बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के मातागढ़ तुरतुरिया धाम में रविवार को हुई भारी बारिश के कारण बालमदेही नदी में अचानक भीषण उफान आ गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मंदिर दर्शन करने आए 200 से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक नदी के उस पार फंस गए थे। इस संकट की सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर साहस, तत्परता और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में कसडोल थाना पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। उफनती नदी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद, पुलिस जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस अभियान के दौरान, चलने में असमर्थ बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पुलिसकर्मियों ने अपने कंधों पर उठाकर पथरीले और फिसलन भरे रास्तों से निकालते हुए सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। अचानक आई बाढ़ से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन कसडोल पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस सफल रेस्क्यू अभियान के बाद, स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने कसडोल पुलिस के जांबाज जवानों की मुक्तकंठ से सराहना की। लोगों ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस ने जिस समर्पण, साहस और सेवा भावना का परिचय दिया है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। यह अभियान एक बार फिर साबित करता है कि आपदा की घड़ी में पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के लिए हर चुनौती का डटकर सामना करती है।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के मातागढ़ तुरतुरिया धाम में रविवार को हुई भारी बारिश के कारण बालमदेही नदी में अचानक भीषण उफान आ गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मंदिर दर्शन करने आए 200 से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक नदी के उस पार फंस गए थे। इस संकट की सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर साहस, तत्परता और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में कसडोल थाना पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। उफनती नदी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद, पुलिस जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस अभियान के दौरान, चलने में असमर्थ बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पुलिसकर्मियों ने अपने कंधों पर उठाकर पथरीले और फिसलन भरे रास्तों से निकालते हुए सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। अचानक आई बाढ़ से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन कसडोल पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस सफल रेस्क्यू अभियान के बाद, स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने कसडोल पुलिस के जांबाज जवानों की मुक्तकंठ से सराहना की। लोगों ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस ने जिस समर्पण, साहस और सेवा भावना का परिचय दिया है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। यह अभियान एक बार फिर साबित करता है कि आपदा की घड़ी में पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के लिए हर चुनौती का डटकर सामना करती है।
- बिल्हा क्षेत्र के दगोरी स्थित शराब भट्टी से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सेल्समैन, जिसकी पहचान टिकेश कौशल के रूप में बताई जा रही है, कथित रूप से ड्यूटी के दौरान अहाता में बैठकर शराब का सेवन करता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी बिल्हा लोकश्वर न्यूज़ संवाददाता धीरेन्द्र मेहता से और वायरल वीडियो के माध्यम से रविवार रात 9 बजे प्राप्त हुई। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शराब भट्टी में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यशैली और उनके अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है, तो यह सेवा नियमों के उल्लंघन और ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही का मामला माना जाएगा। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर आबकारी विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो की जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।1
- जांजगीर-चांपा जिले में मुलमुला पुलिस थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर अवैध कबाड़ का कारोबार बेखौफ होकर धड़ल्ले से चल रहा है।1
- बिलासपुर के अग्रसेन चौक स्थित एक निजी परिसर में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तारबहार थाने पहुंचे और परिसर का घेराव कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारी थाने में डटे रहे, जबकि बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाकर अपना विरोध जताया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रार्थिया ने 4 जुलाई 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मोहल्ले का रहने वाला धरम यादव, जिसकी उम्र 40 वर्ष है और जो हेमूनगर, तोरवा, बिलासपुर का निवासी है, लंबे समय से उस पर बुरी नीयत रख रहा था और अभद्र व्यवहार करता था। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई की शाम करीब 3:30 बजे आरोपी धरम यादव ने गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ छेड़छाड़ की और बुरी नीयत से उसके सीने को छुआ। इस मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 370/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74, 296, 115(2) और 351(3) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी रजनीश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आरोपी धरम यादव को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसे 5 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। तोरवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में तत्काल और सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों 'हर हर महादेव' और 'जय शिव शंभु' को व्यक्त करती है।2
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के मातागढ़ तुरतुरिया धाम में रविवार को हुई भारी बारिश के कारण बालमदेही नदी में अचानक भीषण उफान आ गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण मंदिर दर्शन करने आए 200 से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक नदी के उस पार फंस गए थे। इस संकट की सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर साहस, तत्परता और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में कसडोल थाना पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। उफनती नदी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद, पुलिस जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस अभियान के दौरान, चलने में असमर्थ बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पुलिसकर्मियों ने अपने कंधों पर उठाकर पथरीले और फिसलन भरे रास्तों से निकालते हुए सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। अचानक आई बाढ़ से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन कसडोल पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस सफल रेस्क्यू अभियान के बाद, स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने कसडोल पुलिस के जांबाज जवानों की मुक्तकंठ से सराहना की। लोगों ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस ने जिस समर्पण, साहस और सेवा भावना का परिचय दिया है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। यह अभियान एक बार फिर साबित करता है कि आपदा की घड़ी में पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के लिए हर चुनौती का डटकर सामना करती है।1
- बिलासपुर में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखाते हुए तोरवा पुलिस ने छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के एक आरोपी को घटना के कुछ ही समय बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान धरम यादव (40 वर्ष), निवासी हेमूनगर, थाना तोरवा, बिलासपुर के रूप में हुई है, जिस पर एक महिला के साथ अश्लील हरकत करने, गाली-गलौज करने और बुरी नीयत से छेड़छाड़ करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 4 जुलाई 2026 को थाना तोरवा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी लंबे समय से उसके प्रति बुरी नीयत रखता था और अभद्र व्यवहार करता था। शिकायत में बताया गया कि 4 जुलाई की शाम लगभग 3:30 बजे आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ अश्लील हरकत की और बुरी नीयत से उसके सीने को छूने का प्रयास किया। इस मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 370/2026 के तहत धारा 74, 296, 115(2) एवं 351(3) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम रवाना की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी धरम यादव को गिरफ्तार कर लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे 5 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। तोरवा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- Post by Dilip kumar Yadav3
- बिलासपुर शहर के नेहरू नगर स्थित पौष्टिकम के सामने शनिवार देर रात करीब 11 बजे शराब के नशे में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वह घूमते हुए सड़क के बीचों-बीच आ गई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। हादसे में कार का एयरबैग आंशिक रूप से खुला, लेकिन टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि चालक का सिर सीधे सामने के शीशे से टकरा गया, जिससे उसकी नाक पर गंभीर चोट आई। बताया गया कि चालक की अधिक लंबाई भी चोट की गंभीरता का एक कारण रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह चालक राजेंद्र नगर स्थित बाजपेई चैंबर के पीछे रहने वाला पाण्डेय उपनाम का निवासी है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी, अन्यथा यदि कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद होता तो यह दुर्घटना कई लोगों की जान ले सकती थी; चंद सेकंड का अंतर एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक राजेंद्र अरोरा और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस ने आकर क्षतिग्रस्त कार को सड़क किनारे हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए खतरा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से कोई बड़ी त्रासदी न हो।1