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आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि प्रकृति संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को एक जनआंदोलन बनाने का प्रबल आह्वान किया गया।
जनहित आवाज न्यूज़
आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि प्रकृति संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को एक जनआंदोलन बनाने का प्रबल आह्वान किया गया।
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- आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि प्रकृति संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को एक जनआंदोलन बनाने का प्रबल आह्वान किया गया।1
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान विश्व पर्यावरण दिवस पर साइकिल रैली एवं विविध जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित जल संरक्षण, पौधारोपण एवं प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का दिया संदेश सवाई माधोपुर, 5 जून। राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के तहत वन विभाग एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को साइकिल रैली, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण शपथ सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ कलक्ट्रेट परिसर से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर किया। उप वन संरक्षक सुनील कुमार एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने रैली को रवाना किया। रैली नीलकंठ महादेव मंदिर, रेलवे ब्रिज, हम्मीर चौराहा, मंडी रोड एवं आलनपुर सर्कल होते हुए आलनपुर नर्सरी पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के माध्यम से पर्यावरण संवर्धन, प्रदूषण नियंत्रण एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। पौधारोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प:- आलनपुर नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप, उप वन संरक्षक मानस सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपस्थित जनों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों को नर्सरी का भ्रमण करवाकर विभिन्न पौध प्रजातियों एवं उनके संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पर्यावरण अनुकूल कैरी बैग्स, कैप, टी-शर्ट एवं “पर्यावरण संरक्षण के 101 उपाय” पुस्तिका वितरित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। हरियालो राजस्थान अभियान में सहभागिता का आह्वान:- मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “हरियालो राजस्थान” एवं “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिकाधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करें। जल संरक्षण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली पर जोर:- उप वन संरक्षक सुनील कुमार ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का संरक्षण ही नहीं, बल्कि आमजन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पौधारोपण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।1
- सवाई माधोपुर जिले की चौथ का बरवाड़ा पंचायत समिति की 23 ग्राम पंचायतों के लिए राज्य वित्त आयोग की राशि सरकार की ओर से डाल दी गई है। इन पंचायतों को 3 करोड़ 41 लाख से अधिक का बजट प्राप्त हुआ है, जिससे पिछले एक वर्ष से रुके हुए विकास कार्यों को अब गति मिल सकेगी। बजट के अभाव में ठप पड़े विकास कार्य अब जारी हुए इन फंड्स के साथ फिर से रफ्तार पकड़ते हुए नजर आएंगे।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के पुराने शहर स्थित रैगर मोहल्ले में देर रात आकाशीय बिजली गिरने से दो मकानों की छतें भरभराकर ढह गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। सौभाग्य से, घटना के समय परिवार के सदस्य घर के पिछले हिस्से के कमरों में सो रहे थे, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मिली जानकारी के अनुसार, देर रात मौसम में अचानक आए बदलाव के बाद तेज गर्जना और बिजली की चमक के बीच आकाशीय बिजली रैगर मोहल्ला निवासी रमेश चंद रैगर और कल्याणमल रैगर के मकानों पर गिरी। बिजली गिरने के साथ ही जोरदार धमाका हुआ और दोनों मकानों के आगे के हिस्से की छतें तुरंत ढह गईं। पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे सभी घर के पिछले कमरों में सो रहे थे, जब अचानक तेज गड़गड़ाहट और मलबा गिरने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। परिवार के सदस्य घबराकर बाहर की ओर दौड़े और देखा कि मकान का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। जिस हिस्से की छत गिरी, वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था, जिससे सभी लोग मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद परिवारों में दहशत का माहौल रहा और भय के कारण उन्हें पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। आकाशीय बिजली गिरने से दोनों मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें छतों के ढहने से घरों में रखा घरेलू सामान भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया। पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का आकलन कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।4
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के रायपुर गांव में गुरुवार रात एक दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, यह दुकान ईसरदा बांध के पास रहने वाले एक गरीब परिवार के युवक द्वारा संचालित की जा रही थी। आग लगने के कारण दुकान में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि इसके वास्तविक कारणों की अभी भी जांच की जा रही है। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है, वहीं ग्रामीणों ने भी परिवार की मदद के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है।1
- श्योपुर जिले के विजयपुर में कार सवार बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगे जाने और कट्टे की नोक पर लोगों को धमकी देने की घटना सामने आई है। इस वारदात से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बदमाशों की इस हरकत से नाराज होकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसी दौरान, भीड़ ने एक बदमाश को पकड़ लिया, जिसकी कमर में एक देशी कट्टा लगा हुआ था। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता पैदा करती है, जैसा कि पोस्ट में 'श्योपुर को आखिर हुआ क्या है' कहकर सवाल उठाया गया है।1
- सोमनाथ मंदिर को हमारी आस्था, सनातन चेतना और सांस्कृतिक गौरव का एक शाश्वत प्रतीक बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सदियों के आक्रमण भी इस आस्था को डिगा नहीं सके, जो इसकी अटूट प्रकृति को दर्शाता है। सोमनाथ मंदिर हमें यह प्रेरणा देता है कि भारत हर चुनौती का सामना करते हुए और अधिक सशक्त होकर आगे बढ़ता है।1
- सवाई माधोपुर जिले में ख़िजूरी से पांचोलास जाने वाला मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यह सड़क पानी के लगातार भराव के कारण टूट गई है, जिससे यातायात में भारी बाधा आ रही है। स्थानीय लोगों को इस टूटी हुई सड़क के कारण दुर्घटनाओं और गिरने का लगातार खतरा बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।1