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कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल की मेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ अंदर घुस आया। मेस में खाना बना रहे कर्मचारी अचानक मगरमच्छ को देखकर घबरा गए और तुरंत बाहर की तरफ भाग निकले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र भी मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। समय रहते रेस्क्यू होने की वजह से वहां कोई जनहानि नहीं हुई।
Journalist Asif khan KOTA City NEWS
कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल की मेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ अंदर घुस आया। मेस में खाना बना रहे कर्मचारी अचानक मगरमच्छ को देखकर घबरा गए और तुरंत बाहर की तरफ भाग निकले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र भी मौके पर एकत्र हो गए। इसके बाद मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। समय रहते रेस्क्यू होने की वजह से वहां कोई जनहानि नहीं हुई।
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- 17 जुलाई को देहरादून में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम भारी रुकावटों के बावजूद बेहद सफल रहा। इस कार्यक्रम में कोटा से भी अधिक संख्या में छात्रों की मौजूदगी दर्ज की गई, जबकि सरकार की तरफ से इस आयोजन को बेपटरी करने की पूरी कोशिश की गई थी। सरकारी रुकावटों का आलम यह था कि जिस परेड ग्राउंड में राहुल गांधी का कार्यक्रम होना तय हुआ था, उसकी अनुमति फीस जमा होने के बावजूद अंतिम समय पर रद्द कर दी गई। इतना ही नहीं, इसके समानांतर ही उसी परेड ग्राउंड में एक मशहूर सिंगर का कार्यक्रम भी रखवा दिया गया, जहां प्रवेश पूरी तरह से मुफ्त रखा गया था। इसके बावजूद परेड ग्राउंड खाली पड़ा रहा और छात्रों व युवाओं की भारी भीड़ राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश जताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि पूरी शिक्षा नीति में बदलाव की बात करने वाले इस गंभीर कार्यक्रम से जुड़ने के बजाय, क्या लोगों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तमाशा करना चाहिए?1
- राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित बरधा डैम पर आपदा प्रबंधन और जल रेस्क्यू की तैयारियों को परखने के लिए एसडीआरएफ, भारतीय सेना, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। जयपुर स्थित कमांडेंट कार्यालय के आदेश की अनुपालना में 18 जुलाई को आयोजित इस अभ्यास में आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का प्रदर्शन किया गया और जल दुर्घटनाओं से निपटने की विभिन्न तकनीकों को परखा गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा के निर्देशन में किया गया। इसमें एसडीआरएफ बी कंपनी की कमांडर एकता हाड़ा, भारतीय सेना की मराठा रेजिमेंट के मेजर राकेश दास और तहसीलदार नीलम राठौर के नेतृत्व में सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ के 3 अधिकारी व 30 जवान, भारतीय सेना के 3 अधिकारी, 6 जेसीओ व 60 जवान और सिविल डिफेंस के 11 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान पानी में डूब रहे व्यक्ति का त्वरित रेस्क्यू करने, रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय का उपयोग करने, डीप डाइविंग के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाने और बोट पलटने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का कड़ा अभ्यास किया गया। इसके साथ ही, रेस्क्यू के बाद घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, श्वसन मार्ग से पानी निकालने और सीपीआर देने की जीवनरक्षक तकनीकों का भी सफल प्रदर्शन किया गया। समापन पर डिप्टी कमांडेंट नरेश कुमार शर्मा ने टीमों की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया ही लोगों की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।4
- राजस्थान की कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़ किया है। रामगंजमंडी थाना पुलिस ने नकली शादी के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य दलालों के माध्यम से उम्रदराज़ कुंवारे युवकों को अपना निशाना बनाते थे। उनसे संपर्क करने के बाद शादी कराने के नाम पर 1 से 2 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली जाती थी। गिरोह द्वारा शादी के लिए लाई जाने वाली युवतियां पहले से ही शादीशुदा होती थीं, जो शादी के महज कुछ दिनों बाद अपने माता-पिता की बीमारी या किसी अन्य चीज का बहाना बनाकर घर से फरार हो जाती थीं। इसके बाद ठगी गई रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लाली कुमारी, ज्योति कुमारी, पूनम बाग, सुरेश कुमार डांगी, भूरालाल मीणा, सुधीर कुमार, रूपेश कुमार रजक और रोहित बाग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस शातिर गिरोह के तार राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार राज्यों तक फैले हुए हैं।1
- राजस्थान के कोटा में शिपर्स कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कंपनी पर अपने 49 कर्मचारियों की छंटनी करने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। इस उत्पीड़न और छंटनी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए शिपर्स कर्मचारी संघ और भारतीय मजदूर संघ ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है।1
- कोटा ग्रामीण की रामगंजमंडी थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश किया है और 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने दो अलग-अलग मामलों की तफ्तीश के दौरान इस पूरे गिरोह का खुलासा करने में कामयाबी हासिल की। यह गिरोह अविवाहित और उम्रदराज युवकों को शादी का झांसा देकर जाल में फंसाता था और उनसे 1 से 2 लाख रुपये तक की रकम वसूलता था। शादी होने के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन अपने परिजनों की बीमारी का बहाना बनाकर रफूचक्कर हो जाती थी और फिर गिरोह के सदस्य वसूली गई रकम को आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का जाल राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार तक फैला हुआ था और यह पूर्व में झालावाड़, बूंदी और मध्यप्रदेश में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और अन्य वारदातों का खुलासा करने के प्रयास में जुटी है।1
- चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में गुरु तेज बहादुर विद्यालय के एक 16 वर्षीय छात्र की हार्ट अटैक से मौत हो गई। छात्र स्कूल जाने के लिए तैयार था और महज कुछ ही मिनटों में उसकी जान चली गई। अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। मौके पर मृतक के साथी विद्यार्थी भी पहुंचे, जिससे वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। यह हादसा दिखाता है कि कैसे मानव जीवन पर मौत भारी पड़ी है और यह चिकित्सा विज्ञान की बेबसी और लाचारी को बयां करता है।1
- अरावली की लोकदेवी मां जोगणिया पर आधारित उपन्यास 'मां जोगणियां' का भाग-21 प्रस्तुत है। यह उपन्यास अरावली की प्रसिद्ध लोकदेवी मां जोगणिया पर केंद्रित है।1
- पूरे हंगामे के बीच बेहद शातिराना तरीके से इस बात को छुपा लिया गया है कि जेफरी एप्स्टीन के 2018 के एक ईमेल में 7 भारतीय वैज्ञानिकों को यात्रा अनुदान देने का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर जेफरी एप्स्टीन और भारतीय वैज्ञानिकों के बीच संबंधों का सच क्या है और क्या देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? ये ऐसे सवाल हैं जिनके कभी जवाब नहीं मिलने वाले हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह मामला ऐसे समय में उजागर हुआ है जब तमिलनाडु के न्यूक्लियर पावर प्लांट की 19 हजार फाइलें डार्क वेब पर होने की बात सामने आई है। इसी के साथ ही, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके पर एक महिला द्वारा काली स्याही छिड़कने का मामला भी सामने आया है।1