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सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा प्रशासनिक अधिकारियों पर कसा तंज लापरवाही करने भोगना पड़ेगा नतीजा

4 days ago
user_Mr Dayashankar Yadav
Mr Dayashankar Yadav
Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
4 days ago

सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा प्रशासनिक अधिकारियों पर कसा तंज लापरवाही करने भोगना पड़ेगा नतीजा

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  • बलरामपुर जिला मे जहाँ जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण की आड़ में 'परिसीमन का गुप्त एजेंडा' लागू करना चाहती थी। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों के गणित को बदलने के लिए परिसीमन बिल पास कराने की फिराक में थी। बीओ01....बलरामपुर के राजीव भवन में आज कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर भाजपा के दावों की हवा निकाल दी। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर देशभर में भ्रम फैला रही है। उनका आरोप है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा ने हाल ही में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश कर एक नया दांव चला। बीओ02...कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करना चाहती थी, जिसमें राज्यों की 815 और केंद्र शासित प्रदेशों की 35 सीटें शामिल थीं। कांग्रेस का सवाल है कि जब 2026-27 की जनगणना की प्रक्रिया शुरू है, तो भाजपा 2011 की पुरानी जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन क्यों करना चाहती है? ​ बीओ03..प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में ही पंचायतों में आरक्षण की नींव रखी थी। पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में इसे कानून बनाया गया और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में राज्यसभा से महिला आरक्षण बिल पास हुआ। कांग्रेस का कहना है कि अगर भाजपा की नीयत साफ होती, तो वे परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू कर सकते थे। बाइट.. 2 हरिहर यादव जिला अध्यक्ष कांग्रेस बलरामपुर
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    बलरामपुर जिला मे जहाँ जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण की आड़ में 'परिसीमन का गुप्त एजेंडा' लागू करना चाहती थी। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों के गणित को बदलने के लिए परिसीमन बिल पास कराने की फिराक में थी।
बीओ01....बलरामपुर के राजीव भवन में आज कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर भाजपा के दावों की हवा निकाल दी। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर देशभर में भ्रम फैला रही है। उनका आरोप है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा ने हाल ही में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश कर एक नया दांव चला।
बीओ02...कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करना चाहती थी, जिसमें राज्यों की 815 और केंद्र शासित प्रदेशों की 35 सीटें शामिल थीं। कांग्रेस का सवाल है कि जब 2026-27 की जनगणना की प्रक्रिया शुरू है, तो भाजपा 2011 की पुरानी जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन क्यों करना चाहती है?
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बीओ03..प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में ही पंचायतों में आरक्षण की नींव रखी थी। पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में इसे कानून बनाया गया और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में राज्यसभा से महिला आरक्षण बिल पास हुआ। कांग्रेस का कहना है कि अगर भाजपा की नीयत साफ होती, तो वे परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू कर सकते थे।
बाइट.. 2 हरिहर यादव जिला अध्यक्ष कांग्रेस बलरामपुर
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • एसडीएम और तहसीलदारों के बाद सरगुजा कलेक्टर ने नायब तहसीलदारों का भी किया तबादला.. सरगुजा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कलेक्टर द्वारा कुछ देर पहले ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे, जिसके तुरंत बाद अब जिले में पदस्थ नायब तहसीलदारों की भी तबादला सूची जारी कर दी गई है। ​जारी आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सीतापुर से हटाकर मैनपाट भेजा गया है, जबकि संजय कुमार अब मैनपाट से उदयपुर का कार्यभार संभालेंगे। इसी प्रकार अजय कुमार गुप्ता को दरिमा से बतौली और कृष्ण कुमार कंवर को बतौली से दरिमा स्थानांतरित किया गया है। आकाश गौतम को उदयपुर से लखनपुर तथा उमेश तिवारी को लखनपुर से सीतापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारियों को अपनी नवीन पदस्थापना पर तुरंत उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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    एसडीएम और तहसीलदारों के बाद सरगुजा कलेक्टर ने नायब तहसीलदारों का भी किया तबादला..
सरगुजा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कलेक्टर द्वारा कुछ देर पहले ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे, जिसके तुरंत बाद अब जिले में पदस्थ नायब तहसीलदारों की भी तबादला सूची जारी कर दी गई है।
​जारी आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सीतापुर से हटाकर मैनपाट भेजा गया है, जबकि संजय कुमार अब मैनपाट से उदयपुर का कार्यभार संभालेंगे। इसी प्रकार अजय कुमार गुप्ता को दरिमा से बतौली और कृष्ण कुमार कंवर को बतौली से दरिमा स्थानांतरित किया गया है। आकाश गौतम को उदयपुर से लखनपुर तथा उमेश तिवारी को लखनपुर से सीतापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारियों को अपनी नवीन पदस्थापना पर तुरंत उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • Post by हमर जशपुर
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    Post by हमर जशपुर
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    15 hrs ago
  • सफी नदी पुल से नीचे गिरा ऑटो, चालक की मौके पर मौत तीन घायल, चैनपुर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल चैनपुर (गुमला) : चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र स्थित सफी नदी पुल के समीप सोमवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में ऑटो चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि ऑटो में सवार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री चैनपुर से अपने घर की ओर ऑटो से जा रहे थे। जैसे ही वाहन सफी नदी पर बने पुल के पास पहुंचा, अचानक ऑटो का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की गति अचानक तेज हो गई और चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया, जिससे ऑटो पुल से नीचे जा गिरा। दुर्घटना का दृश्य अत्यंत भयावह बताया जा रहा है। इस हादसे में ऑटो चालक रंजीत एक्का, पिता जवाकिम एक्का, उम्र लगभग पैंसठ वर्ष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो में सवार ज्योति उरांव, पति मिलयानुष उरांव, निवासी डोका पाठ गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा अनूप टोप्पो, पिता राजेश टोप्पो तथा अणिमा एक्का, पिता स्वर्गीय विजय एक्का भी घायल हुए हैं। घायल ज्योति उरांव ने बताया कि सभी लोग सामान्य रूप से घर लौट रहे थे, तभी पुल के ऊपर अचानक ऑटो का हैंडल मुड़ गया और वाहन सीधे नीचे जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से मृतक एवं घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया, जहां घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही चैनपुर उप प्रमुख प्रमोद खलखो अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति देखकर उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी, तो उसकी आधिकारिक पुष्टि करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध क्यों नहीं थे और मरीजों को तुरंत गुमला रेफर करने की स्थिति क्यों बनती है। उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने आरोप लगाया कि चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग तीन प्रखंडों की जनता निर्भर है, लेकिन यहां आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अधिकांश कार्य सीएचओ के भरोसे चल रहा है, जबकि गंभीर मामलों में चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजी दावों और सोशल मीडिया प्रचार से स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती, जमीनी स्तर पर सुधार आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है। ग्रामीणों के अनुसार मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर रेफर कर दिया जाता है, जिससे समय और जीवन दोनों पर खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में पूछे जाने पर चैनपुर चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो ने दूरभाष पर बताया कि उस दिन स्वास्थ्य विभाग का एक कार्यक्रम केरागनी क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मी वहां व्यस्त थे। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
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    सफी नदी पुल से नीचे गिरा ऑटो, चालक की मौके पर मौत तीन घायल, चैनपुर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
चैनपुर (गुमला) : चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र स्थित सफी नदी पुल के समीप सोमवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में ऑटो चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि ऑटो में सवार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री चैनपुर से अपने घर की ओर ऑटो से जा रहे थे। जैसे ही वाहन सफी नदी पर बने पुल के पास पहुंचा, अचानक ऑटो का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की गति अचानक तेज हो गई और चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया, जिससे ऑटो पुल से नीचे जा गिरा। दुर्घटना का दृश्य अत्यंत भयावह बताया जा रहा है।
इस हादसे में ऑटो चालक रंजीत एक्का, पिता जवाकिम एक्का, उम्र लगभग पैंसठ वर्ष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो में सवार ज्योति उरांव, पति मिलयानुष उरांव, निवासी डोका पाठ गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा अनूप टोप्पो, पिता राजेश टोप्पो तथा अणिमा एक्का, पिता स्वर्गीय विजय एक्का भी घायल हुए हैं। घायल ज्योति उरांव ने बताया कि सभी लोग सामान्य रूप से घर लौट रहे थे, तभी पुल के ऊपर अचानक ऑटो का हैंडल मुड़ गया और वाहन सीधे नीचे जा गिरा।
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से मृतक एवं घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया, जहां घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही चैनपुर उप प्रमुख प्रमोद खलखो अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति देखकर उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी, तो उसकी आधिकारिक पुष्टि करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध क्यों नहीं थे और मरीजों को तुरंत गुमला रेफर करने की स्थिति क्यों बनती है।
उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने आरोप लगाया कि चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग तीन प्रखंडों की जनता निर्भर है, लेकिन यहां आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अधिकांश कार्य सीएचओ के भरोसे चल रहा है, जबकि गंभीर मामलों में चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजी दावों और सोशल मीडिया प्रचार से स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती, जमीनी स्तर पर सुधार आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है। ग्रामीणों के अनुसार मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर रेफर कर दिया जाता है, जिससे समय और जीवन दोनों पर खतरा बढ़ जाता है।
इस संबंध में पूछे जाने पर चैनपुर चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो ने दूरभाष पर बताया कि उस दिन स्वास्थ्य विभाग का एक कार्यक्रम केरागनी क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मी वहां व्यस्त थे। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के साफी नदी (रामपुर) के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक ऑटो नदी के पुल के डिवाइडर में जा फंसा। इस भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
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    चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के साफी नदी (रामपुर) के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक ऑटो नदी के पुल के डिवाइडर में जा फंसा। इस भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    17 hrs ago
  • गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता मे सोमवार को समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विगत वित्तीय वर्ष की लंबित योजनाओं/परियोजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति तथा चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों के विस्तृत रोडमैप पर व्यापक समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विभागवार प्रगति प्रतिवेदन एवं लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति पर भी चर्चा की गई। लगभग 5 घंटे की बैठक में उपायुक्त द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया एवं आगे की कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जाकर योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण करने तथा प्रखंडवार समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक गांव की आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को अपने अधीनस्थों के साथ नियमित बैठक कर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की आधारभूत शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सामूहिक खेती एवं पशुपालन से जुड़े किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन हेतु इच्छुक किसानों को प्रोत्साहित करने तथा सहकारिता विभाग को लाह की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत जरूरतमंद लाभुकों को तालाब निर्माण योजनाओं से जोड़ते हुए मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद को शहरी क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, फॉगिंग, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। डेली मार्केट क्षेत्र में पार्क निर्माण एवं टावर चौक के सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में सदर अस्पताल में सुधार कार्यों को निरंतर जारी रखने तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलमीनार निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा जल स्रोतों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त विद्युत, लघु सिंचाई, आपूर्ति, पंचायती राज, परिवहन, खनन, जिला योजना एवं खेल विभाग सहित अन्य विभागों की भी विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित अधिकारीगण: उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी (गुमला, बसिया, चैनपुर), भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राज्य कर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, अवर निबंधक, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला नजारत उप-समाहर्त्ता सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, , कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कोषागार पदाधिकारी, अधीक्षक उत्पाद सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता मे सोमवार को  समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विगत वित्तीय वर्ष की लंबित योजनाओं/परियोजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति तथा चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों के विस्तृत रोडमैप पर व्यापक समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विभागवार प्रगति प्रतिवेदन एवं लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति पर भी चर्चा की गई। लगभग 5 घंटे की बैठक में उपायुक्त द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया एवं आगे की  कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जाकर योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण करने तथा प्रखंडवार समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक गांव की आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को अपने अधीनस्थों के साथ नियमित बैठक कर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की आधारभूत शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सामूहिक खेती एवं पशुपालन से जुड़े किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन हेतु इच्छुक किसानों को प्रोत्साहित करने तथा सहकारिता विभाग को लाह की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत जरूरतमंद लाभुकों को तालाब निर्माण योजनाओं से जोड़ते हुए मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
नगर परिषद को शहरी क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, फॉगिंग, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। डेली मार्केट क्षेत्र में पार्क निर्माण एवं टावर चौक के सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सदर अस्पताल में सुधार कार्यों को निरंतर जारी रखने तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलमीनार निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा जल स्रोतों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त विद्युत, लघु सिंचाई, आपूर्ति, पंचायती राज, परिवहन, खनन, जिला योजना एवं खेल विभाग सहित अन्य विभागों की भी विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण:
उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी (गुमला, बसिया, चैनपुर), भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राज्य कर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, अवर निबंधक, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला नजारत उप-समाहर्त्ता सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, , कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कोषागार पदाधिकारी, अधीक्षक उत्पाद सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
  • Post by Shoaib Siddiqui
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    Post by Shoaib Siddiqui
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • ब्रेकिंग बलरामपुर कुसमी के इदरीकला गाँव में पानी को लेकर हुए विवाद में तौफीक अंसारी के साथ मारपीट। ​ग्रामीण इस्लाम अंसारी पर तौफीक का सिर फोड़ने और गंभीर रूप से घायल करने का आरोप। ​पीड़ित तौफीक अंसारी ने जिला कलेक्टर के पास पहुँचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई। विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरीकला का है, जहाँ तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पूरा मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरी कला है
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    ब्रेकिंग बलरामपुर
कुसमी के इदरीकला गाँव में पानी को लेकर हुए विवाद में तौफीक अंसारी के साथ मारपीट।
​ग्रामीण इस्लाम अंसारी पर तौफीक का सिर फोड़ने और गंभीर रूप से घायल करने का आरोप।
​पीड़ित तौफीक अंसारी ने जिला कलेक्टर के पास पहुँचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई।
विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरीकला का है, जहाँ तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। 
पूरा मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरी कला है
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • कलेक्टर ने सरगुजा जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों के प्रभार बदले अंबिकापुर । जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और तहसीलदारों के कार्य विभाजन में व्यापक परिवर्तन किया गया है। प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से किए गए इस फेरबदल में अम्बिकापुर, सीतापुर, उदयपुर और लुण्ड्रा जैसे महत्वपूर्ण अनुविभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ तहसीलदारों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। रामसिंह ठाकुर जो अब तक सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी थे उन्हें अब अपर कलेक्टर अम्बिकापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वे जिला कार्यालय में रामराज सिंह को आवंटित समस्त कार्यों का निर्वहन करेंगे। ​इसी क्रम में विनय कुमार सोनी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ धौरपुर लुण्ड्रा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और दण्डाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। फागेश सिन्हा को सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का प्रभार दिया गया है जबकि बनसिंह नेताम को अम्बिकापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। जिला कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर रहे रामराज सिंह को अब उदयपुर का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नियुक्त किया गया है और जे.आर. सतरंज को जिला कार्यालय में कलेक्टर द्वारा सौंपे गए कार्यों के लिए तैनात किया गया है। ​तहसीलदारों के तबादलों की कड़ी में उमेश्वर बाज को अम्बिकापुर से मैनपाट भेजा गया है जबकि तारा सिदार को मैनपाट से उदयपुर स्थानान्तरित किया गया है। उदयपुर के तहसीलदार विकास जिंदल को अब अम्बिकापुर तहसील की कमान सौंपी गई है। अमन चतुर्वेदी को दरिमा से लखनपुर और अंकिता पटेल को लखनपुर से बतौली भेजा गया है। वहीं बतौली में कार्यरत कमलावती सिंह को अब दरिमा तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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    कलेक्टर ने सरगुजा जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों के प्रभार बदले
अंबिकापुर । जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और तहसीलदारों के कार्य विभाजन में व्यापक परिवर्तन किया गया है। प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से किए गए इस फेरबदल में अम्बिकापुर, सीतापुर, उदयपुर और लुण्ड्रा जैसे महत्वपूर्ण अनुविभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ तहसीलदारों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामसिंह ठाकुर जो अब तक सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी थे उन्हें अब अपर कलेक्टर अम्बिकापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वे जिला कार्यालय में रामराज सिंह को आवंटित समस्त कार्यों का निर्वहन करेंगे।
​इसी क्रम में विनय कुमार सोनी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ धौरपुर लुण्ड्रा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और दण्डाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। फागेश सिन्हा को सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का प्रभार दिया गया है जबकि बनसिंह नेताम को अम्बिकापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। जिला कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर रहे रामराज सिंह को अब उदयपुर का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नियुक्त किया गया है और जे.आर. सतरंज को जिला कार्यालय में कलेक्टर द्वारा सौंपे गए कार्यों के लिए तैनात किया गया है।
​तहसीलदारों के तबादलों की कड़ी में उमेश्वर बाज को अम्बिकापुर से मैनपाट भेजा गया है जबकि तारा सिदार को मैनपाट से उदयपुर स्थानान्तरित किया गया है। उदयपुर के तहसीलदार विकास जिंदल को अब अम्बिकापुर तहसील की कमान सौंपी गई है। अमन चतुर्वेदी को दरिमा से लखनपुर और अंकिता पटेल को लखनपुर से बतौली भेजा गया है। वहीं बतौली में कार्यरत कमलावती सिंह को अब दरिमा तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
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