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महाराजगंज एवं दरौंदा ब्लॉक की पंचायतों में स्वच्छता अभियान का कही कही खस्ता हाल है महाराजगंज, सिवान, बिहार सनसनीखेज मामला Editor: Parwez Alam सिवान जिला, ब्लॉक दरौंदा, भीखाबांध गांव ग्राम पंचायत को अन्तर ग्रामीण सड़क जो कि कपियाँ महाराजगंज रुकुंदीपुर पंचायत को जोड़ती है, स्वच्छता अभियान फेल है, नदारद है पक्की सड़क के किनारे नहीं सड़क पर ही ग्रामीण लोगों के द्वारा मलमूत्र त्याग करना और आने जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ा करना अशोभनीय कार्य है, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भाई बहनों को अवश्य ध्यान देना चाहिए और जनजागरुकता के साथ रोक लगने चाहिए

1 hr ago
user_JHVP BHARAT NEWS
JHVP BHARAT NEWS
City Star महाराजगंज, सीवान, बिहार•
1 hr ago
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महाराजगंज एवं दरौंदा ब्लॉक की पंचायतों में स्वच्छता अभियान का कही कही खस्ता हाल है महाराजगंज, सिवान, बिहार सनसनीखेज मामला Editor: Parwez Alam सिवान जिला, ब्लॉक दरौंदा, भीखाबांध गांव ग्राम पंचायत को अन्तर ग्रामीण सड़क जो कि कपियाँ महाराजगंज रुकुंदीपुर पंचायत को जोड़ती है, स्वच्छता अभियान फेल है, नदारद है पक्की सड़क के किनारे नहीं सड़क पर ही ग्रामीण लोगों के द्वारा मलमूत्र त्याग करना और आने जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ा करना अशोभनीय कार्य है, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भाई बहनों को अवश्य ध्यान देना चाहिए और जनजागरुकता के साथ रोक लगने चाहिए

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  • महाराजगंज एवं दरौंदा ब्लॉक की पंचायतों में स्वच्छता अभियान का कही कही खस्ता हाल है महाराजगंज, सिवान, बिहार सनसनीखेज मामला Editor: Parwez Alam सिवान जिला, ब्लॉक दरौंदा, भीखाबांध गांव ग्राम पंचायत को अन्तर ग्रामीण सड़क जो कि कपियाँ महाराजगंज रुकुंदीपुर पंचायत को जोड़ती है, स्वच्छता अभियान फेल है, नदारद है पक्की सड़क के किनारे नहीं सड़क पर ही ग्रामीण लोगों के द्वारा मलमूत्र त्याग करना और आने जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ा करना अशोभनीय कार्य है, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भाई बहनों को अवश्य ध्यान देना चाहिए और जनजागरुकता के साथ रोक लगने चाहिए
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    महाराजगंज एवं दरौंदा ब्लॉक की पंचायतों में स्वच्छता अभियान का कही कही खस्ता हाल है 

महाराजगंज, सिवान, बिहार 
सनसनीखेज मामला 
Editor: Parwez Alam 
सिवान जिला, ब्लॉक दरौंदा,  भीखाबांध गांव ग्राम पंचायत को अन्तर ग्रामीण सड़क जो कि कपियाँ महाराजगंज रुकुंदीपुर पंचायत को जोड़ती है, स्वच्छता अभियान फेल है, नदारद है 
पक्की सड़क के किनारे नहीं सड़क पर ही ग्रामीण लोगों के द्वारा मलमूत्र त्याग करना और आने जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ा करना अशोभनीय कार्य है, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भाई बहनों को अवश्य ध्यान देना चाहिए और जनजागरुकता के साथ रोक लगने चाहिए
    user_JHVP BHARAT NEWS
    JHVP BHARAT NEWS
    City Star महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    1 hr ago
  • सिवान के प्रसिद्ध डॉक्टर जंगल में पकड़े गए कारनामा जानकर कैमरा में कैद होने पर हो जाएंगे हैरान बड़ी खबर सिवान जिले से है जहां सिवान के प्रसिद्ध जगह डॉक्टर को अचानक जंगल में पकड़े जाने से क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है जानकारी देते हुए बताया जा रहा है कि डॉक्टर किसी बड़े औषधि की खोज में जंगल में निकले थे , तभी अचानक उनका कारनामा कैमरा में कैद कर लिया गया है,
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    सिवान के प्रसिद्ध डॉक्टर जंगल में पकड़े गए कारनामा जानकर कैमरा में कैद होने पर हो जाएंगे हैरान
बड़ी खबर सिवान जिले से है जहां सिवान के प्रसिद्ध जगह डॉक्टर को अचानक जंगल में पकड़े जाने से क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है जानकारी देते हुए बताया जा रहा है कि डॉक्टर किसी बड़े औषधि की खोज में जंगल में निकले थे , तभी अचानक उनका कारनामा कैमरा में कैद कर लिया गया है,
    user_Anish Singh
    Anish Singh
    दरौंधा, सीवान, बिहार•
    2 hrs ago
  • महाराजगंज में छापेमारी से व्यापारियों में मचा हड़कंप पटाखा व्यापारी में छापेमारी को लेकर मचा हुआ है हड़कंप
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    महाराजगंज में छापेमारी से व्यापारियों में मचा हड़कंप पटाखा व्यापारी में छापेमारी को लेकर मचा हुआ है हड़कंप
    user_राज भारद्वाज
    राज भारद्वाज
    महाराजगंज, सीवान, बिहार•
    12 hrs ago
  • सिसवन निरखापुर में भव्य फुटबॉल मैच, बिहार-यूपी की टक्कर सिसवन प्रखंड के निरखापुर गांव स्थित शहीद भगत सिंह खेल मैदान में रविवार को भव्य फुटबॉल मैच हुआ। उद्घाटन मुखिया रविन्द्र साह ने किक मारकर किया। मुकाबला डीएफसी सारण (बिहार) बनाम देवरिया चौधरी एलेवन (यूपी) के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया और दर्शकों का दिल जीता। मुखिया ने कहा, खेल से युवाओं में अनुशासन और एकता आती है। मैदान में सैकड़ों दर्शकों की भीड़ रही। ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना की।
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    सिसवन निरखापुर में भव्य फुटबॉल मैच, बिहार-यूपी की टक्कर
सिसवन प्रखंड के निरखापुर गांव स्थित शहीद भगत सिंह खेल मैदान में रविवार को भव्य फुटबॉल मैच हुआ। उद्घाटन मुखिया रविन्द्र साह ने किक मारकर किया। मुकाबला डीएफसी सारण (बिहार) बनाम देवरिया चौधरी एलेवन (यूपी) के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया और दर्शकों का दिल जीता। मुखिया ने कहा, खेल से युवाओं में अनुशासन और एकता आती है। मैदान में सैकड़ों दर्शकों की भीड़ रही। ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना की।
    user_Sudhir Kumar Pandey
    Sudhir Kumar Pandey
    हसनपुरा, सीवान, बिहार•
    4 hrs ago
  • आलमपुर पटाखा विस्फोट के बाद... भलुआड़ा तकिया में दहशत प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल.. हैडिंग....आलमपुर पटाखा विस्फोट के बाद भलुआड़ा तकिया में दहशत, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल नमस्कार! आप देख रहे हैं लहर न्यूज़ बड़हरिया प्रखंड के आलमपुर में हुए भीषण पटाखा विस्फोट के बाद की एक ऐसी रिपोर्ट, जो सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। बड़हरिया प्रखंड के आलमपुर गांव में पटाखा बनाने वाली एक मिनी फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना इतनी भयावह थी कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद जिला प्रशासन, मेडिकल टीम, अग्निशमन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। लेकिन इस हादसे के बाद एक और मामला सामने आया, जिसने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, आलमपुर में हुए विस्फोट के बाद वहां से बरामद बड़ी मात्रा में पटाखों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की कार्रवाई की गई। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, लगभग दो से तीन ट्रैक्टर पटाखे बरामद किए गए थे। इन पटाखों को बड़हरिया भलुआड़ा तकिया इलाके में मीरा शाह की मजार के पास नहर किनारे ले जाया गया। बताया जा रहा है कि वहां पटाखों को डिस्पोज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक, एक ट्रैक्टर में लदे पटाखों को आग लगाकर नष्ट किया गया, जबकि दो ट्रैक्टरों में पटाखे बाकी होने की बात सामने आई। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री को आबादी के नजदीक ले जाकर नष्ट करने का फैसला किस आधार पर लिया गया? क्या उस जगह की सुरक्षा व्यवस्था का सही आकलन किया गया था? क्या आसपास रहने वाले लोगों को पहले से इसकी जानकारी दी गई थी? स्थानीय लोगों के अनुसार, पटाखों को नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान आसपास के घरों में तेज कंपन महसूस हुआ। कई घरों के शीशे टूटने और लोगों में दहशत फैलने की बात सामने आई है। इलाके के कुछ लोगों ने यह भी बताया कि इस घटना के बाद पहले से बीमार लोगों और हृदय संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों की धड़कन तेज हो गई और वे घबरा गए। सोचिए, जिन लोगों ने आलमपुर में हुए धमाके की खबर सुनकर पहले ही चिंता और भय का माहौल देखा था, उन्हें अब अपने ही घरों के आसपास इस तरह की कार्रवाई से परेशानी का सामना करना पड़ा। यह मामला सिर्फ पटाखों को नष्ट करने का नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल है। अगर बरामद पटाखों को नष्ट करना जरूरी था, तो क्या इसके लिए आबादी से दूर किसी सुरक्षित स्थान का चयन नहीं किया जा सकता था? क्या आसपास के घरों को खाली कराने, लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने और सुरक्षा घेरा बनाने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी? इन सवालों का जवाब जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन की लापरवाही का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। लेकिन अगर स्थानीय लोगों के दावों की पुष्टि होती है कि पटाखों को नष्ट करने के दौरान घरों के शीशे टूटे और लोगों को परेशानी हुई, तो यह निश्चित रूप से गंभीर जांच का विषय है। जनता की सुरक्षा प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। किसी हादसे के बाद बरामद विस्फोटक सामग्री को नष्ट करना जरूरी हो सकता है, लेकिन यह कार्रवाई ऐसी जगह और ऐसे तरीके से होनी चाहिए, जिससे आसपास के लोगों की जान-माल को कोई खतरा न हो। अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए, पटाखों को नष्ट करने के लिए चुने गए स्थान और अपनाई गई प्रक्रिया की समीक्षा करे तथा प्रभावित परिवारों की शिकायतों को गंभीरता से सुने। साथ ही, आलमपुर में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारणों की जांच भी पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, बड़हरिया भलुआड़ा तकिया के स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल हैं। क्या उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्रवाई की गई थी? क्या इस मामले में जिम्मेदारी तय होगी? और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
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    आलमपुर पटाखा विस्फोट के बाद... भलुआड़ा तकिया में दहशत प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल..
हैडिंग....आलमपुर पटाखा विस्फोट के बाद भलुआड़ा तकिया में दहशत, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
नमस्कार! आप देख रहे हैं लहर न्यूज़ बड़हरिया प्रखंड के आलमपुर में हुए भीषण पटाखा विस्फोट के बाद की एक ऐसी रिपोर्ट, जो सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
बड़हरिया प्रखंड के आलमपुर गांव में पटाखा बनाने वाली एक मिनी फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना इतनी भयावह थी कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद जिला प्रशासन, मेडिकल टीम, अग्निशमन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई।
लेकिन इस हादसे के बाद एक और मामला सामने आया, जिसने आसपास के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल, आलमपुर में हुए विस्फोट के बाद वहां से बरामद बड़ी मात्रा में पटाखों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की कार्रवाई की गई। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, लगभग दो से तीन ट्रैक्टर पटाखे बरामद किए गए थे। इन पटाखों को बड़हरिया भलुआड़ा तकिया इलाके में मीरा शाह की मजार के पास नहर किनारे ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि वहां पटाखों को डिस्पोज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जानकारी के मुताबिक, एक ट्रैक्टर में लदे पटाखों को आग लगाकर नष्ट किया गया, जबकि दो ट्रैक्टरों में पटाखे बाकी होने की बात सामने आई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री को आबादी के नजदीक ले जाकर नष्ट करने का फैसला किस आधार पर लिया गया? क्या उस जगह की सुरक्षा व्यवस्था का सही आकलन किया गया था? क्या आसपास रहने वाले लोगों को पहले से इसकी जानकारी दी गई थी?
स्थानीय लोगों के अनुसार, पटाखों को नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान आसपास के घरों में तेज कंपन महसूस हुआ। कई घरों के शीशे टूटने और लोगों में दहशत फैलने की बात सामने आई है। इलाके के कुछ लोगों ने यह भी बताया कि इस घटना के बाद पहले से बीमार लोगों और हृदय संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों की धड़कन तेज हो गई और वे घबरा गए।
सोचिए, जिन लोगों ने आलमपुर में हुए धमाके की खबर सुनकर पहले ही चिंता और भय का माहौल देखा था, उन्हें अब अपने ही घरों के आसपास इस तरह की कार्रवाई से परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह मामला सिर्फ पटाखों को नष्ट करने का नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल है।
अगर बरामद पटाखों को नष्ट करना जरूरी था, तो क्या इसके लिए आबादी से दूर किसी सुरक्षित स्थान का चयन नहीं किया जा सकता था? क्या आसपास के घरों को खाली कराने, लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने और सुरक्षा घेरा बनाने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी?
इन सवालों का जवाब जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को देना चाहिए।
हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन की लापरवाही का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। लेकिन अगर स्थानीय लोगों के दावों की पुष्टि होती है कि पटाखों को नष्ट करने के दौरान घरों के शीशे टूटे और लोगों को परेशानी हुई, तो यह निश्चित रूप से गंभीर जांच का विषय है।
जनता की सुरक्षा प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। किसी हादसे के बाद बरामद विस्फोटक सामग्री को नष्ट करना जरूरी हो सकता है, लेकिन यह कार्रवाई ऐसी जगह और ऐसे तरीके से होनी चाहिए, जिससे आसपास के लोगों की जान-माल को कोई खतरा न हो।
अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए, पटाखों को नष्ट करने के लिए चुने गए स्थान और अपनाई गई प्रक्रिया की समीक्षा करे तथा प्रभावित परिवारों की शिकायतों को गंभीरता से सुने।
साथ ही, आलमपुर में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारणों की जांच भी पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, बड़हरिया भलुआड़ा तकिया के स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल हैं। क्या उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्रवाई की गई थी? क्या इस मामले में जिम्मेदारी तय होगी? और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
    user_लहर न्यूज़
    लहर न्यूज़
    Local News Reporter सिवान, सीवान, बिहार•
    15 hrs ago
  • आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है।युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रेम प्रसंग में हत्या की जताई जा रही आशंका घटना के संबंध में स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रेम प्रसंग को लेकर शनिवार की रात युवक के साथ मारपीट की गई। जिसमें उसकी मौत हो गई।इसके बाद शव को छजवा गांव स्थित धान के खेत में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या के कारणों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है।युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रेम प्रसंग में हत्या की जताई जा रही आशंका घटना के संबंध में स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रेम प्रसंग को लेकर शनिवार की रात युवक के साथ मारपीट की गई। जिसमें उसकी मौत हो गई।इसके बाद शव को छजवा गांव स्थित धान के खेत में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या के कारणों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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    आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है।युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

प्रेम प्रसंग में हत्या की जताई जा रही आशंका घटना के संबंध में स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रेम प्रसंग को लेकर शनिवार की रात युवक के साथ मारपीट की गई। जिसमें उसकी मौत हो गई।इसके बाद शव को छजवा गांव स्थित धान के खेत में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या के कारणों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।


आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है।युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
प्रेम प्रसंग में हत्या की जताई जा रही आशंका घटना के संबंध में स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रेम प्रसंग को लेकर शनिवार की रात युवक के साथ मारपीट की गई। जिसमें उसकी मौत हो गई।इसके बाद शव को छजवा गांव स्थित धान के खेत में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या के कारणों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
    user_Sujit kumar bharti
    Sujit kumar bharti
    Local News Reporter अंदर, सीवान, बिहार•
    3 hrs ago
  • आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह 10 बजे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है। युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। हत्या का कारण का प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।घटना की जानकारी मिलते ही आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह 10 बजे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है। युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। हत्या का कारण का प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।घटना की जानकारी मिलते ही आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह 10 बजे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है। युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। हत्या का कारण का प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।घटना की जानकारी मिलते ही आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आंदर थाना क्षेत्र के छजवा गांव स्थित धान के खेत में रविवार की सुबह 10 बजे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान सलाहपुर गांव निवासी स्व. छबीला बिन के 25 वर्षीय पुत्र मिथुन बिन के रूप में हुई है। युवक की हत्या कर शव को धान के खेत में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। हत्या का कारण का प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।घटना की जानकारी मिलते ही आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Sujit kumar
    Sujit kumar
    Local News Reporter अंदर, सीवान, बिहार•
    3 hrs ago
  • सिसवन में महामुकाबला! बिहार की DFC सारण भिड़ी यूपी की चौधरी एलेवन से, मुखिया रविन्द्र साह ने किया किक ऑफ सिसवन में महामुकाबला! बिहार की DFC सारण भिड़ी यूपी की चौधरी एलेवन से, मुखिया रविन्द्र साह ने किया किक ऑफ
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    सिसवन में महामुकाबला! बिहार की DFC सारण भिड़ी यूपी की चौधरी एलेवन से, मुखिया रविन्द्र साह ने किया किक ऑफ

सिसवन में महामुकाबला! बिहार की DFC सारण भिड़ी यूपी की चौधरी एलेवन से, मुखिया रविन्द्र साह ने किया किक ऑफ
    user_Sachita nand pandey
    Sachita nand pandey
    सिसवन, सीवान, बिहार•
    4 hrs ago
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