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शाहजहाँपुर जिले की कलान तहसील स्थित मिर्ज़ापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नगला पिपरिया के मजरा मनसा मंगला के स्कूल की स्थिति बेहद खराब है। यहाँ तैनात शिक्षक बच्चों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं और बच्चे चाहे जो भी करें, उन्हें कोई देखने वाला नहीं है। सुबह के 9:30 बज रहे हैं लेकिन शिक्षकों को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि बच्चे कहाँ जा रहे हैं। इसके साथ ही स्कूल परिसर में सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तक नहीं है, जिससे शिक्षकों और प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है।
Mohit Kumar
शाहजहाँपुर जिले की कलान तहसील स्थित मिर्ज़ापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नगला पिपरिया के मजरा मनसा मंगला के स्कूल की स्थिति बेहद खराब है। यहाँ तैनात शिक्षक बच्चों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं और बच्चे चाहे जो भी करें, उन्हें कोई देखने वाला नहीं है। सुबह के 9:30 बज रहे हैं लेकिन शिक्षकों को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि बच्चे कहाँ जा रहे हैं। इसके साथ ही स्कूल परिसर में सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तक नहीं है, जिससे शिक्षकों और प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है।
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- शाहजहाँपुर जिले की कलान तहसील स्थित मिर्ज़ापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नगला पिपरिया के मजरा मनसा मंगला के स्कूल की स्थिति बेहद खराब है। यहाँ तैनात शिक्षक बच्चों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं और बच्चे चाहे जो भी करें, उन्हें कोई देखने वाला नहीं है। सुबह के 9:30 बज रहे हैं लेकिन शिक्षकों को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि बच्चे कहाँ जा रहे हैं। इसके साथ ही स्कूल परिसर में सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल तक नहीं है, जिससे शिक्षकों और प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है।1
- Post by Ramjeet_kashyap_0011
- शाहजहाँपुर के जलालाबाद क्षेत्र में एक गली में पिछले लगभग दो-तीन महीने से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। जलजमाव के कारण लोगों का आना-जाना बेहद कठिन हो गया है और जो भी यहाँ से गुजरता है, उसे पानी के बीच से ही होकर जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद न तो कोई ग्राम प्रधान इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी समस्या को सुन रहा है। स्थानीय स्तर पर इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्यवाही करने तथा इस कच्ची सड़क को पक्की गली में परिवर्तित करवाने की पुरजोर माँग की गई है।1
- श्री रामचंद्र मिश्रा आश्रम में रामचंद्र मिशन के समर्थ गुरु पूज्य पी. राजगोपालाचारी (चारी जी महाराज) की 99वीं जन्म जयंती श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में संतों, श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि चारी जी महाराज का संपूर्ण जीवन सत्य, सेवा, सादगी और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक था। वे मानवता, प्रेम, करुणा और परस्पर सद्भाव का संदेश देते थे। उनका मानना था कि ईश्वर की सच्ची उपासना केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा, अच्छे आचरण और निष्काम कर्म में निहित है। उन्होंने समाज को नैतिक मूल्यों के साथ जीवन जीने और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। इस उपलक्ष्य में ज्ञान सत्संग, प्रवचन और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने उनके आदर्शों को आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।1
- शाहजहाँपुर जिले की जलालाबाद तहसील में पत्रकारों ने एसओजी टीम पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार रोहित कटियार को सौंपा है। गौरी शंकर त्रिवेदी के आह्वान पर शुक्रवार को सौंपे गए इस ज्ञापन में एसओजी प्रभारी एवं उनकी टीम के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की गई है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 23 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे पत्रकार प्रभाकर मिश्रा और विषेक मिश्रा अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में एसओजी प्रभारी ने अपनी टीम के साथ बिना कोई कारण बताए दोनों पत्रकारों को गाड़ी में बैठा लिया और उनके मोबाइल फोन कब्जे में लेकर अपराधियों जैसा व्यवहार किया। लगभग तीन घंटे तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली और बाद में पत्रकारों के दबाव के कारण उन्हें छोड़ा गया। पत्रकारों का कहना है कि पुलिस के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं था, फिर भी बेवजह रोककर उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया। पत्रकारों ने प्रशासन से मांग रखी है कि एसओजी प्रभारी और उनकी टीम को तत्काल निलंबित किया जाए, प्रभाकर मिश्रा तथा विशेक मिश्रा से पुलिस प्रशासन लिखित रूप से माफी मांगे और भविष्य में किसी भी पत्रकार पर कार्रवाई से पहले मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति को सूचित किया जाए। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक द्वारा पत्रकार कमल सिंह के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर भी माफी की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार आंदोलन करेंगे और पुलिस-प्रशासन से जुड़ी खबरों का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान कमल पाण्डेय, आकाश मिश्रा, अंकित दीक्षित, प्रिंस गुप्ता, पंकज यादव, विनोद राजपूत, करन गुप्ता, हमीद, विकास राठौर, शकील अहमद, प्रियंका गुप्ता, देवेश्वर और कृष्ण कुमार पाण्डेय सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।1
- पत्रकारों और पुलिस के बीच बढ़ा टकराव अब एक बड़ा मुद्दा बन गया है। एसओजी द्वारा दो टीवी पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस अधीक्षक की कथित अभद्र भाषा से नाराज़ पत्रकारों ने सड़क से लेकर कलेक्ट्रेट तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने एसओजी टीम को तत्काल निलंबित करने की मांग की। मामले में बढ़ते विरोध को देखते हुए एसपी सौरभ दीक्षित को खुद पत्रकारों के बीच पहुंचना पड़ा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर अपनी सफाई पेश की और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- उत्तर प्रदेश में सोनम किन्नर और उनके चालक राहुल पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। हमलावरों ने दोनों के सिर को निशाना बनाते हुए गोली मारी। इस वारदात के बाद हाईवे पर पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई।1