स्वतंत्रता दिवस पर वाराणसी में तिरंगा लहराता कारवां, देशभक्ति की मिसाल न्यूज टू इंडिया से संवाददाता अनन्या वर्मा उर्फ गुनगुन की खास रिपोर्ट वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के पावन अवसर पर विश्व हिंदू आर्यावर्त महासंघ के बैनर तले देशभक्ति की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। BHU के ऐतिहासिक गेट से लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तक तिरंगा लहराती बाइकों का कारवां निकला। हर हाथ में तिरंगा, हर दिल में देशभक्ति और हर जुबां पर भारत माता की जय के नारे गूंज रहे थे। इस ऐतिहासिक रैली का नेतृत्व किया: पूर्वांचल अध्यक्ष-हार्दिक त्रिपाठी,पूर्वांचल उपाध्यक्ष- अभिषेक दुबे, आयुष मौर्या, अनिरुद्ध जायसवाल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वाराणसी अनन्या वर्मा और समस्त कर्मठ कार्यकर्तागण। आप सभी राष्ट्रभक्तों के जज्बे और समर्पण को विश्व हिंदू आर्यावर्त महासंघ का शत-शत नमन। आप ही देश की असली ताकत हैं। सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से रैली सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद। जय हिंद,जय भारत,वंदे मातरम।
स्वतंत्रता दिवस पर वाराणसी में तिरंगा लहराता कारवां, देशभक्ति की मिसाल न्यूज टू इंडिया से संवाददाता अनन्या वर्मा उर्फ गुनगुन की खास रिपोर्ट वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के पावन अवसर पर विश्व हिंदू आर्यावर्त महासंघ के बैनर तले देशभक्ति की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। BHU के ऐतिहासिक गेट से लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तक तिरंगा लहराती बाइकों का कारवां निकला। हर हाथ में तिरंगा, हर दिल में देशभक्ति और हर जुबां पर भारत माता की जय के नारे गूंज रहे थे। इस ऐतिहासिक रैली का नेतृत्व किया: पूर्वांचल अध्यक्ष-हार्दिक त्रिपाठी,पूर्वांचल उपाध्यक्ष- अभिषेक दुबे, आयुष मौर्या, अनिरुद्ध जायसवाल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वाराणसी अनन्या वर्मा और समस्त कर्मठ कार्यकर्तागण। आप सभी राष्ट्रभक्तों के जज्बे और समर्पण को विश्व हिंदू आर्यावर्त महासंघ का शत-शत नमन। आप ही देश की असली ताकत हैं। सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से रैली सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद। जय हिंद,जय भारत,वंदे मातरम।
- वाराणसी ऑटो चालकों की समस्याओं को लेकर नगर निगम में हुई बैठक यूनियन ने स्टैंड,शौचालय और अवैध वसूली पर रोक की मांग रखी न्यूज टू इंडिया से सम्पादक हाजी हफीजुल्ला वारसी की खास रिपोर्ट वाराणसी उत्तर प्रदेश ऑटो रिक्शा थ्री-व्हीलर चालक यूनियन द्वारा 4 अगस्त को नगर आयुक्त नगर निगम वाराणसी को सौंपे गए ज्ञापन के संबंध में आज 17 अगस्त को राजस्व विभाग नगर निगम वाराणसी कार्यालय में बैठक आयोजित की गई अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक बैठक की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने की बैठक में ऑटो चालकों की समस्याओं पर चर्चा कर सभी पक्षों की राय ली गई यूनियन ने रखी ये मांगे यूनियन के पदाधिकारियों ने ऑटो स्टैंडों का चिन्हांकन,शौचालय की व्यवस्था,निर्धारित शुल्क की रसीद और अवैध वसूली पर रोक सहित अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग रखी यूनियन ने नगर निगम प्रशासन से सकारात्मक एवं शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई उपस्थित रहे बैठक में यूनियन के पदाधिकारी हरेंद्र गिरी,मुमताज अहमद श्याम सुंदर यादव,विशाल गुप्ता,अशोक कुमार,इश्तियाक अली,जितेंद्र ठाकुर, अशोक सिंह,मोहम्मद हदीस सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे1
- बनारस के घाट पर अश्लिल हरकत से लोगों में भारी आक्रोश पुलिस पर सवाल बनारस के घाटों पर बड़ रही अश्लिल हरकत को लेकर तमाम लोगों ने कहा है कि पुलिस की कमी है जो आज घाट पर अश्लिल हरकत को बढ़ावा मिल रहा है। Varanasi Breking News1
- चौबेपुर में आस्था का संगम, नाग देवता की पूजा के साथ हुआ खिलाड़ियों का सम्मान1
- नागपंचमी पर्व नाग देवता को दूध नहीं पिलाना चाहिए । सच या झूठ देखे दूध पिलाने की परंपरा के पीछे का विज्ञानभ्रम और सच्चाई: धार्मिक रूप से लोग सांप को दूध पिलाते हैं, लेकिन विज्ञान के अनुसार सांप स्तनधारी (mammal) जीव नहीं हैं, वे सरीसृप (reptile) हैं।पाचन तंत्र: सांपों का शरीर दूध को पचाने के लिए नहीं बना होता है। सपेरे त्योहार से कई दिन पहले सांपों को भूखा-प्यासा रखते हैं। अत्यधिक प्यास के कारण सांप पानी समझकर दूध पी लेता है, जो अक्सर उसके फेफड़ों में चला जाता है और उसकी मृत्यु का कारण बन सकता है।वैज्ञानिक सलाह: जीव वैज्ञानिक हमेशा यह सलाह देते हैं कि सांपों को दूध पिलाने के बजाय उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में खुला छोड़ देना चाहिए।1
- टांडाकला में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, तटवर्ती ग्रामीणों में खौफ व दहशत जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली टांडाकला। स्थानीय ग्राम सभा टांडाकला घाट के पास गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब आठ फीट की बढ़ोतरी होने से नदी का पानी करार और गांवों के नजदीक पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से गंगा किनारे और तटवर्ती गांवों में रहने वाले ग्रामीणों में खौफ और दहशत का माहौल बन गया है। गंगा का पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। पूर्व में आई बाढ़ के दौरान पुराबिजयी, पुरागणेश, चकरा, नादी और पकड़ी समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर चौतरफा पानी भर गया था। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे जलस्तर ने ग्रामीणों को पुरानी बाढ़ की याद दिला दी है। गंगा तटवर्ती क्षेत्र के भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुराबिजयी, पुरागणेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगांवा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी, निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर और नौदर समेत कई गांवों में जलस्तर बढ़ने को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गंगा का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो तटवर्ती क्षेत्रों में किसानों की फसलों पर संकट गहरा सकता है। गंगा किनारे किसानों द्वारा बोई गई हजारों एकड़ फसल, सब्जियां, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग और धान की रोपी गई फसलें प्रभावित होने की आशंका है। इसके साथ ही पशुओं के लिए खेतों में मौजूद हरे चारे के पानी में डूबने से पशुपालकों के सामने चारे का संकट भी खड़ा हो सकता है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे रहने वाले नाविकों और मछुआरों की चिंता भी बढ़ गई है। घाटों और नदी किनारे नावों की आवाजाही के बीच बढ़ता पानी उनके लिए चुनौती बनता जा रहा है। वहीं, गंगा किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों पर भी खतरा बढ़ गया है। पानी बढ़ने के साथ जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने की आशंका से लोगों में भय का माहौल है। तटवर्ती ग्रामीणों का कहना है कि अगर गंगा के जलस्तर में इसी तरह लगातार बढ़ोतरी होती रही तो आने वाले दिनों में कई गांवों के रास्ते प्रभावित हो सकते हैं और ग्रामीणों के सामने आवागमन तथा दैनिक जरूरतों से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। किसानों को अपनी फसल और पशुओं के चारे को सुरक्षित करने की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने, संवेदनशील तटवर्ती क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम करने और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए समय रहते तैयारी पूरी करने की मांग की है। फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में ग्रामीणों की निगाहें नदी के पानी पर टिकी हुई हैं और लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।1
- कलम की तेज धार से | अयोध्या "सरयू तट गूंजा - नाग देवता की जय" नाग पंचमी पर शेषावतार मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब - दूध, लावा और चढ़ावे से गूंजा जयकारा अयोध्या। नाग पंचमी। आज सरयू की लहरों के साथ "ॐ नमः शिवाय" और "नाग देवता की जय" की गूंज भी बह रही है। सरयू किनारे स्थित शेषावतार मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। आस्था ऐसी कि हर कोई भगवान शेषावतार के दर्शन को आतुर। कैसे हो रही पूजा? 1. विधि-विधान से आराधना मंदिर में भगवान शेषावतार की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। घंटे-घड़ियाल, शंख और मंत्रों से पूरा परिसर गूंज रहा है। 2. अनोखी परंपरा नाग पंचमी पर श्रद्धालु नाग देवता को दूध अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि दूध चढ़ाने से सुख-समृद्धि और नाग भय से मुक्ति मिलती है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता भगवान शेषावतार को लावा और चना चढ़ाने की परंपरा आज भी जीवित है। भक्त थालियां भरकर लावा-चना लेकर आए हैं। पुजारी जी क्या कहते हैं? मंदिर के महंत अशोक दास ने बताया: "अयोध्या में सरयू किनारे ये इकलौता शेषावतार मंदिर है। मान्यता है कि भगवान राम के भाई लक्ष्मण स्वयं शेषावतार थे। इसीलिए नाग पंचमी के दिन यहां विशेष पूजा होती है। जो भी सच्चे मन से आता है, नाग देवता उसकी मनोकामना पूरी करते हैं।" कलम की तेज धार सवाल अयोध्या में नाग पंचमी का महत्व? अयोध्या सिर्फ राम की नगरी नहीं, लक्ष्मण की भी नगरी है। लक्ष्मण = शेषनाग अवतार। इसलिए नाग पंचमी पर यहां की मिट्टी में भक्ति दोगुनी हो जाती है। सवाल संदेश क्या है? नाग को दूध पिलाना मतलब प्रकृति से प्रेम करना। लावा-चना चढ़ाना मतलब सादगी से पूजा करना। आज के समय में हमें यही सीखना है -आडंबर नहीं, आस्था चाहिए। माहौल पूरा सरयू तट आस्था और भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी हाथों में दूध और प्रसाद लेकर मंदिर की ओर। हर तरफ "जय शेषावतार" की आवाज। अंतिम पंक्ति आज सरयू ने भी फन फैलाकर आशीर्वाद दिया होगा। क्योंकि जहां शेषनाग का वास हो, वहां संकट नहीं टिकता। भगवान शेषावतार सभी को सुख, शांति और समृद्धि दें। नाग देवता सबकी रक्षा करें।2
- स्वतंत्रता दिवस पर वाराणसी में तिरंगा लहराता कारवां, देशभक्ति की मिसाल न्यूज टू इंडिया से संवाददाता अनन्या वर्मा उर्फ गुनगुन की खास रिपोर्ट वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के पावन अवसर पर विश्व हिंदू आर्यावर्त महासंघ के बैनर तले देशभक्ति की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली। BHU के ऐतिहासिक गेट से लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तक तिरंगा लहराती बाइकों का कारवां निकला। हर हाथ में तिरंगा, हर दिल में देशभक्ति और हर जुबां पर भारत माता की जय के नारे गूंज रहे थे। इस ऐतिहासिक रैली का नेतृत्व किया: पूर्वांचल अध्यक्ष-हार्दिक त्रिपाठी,पूर्वांचल उपाध्यक्ष- अभिषेक दुबे, आयुष मौर्या, अनिरुद्ध जायसवाल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वाराणसी अनन्या वर्मा और समस्त कर्मठ कार्यकर्तागण। आप सभी राष्ट्रभक्तों के जज्बे और समर्पण को विश्व हिंदू आर्यावर्त महासंघ का शत-शत नमन। आप ही देश की असली ताकत हैं। सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से रैली सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद। जय हिंद,जय भारत,वंदे मातरम।1
- वाराणसी में नगर निगम ने कूड़ा घर को किया भगवा कलर लोगो में आक्रोश वाराणसी में नगर निगम द्वारा विकास कार्य शुरू किए गए इसी क्रम में कूड़ा घर को भगवा कलर करने का मामला तुल पकड़ लिया है। लोगो ने इसका भारी विरोध किया है। Varanasi Breking News2