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Chauthmal Verma
- Chauthmal Vermaछबड़ा, बारां, राजस्थान😡1 hr ago
- Chauthmal Vermaछबड़ा, बारां, राजस्थान💣1 hr ago
- Chauthmal Vermaछबड़ा, बारां, राजस्थान💣1 hr ago
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Chauthmal Verma1
- हरनावदाशाहजी. परिवार की खुशहाली एवं सुख समृद्धि की कामना लेकर चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी पर शुक्रवार को महिलाओं ने दशा माता की पूजा अर्चना कर व्रत उपवास रखे। इस दौरान महिलाओं ने सजे धजे पारम्परिक परिधानों में कच्चा सूत के डोरे के पीपल के वृक्ष की पूजा की एवं माताजी की कथा श्रवण करी। कस्बे में शिवालय गुफा मंदिर में दिन भर पूजा अर्चना एवं कथा श्रवण के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। बाद में महिलाओं ने बिना नमक का भोजन ग्रहण किया।1
- !! एक शाम माता रानी के नाम!!,विशाल भजन सध्या का आयोजन छीपाबड़ौद - छीपाबड़ौद में कैला माता मंदिर ढोलम बाई पास छीपाबड़ौद पर विशाल भजन सध्या का आयोजन किया गया। भजनों पर झूमे श्रद्धालु। भजन संध्या में सिंगर रोहित सिसोदिया कोटा,आर्गन- मनीष कोटा,पेइ प्लेयर - सचिन राणा , ढोलक हनी रावल,सिंगर-किट्टू जी कोटा,कोमेडी - मुकेश छैला,साउण्ड- देवकीनंदन कुशवाह 9887824322,आयोजनकर्ता घनश्याम जी कुशवाह,आयोजनकर्ता रणवीर कुशवाह,डांसर-अर्चना कोटा के द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजन में "मठोलिया परिवार" हार्दिक स्वागत किया।4
- केंद्रीय मंत्री गुना अशोक नगर शिवपुरी क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जी को शहर मैं 🐄बेजुबानों की समस्या से आवेदन देकर अवगत कराया #highlights2026 #gosevak Kishore kanyal IAS CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Jyotiraditya M Scindia #cmoguna #GunaNews1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद कस्बे में भट्टों से निकल रहा धुआं अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। आसपास रहने वाले लोग सांस लेने में दिक्कत, खांसी और अस्थमा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्टों से निकलने वाला धुआं पूरे क्षेत्र में फैल जाता है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है और बच्चों व बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- शाहाबाद टी एस पी संघर्ष समिति किशनगंज - शाहाबाद के कार्यकर्ताओं द्वारा आज जिला कलेक्टर कार्यालय बारां पहुंचकर किशनगंज - शाहाबाद आदिवासी क्षेत्र को टीएसपी में शामिल करवाने हेतु ज्ञापन दिया गया। जिला कलेक्टर के अन्य कार्य में व्यस्त होने के कारण ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर बारां भंवरलाल जनागल को सौंपा गया । समिति के सदस्यों ने टीएसपी के समर्थन में नारे लगाए तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर महोदय को बताया की शाहाबाद - किशनगंज क्षेत्र में केवल सहरिया जनजाति ही नहीं अपितु भील और मीणा जनजाति भी काफी संख्या में निवास करती है सहरिया जनजाति को 25% आरक्षण राज्य सरकार द्वारा अलग से दिया जा रहा है जबकि भील और मीणा जनजाति के लिए ऐसा कोई प्रावधान सरकार के द्वारा नहीं किया गया है तथा अन्य जातियों के लोग जिसमें माली, धोबी, नाई ,मेहता, कुशवाहा, कलाल, हरिजन, खेरूआ भी निवास करते हैं जो आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से काफी पिछड़े हुए हैं लेकिन उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन सभी जातियों के युवा जो पढ़े- लिखे हैं वे राज्य सरकार की भर्तियों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं है जिसके कारण सरकारी नौकरियों में इनकी संख्या नगण्य है । अगर इस क्षेत्र को टी एस पी में शामिल किया जाता है तो सभी समाजों को इसका लाभ मिलेगा जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, कृषि एवं पेयजल आदि सुविधाएं इस क्षेत्र को मिलेंगी जिससे इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी तथा नौकरियों में नए अवसर यहां के युवा वर्ग के लिए पैदा होंगे क्योंकि किशनगंज- शाहाबाद आदिवासी क्षेत्र के नाम से पूरे देश में जाना जाता है लेकिन आदिवासी क्षेत्र का अन्य जातियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से मांग की कि हमारे क्षेत्र को जल्द से जल्द टी एस पी में शामिल किया जाए जब तक शाहाबाद- किशनगंज क्षेत्र को टी एस पी में शामिल नहीं किया जाता है तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे और जरूरत पड़ी तो सर्व समाज का एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संघर्ष समिति के अमर सिंह भील, जितेंद्र कुमार चौधरी , गलिया भील, कन्हैयालाल कुशवाहा, शंकर लाल ओझा, वीर सिंह , छगन सिंह,धनराज कुशवाहा, देवी सिंह कुशवाहा, करण सिंह , गुल सिंह, नेम सिंह एवं अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एलपीजी संकट पर पीएम ने कहा कि कुछ लोग बेवजह घबराहट का माहौल बना रहे हैं। ऐसा करके वे खुद भी बेनकाब हो रहे हैं और देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक वैश्विक संकट है, जिससे कोई भी देश पूरी तरह अछूता नहीं है।1
- जानवरों के अवशेष डालने से फैली भयंकर गंदगी और दुर्गंध छीपाबड़ौद - बारां छीपाबड़ौद नदी में जानवरों के अवशेष डालने से फैली भयंकर गंदगी और दुर्गंध। नदी किनारे लगने वाली सब्जी मंडी में व्यापारी और आमजन परेशान। शिकायतों के बावजूद प्रशासन की अनदेखी से लोगों में नाराज़गी। सब्जी विक्रेताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के अनदेखी के चलते लोग परेशान।2