17 जुलाई को देहरादून में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम भारी रुकावटों के बावजूद बेहद सफल रहा। इस कार्यक्रम में कोटा से भी अधिक संख्या में छात्रों की मौजूदगी दर्ज की गई, जबकि सरकार की तरफ से इस आयोजन को बेपटरी करने की पूरी कोशिश की गई थी। सरकारी रुकावटों का आलम यह था कि जिस परेड ग्राउंड में राहुल गांधी का कार्यक्रम होना तय हुआ था, उसकी अनुमति फीस जमा होने के बावजूद अंतिम समय पर रद्द कर दी गई। इतना ही नहीं, इसके समानांतर ही उसी परेड ग्राउंड में एक मशहूर सिंगर का कार्यक्रम भी रखवा दिया गया, जहां प्रवेश पूरी तरह से मुफ्त रखा गया था। इसके बावजूद परेड ग्राउंड खाली पड़ा रहा और छात्रों व युवाओं की भारी भीड़ राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश जताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि पूरी शिक्षा नीति में बदलाव की बात करने वाले इस गंभीर कार्यक्रम से जुड़ने के बजाय, क्या लोगों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तमाशा करना चाहिए?
17 जुलाई को देहरादून में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम भारी रुकावटों के बावजूद बेहद सफल रहा। इस कार्यक्रम में कोटा से भी अधिक संख्या में छात्रों की मौजूदगी दर्ज की गई, जबकि सरकार की तरफ से इस आयोजन को बेपटरी करने की पूरी कोशिश की गई थी। सरकारी रुकावटों का आलम यह था कि जिस परेड ग्राउंड में राहुल गांधी का कार्यक्रम होना तय हुआ था, उसकी अनुमति फीस जमा होने के बावजूद अंतिम समय पर रद्द कर दी गई। इतना ही नहीं, इसके समानांतर ही उसी परेड ग्राउंड में एक मशहूर सिंगर का कार्यक्रम भी रखवा दिया गया, जहां प्रवेश पूरी तरह से मुफ्त रखा गया था। इसके बावजूद परेड ग्राउंड खाली पड़ा रहा और छात्रों व युवाओं की भारी भीड़ राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश जताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि पूरी शिक्षा नीति में बदलाव की बात करने वाले इस गंभीर कार्यक्रम से जुड़ने के बजाय, क्या लोगों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तमाशा करना चाहिए?
- राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित बरधा डैम पर आपदा प्रबंधन और जल रेस्क्यू की तैयारियों को परखने के लिए एसडीआरएफ, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। जयपुर स्थित कमांडेंट कार्यालय के आदेश की अनुपालना में 18 जुलाई को आयोजित इस अभ्यास में आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन किया गया और जल दुर्घटनाओं से निपटने की विभिन्न तकनीकों को परखा गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा के निर्देशन में किया गया। इसमें एसडीआरएफ बी कंपनी की कमांडर एकता हाड़ा, भारतीय सेना की मराठा रेजिमेंट के मेजर राकेश दास और तहसीलदार नीलम राठौर के नेतृत्व में सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ के 3 अधिकारी व 30 जवान, भारतीय सेना के 3 अधिकारी, 6 जेसीओ व 60 जवान और सिविल डिफेंस के 11 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान पानी में डूब रहे व्यक्ति का त्वरित रेस्क्यू करने, रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय का उपयोग करने, डीप डाइविंग के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाने और बोट पलटने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का कड़ा अभ्यास किया गया। इसके साथ ही, रेस्क्यू के बाद घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, श्वसन मार्ग से पानी निकालने और सीपीआर देने की जीवनरक्षक तकनीकों का भी सफल प्रदर्शन किया गया। समापन पर डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा ने टीमों की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया ही लोगों की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।4
- उत्तराखंड में छात्रों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पिछले दस साल में हर महीने एक पेपर लीक हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह वास्तविकता है कि इस काम में लगा एक भी व्यक्ति जेल नहीं गया है। राहुल गांधी के अनुसार, पेपर लीक की इस गंभीर समस्या के कारण साढ़े सात करोड़ युवाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।1
- कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल की मेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ अंदर घुस आया। मेस में खाना बना रहे कर्मचारी अचानक मगरमच्छ को देखकर घबरा गए और तुरंत बाहर की तरफ भाग निकले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र भी मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। समय रहते रेस्क्यू होने की वजह से वहां कोई जनहानि नहीं हुई।1
- चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में मानसून के रूठ जाने से फसलें सूख रही हैं और किसान पूरी तरह से हताश हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को दिखाते हुए न्यूज 18 की एक विशेष कवर स्टोरी सामने आई है, जो सूखती फसलों और परेशान किसानों की व्यथा को बयां करती है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने राहत और बचाव कार्य के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।1
- दिल्ली यूनिवर्सिटी से एनएसयूआई छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके रौनक खत्री सोनम वंगचुक के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने सोनम वंगचुक के पक्ष में जोरदार नारेबाजी की और अपना समर्थन दर्ज कराया। इस दौरान रौनक खत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को बेपटरी करने के लिए यह पूरा तमाशा रचा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस सरकार के काम करने के तरीकों और आरएसएस के 100 साल के इतिहास से भी तुम कुछ सीखने के लिए तैयार नहीं हो तो तुम्हारी मर्जी है।1
- गुंडों के भेष में आए पुलिसवाले सुबह-सुबह अचानक सोनम वांगचुक को जबरदस्ती अपने साथ उठाकर ले गए हैं। सोनम वांगचुक का आज 21वां दिन था, तभी सुबह ठीक 7:00 बजे पुलिस अचानक पहुंची और उन्हें जबरन अपने साथ ले गई। पुलिसकर्मी गुंडों के भेष में आए थे और सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले गए हैं।1