छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अंकसूची देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे इस मुख्य साजिशकर्ता को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटकरण के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस इससे पहले फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले एक महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह पूरा मामला जुलाई 2023 का है, जब भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती में जिला सक्ती निवासी नरेंद्र कुमार और जिला जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने ऑनलाइन आवेदन करते समय 10वीं की फर्जी अंकसूचियां अपलोड की थीं, जिसके आधार पर उनका चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में डाकपाल (ग्रामीण डाक सेवक) पद पर हो गया था। नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान जब तमिलनाडु बोर्ड से रिपोर्ट आई, तो खुलासा हुआ कि दोनों अंकसूचियां फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं। इसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर थाना कोतवाली में धारा 420, 467, 468, 471, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने फरवरी 2026 में दोनों अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने खुलासा किया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी। नरेंद्र कुमार ने आरोपी को ₹3.50 लाख दिए थे, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। इसके बदले आरोपी ने उन्हें फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं, जिन्हें जानते हुए भी उन्होंने भर्ती में इस्तेमाल किया। इस खुलासे के बाद दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि साल 2013 में नकली नोट के एक मामले में उसे 10 साल की सजा हो चुकी है और जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से इस तरह की धोखाधड़ी और जालसाजी में सक्रिय हो गया था। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए शिवाजी नगर निवासी 47 वर्षीय विनोद कुमार राठौर को कोरबा से धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में फर्जी अंकसूचियों के जरिए ठगी करना स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अंकसूची देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे इस मुख्य साजिशकर्ता को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटकरण के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस इससे पहले फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले एक महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह पूरा मामला जुलाई 2023 का है, जब भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती में जिला सक्ती निवासी नरेंद्र कुमार और जिला जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने ऑनलाइन आवेदन करते समय 10वीं की फर्जी अंकसूचियां अपलोड की थीं, जिसके आधार पर उनका चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा
में डाकपाल (ग्रामीण डाक सेवक) पद पर हो गया था। नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान जब तमिलनाडु बोर्ड से रिपोर्ट आई, तो खुलासा हुआ कि दोनों अंकसूचियां फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं। इसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर थाना कोतवाली में धारा 420, 467, 468, 471, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने फरवरी 2026 में दोनों अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने खुलासा किया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी। नरेंद्र कुमार ने आरोपी को ₹3.50 लाख दिए थे, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। इसके बदले आरोपी ने उन्हें फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं, जिन्हें जानते
हुए भी उन्होंने भर्ती में इस्तेमाल किया। इस खुलासे के बाद दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि साल 2013 में नकली नोट के एक मामले में उसे 10 साल की सजा हो चुकी है और जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से इस तरह की धोखाधड़ी और जालसाजी में सक्रिय हो गया था। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए शिवाजी नगर निवासी 47 वर्षीय विनोद कुमार राठौर को कोरबा से धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में फर्जी अंकसूचियों के जरिए ठगी करना स्वीकार कर लिया है। इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय गैर संचारी रोग कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलेभर के सेक्टर प्रभारी शामिल हुए।1
- सारंगढ़ में करोड़ों रुपये के ठगी कांड में पीड़ित ग्रामीणों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके विरोध में आज फिर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कलेक्टर दफ्तर पहुंचे। बीते 13 जुलाई से ही पीड़ित ग्रामीण लगातार सारंगढ़ के कलेक्टर दफ्तर, एसपी कार्यालय और थानों में चक्कर काट रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 'छत्तीसगढ़ युवा समाज सुधार समिति' नाम के एक एनजीओ (NGO) ने 'नारी रक्षा सम्मान निधि' के नाम पर पहले उनका भरोसा जीता और फिर उनसे बड़ा निवेश कराया। अब समय बीतने के साथ ही एनजीओ का कर्मचारी दिनेश बंजारे ग्रामीणों को पैसे वापस लौटाने और उनकी किस्तें भरने से साफ मुकर रहा है, जिसके बाद महिला समूहों को अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ है। आज फिर 9 गांवों की सैकड़ों महिलाएं कलेक्टर जन दर्शन में उचित कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचीं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपना सारा पैसा निकाल कर दिनेश बंजारे को दिया था, जो उन्हें अनुदान राशि देता था और किस्तें भी खुद ही जमा करता था। लेकिन अब दिनेश बंजारे ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया है, जिसके कारण फाइनेंस कंपनियां महिलाओं को किस्त पटाने के लिए लगातार परेशान कर रही हैं। जैसे-जैसे इस मामले में पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ठगी की रकम का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ (उदयपुर) में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एक महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सोशल मीडिया पर एक युवती के साथ सरेराह मारपीट का वीडियो वायरल होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नगमा खान उर्फ नूरी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, घटना में शामिल दो नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध भी किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस पूरी कार्रवाई में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुआ। पुलिस जांच और 19 वर्षीय पीड़िता की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 30 जून 2026 की शाम लगभग 4 बजे मेरीन ड्राइव रोड स्थित पुष्पवाटिका गार्डन के पास हुई थी। पीड़िता रायगढ़ में किराये के मकान में रहकर सोनारपारा स्थित एक ज्वेलरी गोदाम में काम करती है। घटना के दिन वह अपनी सहेली के साथ मोटरसाइकिल से वापस लौट रही थी, तभी दो युवतियों ने उनका रास्ता रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। दरअसल, मारपीट करने वाली युवतियां वहां सेल्फी ले रही थीं और पीड़िता व उसकी सहेली को हंसते हुए गुजरता देख उन्हें लगा कि वे उन पर हंस रही हैं। इसी गलतफहमी में विवाद खड़ा हुआ और विरोध करने पर युवतियों ने फोन कर अपनी रिश्तेदार नगमा खान उर्फ नूरी को बुला लिया, जिसके बाद सभी ने मिलकर पीड़िता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अपराध क्रमांक 375/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 126(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नगमा खान उर्फ नूरी (पति खबीब खान, उम्र 38 वर्ष, निवासी चांदनी चौक, फौजदारपारा, रायगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया की ताकत को हल्के में न लें और कानून हाथ में लेकर सरेआम गुंडागर्दी करने वालों को पुलिस हर हाल में ढूंढ निकालेगी।3
- कोरबा के बालको में एक ट्रेलर और बाइक के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में दो युवतियों की मौत हो गई है, जबकि एक युवक घायल हो गया है। हादसे के बाद आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- रायगढ़ नगर निगम कार्यालय में मेयर इन काउंसिल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास और जनसुविधा से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति मिल गई है। इस बैठक के दौरान मेयर ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाना है।1
- रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित केलो नदी मरीन ड्राइव पर एक लड़की की फिल्मी स्टाइल में लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई करने और उसके कपड़े उतारकर गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नूरी खान सहित तीन लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। यह घटना बीते 1 जुलाई को हुई थी, लेकिन कल शाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। इस वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी लड़कियों ने ही इस पूरी घटना का वीडियो बनाया था और अपनी सोशल मीडिया स्टोरी पर लगाया था। इस मामले में जिले के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि यह पूरी घटना सेल्फी से जुड़े एक विवाद के कारण हुई। पीड़िता अपनी दो सहेलियों के साथ मरीन ड्राइव से गुजर रही थी, तभी नूरी खान अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ सेल्फी ले रही थी। आरोपियों को लगा कि पीड़िता उन्हें देखकर हंस रही है और इसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते आरोपियों ने पीड़िता को लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया और उसके कपड़े तक उतार दिए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस को मामले की पड़ताल के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वीडियो में शामिल लड़कियों की पहचान की और मुख्य आरोपी नूरी खान समेत दो नाबालिगों को मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।4