रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित केलो नदी मरीन ड्राइव पर एक लड़की की फिल्मी स्टाइल में लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई करने और उसके कपड़े उतारकर गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नूरी खान सहित तीन लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। यह घटना बीते 1 जुलाई को हुई थी, लेकिन कल शाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। इस वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी लड़कियों ने ही इस पूरी घटना का वीडियो बनाया था और अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर लगाया था। इस मामले में जिले के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि यह पूरी घटना सेल्फी से जुड़े एक विवाद के कारण हुई। पीड़िता अपनी दो सहेलियों के साथ मरीन ड्राइव से गुजर रही थी, तभी नूरी खान अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ सेल्फी ले रही थी। आरोपियों को लगा कि पीड़िता उन्हें देखकर हंस रही है और इसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते आरोपियों ने पीड़िता को लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया और उसके कपड़े तक उतार दिए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस को मामले की पड़ताल के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वीडियो में शामिल लड़कियों की पहचान की और मुख्य आरोपी नूरी खान समेत दो नाबालिगों को मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।
रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित केलो नदी मरीन ड्राइव पर एक लड़की की फिल्मी स्टाइल में लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई करने और उसके कपड़े उतारकर गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नूरी खान सहित तीन लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो
नाबालिग शामिल हैं। यह घटना बीते 1 जुलाई को हुई थी, लेकिन कल शाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। इस वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी लड़कियों ने ही इस पूरी घटना का वीडियो बनाया था और अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर लगाया था। इस मामले में जिले के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि
यह पूरी घटना सेल्फी से जुड़े एक विवाद के कारण हुई। पीड़िता अपनी दो सहेलियों के साथ मरीन ड्राइव से गुजर रही थी, तभी नूरी खान अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ सेल्फी ले रही थी। आरोपियों को लगा कि पीड़िता उन्हें देखकर हंस रही है और इसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते आरोपियों ने पीड़िता
को लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया और उसके कपड़े तक उतार दिए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस को मामले की पड़ताल के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वीडियो में शामिल लड़कियों की पहचान की और मुख्य आरोपी नूरी खान समेत दो नाबालिगों को मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अंकसूची देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे इस मुख्य साजिशकर्ता को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटकरण के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस इससे पहले फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले एक महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह पूरा मामला जुलाई 2023 का है, जब भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती में जिला सक्ती निवासी नरेंद्र कुमार और जिला जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने ऑनलाइन आवेदन करते समय 10वीं की फर्जी अंकसूचियां अपलोड की थीं, जिसके आधार पर उनका चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में डाकपाल (ग्रामीण डाक सेवक) पद पर हो गया था। नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान जब तमिलनाडु बोर्ड से रिपोर्ट आई, तो खुलासा हुआ कि दोनों अंकसूचियां फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं। इसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर थाना कोतवाली में धारा 420, 467, 468, 471, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने फरवरी 2026 में दोनों अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने खुलासा किया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी। नरेंद्र कुमार ने आरोपी को ₹3.50 लाख दिए थे, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। इसके बदले आरोपी ने उन्हें फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं, जिन्हें जानते हुए भी उन्होंने भर्ती में इस्तेमाल किया। इस खुलासे के बाद दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि साल 2013 में नकली नोट के एक मामले में उसे 10 साल की सजा हो चुकी है और जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से इस तरह की धोखाधड़ी और जालसाजी में सक्रिय हो गया था। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए शिवाजी नगर निवासी 47 वर्षीय विनोद कुमार राठौर को कोरबा से धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में फर्जी अंकसूचियों के जरिए ठगी करना स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।3
- सारंगढ़ जिले में महिलाओं को पैसे दोगुने करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी का शिकार हुईं दर्जनों गांवों की सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं भारी संख्या में सिटी कोतवाली सारंगढ़ पहुंचीं और अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि ग्वालियरडीह निवासी दिनेश बंजारे ने उन्हें पहले खुद से जोड़ा और दावा किया कि वह एक एनजीओ चलाता है, जिसमें 'नारी रक्षा सम्मान निधि' नाम की एक बेहद बड़ी योजना है। आरोपी ने महिलाओं को झांसा दिया कि इस योजना में पैसे लगाने पर उनकी रकम दोगुनी करके वापस दी जाएगी, जिसके लालच में आकर सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने पैसे लगा दिए। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि दिनेश बंजारे समूह के माध्यम से उन सभी को माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन दिलवाता था। इसके बाद वह लोन के पैसे को डबल करने का दावा करके खुद ले लेता था और कहता था कि इस लोन की मासिक किस्त वह खुद पटाएगा और उन्हें हर महीने पैसा भी देगा। कुछ समय तक तो महिलाओं को पैसा मिलता रहा, लेकिन अब उन्हें पैसा मिलना बंद हो गया है। पैसे न मिलने से परेशान होकर पीड़ित ग्रामीण महिलाएं एकजुट होकर थाने पहुंचीं। करोड़ों रुपये की ठगी का आरोपी दिनेश बंजारे फिलहाल खुद एक म्युल अकाउंट मामले में पहले से ही जेल में बंद है। उसके खाते में साइबर ठगी के 2 करोड़ 71 लाख रुपये आए थे, जिसके संबंध में अन्य राज्यों में 50 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं और इसी मामले में सारंगढ़ पुलिस ने उसे जेल भेजा था। अब दिनेश बंजारे के खिलाफ करोड़ों रुपये की ठगी का यह नया मामला सामने आया है, जिसके बाद सारंगढ़ बिलाईगढ़ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पांडे और पुलिस प्रशासन इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत रायगढ़ की चक्रधरनगर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से रायगढ़, कोरबा, सक्ती और ओडिशा के विभिन्न इलाकों से चोरी की गई करीब ₹9 लाख मूल्य की 21 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी हैं, जबकि गिरोह के दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। वाहन चोरी के मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के बीच, यह बड़ी सफलता कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई एक बाइक की जांच के दौरान मिली। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की मोटरसाइकिल बेचने के लिए ग्राहक ढूंढ रहे हैं। पुलिस ने तत्काल मौके पर घेराबंदी कर अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर को पकड़ा, जिन्होंने पूछताछ में अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर संगठित तरीके से बाइक चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर नेहरू गार्डन के पास से बाकी तीनों आरोपियों को भी धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ और मेमोरेंडम कथन के आधार पर अनिल मिश्रा से 10, अमृत बहादुर से 2, बोलो निषाद से 5 और चंद्रकुमार तिवारी से 4 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इस गिरोह का शिकार मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खड़ी रहने वाली हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स गाड़ियां होती थीं, जिनका लॉक तोड़कर ये आरोपी दूसरे जिलों और राज्यों में बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल मिश्रा और चंदन राय का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है, जिसमें चंदन राय साल 2015 से ही वाहन चोरी की वारदातों में संलिप्त रहा है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।4
- कोरबा जिले की कटघोरा विधानसभा से विधायक प्रेमचंद पटेल के निज सचिव पर स्वेच्छानुदान की राशि में बड़ा खेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पाली तानाखार निवासी निज सचिव पर सरकारी राशि में सीधे तौर पर सेंधमारी करने का आरोप है। इस वितरण में गरीब और जरूरतमंद लोगों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। जरूरतमंदों का हक मारते हुए विधायक के इस निज सचिव द्वारा केवल अपने करीबी और बाहरी लोगों को ही स्वेच्छानुदान की राशि बांटी जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर में NH-43 के वैकल्पिक मार्ग पर साल 2016 के बाद पहली बार डामर की नई परत बिछाई गई है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क पर आवागमन करना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। सड़क को सुधारने के लिए कई ठेकेदार आए और गए, लेकिन इसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया था। अब M/s विनोद जैन को यह कार्य मिलने के बाद सड़क को बेहतर बनाया गया है। सड़क दुरुस्त होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को बड़ी राहत मिली है और लोग इस कार्य की सराहना कर रहे हैं।1
- रायगढ़ जिले में शिक्षा गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए एक मैराथन बैठक की गई, जिसमें सरकारी और निजी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है, जहां राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की मंजूरी मिलने के बाद अब जशपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इस मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों के साथ शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इस बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी मिलते ही पूरे जिले भर में हर्ष और खुशी का माहौल बना हुआ है। इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाते हुए कांसाबेल में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। उन्होंने इस कामयाबी को जशपुर के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। इस दौरान उन्होंने इस बड़ी सौगात के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार के प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त किया।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा से हादसे की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ नींद की झपकी आने की वजह से एक ट्रेलर 20 फीट नीचे गहरी खाई में गिर गया। इस पूरे हादसे का मुख्य कारण नींद की झपकी ही बनी है।1