आगरा जनपद के डॉकी क्षेत्र के गांव मुटनेई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रीधाम कथाव्यास हरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया। शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की पूजा बंद करके गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया था। कथा सुनाते हुए हरेंद्र शास्त्री ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में इंद्र का मान मर्दन करने का निश्चय किया, तो उन्होंने सभी ब्रजवासियों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा। ब्रजवासियों ने श्रीकृष्ण के निर्देशों का पालन किया। इससे क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने ब्रज में घनघोर वर्षा शुरू कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की और इंद्र का अभिमान तोड़ा। अंत में, इंद्र ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में गिरकर क्षमा याचना की। इस प्रसंग को सुनकर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा में आयोजक ठाकुर रामवीर सिंह, संतोष कुमार सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।
आगरा जनपद के डॉकी क्षेत्र के गांव मुटनेई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रीधाम कथाव्यास हरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया। शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की पूजा बंद करके गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया था। कथा सुनाते हुए हरेंद्र शास्त्री ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में इंद्र का मान मर्दन करने का निश्चय किया, तो उन्होंने सभी ब्रजवासियों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा। ब्रजवासियों ने श्रीकृष्ण के निर्देशों का पालन किया। इससे क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने ब्रज में घनघोर वर्षा शुरू कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की और इंद्र का अभिमान तोड़ा। अंत में, इंद्र ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में गिरकर क्षमा याचना की। इस प्रसंग को सुनकर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा में आयोजक ठाकुर रामवीर सिंह, संतोष कुमार सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।
- भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के कार्यकर्ताओं ने फतेहाबाद तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर के नेतृत्व में फतेहाबाद तहसील मुख्यालय पर धरना दिया। मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन में फतेहाबाद तहसील क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं को उठाया गया। इनमें मुख्य रूप से ग्राम पारोली सिकरवार में चकबंदी अभियान के दौरान बरती गई अनियमितताएँ, चर्रपुरा में नाले के निर्माण का मुद्दा और धीमीश्री में पानी की टंकी की समस्या शामिल थीं। धरने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें अवधेश ठाकुर, रामनिवास रघुवंशी, तहसील प्रवक्ता गोविन्द शेथिया, रामलाल वर्मा, छोटेलाल रघुवंशी, वासदेव वर्मा, अतर सिंह, नत्थीलाल और साहूकार प्रमुख थे। तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि भारतीय किसान यूनियन किसानों और आम जनता के साथ मज़बूती से खड़ी है।1
- उत्तर प्रदेश के बटेश्वर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर एक युवक यमुना नदी में स्नान करते समय डूब गया। यह घटना पवित्र गंगा दशहरा के दिन हुई है।1
- फिरोजाबाद में शिक्षा के गिरते स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पांडेय और जिलाधिकारी की इस पहल के तहत, आगामी नए सत्र से सरकारी स्कूल के बच्चों को प्राइवेट स्कूल के अध्यापक पढ़ाएंगे। इस कदम का मुख्य लक्ष्य शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाना है।1
- फिरोजाबाद में इस्लामिक सेंटर से मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने ईद उल अज़हा के मद्देनजर मुस्लिम समाज के लिए 13 सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि कुर्बानी एक इबादत है जिसे जिम्मेदारी और साफ-सफाई के साथ अंजाम दिया जाना चाहिए। लोगों से विशेष अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर कुर्बानी की फोटो या वीडियो साझा न करें, सड़क और खुले स्थानों पर कुर्बानी करने से बचें, तथा नगर निगम के नियमों का पालन करें। इसके अतिरिक्त, लोगों से ईद के अवसर पर अमन और भाईचारा बनाए रखने के साथ-साथ पड़ोसियों का खास ख्याल रखने को भी कहा गया है, ताकि त्योहार को शांति और जिम्मेदारी के साथ मनाया जा सके।1
- यह एक सशक्त मत व्यक्त किया गया है कि भारत में जिन लोगों को 'वंदेमातरम' कहने में कठिनाई महसूस होती है, वे भारतीय हो ही नहीं सकते। इस विचार के तहत, यह प्रश्न उठाया गया है कि एक ऐसे देश को माँ मानने में क्या समस्या हो सकती है जो बच्चों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि योगी सरकार मदरसों में 'वंदेमातरम' को अनिवार्य करती है, तो सभी समुदायों, वर्गों और जातियों के लोगों को इसका खुले दिल से स्वागत करना चाहिए।1
- फिरोजाबाद पुलिस ने भीषण गर्मी को देखते हुए एक सराहनीय कार्य किया है। गर्मी की तपिश से लोगों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से, पुलिस ने लाल बत्ती होने पर वाहनों के रुकने वाले स्थानों पर टेंट लगाए हैं। इस पहल का मुख्य लक्ष्य दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों तथा यात्रियों को भयंकर गर्मी से बचाव और कुछ पल की राहत दिलाना है।3
- फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के बटेश्वर रोड पर स्थित माधोगंज पेट्रोल पंप पर एक सिलेंडर फटने से भीषण धमाका हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। धमाके की तेज आवाज सुनते ही आसपास के लोग डर गए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस हादसे में कुल चार लोग घायल हो गए, जिनमें सपा नेता विजेंद्र ठेकेदार के भाई भी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप परिसर में अचानक गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव के बाद ही यह विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, और पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारी भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद कुछ समय के लिए पेट्रोल पंप का संचालन भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।1
- आगरा जनपद के डॉकी क्षेत्र के गांव मुटनेई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रीधाम कथाव्यास हरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया। शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की पूजा बंद करके गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया था। कथा सुनाते हुए हरेंद्र शास्त्री ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में इंद्र का मान मर्दन करने का निश्चय किया, तो उन्होंने सभी ब्रजवासियों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा। ब्रजवासियों ने श्रीकृष्ण के निर्देशों का पालन किया। इससे क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने ब्रज में घनघोर वर्षा शुरू कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की और इंद्र का अभिमान तोड़ा। अंत में, इंद्र ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में गिरकर क्षमा याचना की। इस प्रसंग को सुनकर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा में आयोजक ठाकुर रामवीर सिंह, संतोष कुमार सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।1