मंडला जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिसमें नारायणगंज सीएचसी भी शामिल है, में 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस' का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिससे विशेष रूप से उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान संभव हुई। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती के मार्गदर्शन में यह पहल हर माह की 09 और 25 तारीख को अनिवार्य रूप से की जाती है। नर्सिंग ऑफिसर प्रर्मिला पुष्पकार ने बताया कि शिविर के दौरान महिलाओं का विशेष ओजीटीटी टेस्ट किया गया, जो गर्भावधि मधुमेह की जांच के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, एचआईवी, हीमोग्लोबिन और ब्लड शुगर जैसी विभिन्न पैथोलॉजी जांचें भी निःशुल्क की गईं और आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं। नारायणगंज सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 'हाई रिस्क प्रेगनेंसी' वह स्थिति है, जिसमें सामान्य गर्भावस्था की तुलना में मां और शिशु दोनों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं विकसित होने की संभावना काफी अधिक होती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रसव पूर्व जांच के दौरान यदि किसी भी महिला में गर्भाशय से जुड़ी कोई शिकायत मिलती है, तो उसे बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाता है।
मंडला जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिसमें नारायणगंज सीएचसी भी शामिल है, में 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस' का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिससे विशेष रूप से उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान संभव हुई। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती के मार्गदर्शन में यह पहल हर माह की 09 और 25 तारीख को अनिवार्य रूप से की जाती है। नर्सिंग ऑफिसर प्रर्मिला पुष्पकार ने बताया कि शिविर के दौरान महिलाओं का विशेष ओजीटीटी टेस्ट किया गया, जो गर्भावधि मधुमेह की जांच के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, एचआईवी, हीमोग्लोबिन और ब्लड शुगर जैसी विभिन्न पैथोलॉजी जांचें भी निःशुल्क की गईं और आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं। नारायणगंज सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 'हाई रिस्क प्रेगनेंसी' वह स्थिति है, जिसमें सामान्य गर्भावस्था की तुलना में मां और शिशु दोनों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं विकसित होने की संभावना काफी अधिक होती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रसव पूर्व जांच के दौरान यदि किसी भी महिला में गर्भाशय से जुड़ी कोई शिकायत मिलती है, तो उसे बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाता है।
- 2 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से किए गए सौंदर्यीकरण कार्य पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। यह विवाद डिवाइडर के निर्माण और अन्य सौंदर्यीकरण परियोजनाओं से संबंधित है, जहाँ दावा किया जा रहा है कि काम कागजों में तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन वास्तविक धरातल पर अभी भी अधूरा पड़ा है। इस पूरे मामले को लेकर जनता अब जवाब की मांग कर रही है, और साथ ही इसकी गहन जांच की आवश्यकता भी बताई जा रही है।1
- मंडला जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जनमन योजना के तहत ग्राम मल्ठार से बैगा टोला तक बन रही सड़क में कथित तौर पर भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि सड़क के अर्थवर्क के दौरान बिना पानी डाले और बिना रोलर चलाए ही सीधे गिट्टी पर डामरीकरण कर दिया गया। इसके साथ ही, वर्ष 2022-23 में बनी पुरानी ग्रेवल सड़क के ऊपर ही नई परत बिछाकर कागजी खानापूर्ति की जा रही है। निर्माण कार्य में सड़क की चौड़ाई और ऊंचाई भी निर्धारित मानकों से कम पाई गई है। इस गंभीर अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने नारायणगंज जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया से मुलाकात कर घटिया निर्माण की शिकायत की, जिसके बाद जनपद अध्यक्ष मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने जनपद अध्यक्ष से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने मंडला कलेक्टर से भी सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की अपील की है।1
- मंडला में कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने माटी कला के साधक बलराम चक्रवर्ती के निवास पर पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के निर्माण कार्य का अवलोकन किया और माटी कला के संरक्षण तथा इसके पुनर्प्रचार को लेकर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर ने इस बात पर बल दिया कि पारंपरिक कलाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिन्हें संरक्षित और प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है। मुलाकात के क्रम में माटी कला से जुड़े अनुभवों और भविष्य की संभावनाओं पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।1
- मंडला जिले में प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण पर आए 15 प्रशिक्षु अधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे से उनके कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, विभिन्न विकास योजनाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इन प्रशिक्षु अधिकारियों में 14 सहायक संचालक वित्त और एक वन रेंज अधिकारी शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन अधिकारियों को जिले की विभिन्न विकास योजनाओं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की गतिविधियों तथा शासकीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मैदानी स्तर पर अध्ययन कराया जाएगा। इस मैदानी अध्ययन के लिए अधिकारियों को तीन दलों में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक दल में पांच-पांच अधिकारी होंगे। पहला दल जनपद पंचायत नैनपुर, दूसरा दल जनपद पंचायत मोहगांव और तीसरा दल जनपद पंचायत नारायणगंज क्षेत्र में भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का अवलोकन करेगा। कलेक्टर श्री धोटे ने गोलमेज में हुई बैठक में प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर प्राप्त अनुभव प्रशासनिक कार्यों की समझ को और अधिक समृद्ध बनाता है। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर योजनाओं के प्रभाव, चुनौतियों और नवाचारों का अध्ययन करने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय से संवाद स्थापित करने की भी सलाह दी। प्रशिक्षु अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का अवलोकन कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर सीईओ जिला श्री शाश्वत सिंह मीना चौधरी, डिप्टी कलेक्टर श्री संस्कार बावरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान जिले की विकास योजनाओं का अध्ययन करेंगे।1
- नागपुर बाईपास पर लम्हेटा से चौघड़ा के बीच एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में एक अज्ञात वाहन ने टू-व्हीलर को जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया, जिससे टू-व्हीलर सवार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह घटना अभी की ताजा खबर है, और जानकारी मिली है कि घायल व्यक्ति कोई परिचित है। इस गंभीर हादसे के बाद लोगों से अपील की गई है कि वे वाहन बहुत संभाल कर और सावधानी से चलाएं।1
- बजाग ब्लॉक के अंतर्गत आमाडोंगरी में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के दौरान पेयजल की पाइपलाइन टूट जाने से क्षेत्र की पानी आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इस घटना के कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया, जिसके चलते उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का गुस्सा पाइपलाइन फोड़ने से उत्पन्न हुई पेयजल समस्या को लेकर था। यह चक्का जाम संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन और समझौते के बाद ही समाप्त किया गया।4
- मंडला जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिसमें नारायणगंज सीएचसी भी शामिल है, में 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस' का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिससे विशेष रूप से उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान संभव हुई। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती के मार्गदर्शन में यह पहल हर माह की 09 और 25 तारीख को अनिवार्य रूप से की जाती है। नर्सिंग ऑफिसर प्रर्मिला पुष्पकार ने बताया कि शिविर के दौरान महिलाओं का विशेष ओजीटीटी टेस्ट किया गया, जो गर्भावधि मधुमेह की जांच के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, एचआईवी, हीमोग्लोबिन और ब्लड शुगर जैसी विभिन्न पैथोलॉजी जांचें भी निःशुल्क की गईं और आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं। नारायणगंज सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 'हाई रिस्क प्रेगनेंसी' वह स्थिति है, जिसमें सामान्य गर्भावस्था की तुलना में मां और शिशु दोनों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं विकसित होने की संभावना काफी अधिक होती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रसव पूर्व जांच के दौरान यदि किसी भी महिला में गर्भाशय से जुड़ी कोई शिकायत मिलती है, तो उसे बेहतर उपचार के लिए तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाता है।1
- जबलपुर के ग्राम कुड़रिया में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां 6 वर्षीय श्लोक काछी की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया है कि यह घटना घर के पास लगे बिजली खंभे की स्टे तार में अचानक करंट उतर आने के कारण हुई, जिसकी चपेट में आकर मासूम श्लोक ने अपनी जान गंवा दी। परिजनों के अनुसार, श्लोक शौच के लिए घर के बाहर गया था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो उसकी तलाश की गई और वह बिजली के खंभे के पास बेहोश हालत में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि बिजली खंभे में पहले भी करंट आने की शिकायत बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। अब ग्रामीण जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, बिजली विभाग के अधिकारियों को भी इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।1