बूंदी के लाखेरी क्षेत्र में बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहाँ उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ धक्का-मुक्की की और उनके वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना तब हुई जब वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से बजरी भरकर ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा किया। टीम द्वारा खेड़ली देवजी तक पीछा करने पर ट्रैक्टर चालक ने जंगल में बजरी से भरी ट्रॉली को खाली कर दिया। इसी दौरान, मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम के साथ बजरी माफियाओं ने धक्का-मुक्की की, जिससे वन विभाग की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान अन्य लोग ट्रॉली को छोड़कर ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर लाखेरी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और उन्होंने ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया है। जेसीबी की मदद से ट्रॉली को सीधा कर इंदरगढ़ रेंज लाया जा रहा है, और पुलिस अन्य फरार लोगों की तलाश में जुट गई है।
बूंदी के लाखेरी क्षेत्र में बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहाँ उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ धक्का-मुक्की की और उनके वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना तब हुई जब वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से बजरी भरकर ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा किया। टीम द्वारा खेड़ली देवजी तक पीछा करने पर ट्रैक्टर चालक ने जंगल में बजरी से भरी ट्रॉली को खाली कर दिया। इसी दौरान, मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम के साथ बजरी माफियाओं ने धक्का-मुक्की की, जिससे वन विभाग की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान अन्य लोग ट्रॉली को छोड़कर ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर लाखेरी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और उन्होंने ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया है। जेसीबी की मदद से ट्रॉली को सीधा कर इंदरगढ़ रेंज लाया जा रहा है, और पुलिस अन्य फरार लोगों की तलाश में जुट गई है।
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के रायपुर गांव में गुरुवार रात एक दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, यह दुकान ईसरदा बांध के पास रहने वाले एक गरीब परिवार के युवक द्वारा संचालित की जा रही थी। आग लगने के कारण दुकान में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि इसके वास्तविक कारणों की अभी भी जांच की जा रही है। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है, वहीं ग्रामीणों ने भी परिवार की मदद के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है।1
- आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि प्रकृति संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को एक जनआंदोलन बनाने का प्रबल आह्वान किया गया।1
- श्योपुर जिले के विजयपुर में कार सवार बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगे जाने और कट्टे की नोक पर लोगों को धमकी देने की घटना सामने आई है। इस वारदात से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बदमाशों की इस हरकत से नाराज होकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसी दौरान, भीड़ ने एक बदमाश को पकड़ लिया, जिसकी कमर में एक देशी कट्टा लगा हुआ था। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता पैदा करती है, जैसा कि पोस्ट में 'श्योपुर को आखिर हुआ क्या है' कहकर सवाल उठाया गया है।1
- मानपुर में पौधों का एक विशेष मेला आयोजित किया गया। इस मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को बचाने और उसके संरक्षण के महत्व पर संदेश देना था।1
- शुक्रवार सुबह सारसोप गांव में 5 बजे से 7 बजे तक एक प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस धार्मिक शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने भगवान के भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ गांव के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। प्रभात फेरी के दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल छा गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रभात फेरी का मुख्य उद्देश्य धार्मिक जागरूकता बढ़ाना और समाज में भाईचारे, सद्भाव व सकारात्मक ऊर्जा का संदेश प्रसारित करना है। यह कार्यक्रम सामूहिक प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ।1
- सोमनाथ मंदिर को हमारी आस्था, सनातन चेतना और सांस्कृतिक गौरव का एक शाश्वत प्रतीक बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सदियों के आक्रमण भी इस आस्था को डिगा नहीं सके, जो इसकी अटूट प्रकृति को दर्शाता है। सोमनाथ मंदिर हमें यह प्रेरणा देता है कि भारत हर चुनौती का सामना करते हुए और अधिक सशक्त होकर आगे बढ़ता है।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के पुराने शहर स्थित रैगर मोहल्ले में देर रात आकाशीय बिजली गिरने से दो मकानों की छतें भरभराकर ढह गईं। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। सौभाग्य से, हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर के पिछले कमरों में सो रहे थे, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, देर रात मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके बाद तेज गर्जना और बिजली की चमक के बीच आकाशीय बिजली रैगर मोहल्ला निवासी रमेश चंद रैगर और कल्याणमल रैगर के मकानों पर आ गिरी। बिजली गिरने के साथ ही जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते दोनों मकानों के आगे के हिस्से की छतें गिर गईं। पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे सभी घर के पिछले कमरों में सो रहे थे, जब अचानक तेज गड़गड़ाहट और मलबा गिरने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। परिवार के सदस्य घबराकर बाहर की ओर दौड़े तो देखा कि मकान का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिस हिस्से की छत गिरी, वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था, जिससे सभी लोग मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद परिवारों में पूरी रात दहशत का माहौल रहा और भय के कारण उन्हें खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ी। आकाशीय बिजली गिरने से दोनों मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, छतों के ढहने से घरों में रखा घरेलू सामान भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया। पीड़ित परिवारों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षति का आकलन कर उन्हें शीघ्र उचित मुआवजा एवं राहत उपलब्ध कराई जाए।1