बाते साफ कर दो जाती हे ?
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    ईदमिलादुंबी जलसे में पुलिस प्रशाशन ओर मेला कमेटी दोनों सवालों के घेरे में 
जोधपुर में आज निकलने वाले ईद मिलादुनबी के जलसे में शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला आज मेंले में भारी संख्या में भीड़ देखी गई जिसके लिए जगह जगह पुलिस बल तैनात किया गया था ओर जलसे के  साथ भी कई जवान देखे गए लेकिन हैरान कर देने वाली बात तो ये हे कि जब आचार सहित लगी हुई हे तो खुली तलवार हाथ में लेकर जलसा शुरू से अंत तक देखी गई इसमें पुलिस के किसी भी अधिकारी या जवान की नजर क्यों नहीं गई ओर अगर उनकी नजर गई तो इनको रोका क्यों नहीं गया ।
देखा गया कि आज कई लोगों के एक हाथ में तलवार तो दूसरे हाथ ने म्यान थी ।
कमला नेहरू नगर मदीना कॉलोनी के अखाड़े के साथ तकरीबन बीस जनों के हाथ में तलवार थी ।
अभी कुछ दिन पहले कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने अभय कमांड का दौरा कर जोधपुर की सुरक्षित होना बताया ओर कहा कि हर जगह अभय कमांड की नजर हे तो सवाल खड़ा करता हे तो जलसा शुरू से अंत तक तलवारे लहराते देखी गई तो इनको रोका क्यों नहीं हाथ से तलवारे क्यों नहीं ली ? 
परमिशन के दौरान नियम में भी लिखा हुआ होता हे कि कोई भी धार दार हथियार या जिससे किसी को नुकसान हो ऐसी वस्तुओं पर प्रतिबंध रहेगा तो मेला कमेटी ने कठोर कदम क्यों नहीं उठाए 
जब जलसा होने से पहले पुलिस प्रशाशन ओर जलसा कमेटी मेम्बर्स की मीटिंग होती हे जिसमें सारी बाते साफ कर दो जाती हे ?
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • जोधपुर में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पुराना शहर मारू निनाद कार्यक्रम के अंतर्गत घोष का भव्य संचालन निकल गया इस संचालन में संघ के वरिष्ठ अधिकारी कार्यकर्ता बंधु सम्मिलित हुए। यह संचालन चांदपोल गौर के मैदान रामेश्वर नाथ महादेव के बाद प्रदर्शन करते हुए व्यास पार्क, नव चौकिया से प्रदर्शन करते हुए मेहरानगढ़ की प्राचीर फतेहपोलद्वार पर समाप्त हुआ। इस कार्यक्रम में महानगर सहकार्यवाह श्री अशोक जी जांगिड़, महानगर प्रचारक ओमप्रकाश जी, गोविंद जी सोनी और संचालक देवीलाल जी का शनि दे रहा। ओमप्रकाश जी ने इस कार्यक्रम की विस्तृत रचना को समझाया।
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    जोधपुर में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पुराना शहर मारू निनाद कार्यक्रम के अंतर्गत घोष का भव्य संचालन निकल गया इस संचालन में संघ के वरिष्ठ अधिकारी कार्यकर्ता बंधु सम्मिलित हुए। 
यह संचालन चांदपोल गौर के मैदान रामेश्वर नाथ महादेव के बाद प्रदर्शन करते हुए व्यास पार्क, नव चौकिया से प्रदर्शन करते हुए मेहरानगढ़ की प्राचीर फतेहपोलद्वार पर समाप्त हुआ।
इस कार्यक्रम में महानगर सहकार्यवाह श्री अशोक जी जांगिड़, महानगर प्रचारक ओमप्रकाश जी, गोविंद जी सोनी और संचालक देवीलाल जी का शनि दे रहा। ओमप्रकाश जी ने इस कार्यक्रम की विस्तृत रचना को समझाया।
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    Journalist Jodhpur, Rajasthan•
    23 hrs ago
  • पाली में चुनावी हलचल तेज, टिकट के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है।जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है। पेज – 2 कांग्रेस में फिलहाल भंवर राव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता, समर्थक मान रहे जीत का प्रबल दावेदार वार्ड नंबर 57 की राजनीति का दूसरा पहलू कांग्रेस खेमे में दिखाई देता है। जहां भाजपा में टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से फिलहाल भंवर राव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। भंवर राव स्थानीय राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में आने के बाद से उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पहचान है। पूर्व में रह चुके हैं पार्षद भंवर राव पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। पार्षद के रूप में काम करने का अनुभव और वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रियता उनके समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ताकत है। समर्थकों का दावा है कि भंवर राव लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इसी कारण इस बार वार्ड नंबर 57 में उन्हें कांग्रेस की ओर से जीत के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की तरफ से वार्ड में उनकी दावेदारी का प्रभाव मजबूत दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि अंतिम उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के आधिकारिक टिकट की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। एक तरफ कई दावेदार, दूसरी तरफ अनुभवी चेहरा—किस करवट बैठेगा वार्ड 57? वार्ड नंबर 57 की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर दिलचस्प है। एक ओर भाजपा में कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह अपनी पत्नियों के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भंवर राव का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। भाजपा के सामने टिकट चयन की चुनौती होगी। क्या वर्षों की संगठन सेवा को महत्व मिलेगा? क्या पुराने राजनीतिक परिवार का अनुभव काम आएगा? या फिर कोई नया दावेदार टिकट की बाजी मार लेगा? कांग्रेस के सामने भी अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन स्थानीय चर्चाओं में भंवर राव के पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को उनकी ताकत माना जा रहा है। जनता सब देख रही है... चुनावी मौसम में बढ़ी सक्रियता के बीच वार्ड की जनता भी हर दावेदार को बारीकी से देख रही है। आखिर चुनाव सिर्फ टिकट हासिल करने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करने का भी है। टिकट किसे मिलेगा, चुनावी मैदान में आमने-सामने कौन होगा और जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि वार्ड नंबर 57 की सियासी कहानी अभी शुरू हुई है।
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    पाली में चुनावी हलचल तेज, टिकट के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी
जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर
जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक
पेज – 1
वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी
चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा
वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है।
आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है।
राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं।
कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे।
भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार
वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं।
25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी
कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी?
राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव
दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है।
भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में
भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है।
वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं।
चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है।जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर
जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक
पेज – 1
वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी
चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा
वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है।
आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है।
राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं।
कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे।
भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार
वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं।
25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी
कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी?
राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव
दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है।
भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में
भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है।
वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं।
चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है। पेज – 2
कांग्रेस में फिलहाल भंवर राव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता, समर्थक मान रहे जीत का प्रबल दावेदार
वार्ड नंबर 57 की राजनीति का दूसरा पहलू कांग्रेस खेमे में दिखाई देता है। जहां भाजपा में टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से फिलहाल भंवर राव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
भंवर राव स्थानीय राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में आने के बाद से उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पहचान है।
पूर्व में रह चुके हैं पार्षद
भंवर राव पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। पार्षद के रूप में काम करने का अनुभव और वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रियता उनके समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
समर्थकों का दावा है कि भंवर राव लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इसी कारण इस बार वार्ड नंबर 57 में उन्हें कांग्रेस की ओर से जीत के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है।
फिलहाल कांग्रेस की तरफ से वार्ड में उनकी दावेदारी का प्रभाव मजबूत दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि अंतिम उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के आधिकारिक टिकट की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक तरफ कई दावेदार, दूसरी तरफ अनुभवी चेहरा—किस करवट बैठेगा वार्ड 57?
वार्ड नंबर 57 की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर दिलचस्प है। एक ओर भाजपा में कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह अपनी पत्नियों के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भंवर राव का नाम प्रमुखता से चर्चा में है।
भाजपा के सामने टिकट चयन की चुनौती होगी। क्या वर्षों की संगठन सेवा को महत्व मिलेगा? क्या पुराने राजनीतिक परिवार का अनुभव काम आएगा? या फिर कोई नया दावेदार टिकट की बाजी मार लेगा?
कांग्रेस के सामने भी अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन स्थानीय चर्चाओं में भंवर राव के पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को उनकी ताकत माना जा रहा है।
जनता सब देख रही है...
चुनावी मौसम में बढ़ी सक्रियता के बीच वार्ड की जनता भी हर दावेदार को बारीकी से देख रही है। आखिर चुनाव सिर्फ टिकट हासिल करने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करने का भी है।
टिकट किसे मिलेगा, चुनावी मैदान में आमने-सामने कौन होगा और जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।
लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि वार्ड नंबर 57 की सियासी कहानी अभी शुरू हुई है।
    user_Kapil Panecha
    Kapil Panecha
    पाली, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • पहले दिन नगर निगम में नहीं हुआ पर्चा दाखिल अन्य निकाय में 27 अभ्यर्थियों ने 28 नामांकन पत्र दाखिल किए पाली। नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के तहत जिले में गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। नामांकन के प्रथम दिन जिलेभर में 27 अभ्यर्थियों ने कुल 28 नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन नगर निगम पाली सहित नगर पालिका खुडाला-फालना, तखतगढ़ और बाली में कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। अन्य नगरीय निकायों में अभ्यर्थियों ने अपने नामांकन पत्र जमा करवाए। नामांकन प्रक्रिया आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। चुनाव को लेकर नगरीय निकाय क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं और संभावित प्रत्याशियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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    पहले दिन नगर निगम में नहीं हुआ पर्चा दाखिल
अन्य निकाय में 27 अभ्यर्थियों ने 28 नामांकन पत्र दाखिल किए
पाली। नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के तहत जिले में गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। नामांकन के प्रथम दिन जिलेभर में 27 अभ्यर्थियों ने कुल 28 नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन नगर निगम पाली सहित नगर पालिका खुडाला-फालना, तखतगढ़ और बाली में कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। अन्य नगरीय निकायों में अभ्यर्थियों ने अपने नामांकन पत्र जमा करवाए।
नामांकन प्रक्रिया आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। चुनाव को लेकर नगरीय निकाय क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं और संभावित प्रत्याशियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
    user_Hastpal singh
    Hastpal singh
    पाली, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • नगर निगम चुनाव पहले दिन एक भी नामांकन नहीं, 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित आवेदन लेने के लिए उमड़ी दावेदारों की भीड़, शुक्रवार को अवकाश के चलते शनिवार से फिर शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली, 27 अगस्त। नगर निगम आम चुनाव 2026 को लेकर गुरुवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया के प्रथम दिन नगर निगम कार्यालय में एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। हालांकि पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों में खासा उत्साह देखने को मिला। पहले दिन 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित किए गए। आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए सुबह से ही नगर निगम कार्यालय में दावेदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। पहले दिन नहीं हुआ कोई नामांकन -रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के प्रथम दिन किसी भी अभ्यर्थी ने अपना आवेदन जमा नहीं करवाया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राजकीय अवकाश होने के कारण नामांकन प्रक्रिया स्थगित रहेगी। अब शनिवार से पुनः नाम निर्देशन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा एवं प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित - सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि नगर निगम चुनाव के लिए आवेदन वितरण काउंटर पर गुरुवार सुबह से ही दावेदार आवेदन पत्र लेने के लिए पहुंचने लगे थे। दोपहर तक 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित किए जा चुके थे। आवेदन प्राप्त करने के लिए काउंटर पर दावेदारों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। निर्वाचन कार्मिकों ने अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी भी दी। अवकाश के दिन भी हेल्प डेस्क से मिलेंगे आवेदन - रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को राजकीय अवकाश होने के बावजूद पार्षद पद के संभावित उम्मीदवारों की सुविधा को देखते हुए नगर निगम में बनाई गई हेल्प डेस्क पर आवेदन पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। अभ्यर्थी प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक हेल्प डेस्क से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि नाम निर्देशन पत्र जमा करने की प्रक्रिया शनिवार से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी। निर्वाचन व्यवस्थाओं पर रही नजर -नामांकन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों ने व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। आवेदन लेने पहुंचे दावेदारों को प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही आवेदन पत्र भरने एवं आवश्यक दस्तावेजों को लेकर मार्गदर्शन किया गया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। ये रहे मौजूद -इस मौके पर विशेषाधिकारी कार्यालय निर्वाचन अधिकारी चौधरी बिरजू गोपाल, पाली तहसीलदार सुनील कुमार, उप पंजीयक प्रथम शिवजीराम बावरी, तहसीलदार निर्वाचन नेहा चौधरी, सुरेश कुमार व्यास, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार, महेन्द्र बैरवा, जयपाल सिंह चौहान, शंकर सिंह राजपुरोहित, कुलदीप जोशी, हिमांशु चतुर्वेदी, ताराचंद सेजू सहित निर्वाचन से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
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    नगर निगम चुनाव पहले दिन एक भी नामांकन नहीं, 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित
आवेदन लेने के लिए उमड़ी दावेदारों की भीड़, शुक्रवार को अवकाश के चलते शनिवार से फिर शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़
पाली, 27 अगस्त। नगर निगम आम चुनाव 2026 को लेकर गुरुवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया के प्रथम दिन नगर निगम कार्यालय में एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। हालांकि पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों में खासा उत्साह देखने को मिला। पहले दिन 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित किए गए। आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए सुबह से ही नगर निगम कार्यालय में दावेदारों की लंबी कतारें लगी रहीं।
पहले दिन नहीं हुआ कोई नामांकन -रिटर्निंग अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के प्रथम दिन किसी भी अभ्यर्थी ने अपना आवेदन जमा नहीं करवाया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राजकीय अवकाश होने के कारण नामांकन प्रक्रिया स्थगित रहेगी। अब शनिवार से पुनः नाम निर्देशन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा एवं प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित - सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि नगर निगम चुनाव के लिए आवेदन वितरण काउंटर पर गुरुवार सुबह से ही दावेदार आवेदन पत्र लेने के लिए पहुंचने लगे थे। दोपहर तक 300 से अधिक आवेदन पत्र वितरित किए जा चुके थे। आवेदन प्राप्त करने के लिए काउंटर पर दावेदारों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। निर्वाचन कार्मिकों ने अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी भी दी।
अवकाश के दिन भी हेल्प डेस्क से मिलेंगे आवेदन - रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को राजकीय अवकाश होने के बावजूद पार्षद पद के संभावित उम्मीदवारों की सुविधा को देखते हुए नगर निगम में बनाई गई हेल्प डेस्क पर आवेदन पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। अभ्यर्थी प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक हेल्प डेस्क से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि नाम निर्देशन पत्र जमा करने की प्रक्रिया शनिवार से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी।
निर्वाचन व्यवस्थाओं पर रही नजर -नामांकन प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों ने व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। आवेदन लेने पहुंचे दावेदारों को प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही आवेदन पत्र भरने एवं आवश्यक दस्तावेजों को लेकर मार्गदर्शन किया गया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
ये रहे मौजूद -इस मौके पर विशेषाधिकारी कार्यालय निर्वाचन अधिकारी चौधरी बिरजू गोपाल, पाली तहसीलदार सुनील कुमार, उप पंजीयक प्रथम शिवजीराम बावरी, तहसीलदार निर्वाचन नेहा चौधरी, सुरेश कुमार व्यास, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार, महेन्द्र बैरवा, जयपाल सिंह चौहान, शंकर सिंह राजपुरोहित, कुलदीप जोशी, हिमांशु चतुर्वेदी, ताराचंद सेजू सहित निर्वाचन से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
    user_मनोज शर्मा
    मनोज शर्मा
    Court reporter पाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पाली. शहर के अणुव्रत नगर में गुरुदेव जन्म महोत्सव जयंती महोत्सव के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया। एक शाम गुरुदेव के नाम आयोजित भजन में गायक लवेश बुरड पाली. शहर के अणुव्रत नगर में गुरुदेव जन्म महोत्सव जयंती महोत्सव के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया। एक शाम गुरुदेव के नाम आयोजित भजन में गायक लवेश बुरड़ एंड पार्टी इंदौर द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
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    पाली. शहर के अणुव्रत नगर में गुरुदेव जन्म महोत्सव जयंती महोत्सव के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया। एक शाम गुरुदेव के नाम आयोजित भजन में गायक लवेश बुरड
पाली. शहर के अणुव्रत नगर में गुरुदेव जन्म महोत्सव जयंती महोत्सव के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया। एक शाम गुरुदेव के नाम आयोजित भजन में गायक लवेश बुरड़ एंड पार्टी इंदौर द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
    user_शरद भाटी
    शरद भाटी
    पाली, पाली, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • जोधपुर में वाहन चोरी का खुलासा, 3 पावर बाइक बरामद आरोपी ने कहा कि चोरी जोधपुर। राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई तीन पावर बाइक बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार 13 अगस्त की रात एक कॉलोनी से तीन बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने करीब 500-600 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया और 300-350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर तकनीकी साक्ष्यों व मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की।पुलिस ने 21 वर्षीय सागर को गिरफ्तार किया तथा एक नाबालिग को संरक्षण में लिया। पूछताछ और अनुसंधान के दौरान चोरी की तीन बाइक बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक वारदात में शामिल अन्य लोगों के संबंध में अनुसंधान जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपी रात के समय शहर में आकर अलग-अलग इलाकों में खड़ी दुपहिया गाड़ियों को निशाना बनाते और उन्हें ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में ले जाकर बेचने का प्रयास करते थे।
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    जोधपुर में वाहन चोरी का खुलासा, 3 पावर बाइक बरामद आरोपी ने कहा कि चोरी 
जोधपुर। राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई तीन पावर बाइक बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार 13 अगस्त की रात एक कॉलोनी से तीन बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने करीब 500-600 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया और 300-350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर तकनीकी साक्ष्यों व मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की।पुलिस ने 21 वर्षीय सागर को गिरफ्तार किया तथा एक नाबालिग को संरक्षण में लिया। पूछताछ और अनुसंधान के दौरान चोरी की तीन बाइक बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक वारदात में शामिल अन्य लोगों के संबंध में अनुसंधान जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपी रात के समय शहर में आकर अलग-अलग इलाकों में खड़ी दुपहिया गाड़ियों को निशाना बनाते और उन्हें ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में ले जाकर बेचने का प्रयास करते थे।
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
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